'स्वास्थ्य कर्मियों के टीकाकरण का रजिस्ट्रेशन अब नहीं होगा'

केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे अब स्वास्थ्य कर्मियों के लिए कोविड-19 वैक्सीन टीके का रजिस्ट्रेशन बंद कर दें.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, स्वास्थ्य कर्मियों और फ़्रंटलाइन वर्कर्स के टीकाकरण का रजिस्ट्रेशन अब नहीं होगा: केंद्र

    टीकाकरण

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    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे अब स्वास्थ्यकर्मियों और फ़्रंटलाइन वर्कर्स के कोविड-19 वैक्सीन के टीकाकरण के लिए रजिस्ट्रेशन बंद कर दें.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, केंद्र सरकार ने ऐसा निर्णय इसलिए लिया है क्योंकि ऐसी रिपोर्ट्स थीं कि नियमों को तोड़कर ‘अनुचित’लाभार्थी अपना नाम इसमें जोड़ रहे थे और टीकाकरण करा रहे थे.

    इसके साथ ही केंद्र सरकार का उद्देश्य अब 45 साल से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन देने पर है.

    केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि 45 साल से अधिक आयु के लोगों का कोविन वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन जारी रहेगा और सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को कहा गया है कि वे जल्द से जल्द उन स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स का टीकाकरण करें जो पहले से रजिस्टर्ड हैं.

    स्वास्थ्य सचिव ने राज्यों को कहा कि स्वास्थ्य कर्मियों और फ़्रंटलाइन वर्कर्स के लिए टीकाकरण की मियाद कई बार बढ़ाई जा चुकी है और बीते कुछ दिनों में इस श्रेणी में रजिस्ट्रेशन कराने में 24 फ़ीसदी का उछाल आया है जिसके बाद फ़ैसला लिया गया है कि इस श्रेणी में कोई नया रजिस्ट्रेशन नहीं होगा.

  2. बंगाल चुनाव के बीच सारदा चिटफंड घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की बड़ी कार्रवाई

    तृणमूल कांग्रेस की बीरभूम की सांसद शताब्दी राय

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    प्रभाकर मणि तिवारी

    कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिम बंगाल में जारी अहम विधानसभा चुनाव के बीच ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सारदा चिटफंड घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तृणमूल कांग्रेस की बीरभूम की सांसद शताब्दी राय और पूर्व सांसद और टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष के अलावा सारदा समूह के अध्यक्ष सुदीप्त सेन की करीबी सहयोगी देवयानी मुखर्जी की संपत्ति जब्त कर ली है.

    ईडी ने शनिवार को अपने एक ट्वीट में इसकी जानकारी दी. ईडी ने अपने ट्वीट में कहा है कि कुणाल घोष की करीब तीन करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है. हालांकि कुणाल ने हाल में ही सारदा से मिले पैसे लौटा दिए थे.

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    लेकिन ईडी ने यह नहीं बताया है कि शताब्दी राय की कितनी संपत्ति जब्त की गई है. कुणाल सारदा समूह मीडिया डिवीजन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थे और शताब्दी राय समूह की ब्रैंड एंबैसडर थीं.

    इसके बाद यहां राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि ईडी के बाद अब सीबीआई भी इस मामले में कोई बड़ी कार्रवाई कर सकती है. उधर, टीएमसी ने इसे बदले की कार्रवाई बताया है.

    राज्यसभा में पार्टी के उप-नेता सुखेंदु शेखर राय ने कहा है, "बीजेपी केंद्रीय एजंसियों की सहायता से विपक्षी दलों पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रही है. राज्य के लोग यह सब देख रहे हैं. लोग समय आने पर ऐसी राजनीति का माकूल जवाब देंगे."

    टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष

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    ईडी के दावे के बावजूद कुणाल घोष ने कहा है कि उनकी कोई संपत्ति जब्त नहीं हुई है. उनका कहना था, "मैंने 2013 से वेतन और विज्ञापन के मद में सारदा समूह से मिली रकम लौटा दी है. वह रकम पूरी तरह वैध थी और उस पर आयकर का भुगतान भी किया गया था."

