कोरोना: दिल्ली में 24 घंटे में 26 हज़ार से अधिक मामले, 306 मौतें
ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में इस समय कोरोना संक्रमित 91,618 मरीज़ हैं और अब तक कुल 13,193 लोग कोरोना की वजह से दम तोड़ चुके हैं.
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कोरोना वायरस: बचाव के लिए हाथ धोने का सही तरीक़ा क्या है?
वीडियो कैप्शन, कोरोना वायरस: बचाव के लिए हाथ धोने का सही तरीक़ा क्या है? ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना के गहराते संकट पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, केंद्र को नोटिस

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भारत में कोरोना महामारी के भयावह होते संकट पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है. सुप्रीम कोर्ट चाहता है कि ऑक्सीजन और ज़रूरी दवाइयों की आपूर्ति के साथ टीकाकरण को लेकर एक राष्ट्रीय नीति बने. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश एसए बोबडे ने कहा कि इसे लेकर शुक्रवार को सुनवाई होगी.
सर्वोच्च अदालत में मुख्य न्यायधीश की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कोविड संकट को लेकर राष्ट्रीय योजना पेश करने को कहा है. इससे पहले कोविड को लेकर देश के अलग-अलग छह उच्च न्यायलयों में सुनवाई चल रही थी. मुख्य न्यायधीश ने कहा है कि हालात बेकाबू हो रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि छह अलग-अलग उच्च अदालतों में कोविड को लेकर हो रही सुनवाई से कुछ भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है. अब सारे मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट ही करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील हरिश साल्वे को इस स्वतः संज्ञान मामले में एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि हाई कोर्ट के पास कोविड महामारी को देखते हुए लॉकडाउन लगाने का न्यायिक अधिकार है कि नहीं इसकी भी समीक्षा करेगा.
ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना वैक्सीन: 18 वर्ष से अधिक आयु के लोग शनिवार से करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन

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भारत में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए कोरोना वायरस वैक्सीन के टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन शनिवार 24 अप्रैल से शुरू हो जाएगा.
केंद्र सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि एक मई से देश में 18 साल से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण हो सकेगा.
वहीं, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम, केरल और सिक्किम जैसे राज्य घोषणा कर चुके हैं कि वे 18 साल से अधिक आयु के लोगों का टीकाकरण मुफ़्त करेंगे.
वहीं, नए नियमों के अनुसार, राज्य सरकारें और निजी अस्पताल वैक्सीन निर्माताओं से ख़ुद वैक्सीन ख़रीद सकते हैं.
कोविशील्ड बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया ने राज्य सरकारों के लिए इसकी एक डोज़ की क़ीमत 400 रुपये और निजी अस्पतालों के लिए 600 रुपये रखी है.
केंद्र सरकार को यह 150 रुपये में पहले की तरह मिलती रहेगी.
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कोरोना: शवों की बढ़ती तादाद के कारण खेतों में अंत्येष्टि की मंज़ूरी

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इमरान क़ुरैशी
बेंगलुरु से, बीबीसी हिंदी के लिए
कर्नाटक सरकार ने कोविड-19 के कारण जिन लोगों की मौत हो रही है उनके परिजनों को खेतों या निजी ज़मीन पर दाह संस्कार करने और दफ़नाने की अनुमति दे दी है.
ऐसा बेंगलुरु जैसे शहरों के श्मशान घाट और क़ब्रिस्तान में सार्वजनिक आधारभूत ढांचों पर दबाव कम करने के लिए किया गया है.
बीते कुछ दिनों में बेंगलुरु के 13 श्मशान घाटों और कई क़ब्रिस्तानों के आगे एंबुलेंसों की लंबी लाइन लगी हुई है और वहां पर अंतिम संस्कार के लिए शव आ रहे हैं.
कर्नाटक के व्यय विभाग के प्रमुख सचिव मंजूनाथ प्रसाद ने बीबीसी हिंदी से कहा, “लोगों की मांग है और कर्नाटक में यह प्रथा चली आ रही है कि लोग अपने चाहने वालों का अपने खेतों या निजी ज़मीन पर ही अंतिम संस्कार करते हैं या उन्हें दफ़नाते हैं. मौतों के बढ़ते आंकड़ों के कारण हमने आदेश जारी किया है.”
सरकार ने साथ ही यह भी आदेश जारी किया है कि निजी ज़मीन पर शवदाह या दफ़नाना स्वास्थ्य विभाग के सितंबर 2020 में जारी प्रोटोकॉल नियमों के तहत ही होना चाहिए.
आपदा प्रबंधन अधिनियम के नियमों के तहत कार्यकारी समिति की सिफ़ारिश पर यह फ़ैसला लिया गया है.
शव को नहलाने या गले लगाने पर पाबंदी

