बाबरी मस्जिद विध्वंस केस में आडवाणी समेत सबको बरी करने वाले जज बने उप लोकायुक्त
रिटायर्ड ज़िला जज सुरेंद्र कु्मार यादव ने लखनऊ स्थित विशेष न्यायालय (अयोध्या प्रकरण) के पीठासीन अधिकारी की हैसियत से बाबरी विध्वंस मामले में आडवाणी समेत 32 अभियुक्तों को बरी किया था.
लाइव कवरेज
पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू की जमानत याचिका पर फ़ैसला सुरक्षित
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दिल्ली की एक अदालत ने लाल किले पर हुई हिंसा के एक मामले में एक्टर से एक्टिविस्ट बने दीप सिद्धू की जमानत याचिका पर फ़ैसला गुरुवार तक के लिए टाल दिया है.
एडिशनल सेशन जज निलोफर आबिदा परवीन अब 15 अप्रैल को दीप सिद्धू के अनुरोध पर अपना निर्णय सुनाएंगी.
दीप सिद्धू पर इस साल किसान आंदोलन के दौरान गणतंत्र दिवस के दिन लाल किले के पास हिंसा भड़काने का आरोप है. उन्होंने 30 मार्च को इस कोर्ट में जमानत के लिए याचिका दायर की थी.
इससे पहले अदालत में दोनों पक्षों ने अपनी दलीलें पूरी की. दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि 26 जनवरी के दिन दीप सिद्धू ने भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया और तिरंगे का अपमान भी किया.
दिल्ली पुलिस के वकील केपी सिंह ने अदालत को दीप सिद्धु के मीडिया को दिए कई इंटरव्यू दिखाए जिसमें कथित तौर पर उनके शामिल होने के प्रमाण मिलते हैं.
एक वीडियो में दीप सिद्धू कथित तौर पर जुगराज सिंह को निशान साहिब फ़हराने के लिए कहते दिखते हैं.
जर्मनी में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 30 लाख के पार पहुंचा
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रॉबर्ड कॉच इंस्टीट्यूट के डैशबोर्ड के अनुसार जर्मनी में
जर्मनी में रविवार को कोरोना संक्रमण के 13,245 नए मामले सामने आए जिसके बाद
क देश में कुल कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा अब 3,011,513 हो
गया है.
वहीं
एक दिन में 99 मौतों के बाद देश में कोरोना के कारण कुल मौतों की संख्या 78,452 हो गई है.
वहीं
जॉन्स हॉप्किन्स युनिवर्सिटी के कोरोना डैशबोर्ड के अनुसार देश में कोरोना संक्रमितों का कुल
आंकड़ा 3,012,158 हो गया है.
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच दूसरे शाही स्नान के मौके पर हरिद्वार में हज़ारों लोगों ने गंगा में डुबकी लगाई
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कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच हरिद्वार में चल रहे कुंभ मेले में दूसरे शाही स्नान के मौके पर गेरूआ कपड़े पहने संन्यासियों और राख लपेटे नागा साधुओं ने हर की पौड़ी में डुबकी लगाई.
सोमवार को अपने महामंडलेश्वर के नेतृत्व में विभिन्न अखाड़ों के साधकों ने ब्रह्मा कुंड और हर की पौड़ी में पवित्र स्नान किया.
इससे पहले भक्तों ने शहर के मुख्य मार्ग से भव्य शोभा यात्राएं भी निकालीं.
पैदल चलते साधकों पर उत्तराखंड सरकार की ओर से हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए गए.
लेकिन इस दौरान ज़्यादातर चेहरों पर मास्क नदारद पाए गए. सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखना तो ऐसे हुजूम में संभव ही नहीं था.
देश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच ऐसी लापरवाही से हालात के और बिगड़ने का ख़तरा पैदा हो गया है.
कुंभ मेला प्रशासन ने दावा किया है कि आज सुबह 10 बजे तक 17 लाख से भी ज़्यादा भक्तों ने गंगा में पवित्र डुबकी लगाई.
राज्य के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि हरिद्वार से देवप्रयाग तक शाही स्नान अच्छे से संपन्न हो रहा है. हर की पौड़ी को ख़ासकर अखाड़ों के लिए सुबह सात बजे से रिज़र्व रखा गया था. दूसरे घाटों पर भी लाखों भक्तों ने स्नान किया.
