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क्या साइबर अटैक का नतीजा था 12 अक्तूबर को मुंबई में हुआ पावर कट?

भारत और चीन के बीच तनावपूर्ण रिश्तों के बीच एक अमेरिकी कंपनी ने कहा है कि चीनी सरकार से जुड़े एक समूह के हैकर्स ने मालवेयर के ज़रिए भारत के महत्वपूर्ण पावर ग्रिड को निशाना बनाया था.

लाइव कवरेज

  1. जावेद अख्तर की मानहानि के मामले में कंगना के ख़िलाफ़ वॉरंट

    गीतकार जावेद अख्तर की मानहानि की शिकायत पर मुंबई की एक अदालत ने सोमवार को अभिनेत्री कंगना रनौत के ख़िलाफ़ जमानती वॉरंट जारी किया है.

    अंधेरी महानगर मजिस्ट्रेट की अदालत ने पहली फ़रवरी को कंगना को एक समन जारी किया था जिसमें उन्हें 01 मार्च को पेश होने का आदेश दिया गया था. लेकिन कंगना सोमवार को अदालत में पेश नहीं हुईं और इसके बाद मजिस्ट्रेट आर आर ख़ान ने उनके ख़िलाफ़ जमानती वॉरंट जारी किया.

    कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी ने अदालत में तर्क दिया कि उनके मुवक्किल के ख़िलाफ़ जो समन जारी किया गया था वो क़ानून के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं के पालन के बगैर किए गए थे, लिहाजा ये 'क़ानून सम्मत' नहीं थे.

    उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रेट ने जिन प्रक्रियाओं का अनुसरण किया उसे चुनौती देते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की जाएगी.

    हालाँकि, जावेद अख्तर की वकील वृंदा ग्रोवर ने तर्क दिया कि भले ही इस प्रक्रिया को चुनौती दी जा रही हो, लेकिन हाई कोर्ट ने अगर समन पर स्टे नहीं लगाया, तो ऐसी स्थिति में कंगना को निर्देश के अनुसार अदालत में पेश होना ही पड़ेगा.

    क्या है मामला?

    बीते महीने मुंबई पुलिस ने अदालत में एक रिपोर्ट में बताया कि कंगना के ख़िलाफ़ मानहानि का दावा किया गया है. ये शिकायत जावेद अख्तर ने बीते वर्ष नवंबर में दर्ज की थी. इसमें उन्होंने शिकायत की थी कि कंगना ने उनके ख़िलाफ़ आधारहीन ग़लतबयानी की है जो, उनके अनुसार, उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाती है.

    अपनी शिकायत में, उन्होंने दावा किया था कि कंगना ने बीते वर्ष जून में अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद बॉलीवुड में मौजूद "कोटरी" का हवाला देते हुए एक इंटरव्यू में उनके ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणी की थी. जावेद अख्तर ने अपनी याचिका में दावा किया कि कंगना की उन बेबुनियाद टिप्पणियों ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाया है.

    अब इस मामले में अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी.

  2. नीतीश कुमार ने ली कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक, कहा- पूरे बिहार में निशुल्क मिलेगा टीका

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक ली.

    उन्होंने कहा कि कोरोना का टीका पूरे बिहार में निशुल्क दिया जाएगा.

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का टीका निजी अस्पतालों में भी दिया जाएगा और इसका खर्च राज्य सरकार वहन करेगी.

    पटना में मौजूद स्थानीय पत्रकार नीरज प्रियदर्शी ने बताया कि आज नीतीश कुमार का जन्मदिन भी है, जिसे पार्टी के कार्यकर्ता विकास दिवस के रूप में मना रहे हैं.

    सोमवार से देश भर में आम लोगों को कोरोना वैक्सीन देने की प्रक्रिया की शुरू कर दी गई है.

  3. डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, 'अब ख़त्म होना चाहिए वैक्सीन के प्रति दुष्प्रचार'

    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कोरोना वायरस से बचाव का टीका लगवाने पर पीएम मोदी की सराहना की.

    उन्होंने कहा, “मैं शुरू से कह रहा था कि जहां तक इम्यूनोजेनेसिटी का संबंध है, दोनों टीके सुरक्षित हैं. हम प्रधानमंत्री मोदी के शुक्रगुज़ार हैं. उन्होंने हमेशा कहा है कि आपको मिसाल पेश करके नेतृत्व करना चाहिए. जब 60 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण शुरू हुआ तो सबसे पहले उन्होंने टीकाकरण करवाया है.