    कुणाल ने कहा कि ईडी के ट्वीट में शताब्दी राय का नाम भी है. लेकिन चुनाव के समय इन दो नामों (मेरा और शताब्दी का) को ही क्यों चुना गया है, यह समझना मुश्किल नहीं है. मिथुन चक्रवर्ती ने भी सारदा के पैसे लौटाए थे. लेकिन उनका कहीं कोई जिक्र नहीं है.

    शताब्दी राय का कहना था, "पैसा और संपत्ति दोनों अलग चीजें हैं. मैंने स्वेच्छा से एक साल पहले ही सारदा समूह से मिली रकम लौटा दी थी. लेकिन अब चुनाव के समय ऐसा दावा करने का मतलब साफ है."

  3. कोरोना का प्रकोप भारत में फिर बढ़ा, 24 घंटों में करीब 90 हज़ार मामले

    वीडियो कैप्शन, कोरोना का प्रकोप भारत में फिर बढ़ा, 24 घंटों में करीब 90 हज़ार मामले

    भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के करीब 90 हज़ार मामले सामने आए हैं. साल 2021 का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है.

    इसी के साथ देश में कोरोना के कुल मामले 1,23,92,260 हो गए हैं. कोरोना संक्रमण के कुल सक्रिय मामले 658909 हैं.

    बीते 24 घंटों में संक्रमण की वजह से 714 लोगों की मौत हुई है.

    इसी के साथ मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 1,64,110 हो गई है.

  4. औरंगजेब की क़ैद से शिवाजी के बच निकलने की कहानी

    वीडियो कैप्शन, औरंगजेब की क़ैद से शिवाजी के बच निकलने की कहानी - Vivechana

    जब शिवाजी औरंगजेब से मिलने आगरा गए तो उन्हें क़ैद कर लिया गया था.

    किस तरह औरंगजेब के चंगुल से बाहर निकले शिवाजी, बता रहे हैं रेहान फ़ज़ल विवेचना में.

    3 अप्रैल, 2021 को शिवाजी की 341वीं पुण्यतिथि है.

  5. दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ने पर क्या बोले सीएम केजरीवाल?

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    राजधानी दिल्ली में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वो लॉकडाउन लगाने पर विचार नहीं कर रहे हैं. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि राजधानी दिल्ली कोरोना संक्रमण की चौथी लहर का सामना कर रही है.

    उन्होंने कहा, "बीते कुछ दिनों से दिल्ली में कोविड19 के मामले बढ़ रहे हैं. दिल्ली में बीते 24 घंटे के दौरान 3583 नए मामलों की जानकारी सामने आई है. केस बढ़ने के लिहाज से ये चौथी लहर है."

    लॉकडाउन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा, "लॉकडाउन लगाने का कोई विचार नहीं है. अगर ऐसी जरूरत हुई तो पहले दिल्ली के लोगों की राय ली जाएगी."

    मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कोरोना संक्रमण पर एक्शन प्लान बनाने के लिए शुक्रवार को हुई बैठक के बाद कहा कि संक्रमण पर नियंत्रण के लिए वो हर संभव कदम उठा रहे हैं और लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए.

    केजरीवाल ने बताया कि उनका ज़ोर टीकाकरण पर है और कल (गुरुवार को) 71 हज़ार लोगों को टीके लगाए गए.

  6. पॉडकास्ट कहानी ज़िंदगी की

    BBC

    ये है बीबीसी हिंदी का ताज़ातरीन पॉडकास्ट 'कहानी ज़िंदगी की'

    'कहानी ज़िंदगी की' के हर एपीसोड मेंरूपा झाआपको सुना रही हैं भारतीय भाषाओं में लिखी ऐसी चुनिंदा कहानियां जो अपने आप में बेमिसाल हैं, जो हमारी और आपकी ज़िंदगी में झांकती हैं और सोचने को मजबूर भी करती हैं.

    इस बार की कहानी है सुखांत.

    ये मूल रूप से तेलुगू में लिखी गई कहानी 'सुखांतम्' का हिंदी अनुवाद है.

    ये कहानी तेलुगू भाषा की चर्चित लेखिका अबूरी छायादेवी ने लिखी है.