कोरोना के चलते इस बार का कुंभ केवल एक महीने के लिए आयोजित किया गया. सबसे पहला शाही स्नान 11 मार्च को महाशिवरात्रि के अवसर पर हुआ था. सोमवार के स्नान में नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह ने भी भाग लिया.
हनुमान जन्मस्थान पर विवाद, जानकारों की समिति देगी रिपोर्ट -प्रेस रिव्यू
टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपीख़बरके अनुसार, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इस बात को लेकर बहस चल रही है कि भगवान हनुमान का जन्म कहाँ हुआ था.
दोनों ही राज्यों का कहना है कि हनुमान का जन्म उनके यहाँ हुआ था. कर्नाटक के एक धार्मिक नेता का दावा है कि उनका जन्म कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के गोकर्णा में हुआ था.
इससे पहले कर्नाटक ने दावा किया था कि उनका जन्म कोप्पल ज़िले के किष्किन्धा में अंजनाद्रि पहाड़ी पर हुआ था.
वहीं, आंध्र प्रदेश का दावा है कि हनुमान जन्मभूमि तिरुपति की सात पहाड़ियों में से एक अंजनाद्रि पर है.
शिवमोग्गा में रामचंद्रपुर मठ के प्रमुख राघेश्वर भारती रामायण के हवाले से कहते हैं कि हनुमान जी ने सीता जी को बताया था कि उनका जन्म गोकर्णा में समुद्र के किनारे हुआ था.
चीन की ओर से साइबर हमला हुआ, तो क्या कर सकता है भारत?
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भारत के चीफ़ ऑफ़ डिफ़ेंस स्टॉफ़ जनरल बिपिन रावत ने कहा है चीन के पास भारत के ख़िलाफ़ साइबर हमले करने की क्षमता है और वो देश की बड़ी व्यवस्था में गड़बड़ी पैदा कर सकता है.
दिल्ली के थिंक-टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल फ़ाउंडेशन के एक वर्चुअल कार्यक्रम में जनरल रावत ने भारत और चीन की साइबर क्षमताओं की तुलना तो की ही, साथ ही रक्षा क्षेत्र में तकनीक के महत्व पर भी बात की.
जनरल रावत ने चीन की ओर से पेश साइबर ख़तरे की बात ऐसे वक्त की है, जब पिछले साल अक्तूबर में मुंबई में ब्लैकआउट हो गया था और कई हलकों में इसके पीछे चीन की धरती से किए गए कथित साइबर हमले को ज़िम्मेदार ठहराया गया.
रविवार को ईरान के नतांज़ परमाणु केंद्र में हुए नुक़सान के लिए एक कथित साइबर हमले को ही ज़िम्मेदार ठहराया जा रहा है. साल 2015 में यूक्रेन में बिजली ब्लैकआउट के लिए रूस के कथित साइबर हमले को ज़िम्मेदार बताया गया था.
12 अक्तूबर को मुंबई में बिजली गुल हो गई. लोकल ट्रेन, अस्पताल, जीवन के हर पक्ष पर उसका असर पड़ा.
ब्लैकआउट को भारत-चीन सीमा विवाद और सीमा पर सैनिकों के बीच झड़पों से जोड़कर देखा गया.
अमेरिका की साइबर सिक्योरिटी कंपनीरिकॉर्डेड फ़्यूचरके मुताबिक़ भारत की ऊर्जा पैदा करने वाली कंपनियों और बंदरगाहों पर इस साइबर हमले के पीछे "चीन से जुड़े" रेड इको नाम के ग्रुप का हाथ है.
ये मज़दूर किस डर से दोबारा घर लौटने लगे हैं?
वीडियो कैप्शन, ये मज़दूर किस डर से दोबारा घर लौटने लगे हैं?
पिछले साल जब कोरोना के चलते भारत में अचानक लॉकडाउन लगा तब लाखों प्रवासी मज़दूरों को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा. कोरोना को रोकने के लिए रातोंरात कामकाज पर ब्रेक लगाया गया. लेकिन इससे रोज़ की दिहाड़ी-मज़दूरी करने वाले कामगार बेरोज़गार हो गए और उनका भविष्य अधर में लटक गया.