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प्रसाद कहते हैं, “जो भी बेंगलुरु से अपने गांवों या गृह ज़िलों में शव ले जाना चाहते हैं उन्हें सितंबर में जारी डेड बॉडी मैनेजमेंट के प्रोटोकॉल के तहत यह करना होगा. संबंधित ज़िले और तालुका के अधिकारी को हर बार यह पता होना चाहिए कि कोई शव किस जगह से कहां ले जाया जा रहा है.”
“परिजनों को पीपीई सूट्स, ग्लव्स और प्रोटेक्टिव गियर्स पहनना होगा और सेनिटाइज़ेशन के नियमों का पालन करना होगा. वर्तमान नियमों के अनुसार, शव को नहलाना या उसके गले लगना प्रतिबंधित होगा.”
बुधवार को कर्नाटक में एक दिन में मरने वालों का आंकड़ा 116 हो गया था और संक्रमण के 23,558 नए मामले सामने आए थे. इनमें से 13,640 मामले सिर्फ़ बेंगलुरु में थे.
ऐसी रिपोर्ट हैं कि विद्युत शवदाह गृहों में अंतिम संस्कार के लिए लंबी लाइन लगी हुई है और सुबह से लेकर रात 11 बजे तक अंतिम संस्कार हो रहे हैं.
वहीं, कर्नाटक सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए 1500 टन ऑक्सीजन की मांग की है जबकि केंद्र सरकार ने राज्य को सिर्फ़ 300 टन ऑक्सीजन मुहैया कराई है.
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पिछले सप्ताह कोविड-19 से संक्रमित होने के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज होने वाले हैं. उन्होंने सभी मंत्रियों को सलाह दी है कि वे अपने ज़िलों में जाकर इस संकट से निपटें.
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भारत में और गहराया कोरोना संकट

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बुधवार को भारत में कोरोना संक्रमण के 314,000 से ज़्यादा नए मामले दर्ज किए गए हैं. यह आँकड़ा एक वैश्विक रिकॉर्ड है. भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ी आबादी वाला देश है और कोरोना महामारी की चपेट में हर दिन बुरी तरह से घिरता जा रहा है.
इस महामारी में भारत की स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है. लोग अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन के बिना दम तोड़ रहे हैं. इस महामारी के बाद से भारत में अब तक एक करोड़ 59 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं. इस मामले में अमेरिका के बाद भारत दूसरे नंबर पर है.
पिछले 24 घंटों में भारत में 2,104 लोगों की कोरोना से मौत हुई है और इसके साथ ही कोविड से मरने वालों की कुल संख्या 184,657 हो गई है. भारत के सभी अस्पताल कोरोना मरीज़ों से भरे हुए हैं और नए मरीज़ों के लिए कोई बेड ख़ाली नहीं है. ऑक्सीजन और दवाइयाँ की किल्लत से भी भारत के कोरोना मरीज़ जूझ रहे हैं और कई तो इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं.
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देश में कोरोना वायरस से बचाव के लिए लगाई जा रही कोवैक्सिन और कोविशील्ड को लेकर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने दावा किया है कि नए म्यूटेंट वाले कोविड-19 के लिए भी कारगर है.
आईसीएमआर ने कहा है कि जिन लोगों को वैक्सीन लगी थी उनमें से बेहद कम लोगों को कोरोना का संक्रमण हुआ है.
आईसीएमआर के डायरेक्टर बलरामम भार्गव ने बताया कि‘’ये वैक्सीन निश्चित रूप से बीमारी से बचाती हैं. हालांकि, प्रतिरक्षा क्षमता हर ख़ुराक के दो सप्ताह बाद विकसित होना शुरू होती है और हर व्यक्ति के लिए ये अलग भी हो सकता है. पहली खुराक के बाद भी, यदि वायरस का संपर्क होता है, तो कोई भी पॉज़िटिव हो सकता है ‘’
भार्गव के अनुसार कोवैक्सीन की खुराक़ लेने वाले 1.1 करोड़ लोगों में से 93,56,436 ने इसकी पहली ख़ुराक लगाई और इनमें से 4,208लोगों को कोरोना का संक्रमण हुआ.वहीं 17,37,178 ने दोनों ख़ुराक ली और इनमें से 695 लोगों को कोविड-19 का संक्रमण हुआ.
प्रतिशत के लिहाज से ये 0.04% है. वहीं कोविशील्ड लगवाने वाले 11.6 करोड़ लोगों में से 10,03,02,745 ने इसकी पहली खुराक़ ली और इनमें से 17,145 में संक्रमण हुआ. 1.5 करोड़ लोगों के दूसरी खुराक़ ली जिनमें से 5014 लोगों को संक्रमण हुआ.

