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कुलदीप सेंगर की पत्नी को बीजेपी ने दिया ज़िला पंचायत चुनाव का टिकट- आज की बड़ी ख़बरें

देश और दुनिया की ताज़ा ख़बरों और उनके सटीक विश्लेषण के लिए बने रहें बीबीसी हिंदी के लाइव पन्ने पर.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, मध्य प्रदेशः सभी शहरों में शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन

    मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी शहरी क्षेत्रों में शुक्रवार शाम 6 बजे से सोमवार सुबह 6 बजे तक के संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है.

    प्रदेश सरकार का कहना है कि कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है.

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, सभी बड़े शहरों में कंटेनमेंट क्षेत्र भी बनाये जा रहे हैं.

  2. माओवादियों ने सोनी सोरी को लौटाया, कहा- ‘जवान को सरकारी मध्यस्थ को ही सौंपेंगे’

    आलोक प्रकाश पुतुल

    रायपुर (छत्तीसगढ़) से बीबीसी हिन्दी के लिए

    बीजापुर में शनिवार को माओवादियों के साथ हुई मुठभेड़ के बाद से लापता सीआरपीएफ़ के राकेश्वर सिंह मनहास की रिहाई नहीं हो पाई है.

    उनकी रिहाई के लिए बुधवार को बीजापुर के जंगलों में पहुँची सामाजिक कार्यकर्ता और जेल बंदी रिहाई समिति की संयोजक सोनी सोरी को माओवादियों ने खाली हाथ लौटा दिया है.

    माओवादियों ने कहा है कि वे कथित रूप से उनके कब्ज़े में लिये गए सीआरपीएफ़ के राकेश्वर सिंह मनहास को सरकार द्वारा नियुक्त मध्यस्थ को ही सौंपेंगे.

    सरकार की ओर से अब तक किसी को मध्यस्थ नियुक्त किये जाने की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है.

    हालांकि राज्य सरकार के एक शीर्ष अधिकारी ने दावा किया है कि जवान की सकुशल रिहाई की कोशिशें की जा रही हैं और सरकार के कुछ प्रतिनिधि दंतेवाड़ा पहुँचे हैं.

    लेकिन क्या उन्हें मध्यस्थ बनाया गया है, इस बात का जवाब अधिकारी ने नहीं दिया.

    अब से थोड़ी देर पहले बीबीसी से बातचीत करते हुए सोनी सोरी ने कहा, "माओवादियों के संदेश के बाद अब सरकार की ज़िम्मेदारी बनती है कि वो जल्दी से जल्दी अपह्रत जवान की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करे. हमने माओवादियों से अपील की है कि जवान को किसी भी तरह का कोई नुकसान ना पहुँचायें."

    सोनी सोरी ने कहा कि मुठभेड़ से पहले जुन्नागुंड़ा से डीआरजी के जवान गाँव के एक आदिवासी सुक्का माड़वी को अपने साथ उठाकर ले गये हैं और सुक्का माड़वी अब तक लापता हैं.

    गाँववालों ने सोनी सोरी को बताया कि डीआरजी के जवानों ने कई घरों में तोड़फोड़ की और कई घंटों तक सुक्का से मारपीट की गई.

    इससे पहले माओवादियों ने पत्रकारों को फ़ोन कर यह दावा किया था कि सीआरपीएफ़ के राकेश्वर सिंह मनहास उनके कब्ज़े में हैं.

    माओवादियों ने एक दिन पहले, कथित रूप से उनके कब्ज़े के दौरान ली गई राकेश्वर सिंह मनहास की एक तस्वीर भी जारी की थी.

    बीजापुर के तर्रेम में शनिवार को हुए माओवादी हमले में सुरक्षाबलों के 22 जवान मारे गये थे. इसके अलावा 31 घायल जवानों को बीजापुर और रायपुर के अस्पतालों में भर्ती किया गया था. सुरक्षाबलों का एक जवान तभी से लापता है. माओवादियों का दावा है कि वो उनकी गिरफ़्त में है.

  3. उत्तर प्रदेश: भयावह हुआ कोरोना संक्रमण, तीन ज़िलों में नाइट कर्फ़्यू

    समीरात्मज मिश्र

    लखनऊ (उत्तर प्रदेश) से बीबीसी हिन्दी के लिए

    उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की तेज़ रफ़्तार को देखते हुए आज रात से तीन ज़िलों में रात का कर्फ़्यू लगाया जा रहा है.

    लखनऊ, प्रयागराज और वाराणसी में रात 9 बजे से सुबह 6 बजे तक लोगों के आने-जाने पर पाबंदी रहेगी.

    हालांकि ज़रूरी सेवाओं को इससे छूट मिली रहेगी.