डर और निराशा के माहौल में लाखों पुरुष, महिलाएं और बच्चे सैंकड़ों किलोमीटर का सफर कर अपने घरों की तरफ चल पड़े. अब एक बार फिर भारत में कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं.
प्रवासी मज़दूरों को फिर से लॉकडाउन का डर सताने लगा. भारत में कोरोना के सबसे ज़्यादा मामले महाराष्ट्र में हैं. महाराष्ट्र में एक बार फिर पूर्ण लॉकडाउन की बात चल रही है. यहां नाइट कर्फ्यू और वीकेंड लॉकडाउन जारी है.
कोरोना: कुंभ में भीड़ पर उठे सवाल, प्रशासन ने खड़े किए हाथ
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कोविड-19 संक्रमण के तेज़ी से बढ़ते मामलों के बीच उत्तराखंड के हरिद्वार में जारी कुंभ मेले में सोमवार को हज़ारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया.
सोमवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिंदुओं की पवित्र मानी जाने वाली गंगा नदी में स्नान के लिए हरिद्वार पहुंचे.
यहां व्यवस्था के काम में लगे अधिकारियों का कहना है कि भारी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने से उन्हें कोरोना के कारण लगाई पाबंदियों का पालन करने में मुश्किलें पेश आ रही है.
हिन्दू धर्मावलंबियों का मानना है कि कुंभ के दौरान गंगा नदी में स्नान करने से पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है.
कुंभ मेला हर बारह सालों में एक बार होता है. ये इलाहाबाद, हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में से किसी एक जगह होता है.
इस साल हरिद्वार में मेले का आयोजन ऐसे वक्त हो रहा है जब देश कोरोना महामारी की दूसरी लहर का मुक़ाबला कर रहा है और यहां बीते कुछ दिनों से रोज़ाना बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज किए जा रहे हैं.
सात अप्रैल से देश में लगातार संक्रमण के एक लाख से अधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं. 12 अप्रैल को देश में संक्रमण के 168,912 नये मामले दर्ज किए गए थे और 904 लोगों की मौत कोरोना से हुई. वहीं 11 अप्रैल को संक्रमण के 152,879 नये मामले और 10 अप्रैल को 145,384 नये मामले दर्ज किए गए थे.
पश्चिम बंगाल में बीजेपी और हिन्दुत्व के उभार की कहानी
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पश्चिम बंगाल के माटीगरा-नक्सलबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के अटल एस्टेट इलाक़े में सड़क किनारे 55 साल की सबिता राय चाय की पत्तियां टोकरी में लेकर लाइन में खड़ी हैं. वे अपनी बारी का इंतज़ार कर रही हैं.
शंकर तांती इन महिला मज़दूरों की हाज़िरी बना रहे हैं. सबिता राय आठ घंटे चाय की पत्तियाँ तोड़ती हैं और उन्हें 202 रुपए की मज़दूरी मिलती है. अगर इन्हें पश्चिम बंगाल सरकार की न्यूनतम मज़दूरी भी मिलती तो यह रक़म 260 रुपए होती. ऐसा न तो 34 साल सत्ता में रही वाम मोर्चे की सरकार में हो पाया और न ही 10 साल से ममता बनर्जी की सरकार में.
सबिता राय कहती हैं कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा है. सबिता कहती हैं, ''वही हम लोग की मज़दूरी बढ़ाएगा. हम तो अबकी बार मोदी को वोट देगा. ममता बनर्जी से कुछ भी नहीं मिला है.''
नक्सलबाड़ी वो इलाक़ा है, जहाँ बीजेपी की लोकप्रियता के बारे में कुछ दशक पहले तक कल्पना भी करना मुश्किल था लेकिन अब इन इलाक़ों में आइए तो लगभग हर घर में बीजेपी के झंडे दिखते हैं. लोग खुलकर बीजेपी के बारे में बात कर रहे हैं. कई लोग कह रहे हैं कि 34 साल तक सीपीएम रही, 10 साल तक ममता बनर्जी, तो अब बीजेपी को भी एक मौक़ा देकर देख लेते हैं.