    उन्होंने कोवैक्सिन ली जिसके ख़िलाफ़, वैज्ञानिक रूप से सटीक होने के बावजूद काफ़ी, दुष्प्रचार किया गया. मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री ने देश को स्पष्ट संदेश दिया है. अब हर तरह का दुष्प्रचार और हिचकिचाहट को ख़त्म कर देना चाहिए.”

  4. म्यांमार तख़्तापलट के बाद पहली बार नज़र आईं आंग सान सू ची

    म्यांमार में बीती एक फरवरी को हुए तख़्तापलट के बाद से नज़रबंद आंग सान सू ची सोमवार को पहली बार अपने वकीलों को नज़र आईं.

    सू ची के वकीलों ने बताया है कि उन्हें एक वीडियो लिंक के माध्यम से अदालत में पेश किया गया है, उनकी सेहत अच्छी दिखाई पड़ रही थी और उन्होंने अपने वकीलों को देखने की माँग की थी.

    सेना ने तख़्तापलट के बाद से सू ची को एक अज्ञात स्थान पर नज़रबंद करके रखा हुआ है.

    रविवार रहा सबसे घातक दिन

    म्यांमार में पिछले कई हफ़्तों से सैन्य शासन विरोधी प्रदर्शन जारी हैं. लेकिन पिछला रविवार अपेक्षाकृत रूप से सबसे ज़्यादा घातक रहा.

    रविवार को पुलिसकर्मियों की ओर से प्रदर्शनकारियों पर असली गोलियां चलाई गईं जिससे अलग - अलग जगहों पर 18 लोगों की मौत हो गई है. इसके साथ ही कई लोग गंभीर रूप से जख़्मी हुए हैं.

    हालांकि, सोमवार की सुबह म्यांमार की सड़कों पर प्रदर्शनकारी एक बार फिर नज़र आए और उन्होंने आंग सान सू ची को रिहा करने और सरकार पुनर्स्थापित करने की माँग की.

    म्यांमार की सेना का कहना है कि उसने सत्ता अपने हाथ में ली है क्योंकि पिछले चुनाव में कथित रूप से घोटाला हुआ जिसमें एनएलडी को एकतरफा जीत हासिल हुई.

    सेना की ओर से अब तक इस कथित घोटाले से संबंधित कोई सबूत पेश नहीं किया गया है.

  5. प्रधानमंत्री को खुद को टीवी पर देखना पसंद है: राहुल गांधी

    राहुल गाँधी ने कन्याकुमारी पहुंचकर एक रोड शो के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुद को टीवी पर देखना पसंद है.

    उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री को खुद को टीवी पर देखना पसंद है इसलिए उन्हें लगता है कि तमिलनाडु टीवी की तरह है और वो रिमोट कंट्रोल की मदद से चैनल बदल सकते हैं क्योंकि मुख्यमंत्री भ्रष्ट हैं और मोदी के पास सीबीआई और ईडी है.”

    आरएसएस पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “हमें नरेंद्र मोदी और आरएसएस का तमिल भाषा, संस्कृति और इतिहास को कुचलना और उसका अपमान करना स्वीकार नहीं है. हमें आरएसएस का अपने देश के लोगों को बांटना स्वीकार नहीं है.”

  6. अमित शाह या तो आरोप साबित करें या माफ़ी माँगेंः नारायणसामी

    पुदुचेरी के पूर्व मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती देते हुए कहा है कि वो उनपर लगाए गए आरोपों को साबित करें.

    अमिता शाह ने रविवार को पुदुचेरी में एक चुनावी रैली में आरोप लगाया था कि नारायणसामी ने पुदुचेरी को केंद्र से मिले 15,000 रूपए के फंड से गांधी परिवार को "कट मनी" दिया था.

    इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नारायणसामी ने कहा कि ये बहुत ही गंभीर आरोप है.

