व्लादिमीर पुतिन को मिली संवैधानिक ताक़त, 2036 तक सत्ता में बने रह सकते हैं
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को उस विधेयक पर दस्तख़त किए जो 2036 तक उन्हें सत्ता में बनाए रखने की ताक़त प्रदान करता है. यह क़दम संवैधानिक बदलावों को औपचारिक रूप देता है.
इस विधेयक पर दस्तख़त के साथ ही उन्हें राष्ट्रपति के पद पर अन्य दो कार्यकाल तक बने रहने की अनुमति मिल गई है.
इसके साथ ही संभावना है कि पुतिन रूसी तानाशाह जोसेफ़ स्टालिन से भी ज़्यादा लंबे वक्त तक सत्ता में रहने वाले नेता बन सकते हैं.
हालाँकि क़रीब दो दशकों से सत्ता में आसीन पुतिन ने कहा कि वो इस पर बाद में फ़ैसला करेंगे कि क्या वर्तमान कार्यकाल के छह वर्ष पूरे होने के बाद भी वे फिर सत्ता हासिल करने की होड़ में रहेंगे या नहीं.
बीते वर्ष ही रूस में इस संविधान संशोधन के लिए एक जनमत संग्रह करवाया गया था. लोगों ने इसका जोरदार समर्थन किया था. इसके बाद बीते महीने ही सांसदों ने इस विधेयक को मंजूरी भी दे दी थी.
पुतिन पहली बार 2000 में राष्ट्रपति बने थे. उन्होंने दो बार चार-चार साल के कार्यकाल पूरे किए. इसके बाद उनके सहयोगी दिमित्रि मेदेवदेव 2008 में राष्ट्रपति बने. 2012 में पुतिन की सत्ता में एक बार फिर वापसी हुई और 2018 में भी उन्होंने जीत हासिल की.