श्रीलंका में सार्वजनिक जगहों पर बुर्के पर रोक मामले में सरकार ने दी सफ़ाई -आज की अहम ख़बरें
श्रीलंका में सार्वजनिक तौर पर बुर्का पहनने से रोक लगाने से जुड़ी ख़बरों पर सरकार ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि इस बारे में फिलहाल कोई फ़ैसला नहीं लिया गया है.
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वैक्सीन लगवाना कितना सुरक्षित, इस पर डॉ. नरेश त्रेहान क्या बोले?
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भारत में कोरोना वैक्सीन से बचाव के लिए वैक्सीन लगाई जा रही है. इस बीच कई लोग वैक्सीन लगवाने से घबरा भी रहे हैं.
कुछ देशों में एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन को लेकर चिंताएं भी जताई गई हैं. इन सब बातों से लोगों के मन में डर बैठ रहा है.
क्या यह वैक्सीन लगाना सुरक्षित है, और वैक्सीन लगाने से पहले लोगों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
इन तमाम मुद्दों पर डॉ. नरेश त्रेहान के साथ बात की बीबीसी संवाददाता सारिका सिंह ने.
बैंक हड़तालः सरकारी बैकों का निजीकरण क्यों कर रही है सरकार?
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देश के सबसे बड़े बैंक कर्मचारी संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने हड़ताल का आह्वान किया है.
फोरम में भारत के बैंक कर्मचारियों और अफसरों के नौ संगठन शामिल हैं.
हड़ताल की सबसे बड़ी वजह सरकार का एलान है कि वो आईडीबीआई बैंक के अलावा दो और सरकारी बैंकों का निजीकरण करने जा रही है. बैंक यूनियनें निजीकरण का विरोध कर रही हैं.
उनका कहना है कि जब सरकारी बैंकों को मज़बूत करके अर्थव्यवस्था में तेज़ी लाने की ज़िम्मेदारी सौंपने की ज़रूरत है उस वक़्त सरकार एकदम उलटे रास्ते पर चल रही है.
मंदिर में मुस्लिम युवक की पिटाई पर विदेशी मीडिया क्या बोला?
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उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद शहर में एक मंदिर से पानी पीने के लिए पीटे गये मुस्लिम लड़के की ख़बर को विदेशी मीडिया ने, ख़ासकर मुस्लिम देशों के मीडिया ने प्रमुखता से छापा है.
इस घटना की चर्चा ना सिर्फ़ भारतीय सोशल मीडिया में हुई, बल्कि अन्य देशों तक यह ख़बर पहुँची. देखिए यह रिपोर्ट.
राहुल गांधी ने हड़ताल कर रहे बैंक कर्मचारियों का समर्थन किया
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बैंकों के निजीकरण के ख़िलाफ़ जारी सरकारी बैंकों की दो दिवसीय हड़ताल का
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने समर्थन किया है.
उन्होंने कहा है कि सरकारी बैंकों को ‘क़रीबी दोस्तों’ को बेचना देश की वित्तीय सुरक्षा से समझौता करना है.
उन्होंने ट्वीट किया है कि भारत सरकार लाभ का निजीकरण और हानि का राष्ट्रीयकरण
कर रही है.
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राहुल गांधी ने लिखा, “सरकारी क्षेत्र के बैंकों को ‘मोदीक्रोनीज़’ को बेचना भारत की वित्तीय सुरक्षा
से खिलवाड़ करना है. मैं हड़ताल कर रहे बैंक कर्मचारियों के साथ एकजुटता के साथ
खड़ा हूं.”
आम बजट में दो सरकारी बैंकों के निजीकरण की घोषणा के बाद सरकारी बैंकों की नौ
यूनियन देश में सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल पर हैं.
चीन के वीज़ा के लिए भारतीयों को सामने रखी यह शर्त
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भारत में चीन के दूतावास ने बताया है कि वह 15 मार्च 2021 से चीन जाने के लिए भारत में लोगों को वीज़ा देने की प्रक्रिया
शुरू कर रहा है.
हालांकि, इसके लिए
उन्होंने चीन में निर्मित कोविड-19 वैक्सीन का टीकाकरण होना ज़रूरी बताया है.
चीनी दूतावास ने
बयान में कहा है कि चीनी दूतावास और वाणिज्य दूतावास में वे लोग वीज़ा प्रक्रिया
में शामिल हो सकते हैं जिन्होंने चीन में निर्मित कोविड-19 वैक्सीन ली हो और उनके
पास टीकाकरण का सर्टिफ़िकेट हो.
द हिंदू अख़बार के
चीन संवाददाता अनंत कृष्णन ने ट्वीट किया है कि चीन ने ऐसे देश में यह घोषणा की है
जहां पर चीनी वैक्सीन उपलब्ध नहीं है.
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इसके साथ ही चीनी
दूतावास ने बताया है कि जो लोग और उनका परिवार चीन जाना चाहते हैं वे कोरोना
महामारी से पहले के हालात की तरह ही वैध दस्तावेज़ों के साथ वीज़ा के लिए आवेदन
करें.
