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म्यांमार से आने वाले शरणार्थियों के लिए रिफ्यूजी कैंप न खोले जाएं: मणिपुर -आज की बड़ी ख़बरें

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मिज़ोरम, नागालैंड, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश को म्यांमार से आने वाले अवैध शरणार्थियों को आने से रोकने के लिए इंतज़ाम करने के लिए कहा था.

लाइव कवरेज

  1. पाकिस्तानी राष्ट्रपति कोरोना पॉज़िटिव पाए गए

    पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ़ अल्वी कोविड-19 पॉज़िटिव पाए गए हैं.

    सोमवार को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर बताया कि उन्होंने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज़ लेने के बाद उनका कोरोना ट्स्ट पॉज़िटिव आया है.

    उन्होंने कहा कि वैक्सीन की दूसरी डोज़ लेने के बाद ही कोरोना वायरस एंटीबॉडी बनना शुरू होती हैं और मुझे एक सप्ताह में दूसरी डोज़ लेनी थी.

    दक्षिण एशियाई देशों में हाल के दिनों में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. इस महीने की शुरूआत में कोरोना वैक्सीन का पहला डोज़ लेने के बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान ख़ान कोरोना पॉज़िटिव पाए गए थे.

    अधिकारियों का कहना था कि उन्हें संक्रमण संभवत: वैक्सीन की डोज़ लेने से पहले हुआ है.

  2. जो बाइडन की अपील, सभी लोग मास्क पहनें

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने देश के सभी राज्यों और शहरों के गवर्नरों और मेयरों से अपील की है कि वो लोगों से सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनने के लिए उत्साहित करें.

    कोरोना महामारी के संबंध में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि महामारी से अभी पूरी तरह निजात नहीं मिली है और लोगों के लिए मास्क पहनना ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि लोगों के लापरवाह व्यवहार के कारण देश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं.

    बाइडन ने कहा, “जब से मैंने राष्ट्रपति के तौर पर कार्यभार संभाला है तब से लेकर अब तक संक्रमण के मामलों में दो तिहाई कम हुए हो गए हैं. कोरोना से हो रही मौतें भी दो तिहाई कम हुई हैं. लेकिन हम अब लापरवाही नहीं कर सकते.”

    उन्होंने कहा, “मैं सभी गवर्नरों, मेयरों और स्थानीय नेताओं से कहना चाहता हूं कि वो मास्क पहनने को बाध्यकारी करें. इसमे राजनीति न देखें, लोगों के लिए और व्यवासयों के लिए मास्क पहनने को बाध्यकारी बनाएं. हम इस स्थिति को गंभीरता से नहीं ले थे और इसी कारण हमारे सामने मुश्किलें बढ़ती गई थीं.“

    “अगर हम अभी भी स्थिति को समझने से उनकार करेंगे तो हम अधिक ख़तरा मोल लेंगे और अधिक लोग महामारी का शिकार बनेंगे. सरकार अधिक से अधिक लोगों तक वैक्सीन पहुंचाने की पूरी कोशिश कर रही है और अपनी भूमिका अदा कर रही है. लेकिन अमेरिकी लोगों को चाहिए कि वो अपनी भूमिका अदा करें और मास्क पहनें. राष्ट्र के हित में ये सही है. इसी तरह हम आम ज़िंदगी की तरफ बढ़ सकेंगे.”

    इससे पहले सेंटर ऑफ़ डिज़ीज़ कंट्रोल और प्रीवेन्शन की निदेशक रोशेल वॉलसेन्सकी ने महामारी के फैलने को लेकर कहा था कि ये महामारी कयामत की तरह है.

    उन्होंने कहा, “हम लापरवाही करने के बारे में सोच नहीं सकते और अपनी सेहत के साथ किसी तरह का समझौता नहीं कर सकते. हमें विज्ञान पर भरोसा करना होगा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़े दिशानिर्देशों का पालन करना होगा. इसका मतलब है कि हमें मास्क पहनना होगा, मास्क जान बचा सकता है. हमें सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों का पालन करना होगा. और फिर जब हमारी बारी आएगी हमें वैक्सीन लगवानी होगी, हमें ये भी सुनिश्चित करना होगा कि हमाररे पूरे परिवार और पड़ोसियों को भी वैक्सीन मिले.”

