कोलकाता में पूर्व रेलवे के दफ़्तर में आग, सात लोगों की मौत

कोलकाता में सोमवार रात को पूर्व रेलवे के न्यू कोलाघाट दफ़्तर में लगी भयावह आग से जल कर कम से कम सात लोगों की मौत हो गई है.

लाइव कवरेज

  1. रेप पीड़िता से शादी वाली टिप्पणी पर बोले मुख्य न्यायाधीश बोबडे

  2. सऊदी अरब में हमलों के बाद कच्चे तेल के दाम 70 डॉलर के पार

    तेल

    इमेज स्रोत, Getty Images

    सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर कथित हमलों की रिपोर्ट के बाद सोमवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं जबकि अमेरिकी कच्चे तेल के दाम बीते दो सालों में सबसे अधिक ऊंचाई पर पहुंचे हैं.

    कच्चे तेल के दामों में इतना उछाल कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद पहली बार हुआ है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, शुरुआती एशियाई व्यापार के दौरान मई के लिए ब्रेंट क्रूड के दाम 71.38 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचे हैं जो 8 जनवरी 2020 के बाद सबसे अधिक है.

    यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल उद्योग केंद्र पर रविवार को कथित तौर पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए थे.

    इसमें रास तनूरा के महत्वपूर्ण सऊदी आरामको के तेल के कुओं को भी निशाना बनाने की बात कही जा रही है. सऊदी अरब ने इसे नाकामयाब हमला बताया है.

    विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के लगातार होते हमलों के बाद तेल बाज़ार में जल्द ही और उछाल देखने को मिल सकता है.

    ग़ौरतलब है कि 4 मार्च को सऊदी अरब के जेद्दाह में हमले की घटना के बाद यह दूसरा मामला है.

    ओपेक और उसके सहयोगियों के उत्पादन में कटौती के फ़ैसले के बाद ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई कच्चे तेलों में यह लगातार चौथी बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

    वहीं चीन के कच्चे तेल की मांग में साल 2021 के शुरुआती दो महीनों में बीते साल की तुलना में 4.1 फ़ीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. चीन दुनिया का सबसे अधिक तेल आयात करने वाला देश है.

    चीन ने अपनी रिफ़ाइनिंग क्षमता को बढ़ाया है और उसकी तेल की मांग लगातार बढ़ रही है.

    कच्चे तेल के दामों में उछाल के बावजूद सऊदी अरब के तेल मंत्री को संदेह है कि तेल की मांग में आई कमी जल्द पूरी हो पाएगी.

  3. पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती क़ीमत पर राज्यसभा में ज़ोरदार विरोध

    खड़गे

    इमेज स्रोत, ANI

    संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत सोमवार को हंगामे के साथ शुरू हुई है. विपक्षी पार्टियों ने सदन में पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दाम पर चर्चा की मांग की है लेकिन सभापति एम. वेंकैया नायडू ने इससे इनकार कर दिया है.

    राज्यसभा की कार्यवाही लगातार दूसरी बार दोपहर 1 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.

    इससे पहले कार्यवाही को 11 बजे तक के लिए स्थगित किया गया था और जब फिर सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष पेट्रोल-डीज़ल की बढ़ती क़ीमत और महंगाई पर चर्चा की मांग को लेकर अड़ गया.

    मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कांग्रेस सांसदों ने बढ़ते तेल के दामों के ख़िलाफ़ सदन में नारे लगाए.

    विपक्ष के नेता खड़गे ने बढ़े तेल के दामों का हवाला देते हुए कहा, “पेट्रोल और डीज़ल के दाम तक़रीबन 100 रुपये प्रति लीटर और 80 रुपये प्रति लीटर पहुंच चुके हैं. एलपीजी के दाम भी बढ़े हैं.”

    उन्होंने आरोप लगाया कि एक्साइज़ ड्यूटी/सेस के ज़रिए पूरे राष्ट्र से 21 लाख करोड़ रुपये इकट्ठा किए गए हैं और इनमें किसान भी शामिल हैं और हर कोई पीड़ित है.

    उनके इस बयान के बाद उच्च सदन के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने कहा, “मैं पहले दिन ही कोई कठोर क़दम उठाना नहीं चाहता हूं.”

    11 बजे के बाद जब दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष ने फिर एक बार चर्चा के लिए हंगामा किया.

    इस पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा, ‘’आपको पता है कि सभापति जो कह चुके हैं, वह नहीं बदलेगा. इस पर आज चर्चा नहीं हो सकती.‘’

    इसके बाद कार्यवाही एक बजे तक स्थगित कर दी गई.

    बीते महीने से तेल के दामों में बढ़ोतरी जारी है जिसका विपक्ष विरोध कर रहा है. देश के कई शहरों में पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं.

    सोमवार को दिल्ली में पेट्रोल की क़ीमत 91.17 रुपये प्रति लीटर, नोएडा में 89.38 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 97.57 रुपये प्रति लीटर थी.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    छोड़िए YouTube पोस्ट
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त

  4. किसान आंदोलनः महिला दिवस पर कमान संभालती महिलाएं

    दिल्ली से सटे सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलन की कमान आज महिलाओं के हाथ में है, ज़्यादा जानकारी के साथ बीबीसी संवाददाता सलमान रावी.