  7. मुंबई: कोरोना संक्रमण का नया रिकॉर्ड

    कोरोना का खतरा

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    समाचार एजेंसी एएनआई ने ख़बर दी है कि मुंबई में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 9090 नए मरीज़ों का पता चला है और 27 मरीज़ों ने दम तोड़ा है.

    इस तरह मुंबई में कोरोना के एक्टिव केस फ़िलहाल कुल 62,187 हैं और अभी तक कुल 11,751 मरीज़ों की मौत हो चुकी है.

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    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में बीते 24 घंटे में कोरोना के 3,567 नए मामलों का पता चला है और इस दौरान दस लोगों की मौत हुई है.

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  8. बीबीसी इंडिया बोल

  9. एआईएमपीएलबी के महासचिव मौलाना वली रहमानी साहब का निधन

    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी साहब (फ़ाइल फ़ोटो)

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    ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना वली रहमानी साहब का शनिवार को निधन हो गया. वे 77 साल के थे.

    'एआईएमपीएलबी' के ट्विटर हैंडल से शनिवार को ये जानकारी दी गई.

    'एआईएमपीएलबी' ने ट्वीट किया, "उनके निधन से मुस्लिम जगत के लिए अपूरणीय क्षति हुई है."

    वे पिछले कुछ हफ़्तों से बीमार थे और एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था.

    पिछले हफ़्ते उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया था.

    उनकी मौत की घोषणा से कुछ घंटे पहले 'एआईएमपीएलबी' ने कहा था कि उनकी सेहत में सुधार नहीं है. सभी मुसलमानों से अपील है कि उनके लिए ख़ास तौर पर दुआ करें.

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  10. छत्तीसगढ़: नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में पांच जवानों की मौत, 12 जवान गंभीर रूप से घायल

    बस्तर में एक घायल ग्रामीण को इलाज के लिए ले जाते सुरक्षा कर्मी (फ़ाइल फ़ोटो)

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    आलोक प्रकाश पुतुल

    रायपुर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    छत्तीसगढ़ के बीजापुर में माओवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ में पांच जवानों की मौत हो गई है. पुलिस ने मृतकों की संख्या बढ़ने से इनकार नहीं किया है. माओवादियों के इस हमले में बड़ी संख्या में सुरक्षाबल के जवानों के घायल होने की भी ख़बर है.

    पुलिस के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि सुकमा और बीजापुर ज़िले के जवान संयुक्त रुप से नक्सलियों के ख़िलाफ़ एक ऑपरेशन के बाद लौट रहे थे. तर्रेम और सिलगेर के जंगल के इलाके से जब सुरक्षाबल के जवान गुजर रहे थे, उसी समय पहले से घात लगा कर बैठे माओवादियों ने हमला कर दिया.

    माओवादियों के इस हमले में सीआरपीएफ के एक, बस्तर बटालियन के दो और डीआरजी के दो जवान मौके पर ही मारे गए. पुलिस ने दावा किया है कि इस मुठभेड़ में कई माओवादी भी मारे गये हैं.

    नक्सल ऑपरेशन के डीआईजी ओपी पॉल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि इस हमले में 12 जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं. इसके अलावा मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने एक संदिग्ध महिला नक्सली का शव भी बरामद किया है.

    छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, "छत्तीसगढ़ के सुकमा और बीजापुर ज़िले के बोर्डर से लगने वाले तार्रेम क्षेत्र में ये मुठभेड़ उस वक़्त हुई जब सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम वहां नक्सल विरोधी अभियान पर थी."

    उन्होंने बताया कि इस अभियान में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल की एलीट कमांडो बटालियन फ़ॉर रिजॉल्यूट एक्शन यूनिट (कोबरा), डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड और स्पेशल टास्क फोर्स के जवान शामिल थे.

    सांकेतिक तस्वीर

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    हालांकि, आसपास के कैंप से मुठभेड़ स्थल पर सुरक्षाबल के जवानों को भेजा गया है लेकिन पुलिस का कहना है कि माओवादियों ने कई जगह पर सड़क को काट दिया है, इसलिए मौके पर पहुंचने में जवानों को देर हो रही है. बीजापुर में दो MI-17 हेलीकॉप्टर को भी भेजा गया है.