    उन्होंने कहा,"अगर वो आरोप साबित नहीं करते तो उन्हें देश और पुदुचेरी की जनता से माफ़ी माँगनी होगी. अगर वो साबित नहीं करते तो मैं उनके ख़िलाफ़ मेरी और गांधी परिवार की छवि को ग़लत बयान देकर नुक़सान पहुँचाने के लिए आपराधिक मानहानि का मुक़दमा दायर करूँगा."

    पुदुचेरी में कांग्रेस की अगुआई वाली गठबंधन सरकार अल्पमत में आ गई थी और 22 फ़रवरी को विश्वास मत हासिल नहीं कर पाने के बाद नारायणसामी ने इस्तीफ़ा दे दिया था.

    पुदुचेरी विधानसभा के लिए 6 अप्रैल को मतदान होना है.

  7. पीएम मोदी ने कहा, '21वीं सदी के भारत को फूड प्रोसेसिंग क्रांति की ज़रूरत'

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कृषि क्षेत्र को लेकर बजट में हुई घोषणाओं से संबंधित वेबिनार में कहा है कि 21वीं सदी के भारत को फूड प्रोसेसिंग क्रांति की ज़रूरत है.

    पीएम मोदी ने अनुबंधीय खेती के मुद्दे पर कहा, “हमारे यहां कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग लंबे समय से किसी न किसी रूप में की जा रही है. हमारी कोशिश होनी चाहिए कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग सिर्फ एक व्यापार बनकर न रहे बल्कि उस जमीन के प्रति हम ​अपनी ज़िम्मेदारी को भी निभाएं.”

    उन्होंने कहा है कि 'आज ये समय की मांग है कि देश के किसान की उपज को बाज़ार में ज़्यादा से ज़्यादा विकल्प मिलें, सिर्फ उपज तक किसानों को सीमित रखने का नुकसान देश देख रहा है. हमें देश के कृषि क्षेत्र का प्रोसेस्ड फूड के वैश्विक मार्केट में विस्तार करना ही होगा.’

    पीएम मोदी ने कहा, “आज हमें कृषि के हर सेक्टर में प्रोसेसिंग पर सबसे ज़्यादा ध्यान देना है. इसके लिए जरूरी है कि किसानों को अपने गांवों के पास ही स्टोरेज की आधुनिक सुविधा मिले. खेत से प्रोसेसिंग यूनिट तक पहुंचने की व्यवस्था सुधारनी ही होगी.

    लगातार बढ़ते कृषि उत्पादन के बीच, 21वीं सदी में भारत को पोस्ट हार्वेस्ट क्रांति या फूड प्रोसेसिंग क्रांति और वैल्यू एडिशन की आवश्यकता है. देश के लिए बहुत अच्छा होता अगर ये काम दो-तीन दशक पहले ही कर लिया गया होता."

  8. गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स: द क्राउन ने बटोरे सबसे ज़्यादा अवॉर्ड

    फ़िल्म और टीवी की दुनिया के सबसे बड़े अवॉर्ड्स में शुमार गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स 2021 की घोषणा कर दी गई है.

    इस साल की अवॉर्ड सेरेमनी पर कोरोना महामारी का असर साफ रूप से दिखा.

    दूसरे तमाम सम्मान समारोहों की तरह गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स के कार्यक्रम में भी फिल्मी दुनिया से जुड़े सितारों ने दुनिया के अलग - अलग कोनों से हिस्सा लिया. समारोह की होस्टिंग दो जगहों लॉस एंजेल्स और न्यू यॉर्क से की गई.

    ऐसे में टीना फे ने न्यूयॉर्क के रेनबो रूम और एमी पोहलर लॉस एंजेल्स के बेवरली हिल्स से समारोह के होस्ट की भूमिका को निभाया.

    इस साल के अवॉर्ड्स में डेविड फिंचर की ब्लैक एंड व्हाइट फिल्म मैंक को सबसे ज़्यादा श्रेणियों में नामांकित किया गया.

    इसके साथ ही टीवी सिरीज़ शीट क्रीक को भी पाँच श्रेणियों में नामांकित किया गया. टीवी सिरीड़ ओज़ार्क और द अनडूइंग को चार श्रेणियों में नामांकित किया गया.

    किसे मिला कौन सा अवॉर्ड

    अगर सबसे ज़्यादा अवॉर्ड पाने वाले टीवी शो या फिल्म की बात करें तो नेटफ़्लिक्स की टीवी सिरीज़ द क्राउन को चार श्रेणियों में सम्मानित किया गया जिसमें बेस्ट टेलीविज़न सिरीज़ (ड्रामा) भी शामिल है.