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ओमान ने लगाया भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश पर ट्रैवेल बैन

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ओमान ने 24 अप्रैल से भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश से आने वाले लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है.
बुधवार को ओमान के सरकारी न्यूज़ चैनल ने जानकारी दी है.
खलीज टाइम्स के अनुसार, कोरोनो वायरस के संक्रमण के विस्तार को रोकने के लिए काम करने वाली देश की सर्वोच्च समिति ने ये फ़ैसला लिया है.
एक बयान के अनुसार, प्रतिबंध उन यात्रियों पर भी लागू होगा, जिन्होंने पिछले 24 घंटों के दौरान इन तीन देशों में से फ्लाइट का ट्रांज़िशन किया हो. ये प्रतिबंध 21 अप्रैल को शाम 6 बजे से लागू होगा.
देश ने इस प्रतिबंध से जिन्हें छूट दी है उनमें ओमानी नागरिक, राजनयिक, स्वास्थ्य कार्यकर्ता और उनके परिवार के शामिल हैं.
बयान में ये भी कहा गया है कि जब छूट दिए गए ग्रुप से कोई ओमान आएगा जो उसे तय जांच प्रक्रियाओं से गुज़रना होगा.
पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश ने हाल के दिनों में कोरोनो वायरस के मामलों में ज़बर्दस्त वृद्धि देखी गई है.
नए म्यूटेंट इन देशों के लिए बड़ी मुश्किल साबित हो रहे हैं. बीते 24 घंटों में तीन लाख से ज्यादा मामलों के साथ भारत एक दिन में सामने आए कोरोना के मामलों के लिहाज़ से दुनिया का सबसे संक्रमित देश बन चुक है.
इससे पहले एक दिन में 297,430मामलों के साथ अमेरिका सबसे आगे था.
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ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना का कहर और भयावह, 24 घंटे में 3 लाख से ज़्यादा हुए संक्रमित

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भारत में कोरोना का कहर हर दिन बढ़ता जा रहा है. पिछले 24 घंटों में भारत में कोरोना के 3.14 लाख नए मामले दर्ज किए गए हैं. यह अब तक की पिछले 24 घंटे में दुनिया भर की रिकॉर्ड संक्रमण संख्या है. कोरोना से पिछले 24 घंटों में 2104 लोगों की मौत हुई है.