    दूसरी ओर, मुठभेड़ की ख़बर के बाद राजधानी रायपुर में पुलिस की आपात बैठक बुलाई गई है. राज्य के पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी के अलावा नक्सल ऑपरेशन से जुड़े अधिकारी इस बैठक में शामिल हैं.

    पिछले पखवाड़े भर में माओवादी हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं. सोमवार को छत्तीसगढ़ से लगे हुए महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में पुलिस ने 5 माओवादियों को एक मुठभेड़ में मारने का दावा किया था.

    इस मुठभेड़ मारे गये माओवादियों पर आधा करोड़ रुपये का इनाम था. 25 मार्च को कोंडागांव के धनोरा इलाके में सड़क निर्माण में लगे एक दर्जन गाड़ियों को संदिग्ध माओवादियों ने आग लगा दी थी.

    इससे पहले 23 मार्च को माओवादियों ने नारायणपुर ज़िले में सर्च ऑपरेशन से लौट रहे जवानों की बस को बारूदी सुरंग से उड़ा दिया था, जिसमें 5 जवान मारे गये थे. इस विस्फोट में एक दर्जन से अधिक जवान घायल भी हुए थे.

    20 मार्च को दंतेवाड़ा ज़िले के गुडरा गांव के जंगल में पुलिस ने दो माओवादियों को एक मुठभेड़ में मारने का दावा किया था.

  11. रोहतक में प्रदर्शनकारी किसानों की वजह से मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर को दूसरी जगह उतरना पड़ा

    रोहतक

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    हरियाणा के रोहतक में बाबा मस्तनाथ यूनिवर्सिटी कैंपस में शनिवार को प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस के बीच झड़प हुई है जहां मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का हेलीकॉप्टर उतरना था.

    झड़प में कुछ पुलिसवाले और प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं.

    तनाव की वजह से मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर को निर्धारित जगह के बजाए पुलिस लाइंस में उतारा गया, जहां से वे कैनाल रेस्ट हाउस गए, जहां उन्हें बीजेपी कार्यकर्ताओं को से मुलाक़ात करनी थी.

  12. ओडिशा: कोरोना संक्रमण के बढ़े मामले, दस जिलों में नाइट कर्फ्यू

    ओडिशा में कोरोना संक्रमण के बढ़े मामले

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    सुब्रत कुमार पति

    भुवनेश्वर से, बीबीसी हिंदी के लिए

    ओडिशा में कोरोना महामारी की फिर एक बार बिगड़ती हुई स्थिति को ध्यान में रखते हुए राज्य के दस जिलों में रात का कर्फ्यू लागू करने का फ़ैसला लिया गया है.

    ओडिशा सरकार के राहत आयुक्त के कार्यालय से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अगली पांच तारीख से रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक ये कर्फ्यू लागू होगा.

    ओडिशा के ये 10 ज़िले हैं- सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, बरगढ़, बलांगीर, नुआपड़ा, कालाहांडी, नवरंगपुर, कोरापुट और मलकानगिरी.

    ओडिशा में कोरोना संक्रमण के बढ़े मामले

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    कर्फ्यू के दौरान सभी दुकानें, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, कार्यालय और आम लोगों के यातायात को बंद कर दिया जाएगा.

    सभी जिलाधिकारियों को इस फ़ैसले को लागू करने का निर्देश दिया गया है. कर्फ्यू के दौरान जरूरी सेवाओं पर कोई पाबन्दी नहीं है. ओडिशा में कोरोना वायरस से संक्रमित मामलों की संख्या दोबारा बढ़ती हुई नजर आ रही है.

    सूचना और लोक संपर्क विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में पिछले 24 घंटे में 452 लोग संक्रमित पाए गए हैं.

  13. कोरोना महामारी से जब दुनिया पस्त थी, तब जिनपिंग ने कैसे बढ़ाई अपनी ताक़त?

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    कोरोना महामारी ने शी जिनपिंग के सामने एक बात शीशे की तरफ़ साफ़ कर दी थी कि पश्चिमी देशों का सितारा डूब रहा है और उगते हुए सूरज की तरह चीन फलक पर छाने वाला है. और पिछले साल जून से चीन ने जिस तरह से कोरोना महामारी का सामना किया, उससे ये संदेश गया कि उसका निज़ाम पश्चिमी देशों के लोकतंत्र से बेहतर है.