    जॉन्स हॉप्किन्स युनिवर्सिटी डैशबोर्ड के अनुसार अमेरिका में अब तक संक्रमण के 3.02 करोड़ मामले दर्ज किए जा चुके हैं और अब तक यहां 549,664 लोगों की मौत हो चुकी है.

  3. कार्टून: बुरा न मनो होली है

    होली और वैक्सीनेशन पर आज का कार्टून

  4. महबूबा मुफ्ती का पासपोर्ट आवेदन खारिज

    जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का पासपोर्ट के लिए आवेदन पुलिस की नेगेटिव रिपोर्ट के कारण खारिज कर दिया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ पासपोर्ट ऑफ़िसर ने पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को ये जानकारी दी कि उनका आवेदन क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट की रिपोर्ट के आधार पर खारिज किया जा रहा है.

    केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर की सीआईडी ने महबूबा को पासपोर्ट न देने की सिफारिश की थी. हालांकि पासपोर्ट ऑफ़िसर ने ये भी लिखा है कि महबूबा चाहें तो इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ विदेश मंत्रालय की संबंधित विभाग में अपील कर सकती हैं.

    क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के इस फ़ैसले पर टिप्पणी करते हुए महबूबा ने कहा कि राज्य में जिस सामान्य स्थिति का दावा किया जा रहा है, इस निर्णय से उसके स्तर का पता चलता है.

    महबूबा ने ट्विटर पर लिखा, "पासपोर्ट ऑफ़िस ने सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर मुझे पासपोर्ट जारी करने से मना कर दिया. ये कहा गया कि ऐसा करने से देश की सुरक्षा को ख़तरा पहुंचेगा. पासपोर्ट रखने वाली एक पूर्व मुख्यमंत्री एक ताक़तवर मुल्क की संप्रभुता के लिए ख़तरा है, अगस्त, 2019 से कश्मीर में जिस सामान्य स्थिति का दावा किया जा रहा है, यही उसका स्तर है."

  5. म्यांमार से आने वाले शरणार्थियों के लिए रिफ़्यूजी कैंप न खोले जाएं: मणिपुर

    मणिपुर की राज्य सरकार ने अपने सीमावर्ती ज़िलों को ये निर्देश दिया है कि म्यांमार से आने वाले शरणार्थियों के लिए रिफ़्यूजी कैंप न खोले जाएं. बीबीसी के सहयोगी पत्रकार दिलीप कुमार शर्मा ने ये जानकारी दी.

    इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मिज़ोरम, नागालैंड, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश को म्यांमार से आने वाले अवैध शरणार्थियों को आने से रोकने के लिए इंतज़ाम करने को कहा था.

    12 मार्च को लिखी गई इस चिट्ठी में गृह मंत्रालय ने कहा था, "जैसा कि आपको पता है कि म्यांमार की मौजूदा आंतरिक परिस्थितियों के कारण भारत-म्यांमार सीमा से भारतीय क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध तरीक़े से लोगों के दाख़िल होने की संभावना है. इस संदर्भ में गृह मंत्रालय ने 25 फ़रवरी को पहले ही एक सर्कुलर जारी करके मिज़ोरम, नगालैंड, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिवों और भारत-म्यांमार सीमा पर तैनात बोर्डर गार्डिंग फ़ोर्स को अलर्ट रहने और भारतीय क्षेत्र में लोगों को आने से रोकने के लिए एडवाइज़री जारी की थी."

    गृह मंत्रालय ने ये भी कहा कि म्यांमार से लोग अवैध रूप से भारत आ रहे हैं और एजेंसियों को बाहरी लोगों की पहचान करने और उन्हें बिना देरी किए वापस म्यांमार भेजने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है.

    इस चिट्ठी में गृह मंत्रालय ने ये बात भी स्पष्ट की थी कि राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को किसी विदेशी व्यक्ति को शरणार्थी का दर्जा देने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि भारत ने यूनाइटेड नेशंस रिफ़्यूजी कन्वेंशन पर दस्तख़त नहीं किए हैं.

    म्यांमार में लोकतंत्र समर्थकों और सेना के बीच चल रहे संघर्ष के कारण पिछले दिनों बोर्डर के उस पार से भारत आने वाले शरणार्थियों की संख्या बढ़ गई है.

  6. पंजाब में भाजपा नेताओं की सुरक्षा पुलिस सुनिश्चित करे: राज्य सरकार

    पंजाब सरकार ने पुलिस आयुक्तों और ज़िला पुलिस के प्रमुखों को भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को उनके पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश दिया है.