जो विदेशी लोग
भारत से चीन जाएंगे उन्हें यात्रा से पहले इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ डिक्लेरेशन भी जमा
करना होगा. इसके बाद चीन पहुंचने पर स्थानीय प्रशासन के दिशानिर्देशों के अनुसार
ख़ुद को क्वारंटीन भी करना होगा.
सिंघु बॉर्डर पर अब कैसे चल रहा है किसान आंदोलन?
श्रीलंका में बुर्क़ा बैन के फ़ैसले पर पाकिस्तान ने जतायी आपत्ति
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श्रीलंका ने 14 मार्च को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए सार्वजनिक स्थानों पर बुर्क़ा पहनने और चेहरा ढँकने वाले पहनावों पर प्रतिबंध लगा दिया था.
श्रीलंका के जन सुरक्षा मंत्री सरथ वीरासेकारा ने बीबीसी से कहा था कि उन्होंने इसे लेकर कैबिनेट आदेश पर हस्ताक्षर कर दिया है और अब संसद की मंज़ूरी की ज़रूरत है.
श्रीलंका के इस फ़ैसले पर पाकिस्तान ने आपत्ति जताई है. श्रीलंका में पाकिस्तान के उच्चायुक्त साद खट्टक ने बीबीसी की ख़बर को ट्वीट करते हुए लिखा है, ''श्रीलंका में निक़ाब पर प्रतिबंध से श्रीलंका के आम मुसलमानों और पूरी दुनिया के मुसलमानों की भावनाएं आहत होंगी.''
''एक तो पहले से महामारी के कारण श्रीलंका आर्थिक मुश्किलों का सामना कर रहा है दूसरी तरफ़ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छवि को लेकर भी घेरे में है. ऐसे में आर्थिक मुश्किलों के अलावा सुरक्षा के नाम पर इस विभाजनकारी क़दम से श्रीलंका में अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों को लेकर उठ रहे सवाल और मज़बूत होंगे.''
पिछले महीने ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने श्रीलंका का दौरा किया था. इस दौरे से पहले इमरान ख़ान ने श्रीलंका की सरकार के उस फ़ैसले का स्वागत किया था जिसके तहत कोविड से मरने वालों मुसलमानों के शवों को दफ़्न करने की अनुमति दे दी गई थी.
श्रीलंका में कोविड से होने वाली मौत के बाद मुसलमानों को भी शव जलाने पर मजबूर किया जा रहा था.
बुर्क़े बैन को लेकर पाकिस्तान के लोग इमरान ख़ान के दौरे को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं.
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किसान प्रदर्शन: 50 दिनों बाद ग़ाज़ियाबाद के लिए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे खुला
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर ग़ाज़ियाबाद
से दिल्ली के बीच की सड़क सोमवार से वाहनों के लिए खोल दी गई.
पुलिस का कहना है कि 26 जनवरी को हिंसा
की घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने इस सड़क को बंद कर दिया था.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का कहना है कि
ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर क़ानून-व्यवस्था की स्थिति देखने के बाद जनता की सुविधा को
देखते हुए ग़ाज़ियाबाद ज़िले की पुलिस के साथ चर्चा के बाद एनएच-24 पर दिल्ली से
ग़ाज़ियाबाद जाने वाले रास्ते को खोल दिया गया है.
हालांकि, दिल्ली से ग़ाज़ियाबाद जाने के
लिए अभी भी सड़क बंद है क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने सड़क को घेर रखा है.
दिल्ली ट्रैफ़िक पुलिस ने सोमवार को
ट्वीट करके बताया था कि ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर ग़ाज़ियाबाद से दिल्ली आने वाला
रास्ता बंद है. इसके अलावा सिंघु बॉर्डर ढांसा बॉर्डर, मंगेशपुर बॉर्डर, हरेवली
बॉर्डर और टीकरी बॉर्डर भी बंद है.
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29 वर्षीय सचिन रावत नोएडा में काम करते
हैं उनका कहना है कि अब उन्हें दफ़्तर पहुंचने में कम समय लगेगा.
वो कहते हैं, “जब यह सड़क बंद थी तब मुझे नोएडा जाने के लिए
इंदिरापुरम होकर जाना पड़ता था. अब मेरी यात्रा के समय पर ख़ास फ़र्क़ नहीं पड़ेगा
लेकिन एनएच-24 काफ़ी सुविधाजनक है.”
दो मार्च को रास्ता
वाहनों के लिए खोला गया था लेकिन इसे फिर बंद कर दिया गया था.
ग़ाज़ीपुर बॉर्डर किसानों का फ्रमुख स्थल
है लेकिन यह कुछ समय के लिए ट्रैफ़िक के लिए पूरी तरह बंद रहा है. वहीं, टीकरी और
सिंघु बॉर्डर वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद है.
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