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कोरोनाः 16 हज़ार से ज़्यादा नए मामले, 138 की मौत
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना
संक्रमण के 16,738 नए मामले सामने आए हैं वहीं 11,799 संक्रमित पूरी तरह से ठीक
होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हुए हैं.
पिछले 24 घंटों में मरने वालों की संख्या 138 रही है.
अब देश में कुल संक्रमण के मामलों की संख्या 1,10,46,914 और
कोरोना से मरने
वालों की कुल संख्या 1,56,705 हो चुकी
है. अभी
देश में संक्रमण के 1,51,708 एक्टिव
मामले हैं.
वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद अब तक 1,26,71,163 लोगों
को वैक्सीन लग चुकी है.
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ऑस्ट्रेलिया में फ़ेसबुक और गूगल करेंगे खबरों के लिए भुगतान, कानून हुआ पारित
इमेज स्रोत, Getty Images
ऑस्ट्रेलिया ने दुनिया का
पहला ऐसा कानून पारित किया है जिसके तहत फेसबुक और गूगल को अपने प्लेटफॉर्म पर
खबरों के लिए भुगतान करना होगा.
इस कानून पर अमेरिकी टेक
कंपनियों ने कड़ा विरोध जताया है.
बीते सप्ताह फ़ेसबुक ने खबरों
को ऑस्ट्रेलियाई लोगों के लिए अपने प्लेटफॉर्म पर ब्लॉक कर दिया था. साथ ही फ़ेसबुक
पर ख़बरें शेयर करने पर भी रोक लगा दी गई थी हालांकि इस सप्ताह सरकार से बातचीत के
बाद फ़ेसबुक ने अपना फ़ैसला वापस ले लिया.
इस बातचीत के आधार पर
सरकार ने निचली सदन में जो कानून प्रस्तावित था उसमें संशोधन किया है और कुछ
मामलों में दोनों कंपनियों को नए कानून से राहत मिलने का प्रावधान रखा गया है.
लेकिन दोनों ही कंपनियों
को बड़े ऑस्ट्रेलियाई प्रकाशकों को आकर्षक रकम देने के लिए प्रतिबद्ध किया गया है.
इसे मोटे तौर पर टेक कंपनियों की ओर से किए गए समझौते के तौर पर देखा जा रहा है.
ऑस्ट्रेलिया का ये नया
कानून दुनियाभर में नियामकों के लिए डिजिटल माध्यम पर खबरों के लिए पेमेंट का एक मॉडल
साबित हो सकता है.
गुरुवार को ये कानून हाउस
ऑफ़ रिप्रजेंटेटिव्स में पारित किया गया.
इस क़ानून में क्या ख़ास है?
इस प्रस्तावित क़ानून में ये व्यवस्था की गई है कि टेक
कंपनियां न्यूज़ सामग्री के लिए भुगतान करें. हालांकि, अब तक ये स्पष्ट नहीं किया गया है कि
उन्हें कितना भुगतान करना होगा.
ये क़ानून एक संगठन के रूप में मीडिया
संस्थाओं को टेक कंपनियों से नेगोशिएट करने की ताकत देगा ताकि उस सामग्री की कीमत
तय हो सके जो कि टेक कंपनियों की न्यूज़ फीड और सर्च रिज़ल्ट्स में नज़र आती है.
अगर ये समझौता असफल हो जाता
है तो ऐसे मामले ऑस्ट्रेलिया कम्युनिकेशंस एवं मीडिया अथॉरिटी के समक्ष जा सकते हैं.
इसके अलावा अगर गूगल और
फ़ेसबुक अपने एल्गोरिदम में बदलाव करते हैं तो उससे पहले इसकी सूचना प्रकाशकों को
देनी होगी.
आस्ट्रेलिया क्यों ला रहा है ये क़ानून?
सरकार का तर्क है कि टेक कंपनियों को न्यूज़ रूम को उनकी पत्रकारिता के लिए उचित कीमत अदा करनी चाहिए. इसके साथ ही ये तर्क भी दिया गया है कि ऑस्ट्रेलिया की न्यूज़ इंडस्ट्री के लिए आर्थिक मदद की ज़रूरत है क्योंकि मज़बूत मीडिया लोकतंत्र की ज़रूरत है.
न्यूज़ कॉर्प ऑस्ट्रेलिया (रुपर्ट मर्डोक के मीडिया घराने की एक कंपनी) जैसी मीडिया कंपनियां ने विज्ञापन से होने वाली आय में दीर्घकालिक कमी आने के बाद सरकार पर दबाव बनाया है कि वह टेक कंपनियों को बातचीत के लिए तैयार करे.
ऐसे समय जब मीडिया कंपनियों की कमाई में कमी आ रही है तब गूगल की कमाई में बढ़त देखी जा रही है. साल 2019 में वैश्विक स्तर पर गूगल ने 160 बिलियन डॉलर से ज़्यादा की कमाई की है.