    जब अमेरिका और यूरोप महामारी और लॉकडाउन के बीच नुक़सान उठा रहे थे, चीन उन कुछ चुनिंदा देशों में था जहां ज़िंदगी एक हद तक पटरी पर आते हुए दिखने लगी थी. उसके यहां रेस्तरां के दरवाज़े अपने मेहमानों के लिए खुलने लगे, लोग कॉन्सर्ट में शरीक होने और छुट्टियों की प्लानिंग करने लगे.

    चीन न केवल दुनिया की पहली ऐसी अर्थव्यवस्था थी जिसने महामारी के बाद काम करना शुरू कर दिया था बल्कि वो दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एकलौता ऐसा देश था जिसने साल 2020 की तीसरी तिमाही में पांच फ़ीसदी की दर से विकास किया.

  14. बंगाल चुनाव: कचरा उठाने वाली इन महिलाओं के लिए चुनाव का मतलब क्या है?

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    पश्चिम बंगाल चुनाव में सभी राजनीतिक दल अपनी ताक़त झोंक रहे हैं. बीजेपी और टीएमसी के बीच मुकाबला कांटे का है. हर पार्टी वादों की बौछार कर रही है लेकिन एक तबका ऐसा भी है जिसे चुनाव होने से कुछ ख़ास फर्क नहीं पड़ता दिखता.

    झुग्गी बस्ती में रहकर जीवन बिताने वाली इन महिलाओं की ज़िंदगी कूड़ा बीनते हुए गुज़र रही है. किसकी सरकार बनेगी, कौन जीतेगा, इसके जवाब में उनका दर्द झलकता है.

    देखिए बीबीसी संवाददाता भूमिका राय की ये रिपोर्ट.

  15. ममता बनर्जी का आरोप, बीजेपी बंगाल का विभाजन करना चाहती है

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    तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी बंगाल का विभाजन करना चाहती है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, ममता बनर्जी ने कहा, "क्या आप बंग-भंग आंदोलन के बारे में जानते हैं. इन दिनों यही हो रहा है. बीजेपी बंगाल को विभाजित करना चाहती है, बंगाल की भाषा और उसकी संस्कृति को ख़त्म करना चाहती है.''

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रायदिघी की चुनावी रैली में ममता बनर्जी ने कहा कि ''मुसलमानों को बीजेपी की हैदराबाद से आई सहयोगी पार्टी के जाल में नहीं फंसना चाहिए जो मतदाताओं का ध्रुवीकरण करना चाहती है.''

  16. राष्ट्रपति कोविंद बाइपास सर्जरी के बाद आईसीयू से आए बाहर

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    बाइपास सर्जरी के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की सेहत लगातार सुधर रही है.

    इसे देखते हुए शनिवार को उन्हें आईसीयू यानी गहन चिकित्सा कक्ष से निकालकर एक विशेष कमरे में शिफ़्ट कर दिया गया है.

    राष्ट्रपति कोविंद का इलाज अभी नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्स में चल रहा है.

    राष्ट्रपति को​विंद की सेहत के बारे में उनके ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट भी किया गया है. इसमें बताया गया है, ''राष्ट्रपति कोविंद की सेहत लगातार सुधर रही है. डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नज़रें बनाए हुए हैं और उन्हें आराम करने की सलाह दी है.''

    इससे पहले सीने में तकलीफ़ के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पिछले हफ़्ते दिल्ली के आर्मी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

    इसके बाद आगे की जाँच के लिए उन्हें एम्स ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उन्हें सीने की बाइपास सर्जरी की सलाह दी.

  17. विवेचना: शिवाजी के औरंगजेब की क़ैद से बच निकलने की पूरी कहानी

    शिवाजी

    इमेज स्रोत, Ranjit Desa

    दक्षिण में औरंगज़ेब के वायसराय मिर्ज़ा राजा सिंह ने बीड़ा उठाया कि वो किसी तरह शिवाजी को औरंगज़ेब के दरबार में भेजने के लिए मना लेंगे लेकिन इसको अंजाम देना इतना आसान नहीं था.

    पुरंदर के समझौते में शिवाजी ने साफ़ कर दिया था कि वो मुगल मंसब के लिए काम करने और शाही दरबार में जाने के लिए बाध्य नहीं हैं. इसके कुछ ख़ास कारण भी थे.

