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ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना संक्रमित होने के बाद सचिन तेंदुलकर अस्पताल में भर्ती
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भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर को कोरोना से संक्रमित होने के
बाद अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है.
सचिन ने एक ट्वीट के ज़रिये इस बारे में जानकारी दी.
उन्होंने लिखा, “कड़ी एहतियात के तौर पर और चिकित्सकीय सलाह के बाद मैं अस्पताल में भर्ती हुआ
हूँ. मैं कुछ ही दिन में घर वापस आने की उम्मीद करता हूँ. आप सब अपना ख़याल रखिए
और सुरक्षित रहिए.”
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सचिन तेंदुलकर ने सभी भारतीयों और भारतीय क्रिकेट टीम को साल 2011 वर्ल्ड कप की जीत के 10 साल पूरे होने पर बधाई भी दी.
साल 2011 में आज ही के दिन यानी दो अप्रैल को भारतीय क्रिकेट टीम ने वर्ल्ड कप के फ़ाइनल में श्रीलंका को हराकर जीत अपने नाम कर ली थी.
सचिन तेंदुलकर कुछ ही दिनों पहले कोरोना संक्रमित हुए थे.
पिछले कुछ वक़्त से भारत में कोरोना के मामले एक बार फिर तेज़ी से बढ़े हैं और महाराष्ट्र इस महामारी से सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्य है.
ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना अपडेट: 24 घंटे में 81 हज़ार से ज़्यादा मामले
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के
अनुसार, बीते 24 घंटे में भारत में कोरोना के 81 हज़ार 466 नये मामले दर्ज किये गए
हैं.
ताज़ा मामलों को शामिल किये जाने
के बाद, भारत में सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 6 लाख 14 हज़ार 696 हो गई है.
बताया गया है कि बीते 24 घंटे में
469 लोगों की कोविड-19 से मौत हुई है.
इसके साथ ही भारत में कोविड से
मरने वालों की संख्या बढ़कर एक लाख 63 हज़ार 396 हो गई है.
प्रतिदिन कोरोना के नये मामले सामने
आने की दर बीते एक सप्ताह में तेज़ी से बढ़ी है.
गुरुवार को भारत में 72 हज़ार से
ज़्यादा नये मामले सामने आये थे.
केंद्रीय मंत्रालय के अनुसार, अब तक कुल 1,15,25,039 लोगों ने बीमारी को मात दी है और 6,87,89,138 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है.
चीन ने बीबीसी का नाम लेकर विदेशी मीडिया को दी चेतावनी
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चीन की सरकार ने बीबीसी संवाददाता
जॉन सडवर्थ के चीन छोड़कर जाने के तरीक़े पर सवाल उठाया है.
शुक्रवार को चीनी विदेश मंत्रालय
की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि ‘जॉन सडवर्थ अनौपचारिक ढंग से देश
(चीन) छोड़कर चले गये, उन्होंने सक्षम प्राधिकारियों को इसकी सूचना नहीं दी, ना
औपचारिकताएं पूरी कीं.''
''अगर उन्हें इस बात की चिंता थी कि शिनजियांग प्रांत के लोग
उन पर केस कर देंगे, तो उन्हें यहाँ रहकर मुक़दमा लड़ना चाहिए था. ख़ासतौर पर तब,
जब वे यह दावा कर रहे हैं कि उन्होंने कोई फ़र्ज़ी रिपोर्ट नहीं दिखाई.''
बीबीसी ने 31 मार्च को यह जानकारी
दी थी कि संवाददाता जॉन सडवर्थ बीजिंग से ताइवान शिफ़्ट हो गये हैं.
बीबीसी की प्रेस टीम ने कहा था कि ‘चीन संवाददाता रहते हुए जॉन सडवर्थ ने जो
क़ाबिले-तारीफ़ काम किया, उस पर संस्थान को गर्व है. जॉन ने उन सच्चाईयों को चीन
से बाहर लाने का काम किया, जिन्हें चीनी प्रशासन दुनिया तक नहीं पहुँचने देना
चाहता था.’
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हुआ चुनयिंग ने कहा कि 'उन्हें (जॉन सडवर्थ) अगर अपनी सुरक्षा की चिंता थी, तो उन्हें पुलिस से संपर्क करना चाहिए था. पर उन्होंने भागने का निर्णय किया. क्यों? वो इतनी जल्दबाज़ी में चीन से क्यों चले गये? उन्हें किस बात का डर था? हमें इसकी एक ही वजह समझ आती है, वो है अपराधबोध-ग्रस्त होना.’
चीनी विदेश मंत्रालय ने बीबीसी पर कोविड-19 और शिनजियांग से जुड़ी ‘फ़र्ज़ी ख़बरें’ चलाने का आरोप लगाया है. प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने आरोप लगाया कि बीबीसी इरादेतन चीन को निशाना बना रहा है.
चीन की सरकार ने जॉन सडवर्थ का प्रेस कार्ड रद्द कर दिया है. साथ ही चीन में एक निवासी पत्रकार के उनके दर्जे को रद्द कर दिया गया है.
