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किसान आंदोलन का पश्चिम बंगाल चुनाव पर असर नहीं होगा: अमित शाह

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने दावा किया कि इस बार बीजेपी दो सौ से अधिक सीटें जीतकर राज्य में सरकार बनाएगी.

लाइव कवरेज

  1. ममता बनर्जी के चुनावी कार्यक्रम में फेरबदल, पार्टी का चुनावी घोषणा-पत्र अब 17 मार्च को

    प्रभाकर मणि तिवारी

    कोलकाता (पश्चिम बंगाल) से, बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के लिए

    तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनावी कार्यक्रम में फेरबदल किया गया है.

    अब नंदीग्राम दिवस के मौक़े पर रविवार को कोलकाता में अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में निकली रैली को संबोधित करने के बाद वे दुर्गापुर रवाना हो जाएँगी. पहले उनको सोमवार को झाड़ग्राम से दौरे की शुरुआत करनी थी.

    पार्टी का चुनावी घोषणापत्र भी अब आज नहीं, बल्कि 17 मार्च को जारी किया जाएगा.

    टीएणसी के एक नेता ने बताया कि दुर्गापुर से सोमवार को पुरुलिया ज़िले के झालदा और बलरामपुर में दो रैलियों को संबोधित करने के बाद ममता अगले दिन यानी मंगलवार को बांकुड़ा ज़िले के मेजिया, छातना और राईपुर में जनसभाएं करेंगी.

    बुधवार को कोलकाता लौटने से पहले झाड़ग्राम में उनकी दो रैलियाँ आयोजित की जाएँगी.

    वहाँ से लौटकर वे शाम को पार्टी का चुनावी घोषणा-पत्र जारी करेंगी.

    उसके बाद, अगले ही दिन वे पश्चिम मेदिनीपुर के दौरे पर रवाना हो जाएँगी.

    डाक्टरों ने ममता को व्हीलचेयर पर बैठकर सड़क मार्ग या हेलीकाप्टर से लंबे समय तक सफ़र नहीं करने की सलाह दी है.

    इसलिए उनका कार्यक्रम इस तरह बनाया गया है कि लगातार लंबी यात्रा नहीं करनी पड़े. इसी वजह से आज रात दुर्गापुर पहुँच कर आराम करने के बाद वे वहाँ से अगले दिन पुरुलिया जाएँगी.

    ममता के घायल होकर अस्पताल में रहने के दौरान कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी ने उनको एसएमएस भेजकर शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की थी. ममता ने दोनों को धन्यवाद देते हुए उनके एसएमएस का जवाब दे दिया है.

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, अयोध्या: महंत नृत्यगोपालदास के एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

    समीरात्मज मिश्र

    लखनऊ (उत्तर प्रदेश) से, बीबीसी हिन्दी के लिए

    अयोध्या में महंत नृत्यगोपालदास के एक शिष्य की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई.

    शनिवार को आश्रम में उनका शव मिला. गले पर धारदार हथियार से हमला हुआ है. पुलिस का कहना है कि उन्होंने आत्महत्या की है लेकिन दूसरे संत हत्या की आशंका जता रहे हैं.

    पुलिस का कहना है कि साधु डिप्रेशन में थे. गुजरात के सूरत में उनका एक मंदिर था जिसे सड़क चौड़ी करते समय तोड़ दिया गया था. इस वजह से परेशान रहते थे.

  3. सऊदी अरब के कफ़ाला सिस्टम में आज से बदलाव लागू

    सऊदी अरब ने पिछले साल नवंबर में जिस ‘कफ़ाला स्पॉन्सरशिप सिस्टम’ का वादा किया था, वह रविवार को आधिकारिक रूप से लागू हो गया है.

    इससे मज़दूरों के जीवन पर नौकरी देने वाले व्यक्ति या कंपनी का नियंत्रण कम हो जायेगा. माना जाता है कि इस बदलाव का असर क़रीब एक करोड़ विदेशी मज़दूरों के जीवन पर पड़ सकता है.

    इन सुधारों के बाद, अब निजी सेक्टर में काम कर रहे मज़दूर अपने मालिक की मर्ज़ी के बिना नौकरी बदल सकेंगे और देश छोड़कर जा सकेंगे.

    इन सुधारों का वादा करते समय, सऊदी अरब की सरकार ने कहा था कि ‘उसकी कोशिश है कि मज़दूरों की क्षमता बढ़ाई जाये और काम करने के माहौल को और बेहतर बनाया जाये.’

    कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सरकार के इस क़दम का स्वागत करते हुए, यह चेतावनी भी दी है कि कफ़ाला सिस्टम के कुछ हिस्से बरकरार रखे गये हैं जबकि इसे पूरी तरह ख़त्म किया जाना चाहिए था.

    सऊदी अरब के मानव संसाधन मंत्रालय ने कहा है कि ‘ये बदलाव उन सभी पर लागू होंगे, जो निजी सेक्टर में काम करते हैं.’

    कफ़ाला सिस्टम में बदलाव के बाद अब सऊदी अरब में काम करने वाले विदेशी मज़दूरों को नौकरी छोड़ने के लिए या फिर बदलने के लिए अपने एम्प्लॉयर (नौकरी देने वाले) की इजाज़त की ज़रूरत नहीं होगी.

    साथ ही उन्हें अपने एम्प्लॉयर की अनुमति के बिना देश के बाहर जाने की इजाज़त होगी. मज़दूर सीधे तौर पर सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे. उनके एम्प्लॉयर्स के साथ उनका जो भी सर्विस कॉन्ट्रैक्ट होगा, उसे ऑनलाइन रखा जाएगा.

    कफ़ाला सिस्टम में बदलाव के बाद अब सऊदी अरब में काम करने वाले विदेशी मज़दूरों को नौकरी छोड़ने के लिए या फिर बदलने के लिए अपने एम्प्लॉयर की इजाज़त की ज़रूरत नहीं होगी. साथ ही उन्हें बिना अपने एम्प्लॉयर की अनुमति देश के बाहर जाने की इजाज़त होगी.

    मज़दूर सीधे तौर पर सरकारी सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे. उनके एम्प्लॉयर्स के साथ उनका जो भी सर्विस कॉन्ट्रैक्ट होगा, उसे ऑनलाइन रखा जाएगा.

    सऊदी अरब के मानव संसाधन मंत्रायल के उप मंत्री अब्दुल्लाह बिन नसीर अबुथुनायन ने संवाददाताओं से कहा था, "हम देश में एक बेहतर श्रम बाज़ार बनाना चाहते हैं और साथ ही मज़दूरों के लिए काम के माहौल को भी बेहतर बनाना चाहते हैं."

    उन्होंने कहा था कि श्रम क़ानूनों में इन बदलावों से विज़न 2030 के उद्देश्यों को हासिल करने में मदद मिलेगी. विज़न 2030 के तहत सऊदी अरब तेल पर अपनी निर्भरता कम कर दूसरे क्षेत्रों में भी आगे बढ़ना चाहता है.

  4. नमस्कार!

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