हाई कोर्ट की केंद्र को फटकार- लोगों की ज़िंदगियों को किसी भी क़ीमत पर बचाना ही होगा
वीडियो कैप्शन, नासिक में लीक की वजह से ऑक्सीजन नहीं मिल पाई, 22 मरीज़ों की मौत दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार रात में मेडिकल ऑक्सीज़न सप्लाई को लेकर एक सुनवाई में कहा कि सबसे अहम बात ये है कि किसी की मौत ऑक्सीज़न की कमी के कारण नहीं होनी चाहिए.
साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि स्टील और पेट्रोलियम इंडस्ट्री की ऑक्सीज़न को रोककर इसे कोविड-19 के मरीज़ों को क्यों नहीं दिया गया?
कोर्ट ये बात मैक्स अस्पताल की ओर से दायर अतिआवश्यक याचिका की सुनवाई के दौरान कहा- इस याचिका में कहा गया था कि मैक्स अस्पताल में कोविड-19 से संक्रमित गंभीर मरीज़ों को लिए ऑक्सीज़न नहीं बची है.
सुनवाई की शुरुआत में ही कोर्ट ने केंद्र को आदेश दिया कि पेट्रोल और स्टील इंडस्ट्री की ऑक्सीजन सप्लाई रोक कर सरकार को इसे अपने हाथों में ले लेना चाहिए.
कोर्ट ने कहा, ‘’अगर टाटा अपनी ऑक्सीज़न को डायवर्ट कर सकते हैं तो अन्य क्यों नहीं कर सकते. ये लालच की इंतेहा है. ज़रूरत है तो स्टील और पेट्रोलियम इंडस्ट्री की ऑक्सीज़न पर रोक लगाई जाए.’’
‘’ये सरकार आस-पास की सच्चाई से इतनी बेख़बर कैसे हो सकती है? ‘’
‘’हम हैरान और हताश हैं कि सरकार मेडिकल ऑक्सीजन की इतनी अहम ज़रूरत को लेकर सचेत नहीं है.‘’
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट के ये भरोसा दिलाय़ा कि दिल्ली को मिलने वाली ऑक्सीजन की मात्रा जो 350 मिट्रिक टन से बढ़ाकर 480 मिट्रिक टन की गई है वो दिल्ली को दिया जाएगा.
इससे बाद कोर्ट को सूचना दी गई की दिनभर के लिए मैक्स के अस्पतालों को ज़रूरी ऑक्सीजन की सप्लाई की गई है.
जस्टिस विपिन संघी और रेखा पाली की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी. इस विशेष सुनाई के लिएबेंच बुधवार रात 8 बजे बैठी.

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ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार, क्या बोल रही है केंद्र सरकार

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देश में ऑक्सीज़न को लेकर मचे हाहाकार के बीच बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यों को भरोसा दिलाया कि मेडिकल ऑक्सीज़न की सप्लाई बिना रुकावट के की जाएगी. इसके साथ ही दवा बनाने वाली कंपनियों ने भी सरकार को बताया है कि वो एंटी-वायरल ड्रग रेमडेसिविर के उत्पादन को 36 लाख वाइल (दवा की छोटी शीशी) से बढ़ाकर एक करोड़ वाइल प्रति माह करेंगी.
सीतारमण ने कहा, ‘’सरकार जो उपाय कर रही है, उसमें मेडिकल ऑक्सीजन का आयात करना, ऑक्सीजन भरने वाले स्टेशनों पर लागातार काम करना और नाइट्रोजन-आर्गन के लिए इस्तेमाल होने वाले कंटेनरों को ऑक्सीजन के लिए इस्तेमाल करना शामिल है.‘’
मेडिकल ऑक्सीजन की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि को पूरा करने के लिए वित्त मंत्री ने राज्यों को बिना किसी बाधा के ऑक्सीज़न की आपूर्ति का भरोसा दिलाया. ये बात वित्त मंत्री ने 150 इंडस्ट्री के नेताओं से सीआईआई की ओर से आयोजित एक वर्चुअल मुलाक़ात के बाद कही.
वीडियो कैप्शन, मरीज़ों के परिजन दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं. इससे अलावा फ़िक्की से हुई बैठक के बाद उन्होंने कहा कि’’ विशेष रूप से कठिन परिस्थितियों से जूझ रहे 12 राज्यों के लिए हमने मैप बनाया है.’’
वित्त मंत्री ने रेमडेसिविर की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने को लेकर सरकार की कोशिशों की भी चर्चा की. जैसे- नई क्षमताओं के लिए तेज़ी से मंज़ूरी देना, दवा के निर्यात पर रोक लगाना, वो यूनिट जो स्पेशल इकॉनमिक ज़ोन के तहत इसका निर्यात करती हैं उन्हें भी ये दवा घरेलू बाजार में बेचने के लिए कहा गया है.
सीतारमण ने बताया कि रेमडेसिविर बनाने वाले सीआईआई के सदस्यों ने कहा है कि वे प्रति माह 78 लाख शीशियों के लक्ष्य को पार करने के लिए काम कर रहे हैं और उनकी कोशिश है कि हर महीने एक करोड़ शीशियों के उत्पादन के लक्ष्य तक पहुँच सकें.

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