रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में पांच जवानों की मौत हो गई है. पुलिस ने मृतकों की संख्या बढ़ने से इनकार नहीं किया है.
माओवादियों के इस हमले में बड़ी संख्या में सुरक्षाबल के जवानों के घायल होने की भी ख़बर है.
पुलिस के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि सुकमा और बीजापुर ज़िले के जवान संयुक्त रुप से नक्सलियों के ख़िलाफ़ एक ऑपरेशन के बाद लौट रहे थे. तर्रेम और सिलगेर के जंगल के इलाके से जब सुरक्षाबल के जवान गुजर रहे थे, उसी समय पहले से घात लगा कर बैठे माओवादियों ने हमला कर दिया.
माओवादियों के इस हमले में सीआरपीएफ के एक, बस्तर बटालियन के दो और डीआरजी के दो जवान मौके पर ही मारे गए. पुलिस ने दावा किया है कि इस मुठभेड़ में कई माओवादी भी मारे गये हैं.
नक्सल ऑपरेशन के डीआईजी ओपी पॉल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस हमले में 12 जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इसके अलावा मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक संदिग्ध महिला नक्सली का शव भी बरामद किया है.
छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर ज़िले के बोर्डर से लगने वाले तार्रेम क्षेत्र में ये मुठभेड़ उस वक़्त हुई जब सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम वहां नक्सल विरोधी अभियान पर थी."
उन्होंने बताया कि इस अभियान में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल की एलीट कमांडो बटालियन फ़ॉर रिजॉल्यूट एक्शन यूनिट (कोबरा), डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड और स्पेशल टास्क फोर्स के जवान शामिल थे.
हालांकि, आसपास के कैंप से मुठभेड़ स्थल पर सुरक्षाबल के जवानों को भेजा गया है लेकिन पुलिस का कहना है कि माओवादियों ने कई जगह पर सड़क को काट दिया है, इसलिए मौके पर पहुंचने में जवानों को देर हो रही है. बीजापुर में दो MI-17 हेलीकॉप्टर को भी भेजा गया है.
दूसरी ओर, मुठभेड़ की ख़बर के बाद राजधानी रायपुर में पुलिस की आपात बैठक बुलाई गई है. राज्य के पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी के अलावा नक्सल ऑपरेशन से जुड़े अधिकारी इस बैठक में शामिल हैं.
पिछले पखवाड़े भर में माओवादी हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं. सोमवार को छत्तीसगढ़ से लगे हुए महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस ने 5 माओवादियों को एक मुठभेड़ में मारने का दावा किया था.
इस मुठभेड़ मारे गये माओवादियों पर आधा करोड़ रुपये का इनाम था. 25 मार्च को कोंडागांव के धनोरा इलाके में सड़क निर्माण में लगे एक दर्जन गाड़ियों को संदिग्ध माओवादियों ने आग लगा दी थी.
इससे पहले 23 मार्च को माओवादियों ने नारायणपुर ज़िले में सर्च ऑपरेशन से लौट रहे जवानों की बस को बारूदी सुरंग से उड़ा दिया था, जिसमें 5 जवान मारे गये थे. इस विस्फोट में एक दर्जन से अधिक जवान घायल भी हुए थे.
20 मार्च को दंतेवाड़ा ज़िले के गुडरा गांव के जंगल में पुलिस ने दो माओवादियों को एक मुठभेड़ में मारने का दावा किया था.