    शनिवार को राज्य में एक भाजपा विधायक पर कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे किसानों के एक समूह ने कथित तौर पर हमला किया था.

    राज्य सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आदेश के मुताबिक़ इंडियन रिज़र्व बटालियन, पंजाब सशस्त्र पुलिस के जवानों को इस काम के लिए तैनात किया जा सकता है. ज़रूरत पड़ने पर कमांडो भी सुरक्षा ड्यूटी पर लगाए जा सकते हैं.

    अबोहर के भाजपा विधायक अरुण नारंग को मुक्तसर के मलौत में एक कार्यक्रम के दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की थी और उनके कपड़े फाड़ दिए थे. जिस समय ये घटना घटी, बीजेपी नेता मलौत में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करने वाले थे.

    अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) के दफ़्तर से रविवार को जारी किए गए आदेश में कहा गया है, "सभी उपायुक्तों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों को ये निर्देश दिया जाता है कि वे इस बात को निजी तौर पर सुनिश्चित करें कि राज्य में इस तरह की घटनाएं कहीं भी न हों."

    "तनाव के माहौल को देखते हुए जब भी आपके ज़िलों में भारतीय जनता पार्टी का ऐसा कोई कार्यक्रम हो, पुलिस कमिश्नर, डिप्टी पुलिस कमिश्नर, सीनियर सुप्रिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस क़ानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द और कार्यक्रम में शामिल होने वाले भाजपा नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे."

    मुक्तसर की घटना के बाद बीजेपी ने कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया है. पंजाब बीजेपी के कई नेता मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के आवास के बाहर धरने पर भी बैठे हैं.

    पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बाडनोरे ने भी इस घटना की आलोचना की है और राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार से इसकी रिपोर्ट तलब की है.

    पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को केंद्र सरकार के कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे किसानों की नाराज़गी का सामना करना पड़ रहा है. इन किसानों ने पहले भी कुछ मौकों पर भाजपा नेताओं के कार्यक्रमों का विरोध किया है.

  7. केरल में आरएसएस अब तक बीजेपी को चुनावी फ़ायदा क्यों नहीं पहुंचा पाई?

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ केरल में रोज़ 4,500 शाखाएं लगाती है जो भारत के किसी राज्य में इस संस्था की लगने वाली शाखाओं में सब से ज़्यादा है.

    साढ़े तीन करोड़ आबादी वाले इस राज्य में आरएसएस 80 साल से सक्रिय है. इसका वजूद लगभग हर मोहल्ले, गाँव और तालुका में है और इसकी सदस्यता लगातार बढ़ती रही है.

    इसके बावजूद इससे जुड़ी भारतीय जनता पार्टी को इसका कोई ख़ास चुनावी लाभ अब तक क्यों नहीं मिल सका है? ये सवाल मैंने बीजेपी, आरएसएस, निष्पक्ष बुद्धिजीवियों और संस्था की विचारधारा के विरोधियों से पूछा.

    मैं इसका जवाब खोजने के लिए कोच्चिन में संघ के राज्य मुख्यालय भी गया. आप ये पूछ सकते हैं कि बीजेपी की हार-जीत में आरएसएस की भूमिका को क्यों तलाश करें?

  8. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 29 मार्च 2021, सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली से

  9. होली का जश्न, किसानों से लेकर आम लोगों ने कैसे मनाया?

  10. अज़ीम मंसूरीः 26 साल, 3 फ़ुट के अज़ीम का निकाह कब होगा?

  11. होली के जश्न के बीच कोरोना ने डराया

  12. फ्रांस: 33 साल तक चलती रही धोखाधड़ी, दवा कंपनी पर लगा जुर्माना

    फ्रांस की एक दवा कंपनी को धोखाधड़ी और ग़ैरइरादतन हत्या के आरोप में दोषी पाया गया है. फ्रांस के इस हेल्थ स्कैंडल के केंद्र में वजन कम करने का दावा करने वाली दवा 'मीडिएटर' है.

    'मीडिएटर' के बारे में ये दवा कंपनी ने ये दावा किया था कि मधुमेह के वैसे मरीज़ जिनका वजन ज़्यादा है, इसका इस्तेमाल कर सकेंगे. ये दवा बाज़ार में 33 सालों तक बेची जाती रही.

    हालांकि बाद में ये बात सामने आई कि इसके इस्तेमाल से इंसान के दिल को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. इस विवाद के बाद आख़िरकार साल 2009 में ये दवा बाज़ार से हटा ली गई.