सीपीएम और कांग्रेस के नेताओं से बात कीजिए तो ऐसा लगता है कि इनके लिए ममता बनर्जी सबसे बड़ी दुश्मन हैं और टीएमसी की हार इनका मक़सद है. सीपीएम नेता रबिन देब कहते हैं, "ममता ने लेफ्ट पार्टियों को ख़त्म करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और उसी का ख़मियाज़ा उन्हें ख़ुद भुगतना पड़ रहा है."
यूरी गागरिन: इंसान की पहली अंतरिक्ष यात्रा कितनी ख़तरनाक थी
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"दुनिया से बहुत दूर, यहां मैं एक टिन के डिब्बे में बैठा हूं. पृथ्वी का रंग नीला है और यहां कुछ भी नहीं जो मैं कर सकूं."
डेविड बोई के स्पेस ओडिटी एलबम के इस लाइन में वह सब मौजूद है जो अंतरिक्ष में जाने वाले पहले शख़्स यूरी गागरिन ने महसूस किए होंगे. दो मीटर व्यास वाले छोटे से स्पेसक्राफ़्ट में यूरी गागरिन अंतरिक्ष यात्री की बजाय महज़ एक यात्री की तरह अंतरिक्ष गए थे.
यूरी गागरिन ऐसे यान में थे जिसके कंट्रोल को वह छू भी नहीं सकते थे. कंट्रोल रूम से हुए उनके संवाद के मुताबिक़ अंतरिक्ष यान की कैप्सूल विंडो से उन्हें पृथ्वी बड़ी सुंदर दिखाई दी थी. पृथ्वी पर बादलों की छाया मनमोहक दृश्य पैदा कर रही थी.
यूरी गागरिन 12 अप्रैल, 1961 को अंतरिक्ष जाने वाले पहले शख़्स बने थे. यह अंतरिक्ष की लड़ाई में अमेरिका पर सोवियत संघ की जीत थी. उनकी सकुशल वापसी ने तो इस जीत को निर्विवाद बना दिया था.
इतिहास बनाने के लिए गागरिन ने अदम्य बहादुरी दिखाते हुए ख़तरनाक चुनौती स्वीकार की थी. उन्हें अंतरिक्ष में भेजा जा रहा था, जिसके बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी थी. वे ऐसे यान से वहां जा रहे थे जिसमें किसी आपात स्थिति में बचाव की कोई व्यवस्था नहीं थी.
ईरान की धमकी, नतांज़ परमाणु संयंत्र पर 'इसराइल' के हमले का बदला लिया जाएगा
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इमेज कैप्शन, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस घटना में परमाणु संयंत्र के कई यूरेनियम सेंट्रीफ्यूज़ को नुक़सान पहुंचा है
ईरान के विदेश मंत्री जव्वाद ज़रीफ़ ने कहा है कि उनका देश नतांज़ भूमिगत परमाणु संयंत्र पर हुए हमले का बदला लेगा. ईरान के मुताबिक़ इस हमले के पीछे इसराइल का हाथ था. रविवार को ईरानी अधिकारियों ने बताया था कि नतांज़ यूरेनियम संवर्द्धन संयंत्र 'परमाणु आंतकवाद' के निशाने पर आ गया.
हालांकि शुरुआती ख़बरों में कहा गया था कि वहां बिजली की आपूर्ति ठप हुई थी. हाल ही में वहां यूरेनियम संवर्द्धित करने वाले नए आधुनिक सेंट्रीफ़्यूज़ लगाए गए थे.
इसराइल ने आधिकारिक तौर पर तो किसी पर इस हमले का आरोप नहीं मढ़ा है. हालांकि वहां के सरकारी रेडियो ने ख़ुफ़िया सूत्रों के हवाले से दावा किया कि इस घटना के पीछे इसराइली ख़ुफ़िया एजेंसी मोसाद का हाथ था. उसने यह भी बताया कि ईरान ने जितना बताया है उससे कहीं ज़्यादा गंभीर नुक़सान हुआ है.
वहीं अमेरिकी ख़ुफ़िया अधिकारियों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया है कि नाभिकीय संयंत्र पर एक बड़ा धमाका हुआ. इससे भूमिगत संयंत्र के भीतर स्थापित सेंट्रीफ़्यूज़ों को बिजली पहुँचाने वाला पावर सिस्टम पूरी तरह बर्बाद हो गया. उनका अनुमान है कि इस धमाके के बाद वहां फिर से यूरेनियम का संवर्द्धन शुरू होने में कम से कम नौ महीने लग जाएंगे.