राहुल गांधी के बयान पर कपिल सिब्बल ने कहा- जनता की समझ का सम्मान करें
कांग्रेस नेता राहुल
गांधी अपने ‘दक्षिण बनाम उत्तर की जनता’ को लेकर दिए गए बयान के कारण चारों ओर से आलोचनाओं से
घिरते नज़र आ रहे हैं.
दरअसल, मंगलवार को राहुल
गांधी ने केरल के तिरुअनंतपुरम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा-‘’बीते 15 सालों से मैं उत्तर भारत से सांसद था, मेरे लिए
केरल आना बड़ा ही ताज़गी वाला अनुभव रहा क्योंकि मैंने पाया कि यहां लोगों की
मुद्दों में रूचि है, लोग बस मुद्दों को सतही तौर पर नहीं जानते बल्कि इसे काफ़ी
गहराई के साथ समझते हैं.''
''मैं अमेरिका में कुछ छात्रों से बात कर रहा था और मैंने
उनसे कहा कि केरल जाना मुझे काफ़ी पसंद है, ऐसा मेरे लगाव के कारण नहीं है बल्कि
आप लोगों के राजनीति करने का तरीका इसका कारण है. आप राजनीति में बौद्धिकता का
इस्तेमाल करते है जो मेरे लिए एक नया अनुभव रहा है. ‘’
इस बयान के बाद भारतीय
जनता पार्टी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर देश को तोड़ने का आरोप लगाया है.
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बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर
तक ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी पर निशाना साधा.
जेपी नड्डा ने ट्वीट किया, ‘’ कुछ
दिन पहले यह पूर्वोत्तर में थे और भारत के पश्चिमी हिस्से के खिलाफ़ ज़हर उगल रहे
थे. आज दक्षिण में वह उत्तर के खिलाफ़ ज़हर उगल रहे है. फूट डालो और राज करो की
राजनीति से काम नहीं चलता राहुल जी! लोगों ने इस राजनीति को ख़ारिज कर दिया है
देखिए गुजरात में क्या हुआ.‘’
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने लिखा,
‘’ मैं दक्षिण से ताल्लुक रखता हूं, पश्चिमी
राज्य से सांसद हूं, पैदा, शिक्षा
और नौकरी उत्तर भारत में की है, मैं
पूरे भारत का प्रतिनिधित्व करता हूं. भारत एक है. कभी भी इसके एक हिस्से को नीचा मत
दिखाइए, हमें मत बांटिए. ‘’
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मतदाताओं की बुद्धिमत्ता पर सवाल उठाना गलत- सिब्बल
राहुल गांधी के इस बयान पर ख़ुद कांग्रेस नेता भी असमंजस की स्थिति में नज़र आ रहे हैं.
बुधवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि ‘’मैं राहुल गांधी जी के बयान पर टिप्पणी करने वाला कोई नहीं हूं. वहीं बता सकते हैं कि उनके बयान का संदर्भ क्या था लेकिन मैं मानता हूं कि हमें मतदाताओं की बुद्धिमत्ता का सम्मान करना चाहिए. उन्हें पता होता है कि वह किसे और क्यों वोट दे रहे हैं. लेकिन ये हास्यास्पद है कि बीजेपी कह रही है कि कांग्रेस देश तोड़ने की कोशिश कर रही है. उनकी सरकार जब से सत्ता में आई है वह साल 2014 से ही सिर्फ़ यही कर रही है.‘’
कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि,‘’राहुल गांधी ने अपने किसी अनुभव के आधार पर टिप्पणी की है, मुझे किसी क्षेत्र के अपमान की बात मुझे नहीं दिखती. राहुल गांधी ही स्पष्टीकरण दे सकते हैं. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने देश को एक समझा है, हमने कभी क्षेत्र, भाषा और धर्म के आधार पर लकीर नहीं खींची.‘’
उन्होंने ये भी कहा ‘’मोतीलाल नेहरू, जवाहर लाल नेहरू लेकर मनमोहन सिंह जैसे नेता हमें उत्तर भारत से मिले. जहां तक अमेठी की बात है, वहां के मतदाताओं के भी हम आभारी हैं, उन्होंने संजय गांधी, लंबे समय तक राजीव गांधी जी को चुनकर भेजा, राहुल गांधी भी तीन बार वहां से चुने गए. कांग्रेस पार्टी वहां के मतदाताओं का सम्मान करती है.‘’
नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर फ़ैसला आज
भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव
मोदी के प्रत्यर्पण पर फ़ैसला गुरुवार यानी 25 फ़रवरी को आएगा.
नीरव मोदी के मामले की सुनवाई
कर रहे लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट को बताया गया है कि हीरा व्यापारी एक
पोंजी जैसी स्कीम के लिए ज़िम्मेदार है जिसकी वजह से भारत के पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी)
में बहुत बड़ा ग़बन हुआ.
भारत सरकार की तरफ से इस मामले
की पैरवी अदालत में ब्रिटेन की क्राउन अभियोजन सेवा (क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस) बहस
कर रही है.
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