    इसके अलावा उत्तर प्रदेश में 500 से ज़्यादा केस वाले या रोज़ाना 100 से ज़्यादा नए केस वाले अन्य दस ज़िलों में भी रात का कर्फ़्यू लग सकता है.

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन ज़िलों के ज़िलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर इस बारे में फ़ैसला लेने को कहा है.

    यूपी में कोरोना का संक्रमण तेज़ी से बढ़ रहा है. बुधवार को कोरोना के 6,023 नये मामले मिले, जबकि एक दिन पहले मंगलवार को 5,928 नए केस मिले थे.

    मृतकों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हो रही है. बुधवार को प्रदेश में 40 लोगों की कोविड-19 से मौत हो गई.

    अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में पिछले एक दिन में कुल 1,86,948 सैम्पलों की जाँच की गई. प्रदेश में अब तक कुल 3,59,42,111 सैम्पलों की जाँच की जा चुकी है.

    यूपी में इस समय त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव भी हो रहे हैं और चुनावी प्रक्रिया दो मई तक जारी रहेगी.

    दो मई को ही परिणाम आएंगे. इसके बाद 8 मई से यूपी बोर्ड की परीक्षाएं शुरू होनी हैं.

  4. आईपीएल क्या कोरोना की दूसरी लहर में 'टाइम बम' जैसा है

    भारत में कोरोना की दूसरी लहर अपने चरम पर है और इस बीच क्रिकेट की दुनिया का सबसे रंगारंग टूर्नामेंट इंडियन प्रीमियर लीग यानि आईपीएल 2021 का शेड्यूल तैयार है.

    शुक्रवार से आईपीएल का आगाज़ होगा जिसमें आठ टीमें देश भर के अलग-अलग स्टेडियम में 60 मैच खेलेंगी. टूर्नामेंट का फ़ाइनल 30 मई को खेला जाएगा.

    ये मैच दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद और कोलकाता में खेले जाएंगे. ये वो शहर हैं जहां कोरोना संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं.

    भारत में 1 लाख 65 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत कोरोना संक्रमण से हो चुकी है और 1 करोड़ 2 लाख से ज़्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं. अप्रैल में औसतन 90 हज़ार नए मामले रोज़ाना सामने आ रहे हैं. इस दूसरी लहर के इतना बढ़ने के पीछे सबसे बड़ी वजह कड़े नियमों में दी जाने वाली ढील को माना जा रहा है.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना अपडेट: पिछले 24 घंटे में 1 लाख 26 हज़ार से ज़्यादा नये मामले

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1 लाख 26 हज़ार 789 नये मामले दर्ज किये गए.

    इस दौरान क़रीब 60 हज़ार लोगों को अस्पताल से छुट्टी भी मिली और 685 लोगों की कोविड-19 से मौत हो गई.

    सरकारी आँकड़े के मुताबिक़, भारत में अब तक कोविड-19 से 1 लाख 66 हज़ार 862 लोगों की मौत हो चुकी है.

    फ़िलहाल देश में कोरोना के 9 लाख 10 हज़ार से ज़्यादा सक्रिय मामले हैं.

    स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक कोविड वैक्सीन की नौ करोड़ एक लाख 98 हज़ार से ज़्यादा डोज़ दी जा चुकी हैं.

  6. मेक्सिको, ब्राज़ील ने ब्रिटेन की तरह एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन पर रोक लगाने से इनकार किया

    मेक्सिको और ब्राज़ील के स्वास्थ्य नियामकों ने कहा है कि वो ब्रिटेन की तरह 30 साल से कम उम्र वालों को एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन ना देने का निर्णय नहीं ले रहे हैं.

    बुधवार को ब्रिटेन की दवा नियामक संस्था ने कहा था कि 30 साल के कम उम्र के लोगों को एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन नहीं दी जाएगी और उन्हें इसका कोई दूसरा विकल्प दिया जाएगा.

    नियामक संस्था का कहना है कि एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन लेने के बाद ब्लड क्लॉटिंग (ख़ून का थक्का जमना) की शिकायत मिलने की वजह से ऐसा किया गया है.

    नियामक संस्था ने अपनी जाँच में पाया है कि मार्च के आख़िर तक यूके में जिन लोगों को भी एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन दी गई, उनमें से 79 लोग ब्लड क्लॉटिंग के शिकार हुए और उनमें से 19 लोगों की मौत हो गई.

    लेकिन मेक्सिको और ब्राज़ील ने इसे मिसाल मानने से इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा है कि वो इसकी और गहन जाँच करना चाहते हैं.

    मेक्सिको की स्वास्थ्य नियामक संस्था ने कहा, “इस समय, हम किसी भी आयु वर्ग के लिए एस्ट्राज़ेनेका के इस्तेमाल पर रोक नहीं लगा रहे हैं.”