    माना जाता है कि सैंकड़ों लोगों की मौत इस दवा के सेवन की वजह से हो गई. इसके साइड इफेक्ट्स को लेकर कई बार चेतावनियां जारी की गईं लेकिन इसके बावजूद तकरीबन 50 लाख लोगों को डॉक्टरों ने ये दवा लिखी.

    आख़िरकार कंपनी के ख़िलाफ़ साल 2019 में मुकदमा शुरू हुआ, जिसमें हज़ारों की संख्या लोग पार्टी बने.

    हालांकि 'मीडिएटर' बनाने वाली फार्मा कंपनी सेरवियर इस दवा के किसी किस्म के साइड इफेक्ट के बारे में जानकारी होने से करती रही लेकिन सोमवार को एक अदालत ने कंपनी पर 32 लाख डॉलर का जुर्माना लगाया.

    जज सिल्वी डॉउनिस ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा, "हालांकि वे इस दवा के जोखिम के बारे में सालों से जानते थे.... लेकिन उन्होंने कभी भी ज़रूरी कदम नहीं उठाया."

    कंपनी के पूर्व डिप्टी चेयरमैन को कोर्ट ने चार साल क़ैद की सज़ा सुनाई है, हालांकि सज़ा पर अभी तामील नहीं होगी.

    फ्रांस में दवाओं का नियमन करने वाली सरकारी एजेंसी पर कोर्ट ने इस हेल्थ स्कैंडल में उसकी भूमिका के लिए तीन लाख यूरो का जुर्माना लगाया है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ जज ने कहा कि नियामक एजेंसी अपनी जिम्मेदारी पूरी करने में गंभीर रूप से नाकाम रही.

    फ्रांस की डॉक्टर इरीन फ्रैकों को इस बात का श्रेय दिया जाता है कि उन्होंने 'मीडिएटर' दवा के साइड इफेक्ट्स के बारे में दुनिया को बताया.

    सोमवार के फ़ैसले के बाद डॉक्टर इरीन फ्रैकों ने उम्मीद जताई कि इस फ़ैसले से हमें ये समझने में मदद मिलेगी कि ऐसी धोखाधड़ी कैसे सालों तक जारी रखी जाती है.

    इटली, स्पेन समेत यूरोपीय संघ के कई देशों ने 2000 के दशक की शुरुआत में इस दवा पर प्रतिबंध लगा दिया था. हालांकि फ्रांस ने मधुमेह रोगियों में भूख कम करने वाली दवा के तौर पर इसका इस्तेमाल जारी रखा गया.

    एक स्टडी में ये बात सामने आई कि 'मीडिएटर' के इस्तेमाल के कारण साल 1976 से साल 2009 के बीच 500 लोगों की जाने गईं. हालांकि एक दूसरी स्टडी में मरने वालों की संख्या दो हज़ार के करीब होने की बात कही गई थी.

  13. कोरोना संक्रमण के 68 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, आठ राज्यों में 84 फ़ीसदी केस

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 68,020 नए मामले रिपोर्ट हुए हैं जिनमें 84.5 फीसदी केस महज आठ राज्यों से हैं. इनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक और पंजाब जैसे राज्य शामिल हैं.

    दूसरी तरफ़, मंत्रालय ने ये जानकारी भी दी है कि इस बीच देश में अब तक छह करोड़ लोगों को कोरोना का टीका दिया जा चुका है.

    महाराष्ट्र में संक्रमण के नए मामले सबसे ज़्यादा रिपोर्ट हुए हैं. देश के सबसे ज़्यादा कोरोना प्रभावित इस राज्य में कल से आज के बीच 40,414 नए मामले दर्ज किए गए हैं.

    महाराष्ट्र के बाद कर्नाटक में 3082, पंजाब में 2870, मध्य प्रदेश में 2276, गुजरात में 2270, केरल में 2216, तमिलनाडु में 2194 और छत्तीसगढ़ में 2153 नए मामले रिपोर्ट किए गए हैं.

    कोरोना संक्रमण के कुल 68,020 नए मामलों में 84.5 फीसदी केस इन आठ राज्यों में दर्ज किए गए हैं.

    भारत में इस समय कोरोना संक्रमण के 521,808 सक्रिय मामले हैं और संक्रमण के कुल मामलों का ये 4.33 फीसदी है.