    अवॉर्ड जीतने वालों की सूची –

    • बेस्ट मोशन पिक्चर (ड्रामा) – नोमैडलैंड
    • बेस्ट मोशन पिक्चर (म्युज़िकल या कॉमेडी) – बोराट सब्सिक्वेंट मूवीफिल्म
    • बेस्ट निदेशक (मोशन पिक्चर) – क्लोई झाओ (नोमैडलैंड)
    • बेस्ट स्क्रीनप्ले (मोशन पिक्चर) – आरॉन सॉर्किन (द ट्रायल ऑफ़ शिकागो 7)
    • सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (मोशन पिक्चर – ड्रामा) – एंड्रा डे (द यूनाइटेड स्टेट्स वर्सेज़ बिली हॉलीडे)
    • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (मोशन पिक्चर – ड्रामा) – चेड्विक बोसमेन – मरोपरांत (मा रायनीज़ ब्लैक बॉटम)
    • सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री (मोशन पिक्चर - म्युज़िकल या कॉमेडी) – रोज़ामंड पाइक (आई केयर अ लॉट)
    • सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (मोशन पिक्चर - म्युज़िकल या कॉमेडी) – साचा बोरेन कोहेन (बोरात सब्सिक्वेंट मूवीफिल्म)
    • सर्वश्रेष्ठ मोशन पिक्चर (एनिमेटेड) – सोल
    • सर्वश्रेष्ठ मोशन पिक्चर (फॉरेन लैंग्वेज़) – मिनारी
  9. वैक्सीन लगने के बाद पीएम मोदी ने नर्स को क्या कहा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह दिल्ली के एम्स अस्पताल में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज़ ली.

    उन्हें वैक्सीन देने वाली नर्स सिस्टर पी निवेदिता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा कि वो कहाँ की हैं.

    इसके बाद उन्होंने कहा, "लगा भी दी, पता ही नहीं चला."

  10. कोरोना: बीते 24 घंटे में 15,510 नए मामले, 106 मौतें

    भारत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 संक्रमण के 15,510 नए मामले सामने आए हैं और 106 लोगों की मौत हुई है.

    इसी के साथ कुल पॉज़िटिव मामलों की संख्या 1 करोड़ 10 लाख 96 हज़ार 731 हो गई है. वहीं कुल मौतों की संख्या 1 लाख 57 हज़ार 157 जा पहुंची है.

    देश में सक्रिय मामलों की कुल संख्या अब 1 लाख 68 हज़ार 627 है और डिस्चार्ज हुए मामलों की कुल संख्या 1 करोड़ 7 लाख 86 हज़ार 457 है.

    देश में कुल 1 करोड़ 43 लाख 1 हज़ार 266 लोगों को कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाई गई है.

  11. देखिए प्रधानमंत्री मोदी का कोवैक्सीन लगवाने का वीडियो

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोरोना वैक्सीन लगाने का वीडियो भी सामने आ गया है. जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वदेशी कोवैक्सीन का पहला डोज़ लेते नज़र आ रहे हैं.

    उन्हें टीकाकरण अभियान के दूसरे चरण के पहले दिन सोमवार सुबह दिल्ली के एम्स अस्पताल में कोविड वैक्सीन लगाई गई.

  12. ब्रेकिंग न्यूज़, प्रधानमंत्री मोदी ने लगवाई वैक्सीन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार सुबह कोरोना वैक्सीन लगवाई.

    उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी कि उन्होंने एम्स में कोविड-19 वैक्सीन की पहली डोज़ ली है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी कोवैक्सीन लगवाई है. इस वैक्सीन को भारतीय कंपनी भारत बायोटेक ने तैयार किया है.

    प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर लिखा, “ये उल्लेखनीय है कि कैसे हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने कोविड-19 के ख़िलाफ़ वैश्विक लड़ाई को मज़बूत करने के लिए तेज़ी से काम किया है.”

    प्रधानमंत्री मोदी ने आम लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील की और कहा, ‘चलिए मिलकर भारत को कोविड-19 मुक्त बनाते हैं!’

