भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के तेज़ी से बढ़ते मामलों के बीच पड़ोसी
पाकिस्तान ने शनिवार को उसे मदद की पेशकश की है. दुनिया के किसी और देश की तुलना
में बीते तीन दिनों से देश में कोरोना संक्रमण के सबसे अधिक मामले दर्ज किए जा रहे
हैं.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि महामारी का असर झेल
रहे भारत को वो ज़रूरी मेडिकल इक्विपमेंट देना चाहता है.
बयान में कहा गया है, “महामारी की इस संकट की घड़ी में हम भारत के
नागरिकों के साथ है. पाकिस्तान मदद के तौर पर भारत को वेन्टिलेटर, बाईपैप मशीनें,
डिजिटल एक्स-रे मशीनें, पीपीई किट और ज़रूरी मेडिकल सप्लाई देना चाहता है.”
पकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर
किए अपने पोस्ट में कहा कि ”पाकिस्तान मानवता को प्राथमिकता देने की
नीति पर यक़ीन करता है.”
बयान के अनुसार पाकिस्तान ने कहा है कि ये सामान जल्द से जल्द भारत पहुंच सके
इसके लिए दोनों पड़ोसी मुल्क के संबंधित अधिकारी मिल कर
काम कर सकते हैं.
साथ ही कहा गया है कि, “दोनों मुल्क महामारी के कारण आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए संभावित
तरीक़ों की तलाश भी कर सकते हैं.”
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने भी भारत के लोगों के प्रति सहानुभूति
जताई है. उन्होंने कहा कि उनके “पड़ोस में और दुनिया में” घातक वायरस का सामना कर रहे लोगों के जल्द स्वास्थ्य लाभ के लिए पाकिस्तान प्रार्थना
करता है.''
उन्होंने कहा कि ये कोरोना महामारी एक वैश्विक संकट है जिसका पूरी मानव जाति
को मिलकर मुक़ाबला करना है.
इधर पाकिस्तान के संचार मंत्री फव्वाद चौधरी ने भी भारत में कोरोना के बढ़ते
मामलों को देखते हुए चिंता जाताई है.
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “इस मुश्किल वक़्त में हमारी प्रार्थना भारत के लोगों के साथ है. ईश्वर उन पर कृपा
करे ताकी वो जल्द से जल्द संकट की इस घड़ी से बाहर निकलें.”
पाकिस्तान के नेताओं के अलावा वहां के आम लोगों ने भी भारत की मदद की पेशकश की
है. जाने-माने मानवाधिकार कार्यकर्ता अब्दुल सत्तार एधी के बेटे फ़ैसल एधी ने भी
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मदद की पेशकश की है.
“भारत में संक्रमण रोकना बेहद मुश्किल"
शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन के
प्रमुख टेड्रॉस एडहॉनम गीब्रिएसुस ने कहा कि भारत में तेज़ी से बढ़ते संक्रमण के
मामले चिंता का विषय हैं. जेनिवा में वर्चुअल संवाददाता सम्मेलन के दौरान उनहोंने
कहा कि “दुर्भाग्य की बात है कि भारत की स्थिति
हमें या बता रही है कि ये वायरस क्या कुछ कर सकता है.”
संगठन के इमर्जेंसी डायरेक्टर माइक
रायन ने कहा है कि भारत मेंतेज़ी से फैलते संक्रमण को रोकना “बेहद मुश्किल काम है”, लेकिन सरकार लोगों के बीच मेलजोल कम करने और उनके बीच सोशल
डिस्टेन्सिंग बनाए रखने के लिए सभी संभव क़दम उठा रही है.
भारत की महामारी की स्थिति
भारत फ़िलहाल कोरोना महामारी की दूसरी घातक लहर का सामना कर रहा है और इसका असर
यहां की स्वास्थ्य व्यवस्था व्यवस्था पर पड़ रहा है जो मरीज़ों की बढ़ती तादाद के
बीच चरमराने की कगार तक पहुंच चुकी है. अस्पतालों में आईसीयू बेड की और आक्सीजन की
भारी कमी देखी जा रही है.
राजधानी दिल्ली में हर चार मिनट में एक मौत कोविड-19 के कारण हो रही है और यहां
के कई अस्पतालों से कहा है कि उनके पास कोविड-19 मरीज़ों के लिए ऑक्सीजन नहीं बची है.
देश के दूसरे हिस्सों से अस्पतालों के लिए ऑक्सीजन मंगाने के लिए भारत सरकार
ने ट्रेनों और सेना के विमानों की विशेष व्यवस्था की है.
दिल्ली के बत्रा अस्पताल समेत कई अस्पतालों ने कहा है उनके पास गंभीर मरीज़ों के
लिए केवल कुछ घंटों की ऑक्सीजन बची है.
शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक संवाददाता सम्मेलन
में कहा, “कृपया हमारी मदद करें, यहां बड़ी त्रासदी
हो सकती है.”
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार शुक्रवार को देश में कोरोना संक्रमण के
रिकॉर्ड 346,786मामले दर्ज
किए गए थे. ये लगातार तीसरा दिन है जब भारत में संक्रमण के सबसे अधिक मामले दर्ज
किए गए हैं.