    पिछले दिन की तुलना में सोमवार तक सक्रिय मामलों की संख्या 35,498 बढ़ गई है. सरकार ने जानकारी दी है कि महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के कुल सक्रिय मामलों का 80.17 फीसदी केस हैं.

  14. अमित शाह, शरद पवार की मुलाक़ात का रहस्य और गहराया

    नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार और प्रफुल्ल पटेल के साथ मुलाक़ात को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान से ये रहस्य और गहरा गया है कि तीनों नेताओं में आख़िर मुलाक़ात हुई है या नहीं.

    इस ख़बर से महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल भी शुरू हो गई है.

    टाइम्स ऑफ़ इंडियामें छपी एक ख़बर के अनुसार कयास लगाए जा रहे थे कि अमित शाह ने अहमदाबाद में शरद पवार से मुलाक़ात की है. रविवार को अमित शाह ने मीडिया के सामने कहा था कि "सभी बातें बताना ज़रूरी नहीं है."

    उनके इस बयान के बाद तीनों नेताओं की मुलाक़ात की ख़बर को हवा मिलने लगी. हालांकि रविवार शाम को एनसीपी ने किसी तरह की बैठक से इनकार किया और कहा कि "ऐसी कोई बैठक नहीं हुई है, ये बीजेपी की साज़िश है."

  15. ओवैसी और योगी की रैली की तुलना: दोनों में क्या बुनियादी फ़र्क़ नज़र आता है?

    ''ममता कहती हैं कि मुसलमानों को उसने प्रोटेक्शन दिया, ये ममता हमें क्या प्रोटेक्शन देगी? हमें प्रोटेक्शन केवल अल्लाह ही दे सकता है. अल्लाह हमारे लिए काफ़ी है. वो हमें ग़द्दार कहती हैं. ममता दीदी तुमसे मुझे इज़्ज़त नहीं चाहिए. मुझे अल्लाह ने सब कुछ दिया है.''

    शनिवार (27 मार्च) को दोपहर बाद दो बजे पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले के सागरदीघि शहर के सुरेंद्र नारायण उच्च विद्यालय के मैदान में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने एक चुनावी जलसे को संबोधित करते हुए यह बात कही.

    ओवैसी की पश्चिम बंगाल में यह पहली रैली थी. अभी उन्होंने महज़ दो सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है.

    ''ममता दीदी के राज में दुर्गा पूजा होने से रोका जा रहा है. सरस्वती पूजा नहीं होने दी जा रही है. बांग्लादेश के घुसपैठियों का स्वागत किया जा रहा है. दो मई को जब प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनेगी तो आप सभी आराम से दुर्गा पूजा कर पाएंगे. ममता दीदी गोहत्या पर प्रतिबंध नहीं लगा सकती है क्योंकि उन्हें डर है कि उनका वोट बैंक ही खिसक जाएगा. ममता दीदी ने जय श्रीराम के नारे को प्रतिबंधित करने का प्रयास किया.''

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 मार्च को पश्चिम बंगाल में पश्चिमी मेदिनीपुर के चंद्रकोना शहर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए यह बात कही. योगी की इन बातों पर भीड़ जय श्री राम के नारे लगाती है तो ओवैसी की बातों पर भी भीड़ और हल्ला मचाती है.

  16. बंगाल चुनावः ओवैसी की रैली में आए नौजवान क्या बोले?

    पश्चिम बंगाल चुनावों में रैलियों का ज़ोर जारी है और हर पार्टी अपनी तरफ़ से कोशिश कर रही है. AIMIM भी इनमें से एक हैं और असदुद्दीन ओवैसी की रैली में ज़्यादातर युवा नज़र आते हैं.

    इनकी तादाद 95 फ़ीसदी तक होती है. इन युवाओं से बात कीजिए तो इनके भीतर की नाराज़गी साफ़ दिखती है. ये खुलकर बोलते हैं कि इनके साथ व्यवस्था भेदभाव कर रही है.

    ओवैसी के आने पर युवा नारा लगा रहे थे- 'देखो-देखो कौन आया, शेर आया, शेर आया.'

