कोरोना के मामलों में आयी ज़बरदस्त तेज़ी ने अधिकांश
राज्यों को कड़े निर्णय लेने पर मजबूर कर दिया है.
शनिवार को कोविड-19 के सवा लाख से ज़्यादा नये मामले
सामने आये. लगभग पूरे हफ़्ते देश में कोरोना के एक लाख से अधिक मामले सामने आने का सिलसिला जारी रहा है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, भारत में फ़िलहाल कोरोना
के सक्रिय मामले साढ़े 10 लाख से अधिक हो चुके हैं और 1 लाख 68 हज़ार से ज़्यादा लोगों
की अब तक कोविड-19 से मौत हो चुकी है.
जॉन्स हॉप्किंस यूनिवर्सिटी के अनुसार, कोविड-19 से मौतों के मामले में भारत अब अमेरिका, ब्राज़ील और मैक्सिको के बाद चौथे नंबर पर है, जबकि कुल मामलों के लिहाज़ से भारत तीसरे नंबर पर है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वो यह सुनिश्चित करें कि किसी भी धार्मिक स्थल में एक समय पर पाँच से ज़्यादा लोग ना जायें. यूपी सरकार प्रदेश के कई ज़िलों में नाइट कर्फ़्यू लगाये जाने की घोषणा कर चुकी है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के एक वरिष्ठ डॉक्टर द्वारा इस्तीफ़ा सौंपे जाने की घटना का संज्ञान लिया है.
उन्होंने कहा, “यह बहुत दुखद घटना है. डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार कर हम कोविड को नहीं हरा सकते और यह बहुत शर्मनाक है कि कुछ लोग डॉक्टरों से बुरा बर्ताव कर रहे हैं. भोपाल के जेपी अस्पताल में जो हुआ, हम उसकी निंदा करते हैं. किसी को भी डॉक्टरों के ग़लत व्यवहार करने का अधिकार नहीं है.”
वहीं कोरोना संक्रमण के मामलों में अप्रत्याशित तेज़ी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने भी कई कड़े फ़ैसले लिये हैं. प्रशासन ने हर तरह के सामाजिक, राजनीतिक, खेल और मनोरंजन से जुड़ी सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है.
दिल्ली सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों के अलावा किसी को सार्वजनिक स्वीमिंग पूल इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं होगी.
दिल्ली आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के आदेश के मुताबिक़, शादियों में 50 से अधिक और अंतिम संस्कार में 20 से ज़्यादा लोग शामिल नहीं हो पाएंगे. रेस्तराँ और बार में 50 फ़ीसदी सीटें ही भरी जा सकेंगी. सभी कॉलेज और कोचिंग संस्थान भी बंद रहेंगे. डीटीसी की बसों और मेट्रो की सीटें भी 50 फ़ीसदी तक ही भरी जा सकेंगी.
साथ ही कहा गया है कि हवाई यात्रा करके महाराष्ट्र से दिल्ली आने वाले यात्रियों के लिए आरटी-पीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट अनिवार्य होगी. बिना रिपोर्ट के आने वालों के लिए 14 दिन क्वारंटीन में रहना अनिवार्य होगा.
राजस्थान में भी अब संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है. शनिवार को यहां कोविड-19 के 4,400 से ज़्यादा नये मामले सामने आये.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. गहलोत ने जानकारों का हवाला देते हुए कहा कि कोरोना की दूसरी लहर को पहली लहर से ज़्यादा ख़तरनाक बताया जा रहा है, इसलिए मास्क पहनें और अन्य ज़रूरी सावधानियाँ बरतें.
इधर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने महाराष्ट्र सरकार को यह आश्वासन दिया है कि अगले 3-4 दिनों में प्रदेश सरकार को 1121 नये वेंटिलेटर दिये जायेंगे.
महाराष्ट्र में इस वक़्त संक्रमण सबसे अधिक तेज़ी से फैल रहा है. इसे लेकर शनिवार को पुणे में एक समीक्षा बैठक हुई, जिसमें केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी शामिल हुए थे.
उन्होंने कहा, “बैठक में सबसे ज़्यादा चिंता वेंटिलेटरों को लेकर थी, इसलिए हम इसकी व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं. अगले 3-4 दिनों में महाराष्ट्र को वेंटिलेटर मिल जायेंगे.”
बताया गया है कि 700 वेंटिलेटर गुजरात और 421 वेंटिलेटर आंध्र प्रदेश से महाराष्ट्र के लिए लाये जा रहे हैं.