भारत में कोविड टीकाकरण अभियान को
लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल ज़रा बिगड़ता हुई दिखाई दे रहा है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर
हर्षवर्धन के एक कड़क बयान के बाद, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र समेत कुछ अन्य राज्यों
पर टीकाकरण से जुड़ी अपनी खामियाँ छिपाने और लोगों में ग़ैर-ज़रूरी डर पैदा करने
का आरोप लगाया था.
अब उन्हीं के मंत्रालय के एक
वरिष्ठ अधिकारी मनोहर अगनानी का एक पत्र सामने आया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार,
अगनानी ने दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र सरकार को लिखा है कि वो टीकाकरण अभियान को
लेकर अपना प्रदर्शन सुधारें. उन्होंने लिखा है कि इन राज्यों का प्रदर्शन
राष्ट्रीय औसत से ख़राब है और इसमें सुधार की ज़रूरत है.
अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि
हम (केंद्र सरकार) देश में निरंतर चल रहे कोविड-19 टीकाकरण अभियान में आपके समर्थन
की उम्मीद करते हैं जो कोरोना महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है.
अपने पत्र में उन्होंने दिल्ली,
पंजाब और महाराष्ट्र को अब तक दी गई कोरोना वैक्सीन की डोज़ का भी ज़िक्र किया है.
इस संबंध में डॉक्टर हर्षवर्धन ने
भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किये हैं.
एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, “जो राज्य 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने की वकालत कर रहे थे, वो अब तक हेल्थ वर्कर्स, फ़्रंट-लाइन वर्कर्स और वरिष्ठ नागरिकों को भी उम्मीद के अनुसार वैक्सीन नहीं दे पाये हैं. इसलिए गेंद इधर-उधर करके, वो अपने ख़राब प्रदर्शन से ध्यान हटाना चाहते हैं.”
मंत्रालय के अनुसार, दूसरी डोज के आधार पर देखा जाये तो महाराष्ट्र ने केवल 41% स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण किया है. इसी तरह दिल्ली और पंजाब ने क्रमश: 41% और 27% लोगों का टीकाकरण किया है. जबकि 12 राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जिन्होंने 60% से अधिक का टीकाकरण किया है.
बुधवार को महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि प्रदेश में अब सिर्फ़ दो या तीन दिन की डोज़ बची हैं और इसकी जानकारी केंद्र सरकार को दे दी गई है.
इस पर डॉक्टर हर्षवर्धन ने एक ट्वीट में लिखा, “वैक्सीन की कमी होने के आरोप बेबुनियाद हैं. महाराष्ट्र सरकार इसके माध्यम से लोगों में डर पैदा करना चाहती है, ताकि जिस ख़राब ढंग से उन्होंने इस महामारी का सामना किया, इस पर लोगों का ध्यान ना जायें. महाराष्ट्र में ना सिर्फ़ कोविड से होने वाली मौतों की संख्या सबसे अधिक है, बल्कि महाराष्ट्र में कोविड टेस्ट पॉज़िटिव आने की दर भी सबसे अधिक है.”
कुछ राज्यों ने केंद्र सरकार से 45 साल से कम उम्र के लोगों के लिए भी कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराये जाने की वकालत की थी, जिसे केंद्र सरकार ने मानने से इनकार कर दिया था.
इस बीच, भारत में कोरोना के नये मामले सामने आने का आंकड़ा एक लाख 25 हज़ार को पार कर चुका है. महामारी शुरू होने के बाद से यह पहली बार हुआ कि एक दिन में इतने केस दर्ज किये गए हों.
बुधवार को बताया गया कि अकेले महाराष्ट्र में एक दिन के भीतर क़रीब 60 हज़ार नये मामले दर्ज किये गए और प्रदेश में कोविड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 56,652 हो गई है.