हाल ही में इसराइल ने ईरान को चेताया था कि वह अपने परमाणु कार्यक्रम को दोबारा न शुरू करे. दूसरी ओर अमेरिका में जो बाइडन के सत्ता में आने के बाद उन्होंने ईरान के साथ 2015 में हुए क़रार को फिर से लागू करने की कोशिश शुरू कर दी है. इसके लिए पिछले हफ़्ते वियना में बातचीत भी हुई.
हालांकि ईरान की माँग है कि वह उच्च गुणवत्ता वाले यूरेनियम का संवर्द्धन तभी बंद करेगा जब उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध ख़त्म कर दिए जाएंगे. उधर अमेरिका पहले परमाणु कार्यक्रमों को रोकने की माँग करता है. वैसे समझौते में अमेरिका के अलावा चीन, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी सहित कुल छह देश शामिल हैं. यूरोपीय संघ इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.
सुप्रीम कोर्ट में कुरान की 26 आयतों को हटाने की माँग करने वाली याचिका ख़ारिज
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सुप्रीम कोर्ट ने कुरान की 26 आयतों को हटाने की माँग करने वाली याचिका सोमवार को ख़ारिज कर दिया.
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस आरएफ़ नरीमन, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस हृषिकेश रॉय की बेंच ने उत्तर प्रदेश शिया वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी की याचिका को 'पूरी तरह से सतही' क़रार देते हुए उन पर 50 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
वसीम रिज़वी ने अपनी याचिका में ये आरोप लगाया था कि मुसलमानों के पवित्र ग्रंथ क़ुरान की 26 आयतें चरमपंथ को बढ़ावा देती हैं और इन्हें हटाया जाए.
वसीम रिज़वी की दलील थी कि इस्लाम निष्पक्षता, बराबरी, मुक्ति और सहिष्णुता की संकल्पना पर आधारित है लेकिन क़ुरान की इन आयतों की कड़ी व्याख्या किए जाने के कारण ये मज़हब अपने बुनियादी उसूलों से भटक गया है.
रिज़वी की याचिका का मुस्लिम समाज के कई संगठनों और मौलवियों ने कड़ा विरोध किया था.
पिछले महीने बरेली में रिज़वी के ख़िलाफ़ एक एफ़आईआर भी दर्ज कराई गई थी.
एफ़आईआर में उन पर ये आरोप लगाया गया था कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर वे मुस्लिम समाज की भावनाएं भड़का रहे हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, दिल्ली: केजरीवाल ने दिए अस्पतालों में बेड्स की संख्या बढ़ाने के आदेश
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दिल्ली के
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र प्रदेश
के सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड्स की
संख्या युद्धस्तर पर बढ़ाने के आदेश दिए हैं.
आज दोपहर
कोविड-19 पर हुई समीक्षा बैठक के बाद उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी
अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार कदम उठा रही है.
उन्होंने
लोगों से मदद की अपील की और कहा कि वो कोविड-19 के लिए लगाए गए दिशानिर्देशों का
पालन करें और बहुत ज़रूरी न होने पर अस्पताल न जाएं.
साथ ही उन्होेंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति कोरोना टीका लेने की उम्र
के दायरे में आते हैं तो टीका ज़रूर लगवाएं.
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ब्रेकिंग न्यूज़, पश्चिम बंगालः मोदी बोले, बीजेपी ने चार चरणों में ही सेंचुरी लगा ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में एक चुनाव सभा में कहा है कि पश्चिम बंगाल के लोगों ने इतने चौके और छक्के लगाए हैं कि बीजेपी ने चुनाव के चार चरणों में ही सेंचुरी लगा दी है.
बर्धमान में एक चुनावी रैली में उन्होंने कहा कि नंदीग्राम में ममता बनर्जी क्लीन बोल्ड हो गई हैं और नंदीग्राम के लोग टीएमसी की पूरी टीम को वहां से बाहर का रास्ता दिखा दिया है.