  13. वरिष्ठ नागरिकों, 45 से ऊपर के ख़तरे वाले लोगों को आज से वैक्सीन

    वरिष्‍ठ नागरिकों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित, 45 वर्ष से ज़्यादा उम्र के लोगों के लिए आज से देश भर में कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा है.

    पहले चरण के मुक़ाबले दूसरा चरण कुछ मामलों में अलग है. पहले चरण में सिर्फ़ सरकारी केंद्रों पर वैक्सीन दी जा रही थी लेकिन, अब निजी अस्पतालों में भी वैक्सीन मिल पाएगी. इसके लिए लोगों को ख़ुद भुगतान करना होगा.

    टीकाकरण के लिए रेजिस्ट्रेशन आज सुबह 9 बजे से वेबसाइट www.cowin.gov.in पर किया जा सकेगा.

    लोग, कोविन टू-पाइंट ज़ीरो पोर्टल या आरोग्‍य सेतु जैसे अन्‍य ऐप पर अपना रेजिस्ट्रेशन करा सकेंगे और टीकाकरण के लिए किसी भी वक़्त और कहीं भी समय ले सकेंगे.

    दस हज़ार सरकारी अस्‍पतालों में टीकाकरण मुफ़्त होगा, जबकि 20 हज़ार निजी अस्‍पतालों में टीकाकरण का खर्च लोगों को ख़ुद उठाना होगा. निजी अस्‍पताल में प्रति खुराक के लिए 250 रुपये तक देने होंगे.

    गृह मंत्रालय के मुताबिक़, राज्‍यों को, राज्‍य सरकार स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना के तहत निजी अस्‍पतालों को संबद्ध करने और उन्‍हें कोविड टीकाकरण केंद्र बनाने की स्‍वतंत्रता दी गई है.

    पीआईबी के मुताबिक़, सभी राज्‍यों को 20 गंभीर बीमारियों के संबंध में बता दिया गया है जिससे वो 45 से उनसठ वर्ष के व्‍यक्तियों को टीकाकरण के लिए प्रमाणित कर सकें. संबंधित प्रमाण-पत्र पर किसी भी पंजीकृत चिकित्‍सक को हस्‍ताक्षर करने होंगे. इस प्रमाण-पत्र को को-विन टू पाइंट जीरो पर डालना होगा. लाभार्थी को इसकी प्रति टीकाकरण केंद्र में दिखानी होगी.

    केंद्र सरकार के मुताबिक़,दूसरे चरण में क़रीब 10 करोड़ लोग 60 साल से ज़्यादा उम्र के हैं.

    भारत में बहुत से ऐसे लोग हैं, जो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने में सक्षम नहीं हैं. ऐसे में वो सीधे वैक्सीनेशन सेंटर भी जा सकते हैं. उन्हें अपने साथ कोई पहचान प्रमाण पत्र ले जाना होगा, जैसे मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस आदि. वैक्सीनेशन सेंटर पर मौजूद वॉलिंटियर्स उन्हें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने में मदद करेंगे.

    वैक्सीन लगाने के बाद आपको वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट भी जारी किया जाएगा. इसे आप आरोग्य सेतु ऐप से डाउनलोड कर सकते हैं. इसके लिए वैक्सीन की कम से कम एक डोज़ लेनी ज़रूरी होगी. साथ ही 14 अंकों का बेनिफिशियरी रेफरेंस आईडी भी दर्ज करना होगा.

    भारत में टीकाकरण अभियान की शुरुआत 16 जनवरी 2021 से हुई थी. सरकार का लक्ष्य जुलाई तक 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने का है.

    कोरोना टीकाकरण चरणबद्ध तरीक़े से किया जा रहा है. पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों यानी डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक्स और स्वास्थ्य से जुड़े लोगों को वैक्सीन दी गई थी.साथ ही फ़्रंटलाइन वर्कर्स यानी पुलिसकर्मियों, पैरामिलिट्री फ़ोर्सेज और सैन्यकर्मियों को भी टीका लगाया गया था.

  14. नमस्कार!

    बीबीसी हिन्दी के इस लाइव पेज में आप सबका स्वागत है. हम यहाँ दिन भर देश दुनिया से जुड़े बड़े और ज़रूरी अपडेट्स से आपको अवगत कराएंगे. पिछले 24 घंटों के अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें.