अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने कोविड -19 वैक्सीन के उत्पादन
के लिए आवश्यक कच्चे माल पर से निर्यात प्रतिबंध हटाने से जुड़े सवालों के जवाब देने से मना कर दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के
मुताबिक़ दो अलग-अलग कोविड रिस्पॉन्स टीम से पूछा, “भारत का सीरम
इंस्टीट्यूट बाइडन सरकार से वैक्सीन के लिए ज़रूरी कच्चे माल पर बैन हटाने की गुज़ारिश
कर रहा है, उन्होंने राष्ट्रपति बाइडन से भी इसकी अपील है. क्या हम जान सकते हैं
कि वो कौन सी सामग्रियाँ हैं, और क्या हम सीरम की समस्या के बारे में विचार कर रहे
हैं?”
इसके जवाब में नेशनल इंस्टीट्यूट
ऑफ़ एलर्जी के डायरेक्टर डॉ. एंथनी फ़ाउची ने कहा, “हम इस पर वापस आएंगे,
मुझे यक़ीन है. लेकिन अभी मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है.”
कोविड-19 रिस्पॉन्स टीम के सीनियर एडवाइज़र डॉ. एंडी स्लैसिट
का जवाब भी मिलता-जुलता था. उन्होंने कहा, “हम इन मुद्दों को गंभीरता से ले रहे
हैं, हमारे पास जब ज़्यादा जानकारी होगी, तब हम इसपर वापस आएंगे.”
शाम की ब्रीफ़िंग में इसी से तरह के एक
और सवाल पर प्रेस सेक्रेटरी जेन पास्की ने कहा, “हमारा फ़ोकस महामारी पर क़ाबू पाने
के लिए सबसे प्रभावी क़दम उठाने पर है. अभी हमारे पास अगले क़दम को लेकर जानकारियां
या कोई समय सीमा नहीं है, लेकिन हम कई तरह के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं.
भारत की वैक्सीन निर्माता सीरम
इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया ने अमेरिका से गुज़ारिश की है कि वो वैक्सीन में इस्तेमाल
होने वाले कच्चे माल से प्रतिबंध हटाएं ताकि उत्पादन सुचारू रूप से चल सके.
सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला पिछले हफ़्ते अमेरिका
के राष्ट्रपति को एक ट्वीट कर लिखा, “अगर हम सच में वायरस को हराने के लिए साथ
हैं, तो अमेरिका के बाहर की वैक्सीन इंडस्ट्री की तरफ़ से मैं गुज़ारिश करता हूं
कि रॉ मटेरियल के निर्यात से बैन हटाया जाए ताकि हम प्रोडक्शन बढ़ा सकें.आपकी
सरकार के पास इससे जुड़ी जानकारियां मौजूद हैं.”