केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने
कहा है कि भारत में कोरोना की वजह से स्थिति बद से बदतर हो रही है.
मंत्रालय के अनुसार, महाराष्ट्र,
पंजाब, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात में संक्रमण एक बार फिर बहुत
तेज़ी से बढ़ा है.
भारत में फ़िलहाल कोरोना संक्रमण
के जो नये मामले दर्ज किये जा रहे हैं, उनमें से क़रीब 78 फ़ीसदी मामले इन राज्यों
से हैं.
इसे देखते हुए, केंद्र सरकार ने
राज्यों से टीकाकरण के काम में तेज़ी लाने की अपील की है.
केंद्र सरकार ने कहा है कि जिन ज़िलों में कोरोना संक्रमण सबसे ज़्यादा तेज़ी से फैल रहा है, वहाँ 45 से अधिक उम्र के लोगों को कोविड वैक्सीन देने का काम अगले दो सप्ताह में पूरा किया जाये.
केंद्र सरकार 1 अप्रैल से टीकाकरण के तीसरे चरण की औपचारिक शुरुआत करने वाली है. इस चरण में 45 से अधिक उम्र वाले लोग कोविड वैक्सीन ले सकेंगे.
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, फ़िलहाल भारत में 45 ज़िले ऐसे हैं जहाँ से कोरोना के 70 फ़ीसद से ज़्यादा नये मामले सामने आ रहे हैं.
केंद्र सरकार के अनुसार, कोविड-19 की वजह से भारत में अब तक जो मौतें हुई हैं, उनमें क़रीब 90 फ़ीसद लोग 45 से अधिक उम्र वाले थे.
भारत में कोरोना वैक्सीन के वितरण के लिये बने एक्सपर्ट ग्रूप के चेयरमैन और नीति आयोग के सदस्य विनोद कुमार पाल ने कहा है कि पूरा देश आज एक बार फिर कोरोना वायरस के ख़तरे का सामना कर रहा है.
प्रेस से बात करते हुए मंगलवार को उन्होंने कहा, "बीते कुछ सप्ताह से देश में स्थिति बद से बदतर होती जा रही है. कुछ राज्यों में स्थिति तेज़ी से बिगड़ रही है. ट्रेंड दिखा रहे हैं कि वायरस अभी भी काफ़ी एक्टिव है और हमारे लिए बड़ा ख़तरा बन सकता है. ऐसे में इसे लेकर चिंता बढ़ रही है. एक्टिव केस कम हो गए थे, लेकिन ये फिर बढ़ रहे हैं. हमें इस बात का गर्व था कि हम कोरोना से होने वाली मौतों को कम कर सके हैं. हम उस स्तर तक पहुँच गए थे, जब देश में एक दिन में केवल 77 मौतें हो रही थीं. लेकिन अब इसमें कई गुना इजाफ़ा हो गया है. ये घातक वायरस अभी पूरी तरह ख़त्म नहीं हुआ है, यह अभी भी देश में है."
विनोद कुमार पाल ने कहा कि अभी भी कोरोना को लेकर सतर्क रहने की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा, "हमें यह याद रखना होगा कि अगर मामले बढ़े तो स्वास्थ्य व्यवस्था पर इसका भारी दवाब पड़ सकता है."
उन्होंने कहा कि हमें वैक्सीन मिल गई है लेकिन इसका मतलब ये नहीं होना चाहिए कि मास्क की अब ज़रूरत नहीं रही.
उन्होंने कहा, "हमें मास्क का इस्तेमाल करते रहना होगा और सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों का पालन करना होगा."
अब तक भारत में कोरोना संक्रमण के कारण 1 लाख 62 हज़ार से अधिक मौतें हो चुकी हैं.