    छोड़िए YouTube पोस्ट
    Google YouTube सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में Google YouTube से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले Google YouTube cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. YouTube सामग्री में विज्ञापन हो सकते हैं.

    पोस्ट YouTube समाप्त

  5. तमिलनाडु चुनावः स्टालिन का वादा- हर गृहणी को 1000 रुपए प्रति माह मिलेगा

    स्टालिन

    इमेज स्रोत, Getty Images

    तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए एक प्रचार अभियान में डीएमके नेता एमके स्टालिन ने रविवार को बड़ा ऐलान किए करते हुए कहा कि अगर डीएमके सत्ता में आती है तो उनकी सरकार हर राशन कार्ड धारक गृहणियों को 1000 रुपया प्रति माह देगी.

    इसके अलावा राज्य की अर्थव्यवस्था को अगले 10 सालों में दोगुना करने का लक्ष्य भी जनता के सामने उन्होंने पेश किया.इसके साथ ही उन्होंने 10 लाख नौकरियां पैदा करने का वादा भी किया.

    उन्होंने कहा, ‘’अगर हम अर्थव्यवस्था का आकार दोगुना करने में सफल रहे तो यह 35 लाख करोड़ की हो जाएगी और प्रति व्यक्ति औसत आय चार लाख रुपया प्रति महीना हो जाएगी. इसके साथ ही हर साल 10 लाख नौकरियां पैदा की जाएंगी और आने वाले 10 सालों में एक करोड़ लोगों को ग़रीबी रेखा से बाहर निकाल लाएंगे.’’

    उन्होंने ये भी कहा कि तमिलनाडु देश का पहला ऐसा राज्य होगा,जहां कोई ग़रीब नहीं होगा.

  6. मनोहर लाल खट्टर क्या अविश्वास प्रस्ताव जीत पाएंगे? बीजेपी की चिंता

    हरियाणा

    इमेज स्रोत, Getty Images

    किसान आंदोलन के नेताओं ने हरियाणा की जनता से अपील की है कि वे अपने विधायकों पर दवाब बनाएँ ताकि वे राज्य की बीजेपी-जेजेपी गठबंधन सरकार के ख़िलाफ़ 10 मार्च को सदन में लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में वोट करें.

    राज्य में विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन ही मनोहर लाल खट्टर सरकार के खिलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की थी. विधानसभा स्पीकर ने 10 मार्च को इस प्रस्ताव पर चर्चा को मंज़ूरी दे दी है.

    हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, ‘‘अविश्वास प्रस्ताव से लोगों को पता चल जाएगा कि कौन विधायक सरकार के साथ खड़ा है और कौन किसानों के साथ खड़ा है.’’

    अकाली और किसान नेताओं की की अपील

    हरियाणा की जनता से की गई एक सार्वजनिक अपील में संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि राज्य सरकार केंद्र के साथ मिल कर तीन कृषि क़ानूनों पर किसानों के ख़िलाफ़ गोलबंदी कर रही है ताकि इस आंदोलन को कमज़ोर किया जा सके.

    ऑल इंडिया किसान-सभा हरियाणा के उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा, ‘’जननायक जनता पार्टी और निर्दलीय विधायकों को विशेष रूप से संपर्क किया जाएगा और सरकार के ख़िलाफ़ प्रस्ताव के समर्थन में वोट करने के लिए कहा जाएगा. लोगों की रोज़ी-रोटी दाँव पर है. अगर इस महत्वपूर्ण समय में वे हमारे साथ खड़े नहीं होंगे तो लोग उन्हें कभी माफ़ नहीं करेंगे.‘’

    शिरोमणि अकाली दल ने आम लोगों के बीच एक चिट्ठी बाँटी है ये एक मॉडल लेटर है जिसे लोगों से अपने प्रतिनिधियों को भेजने के लिए कहा गया हैं.

    इसमे कहा गया है-‘’बीजेपी-जेजेपी गठबंधन ने अब तक अपने किसान-विरोधी और जन-विरोधी रवैये का कई तरीकों से प्रदर्शन किया है. हरियाणा सरकार तीन क़ानूनों और एमएसपी गारंटी को लेकर चल रहे आंदोलन के प्रति असंवेदनशीलता का रवैया अपना रही है, इसे लेकर जनता का ग़ुस्सा बढ़ता जा रहा है.‘’

    ‘’एक इकलौता ऐसा तरीक़ा है जिससे जन-विरोधी सरकार को एक ज़रूरी पाठ पढ़ाया जा सकता है, अगर आप सरकार का समर्थन करते हैं तो जनता आपको इस चुनाव क्षेत्र में सबक़ सिखाएगी.‘’

    90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा में 40 सीटें बीजेपी और 10 सीटें जेजेपी के पास हैं. सात सीटें निर्दलीय विधायकों के खाते में हैं.

    मनोहर लाल खट्टर

    इमेज स्रोत, Getty Images

  7. बीबीसी हिन्दी के इस लाइव पेज पर आपका स्वागत है. हम यहाँ दिनभर देश-दुनिया से जुड़े बड़े और ज़रूरी अपडेट्स से आपको अवगत कराएंगे. पिछले 24 घंटों के अपडेट्स के लिए यहाँ क्लिक करें.