    शिवाजी को औरंगज़ेब के शब्दों पर विश्वास नहीं था. उनका मानना था कि औरंगज़ेब अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए किसी भी हद तक जा सकते थे.

    मशहूर इतिहासकार जदुनाथ सरकार अपनी किताब 'शिवाजी एंड हिज़ टाइम्स' में लिखते हैं, ''जय सिंह ने शिवाजी को यह उम्मीद दिलाई कि हो सकता है कि औरंगज़ेब से मुलाकात के बाद कि वो दक्कन में उन्हें अपना वायसराय बना दें और बीजापुर और गोलकुंडापर कब्ज़ा करने के लिए उनके नेतृत्व में एक फौज भेजें. हाँलाकि, औरंगज़ेब ने इस तरह का कोई वादा नहीं किया था.''

  18. यूएस कैपिटल: 'पुलिस पर गाड़ी चढ़ाने के बाद हमलावर हंस रहा था'

    यूएस कैपिटल बिल्डिंग

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    वॉशिंगटन में यूएस कैपिटल बिल्डिंग (अमेरिकी संसद भवन) के परिसर के बाहर हुए हमले में एक पुलिस अफ़सर की मौत हो गई, जबकि एक अन्य अफ़सर ज़ख़्मी हैं जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है.

    पुलिस का कहना है कि एक कार ने सुरक्षा बैरिकेड में टक्कर मारी जिसके बाद उसके ड्राइवर ने पुलिसकर्मियों पर चाकू से हमला करने की कोशिश की, जिसके जवाब में पुलिस अफ़सरों ने संदिग्ध पर गोली चलाई, जिससे उसकी मौत हो गई.

    हमले के बारे में अब तक जो पता है

    कैपिटल पुलिस के मुताबिक़, यह हमला स्थानीय समय अनुसार दोपहर क़रीब एक बजे हुआ.

    इससे कुछ वक़्त पहले ही कैपिटल पुलिस के अलर्ट सिस्टम ने सभी सांसदों और कर्मचारियों को एक मेल भेजा था कि वो इमारत की बाहरी खिड़कियों से दूर रहें. इस मेल में किसी हमले की चेतावनी का ज़िक्र था.

  19. COVER STORY: गृहयुद्ध के कगार पर खड़ा है म्यांमार?

    वीडियो कैप्शन, COVER STORY: गृहयुद्ध के कगार पर म्यांमार?

    म्यांमार में दो महीने पहले सैन्य तख़्तापलट हुआ फिर उसके ख़िलाफ़ धीरे-धीरे लोगों का विरोध शुरू हुआ.

    इस विरोध ने अब एक बड़ा रूप ले लिया है.

    सड़कों पर बेख़ौफ़ प्रदर्शनकारी और उन पर बेहिचक गोलियां बरसाते सैनिक. ऐसी तस्वीरें दुनियाभर में चिंता का सबब बन गई हैं.

    न प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार हैं, न ही सुरक्षाबल. तो क्या म्यांमार गृहयुद्ध की ओर बढ़ रहा है?

    क्या आने वाले दिनों में ख़ून-ख़राबा और बढ़ेगा? और म्यांमार से भागकर भारत समेत कई देशों का रुख़ करने वाले शरणार्थियों का क्या हाल है?

    इन सबकी चर्चा कवर स्टोरी में.

  20. तमिलनाडु: चूना पत्थर की खदानों और फ़ैक्ट्रियों में पिसते लोगों की ज़िंदगी

    वीडियो कैप्शन, तमिलनाडु: खनन उद्योग से उभरी परेशानियां

    तमिलनाडु के अरियलूर ज़िले का जहां चूना पत्थरों की भरमार है.

    इस इलाक़े में चूना पत्थर की कई खदानें हैं और इसी वजह से पिछले तीन साल में यहां पर सीमेंट की भी कई फैक्ट्रियां खुल गई हैं.

    लेकिन इसका इस पूरे इलाक़े और यहां रहने वाले लोगों पर क्या असर हुआ?

    देखिए, बीबीसी संवाददाता नेहा शर्मा की रिपोर्ट में.