रैली में उन्होंने इशारों में दावा किया कि "पश्चिम बंगाल के लोगों ने तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी को क्लीन बोल्ड कर दिया है. यहां की जनता ने इतने चौके और छक्के मारे हैं कि अब तक पूरे हुए चुनाव के चारों चरणों में बीजेपी पहले ही सेन्चुरी बना चुकी है."
बीबीसी के सहयोगी पत्रकार प्रभाकर मणि तिवारी ने बताया है कि पश्चिम बंगाल में मतदान के बाकी चार चरणों से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार बार राज्य के दौरे पर आएंगे और इस दौरान विभिन्न इलाकों में कम से कम नौ रैलियों को संबोधित करेंगे.
इनमें से पहला दौरा सोमवार को यानी आज है. इस दिन वे सबसे ज्यादा तीन रैलियां करेंगे. पहली रैली पश्चिम बर्दवान के तालित में होगी और उसके बाद नदिया के कल्याणी और उत्तर 24-परगना जिले के बारासात में.
अब तक तय कार्यक्रम के मुताबिक, बीती फरवरी से बंगाल के 14 दौरों के दौरान मोदी की 22 रैलियां होनी हैं. इनमें से 13 हो चुकी हैं.
प्रदेश बीजेपी के एक नेता ने बताया कि मतदान के बाकी चार चरणों से पहले प्रधानमंत्री चार बार बंगाल के दौरे पर आएंगे. शनिवार को पांचवें चरण का मतदान होना है.
अब तक की परंपरा के मुताबिक प्रधानमंत्री उस दिन भी राज्य के आसनसोल और दक्षिण दिनाजपुर जिले के गंगारामपुर में दो रैलियों को संबोधित करेंगे. उसके बाद बाद 22 अप्रैल को छठे चरण के मतदान के दिन वे मालदा और मुर्शिदाबाद में जो चुनावी सभाओं को संबोधित करेंगे.
उनका आखिरी दौरा शनिवार 24 अप्रैल को होगा. उस दिन बोलपुर और दक्षिण कोलकाता में उनकी रैलियां होनी हैं.
एक दिन के दौरे में सबसे ज्यादा तीन रैलियां सोमवार को होंगी.
इससे पहले एक, छह और दस अप्रैल को क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे दौर के मतदान के दौरान वे दो-दो रैलियों को संबोधित कर चुके हैं.
छत्तीसगढ़: महाराष्ट्र के बाद सबसे गंभीर स्थिति, रायपुर में 46 नये श्मशान बनाए गए
आलोक
प्रकाश पुतुल
रायपुर से
बीबीसी हिंदी के लिए
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छत्तीसगढ़
में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण से होने वाली मौतों के कारण अंतिम संस्कार के लिए
अकेले रायपुर में 46 नये श्मशान घाट बनाये गये हैं.
एक अधिकारी
ने बताया कि अकेले रविवार को यहाँ सौ से अधिक शवों का अंतिम संस्कार किया गया है. ग्रामीण
इलाकों में शवों को खेतों में जलाए जाने की भी ख़बर मिल रही हैं.
राज्य
के नगरीय प्रशासन मंत्री शिवकुमार डहरिया ने कहा है कि मौत के बाद शव जलाने में लोगों
को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. ऐसे में लोगों को आ रही कठिनाइयों को देखते हुए रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोरबा, भिलाई और रिसाली नगर निगम में
विद्युत शवदाहगृह स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं.
इस बीच
पिछले 24 घंटों में रायपुर में 2833 नए कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है. राज्य
में कल शाम तक सक्रिय मरीज़ों की संख्या 91,311 थी और मौत के 123 मामले सामने आये थे.
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केंद्र
सरकार के जारी आंकड़ों के अनुसार जिन पांच राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामले
सबसे अधिक आ रहा हैं उनमें महाराष्ट्र के बाद छत्तीसगढ़ का नंबर है.
कोरोना
संक्रमितों की बढ़ती संख्या के बाद प्रदेश सरकार ने रायपुर के इनडोर स्टेडियम को अस्पताल
में बदल दिया है और सोमवार से यहां 320 ऑक्सीजन युक्त बेड की सुविधा के साथ इलाज शुरू
करने की तैयारी की गई है.
राज्य
के 28 में से 20 ज़िलों में पूरी तरह से लॉकडाउन की घोषणा के बाद भी कोरोना संक्रमितों
का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है. रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग समेत अधिकांश शहर के अस्पतालों में कोरोना संक्रमितों के लिए जगह नहीं बची
है.