    वहीं ब्राज़ील ने भी कहा है कि मौजूदा समय में इस वैक्सीन के फ़ायदे, इससे होने वाले नुकसान से कहीं ज़्यादा हैं.

    इस पर बात करते हुए ब्राज़ील की स्वास्थ्य नियामक संस्था ने कहा कि ब्राज़ील में 40 लाख से ज़्यादा लोगों को एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन की डोज़ दी जा चुकी है, जिनमें से 47 लोगों में ब्लड क्लॉटिंग (ख़ून का थक्का जमना) की शिकायत मिली है.

    वहीं सरकारी आँकड़ों के मुताबिक़, ऑक्सफ़र्ड यूनिवर्सिटी के विज्ञानियों द्वारा विकसित एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन की 35 से ज़्यादा डोज़ मेक्सिको में दी जा चुकी हैं.

  7. न्यूज़ीलैंड ने भारतीय यात्रियों के प्रवेश पर लगाया अस्थायी प्रतिबंध

    न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने भारतीय यात्रियों के न्यूज़ीलैंड में प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है.

    भारत में कोविड-19 के तेज़ी से बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने यह निर्णय लिया है.

    बताया गया है कि हाल ही में न्यूज़ीलैंड में कोरोना के 23 नये पॉज़िटिव केस दर्ज किये गए थे, जिनमें से 17 केस भारत से थे.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार अर्डर्न ने भारत से लौटने वाले अपने नागरिकों पर भी फ़िलहाल यह रोक लगाई है.

    अर्डर्न के अनुसार, 11 अप्रैल से यह पाबंदी लागू होगी और 28 अप्रैल तक इसका पालन किया जायेगा.

    प्रेस से बात करते हुए जेसिंडा अर्डर्न ने कहा कि 11 अप्रैल को स्थानीय समय अनुसार शाम 4 बजे से यह पाबंदी लागू होगी.

  8. तख़्तापलट के बाद भारत आ गए म्यांमार के लोग कैसे गुज़र-बसर कर रहे हैं

    भारत से सटा म्यांमार इन दिनों गृहयुद्ध की कगार पर खड़ा है. फ़रवरी से ही वहाँ लोग सड़कों पर है.

    सत्ता पर सेना ने नियंत्रण किया और इसके बाद देशभर में आमलोग, छात्र और अन्य कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन करने लगे ये लोग देश में लोकतंत्र की बहाली की मांग कर रहे हैं.

    देश के सैन्य शासकों ने ऐसे प्रदर्शनकारियों की आवाज़ शांत करने के लिए कथित तौर पर हिंसा का सहारा लिया है. गोलीबारी की है, गोले बरसाए हैं.

    इस हिंसा से परेशान होकर म्यांमार के सैकड़ों नागरिक थाईलैंड और भारत जैसे देशों में पनाह माँगने पहुँचे. कवर स्टोरी में सुनिए, उन्हीं शरणार्थियों की दर्द भरी दास्तां.

  9. दुनिया भर में कोरोना के मामलों में रिकॉर्ड उछाल

    दुनिया भर में अबतक कोरोना के कुल मामले 13 करोड़ 27 लाख के पार जा चुके हैं.

    वैक्सीन को लेकर भी नई-नई बातें सामने आ रही हैं.ऑक्सफ़ोर्ड एस्ट्राज़ेनेका की वैक्सीन के इस्तेमाल से कुछ लोगों में ख़ून के थक्के बनने की ख़बरें आई थीं.

    इसके बाद ब्रिटेन के मेडिकल रेगुलेटर और यूरोपीय मेडिसिन्स एजेंसी ने जांच शुरू की.यूरोप की मेडिसिन एजेंसी ने कहा है कि वैक्सीन से ख़ून के थक्के जमना बहुत ही दुर्लभ घटना है. और ऐसा 60 साल से कम उम्र की कुछ ही महिलाओं में देखने को मिला है.

    एजेंसी ने कहा है कि इसके इस्तेमाल से कोविड की वजह से अस्पताल जाने का ख़तरा कम हो जाता है.

    ब्रिटेन में भी ऑक्सफ़र्ड एस्ट्राज़ेनेका की वैक्सीन को लेकर नए दिशानिर्देश जारी किए हैं. वहां के मेडिकल रेगुलेटर ने कहा है कि ब्रिटेन में तीस साल से कम उम्र के लोगों को वैकल्पिक वैक्सीन का ऑफ़र दिया जाएगा.

  10. ब्रेकिंग न्यूज़, पीएम मोदी ने कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज़ भी लगवाई

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में जाकर कोविड-19 वैक्सीन की दूसरी डोज़ भी ले ली है.

    अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से उन्होंने इसकी एक तस्वीर शेयर की है.

    उन्होंने लिखा है कि इस वायरस (कोरोना) को हराने के कुछ चुनिंदा तरीकों में से टीकाकरण एक अहम तरीका है.

    उन्होंने लोगों से अपील की है कि जो लोग टीकाकरण के लिए योग्य हैं, वो अपना पंजीकरण ज़रूर करायें.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, पंजाब से आने वाली नर्स निशा शर्मा ने पीएम मोदी को कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज़ दी.

    पीएम मोदी ने 1 मार्च को कोविड वैक्सीन की पहली डोज़ ली थी. उन्होंने भारत बायोटेक की कोवैक्सिन का चयन किया था.

  11. टीकाकरण अभियान: केंद्र सरकार ने दिल्ली, महाराष्ट्र और पंजाब के प्रदर्शन पर उठाया सवाल

    भारत में कोविड टीकाकरण अभियान को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों के बीच तालमेल ज़रा बिगड़ता हुई दिखाई दे रहा है.

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन के एक कड़क बयान के बाद, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र समेत कुछ अन्य राज्यों पर टीकाकरण से जुड़ी अपनी खामियाँ छिपाने और लोगों में ग़ैर-ज़रूरी डर पैदा करने का आरोप लगाया था.

    अब उन्हीं के मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी मनोहर अगनानी का एक पत्र सामने आया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अगनानी ने दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र सरकार को लिखा है कि वो टीकाकरण अभियान को लेकर अपना प्रदर्शन सुधारें. उन्होंने लिखा है कि इन राज्यों का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से ख़राब है और इसमें सुधार की ज़रूरत है.

    अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि हम (केंद्र सरकार) देश में निरंतर चल रहे कोविड-19 टीकाकरण अभियान में आपके समर्थन की उम्मीद करते हैं जो कोरोना महामारी के प्रभाव को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है.

    अपने पत्र में उन्होंने दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र को अब तक दी गई कोरोना वैक्सीन की डोज़ का भी ज़िक्र किया है.

    इस संबंध में डॉक्टर हर्षवर्धन ने भी अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किये हैं.

    एक ट्वीट में उन्होंने लिखा, “जो राज्य 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने की वकालत कर रहे थे, वो अब तक हेल्थ वर्कर्स, फ़्रंट-लाइन वर्कर्स और वरिष्ठ नागरिकों को भी उम्मीद के अनुसार वैक्सीन नहीं दे पाये हैं. इसलिए गेंद इधर-उधर करके, वो अपने ख़राब प्रदर्शन से ध्यान हटाना चाहते हैं.”

    मंत्रालय के अनुसार, दूसरी डोज के आधार पर देखा जाये तो महाराष्ट्र ने केवल 41% स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण किया है. इसी तरह दिल्ली और पंजाब ने क्रमश: 41% और 27% लोगों का टीकाकरण किया है. जबकि 12 राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जिन्होंने 60% से अधिक का टीकाकरण किया है.

    बुधवार को महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि प्रदेश में अब सिर्फ़ दो या तीन दिन की डोज़ बची हैं और इसकी जानकारी केंद्र सरकार को दे दी गई है.

    इस पर डॉक्टर हर्षवर्धन ने एक ट्वीट में लिखा, “वैक्सीन की कमी होने के आरोप बेबुनियाद हैं. महाराष्ट्र सरकार इसके माध्यम से लोगों में डर पैदा करना चाहती है, ताकि जिस ख़राब ढंग से उन्होंने इस महामारी का सामना किया, इस पर लोगों का ध्यान ना जायें. महाराष्ट्र में ना सिर्फ़ कोविड से होने वाली मौतों की संख्या सबसे अधिक है, बल्कि महाराष्ट्र में कोविड टेस्ट पॉज़िटिव आने की दर भी सबसे अधिक है.”

    कुछ राज्यों ने केंद्र सरकार से 45 साल से कम उम्र के लोगों के लिए भी कोविड वैक्सीन उपलब्ध कराये जाने की वकालत की थी, जिसे केंद्र सरकार ने मानने से इनकार कर दिया था.

    इस बीच, भारत में कोरोना के नये मामले सामने आने का आंकड़ा एक लाख 25 हज़ार को पार कर चुका है. महामारी शुरू होने के बाद से यह पहली बार हुआ कि एक दिन में इतने केस दर्ज किये गए हों.

    बुधवार को बताया गया कि अकेले महाराष्ट्र में एक दिन के भीतर क़रीब 60 हज़ार नये मामले दर्ज किये गए और प्रदेश में कोविड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 56,652 हो गई है.

  12. नमस्कार!

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