मन की बात में कोरोना और खेती-किसानी पर बोले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के ज़रिए देशवासियों को संबोधित किया और इस कार्यक्रम के 75वें संस्करण को ‘सफल बनाने के लिए श्रोताओं का आभार’ व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि साल 2014 में विजयदशमी के दिन मन की बात कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी लेकिन ‘ऐसा लगता है कि ये कल की ही बात है.’
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दस हज़ार रन बनाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं मिताली राज को बधाई दी.
उन्होंने कहा, "दो दशकों से ज़्यादा के करियरमें मिताली राज जी ने हजारों-लाखों को प्रेरित किया है. उनके कठोर परिश्रम और सफलता की कहानी, न सिर्फ महिला क्रिकेटरों, बल्कि, पुरुष क्रिकेटरों के लिए भी एक प्रेरणा है."
मिताली राज ने ट्वीट कर प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद कहा है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये दिलचस्प है कि इसी मार्च महीने में, जब हम महिला दिवस मना रहे थे, तब कई महिला खिलाड़ियों ने पदकऔर रिकॉर्डअपने नाम किए.
प्रधानमंत्री ने कहा, ''पिछले साल मार्च का ही महीना था जब देश ने पहली बार जनता कर्फ्यू शब्द सुना था लेकिन इस महान देश की महान प्रजा की महाशक्ति का अनुभव देखिए, जनता कर्फ्यू पूरे विश्व के लिए एक अचरज बन गया था.''
उन्होंने कहा कि अनुशासन का ये अभूतपूर्व उदाहरण था और आने वाली पीढ़ियां इस एक बात को लेकर ज़रूर गर्व करेंगी.
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘'आपको अंदाज़ा नहीं है कि सम्मान, आदर, थाली बजाना, ताली बजाना और दिया जलाना कोरोना वॉरियर्स के दिल को कितना छू गया था. यही कारण है कि वो सालभर बिना थके, बिना रुके डटे रहे.’'
पीएम मोदी ने कार्यक्रम में कृषि क्षेत्र का भी ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, “कृषि के क्षेत्र में रोज़गार के नए अवसर पैदा करने के लिए, किसानों की आय बढ़ाने के लिए, परंपरागत कृषि के साथ ही, नए विकल्पों को, नए-नए इनोवेशनको, अपनाना भी, उतना ही ज़रूरी है.”
प्रधानमंत्री ने ऐसे वक़्त में ये कहा है जब बीते कई महीनों से केंद्र सरकार के कृषि क़ानूनों से नाराज़ हज़ारों किसान प्रदर्शन कर रहे हैं और क़ानून रद्द करने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर डटे हैं. हालांकि मोदी सरकार लगातार कहती रही है कि उनके क़ानूनों की मदद से किसानों की आय दोगुनी होगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने आख़िर में देशवासियों को आने वाले त्योहारों के लिए शुभकामनाएं दीं और कोरोना को गंभीरता से लेने का संदेश देते हुए कहा कि ये भी याद रखें-दवाई भी - कड़ाई भी.