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चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा कि जॉन सडवर्थ ने चीन से जाने के बाद, जिस तरह चीन की कम्युनिस्ट पार्टी पर आरोप मढ़ने की कोशिश की, वो एक बढ़िया उदाहरण है कि कैसे तथ्यों से छेड़छाड़ कर दूसरों पर आरोप थोपे जाते हैं.
उन्होंने कहा, “चीन को आप पसंद करें या ना करें, लेकिन हम आपको अफ़वाहें फैलाने और चीन की साख पर धब्बा लगाने की अनुमति नहीं देंगे. हम दूसरे देशों से चीन में रिपोर्टिंग करने आये पत्रकारों को सुविधाएं देते रहे हैं, उनकी मदद करते रहे हैं.''
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''हम भविष्य में भी इसे जारी रखेंगे. लेकिन पश्चिमी मीडिया ने अगर आगे भी अपने काम में विचारधारा को तथ्यों से ऊपर रखना जारी रखा, तो इससे उनकी विश्वसनीयता को धक्का लगेगा, क्योंकि हम चीन के ख़िलाफ़ बनाये गए वैचारिक पूर्वाग्रहों का विरोध करते हैं.”
चीन में विदेशी पत्रकारों पर बोलते हुए हुआ चुनयिंग ने कहा, “अपने पेशे की नैतिकता बनाये रखिये. उसका उल्लंघन मत करिये. प्रेस की स्वतंत्रता के नाम पर हम फ़र्ज़ी ख़बरों और दुर्भावना के साथ चीन को घेरने की कोशिशों को सफल नहीं होने देंगे.”
COVER STORY: भारत में एक बार फिर क़हर बनता कोरोना
एम्स के डायरेक्टर ने कहा, कोरोना पर सख़्ती नहीं बरती तो फिर फँसेगा भारत
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इमेज कैप्शन, डॉक्टर रणदीप गुलेरिया
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान
(एम्स) के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने चेतावनी दी है कि अगर कोविड के ख़िलाफ़
पर्याप्त सख़्ताई नहीं बरती गई, तो भारत एक बार फिर विकट स्थिति में फंस सकता है.
उन्होंने कहा कि ‘नये मामलों में तेज़ी आने के बाद भी लोग मास्क नहीं लगा रहे और ना ही सामाजिक
दूरी का ध्यान रख रहे हैं.’
अक्तूबर 2020 के बाद, गुरुवार को
पहली बार भारत में एक दिन में कोरोना के 72 हज़ार से ज़्यादा नये मामलों की पुष्टि
हुई.
ताज़ा मामलों को बाद, भारत में
एक्टिव मामलों की संख्या बढ़कर 5.8 लाख से अधिक हो गई है.
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सबसे अधिक मामले महाराष्ट्र में दर्ज किये गए हैं, जहाँ एक दिन में 43,183 नये मामलों की पुष्टि हुई. अकेले महाराष्ट्र में अब तक कोविड-19 से 54,898 लोगों की मौत हो चुकी है.
महाराष्ट्र कोविड-19 कार्यबल के प्रमुख डॉक्टर संजय ओक ने कहा कि ‘कोरोना से संक्रमित एक मरीज़ अन्य 400 लोगों को संक्रमित कर सकता है, इसलिए मास्क, साफ़-सफ़ाई और सामाजिक दूरी का कोई विकल्प नहीं है.’
डॉक्टर ओक ने प्रेस से बात करते हुए कहा कि राज्य के कोविड-19 मरीज़ों में सर्दी-ज़ुकाम, हल्का बदन दर्द और चक्कर जैसे नये लक्षण देखने को मिले हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘बड़े पैमाने पर टीकाकरण करने में कुछ चुनौतियाँ हैं. हम घर-घर जाकर टीका लगाने की अनुमति चाहते हैं. राज्य सरकार इसे लागू करने को तैयार है, लेकिन केंद्र सरकार की अनुमति के बिना हम ऐसा नहीं कर सकते.’’
बताया गया है कि मुंबई में संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है. गुरुवार को वहाँ 8,600 से ज़्यादा नये मामले सामने आये जो इस साल, एक दिन में कोरोना के नये मामले सामने आने की सबसे बड़ी संख्या है.
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वहीं, दिल्ली में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 2790 नये मामले सामने आये. समाचार एजेंसी पीटीआई ने स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से बताया कि ये इस साल एक दिन में सामने आए केसों की सबसे बड़ी संख्या है.
अधिकारियों के मुताबिक़, दिल्ली में कोविड-19 से अब तक मरने वालों की कुल संख्या 11 हज़ार 36 हो गई है.
संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को एक बैठक बुलाई है जिसमें कार्य योजना तैयार की जाएगी.
दिल्ली सरकार ने सभी क्लास के बच्चों के स्कूल आने पर पाबंदी लगा दी है.
शिक्षा निदेशालय ने एक बयान जारी कहा कि नौवीं से 12वीं तक के बच्चों को सिर्फ़ अपने शिक्षकों से मिड-टर्म, प्री-बोर्ड या बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में कुछ सलाह लेने के लिए आने की अनुमति होगी.
इस बीच, आईआरसीटीसी ने कहा है कि ‘कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल के बीच चलने वाली तेजस एक्सप्रेस ट्रेन 2 अप्रैल से एक महीने के लिए बंद की जा रही है.’
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