अस्पताल
के गलियारों में, सीढ़ियों में मरीज ऑक्सीजन सिलेंडर ले कर बैठे हुए हैं. पांच-पांच घंटे लाइन में
खड़े होने के बाद भी संक्रमितों के परिजनों को रेमडेसिवीर इंजेक्शन नहीं मिल पा रहा
है.
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इधर रविवार
को एक बैठक के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना मरीजों के लिए रेमडेसिवीर की कमी से निपटने
के लिए मुंबई और हैदराबाद में भारतीय प्रशासनिक सेवा के दो अफ़सरों को तैनात किया है, जो कंपनी से सीधे आपूर्ति को लेकर
समन्वय का काम देखेंगे.
छत्तीसगढ़
में औसतन 300 टन ऑक्सीजन का उत्पादन होता है और इसमें से लगभग 56 टन की खपत राज्य में
होती है. इसमें से अस्पतालों में 30 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है.
इसके बाद भी
ऑक्सीजन की कमी की आशंका के मद्देनज़र राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने महामारी अधिनियम
के तहत अधिसूचना जारी करते हुए निर्देश दिये हैं कि राज्य में उत्पादन होने वाले ऑक्सीजन का
80 प्रतिशत अस्पतालों को दिया जाए. यहां तक कि ज़रुरी होने पर उद्योगों को आपूर्ति
की जाने वाली 20 प्रतिशत ऑक्सीजन भी अस्पतालों को दी जाए.
ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोनाः भारत में 24 घंटे में 1 लाख 68 हज़ार नए मामले, 904 की मौत
ब्रेकिंग न्यूज़, सुप्रीम कोर्ट ने स्थगित की अदालत में सुनवाई, अब वीडियो लिंक के ज़रिए होगा कामकाज
देश की सर्वोच्च अदालत ने कोर्ट में मामलों की सुनवाई यानी फिज़िकल सुनवाई को स्थगित कर दिया है.
एक नोटिस जारी कर अदालत ने कहा कि "अगले आदेश तक कोर्ट में होने वाली सुनवाई को स्थगित किया जाता है. मामलों की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के ज़रिए की जाएगी."
वहीं समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि सुप्रीम
कोर्ट में कई कर्मचारियों के कोरोना पॉज़िटिव पाए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट के जज अब अदालत आने की
बजाय घरों से ही अदालत का कामकाज देखेंगे.
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बार एंड बेंच ने भी सूत्रों के हवाले से लिखा है कि सुप्रीम
कोर्ट के सभी जज अब अपने घरों से वीडियो लिंक के ज़रिए मामलों की सुनवाई करेंगे. इसके लिए जरूरी
व्यवस्था करने के लिए तकनीकी जानकारी रखने वाले कर्मचारियों को उनके घरों पर भेजा
गया है.
वेबसाइट के अनुसार बीते साल कोरोना महामारी के कारण मई और जून
में सभी जजों ने बिना अदालत आए घरों से ही काम करना शुरू किया था.
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महाराष्ट्र: लॉकडाउन पर फ़ैसला 14 अप्रैल के बाद
कोरोना के लगतार बढ़ते मामलों के मद्देनज़र महाराष्ट्र में लॉकडाउन लगाने के लेकर कोई फ़ैसला बुधवार 14 अप्रैल के बाद लिया
जाएगा.
रविवार को महामारी की स्थिति पर चर्चा के लिए हुई कोविड-19 टास्क फोर्स की अहम बैठक के बाद प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि लॉकडाउन लगाने के लेकर कोई फ़ैसला अप्रैल 14 के बाद लिया जाएगा.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार उन्होंने कहा, “टास्क फोर्स की सलाह यही है कि मौजूदा हालात को देखते हुए लॉकडाउन लगाया जाना चाहिए. अगर लॉकडाउन लगाया जाएगा तो कितने वक्त के लिए होगा, प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर
इसका क्या और कितना असर पड़ेगा इस पर बैठक में चर्चा की गई है.”
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन लगाया जाए या नहीं और इसके संभावित असर को लेकर इस पर चर्चा
करने के लिए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अलग-अलग व्यापारिक संगठनों से बातचीत कर रहे हैं जिसके
बाद ही इस पर कोई फ़ैसला लिया जा सकेगा.