    30 साल के मोहम्मद हमज़ा भी नारा लगा रहे थे. उनसे पूछा कि आप ओवैसी को शेर क्यों कह रहे हैं? इसके जवाब में हमज़ा ने कहा, ''शेर को आप किसी जानवर की तरह मत देखें. संसद में मुसलमानों से भेदभाव करने वाले कई बिल पास हुए. भारत में ख़ुद को सेक्युलर कहने वाली कई पार्टियाँ हैं. लेकिन अगर किसी ने साहस और तर्क के साथ विरोध किया तो वो हमारे शेर ओवैसी साहब ही थे. इतने लोगों के बीच अगर कोई बंदा बोलने का साहस जुटा पा रहा है तो उसमें शेर वाला ही साहस है. हम इसीलिए शेर कहते हैं.''

  17. पारुल अरोड़ाः साड़ी पहनकर ऐसी पलटी आपने शायद ही देखी होगी

    साड़ी पहनकर ख़तरनाक तरीके से बैकफ्लिक मारना कोई आसान काम नहीं.

    लेकिन पारुल अरोड़ा ये स्टंट बहुत ही आसानी से कर देती हैं.

    वो घाघरा चोली पहनकर भी यह स्टंट कर देती हैं.

    हरियाणा में अम्बाला की रहने वाली पारुल आखिर ये सब कैसे कर लेती हैं?

  18. चीन और रूस की 'दोस्ती', भारत के लिए कितनी परेशानी?

    चीन और रूस ने क्षेत्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक नया मंच बनाने का प्रस्ताव रखा है. इसे 'क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद मंच' कहा गया है.

    ये प्रस्ताव दक्षिणी चीन के शहर गुइलिन में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और उनके रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोफ़ के बीच हुई बैठक के बाद आया है. बैठक में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय टकराव के लिए छोटे-छोटे समूह बनाने को लेकर अमेरिका पर हमला भी बोला. ये बैठक 19 मार्च को अमेरिका-चीन शिखर सम्मेलन और 12 मार्च को क्वाड के शिखर सम्मेलन के बाद हुई है.

    द क्वाड्रिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग (क्यूसिड) जिसे क्वाड (QUAD) के नाम से भी जाना जाता है, ये अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच अनौपचारिक राजनीतिक वार्ता समूह है. साल 2007 में जापान के प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे ने पहली बार इसका प्रस्ताव रखा था जिसे भारत, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया ने समर्थन दिया. इसके बाद इसी साल इनकी बैठक हुई थी.

    क्वाड की स्थापना के पीछे की वजह चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकना बताया जाता है. अमेरिका चीन को एक बढ़ती चुनौती के तौर पर देख रहा है. दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर से लेकर अंदरूनी मामलों में बयानबाज़ी कई बार खुले तौर पर सामने आई है.

    वहीं, ऑस्ट्रेलिया और जापान का भी दक्षिण चीन सागर में चीन के साथ टकराव है. भारत का चीन से सीमा विवाद बरसों पुराना है और हाल ही में दोनों देशों की सीमाएं लद्दाख में सीमा पर आमने-सामने मौजूद हैं. क्वाड सिक्योरिटी डायलॉग के ज़रिए चारों सदस्य देश, यानी भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान क्षेत्र में एक मंच पर साथ आये हैं.

  19. बांग्लादेश में मोदी के दौरे के बाद भी हिंसा जारी

    भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के बाद बांग्लादेश का ब्राह्मणबरिया रविवार को तीसरे दिन भी अशांत रहा. ब्राह्मणबरिया के स्थानीय अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि रविवार को दो और लोगों की मौत हुई है.

    बांग्लादेश में पिछले तीन दिनों से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 12 लोग मारे जा चुके हैं. देखिए यह रिपोर्ट.

  20. मोदी के दौरे पर बांग्लादेश में हुई हिंसा पर क्या बोले वहां के गृह मंत्री

    भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बांग्लादेश दौरे के ख़िलाफ़ प्रदर्शनों में हुई हिंसा पर वहां के गृह मंत्री असदुज़्ज़मां ख़ान ने नाराज़गी जताई है और कहा है कि "कुछ समूह धार्मिक उन्माद फैला रहे हैं और सरकारी संपत्ति और लोगों की जान का नुक़सान कर रहे हैं."

    उन्होंने रविवार को कहा कि हिंसा तुरंत रोकी जाए नहीं तो सरकार को कड़े क़दम उठाने होंगे.

    प्रधानमंत्री मोदी के दौरे के ख़िलाफ़ ब्राह्मणबरिया में रविवार को लगातार तीसरे दिन झड़पें हुईं.

    हिंसक प्रदर्शनों में अब तक कम से कम 12 लोगों की मौत हुई है.