प्रदेश में पहले ही कोरोना के बढ़ते के मामलों के मद्देनज़र
रात का कर्फ्यू लगाया गया है.
टास्क फोर्स की बैठक में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भी हिस्सा लिया था. इस दौरान राज्य के अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की
उपलब्धता और रेमडेसिवीर की उपलब्धता और इस्तेमाल पर चर्चा की. बैठक में राज्य में
लॉकडाउन लगाने को लेकर भी चर्चा की गई.
इमेज स्रोत, REUTERS/Francis Mascarenhas
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 11 अप्रैल
सवेरे आठ बजे तक जो आंकड़े मिले हैं उसके अनुसार देश में कोरोना संक्रमण के 1,52,879 नए मामले दर्ज किये गए और कोविड-19 के कारण 839 लोगों की मौत हुई
है.
इन्हें मिलकर, भारत में अब कोरोना के संक्रिय मामलों की संख्या 11 लाख से अधिक हो गई है, जबकि इस संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 1,69,275 हो गई है.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार एक्टिव मामलों में से 70.82
फीसदी मामले केवल चार राज्यों में हैं. ये राज्य हैं महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़,
कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और केरल.
महाराष्ट्र में महामारी की स्थिति तेज़ी से बिगड़ रही है.
देश के कुल एक्टिव मामलों में से 48.57 फीसदी केवल महाराष्ट्र में हैं.
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कोरोना संक्रमण के मामलों को देखा जाए तो 11 अप्रैल को जारी
आंकड़ों के अनुसार एक दिन में राज्य में संक्रमण के 63,294 नए मामले दर्ज किए गए हैं.
वहीं मौतों की बात करें तो एक दिन में देश में 839 लोगों की मौत कोरोना
से हुई है. इनमें से अकेले महाराष्ट्र में 309 लोगों की मौत हुई है.
इसके बाद सबसे
अधिक मौतें छत्तीसगढ़ में हुई है जहां एक दिन में 123 लोगों ने दम तोड़ा है.
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सरकार बुलाएगी तो जाएंगे, पर बातचीत वहीं से शुरू होगी जहां रुकी थी- राकेश टिकैत
इमेज स्रोत, REUTERS/Adnan Abidi
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि यदि सरकार संयुक्त किसान मोर्चा को बातचीत के लिए आमंत्रित करती है तो वो इसके लिए तैयार हैं.
हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि बातचीत वहीं से शुरू होगी जहां इस साल जनवरी
में रूकी थी और किसान कृषि क़ानूनों को वापस लेने और एमएसपी को लागू करने की अपनी
मांगों को लेकर बातचीत आगे बढ़ाएंगे.
रविवार को सिंघु बार्डर पर आयोजित सर्वखाप पंचायत में हिस्सा लेने पहुंचे राकेश
टिकैत ने कहा कि 14 अप्रैल को बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के जन्मदिवस पर किसान संविधान
बचाओ दिवस मनाएंगे
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार राकेश टिकैत ने कहा कि किसान बैठक करना चाहते हैं तो कोरोना महामारी
के कारण जारी दिशानिर्देशों का हवाला दे कर बैठक नहीं आयोजित होने दी जाती लेकिन जहां
चुनाव हैं वहां ऐसी कोई गाइडलाइन नहीं है.
फिलहाल पूरे देश में दौरा कर किसानों को एकजुट करने
की मुहिम मे जुटे राकेश टिकैत रविवार और सोमवार को मध्य प्रदेश जाने वाले थे लेकिन
कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन के कारण उन्हें वहां जाने नहीं दिया गया.
इससे नाराज़ टिकैत ने सवाल किया कि जहां चुनाव हैं क्या
वहां कोरोना के मामले नहीं हैं.
उन्होंने कहा कि कोरोना का हवाला देकर सरकार किसान
आंदोलन को बंद नहीं करवा सकती.
उन्होंने कहा कि किसान कोरोना के मद्देनज़र जारी किए
गए दिशानिर्देशों का पालन करते हुए आंदोलन जारी रखेंगे, लेकिन किसान आंदोलन ख़त्म
नहीं होगा.
नमस्कार!
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