राहुल गांधी ने लद्दाख सीमा विवाद पर भारत सरकार से तीन सवाल पूछे
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार सुबह को भारत-चीन सीमा विवाद पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस करने के बाद शाम को इस मुद्दे पर फिर ट्वीट किया.
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विशाखापट्टनम में खाई में गिरी बस, 4 की मौत
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में एक टूरिस्ट बस के खाई में गिरने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है जबकि कई लोग घायल हुए हैं.
अनंतगिरी पुलिस ने बताया कि अरुकू घाट रोड पर हुए इस हादसे में यात्रियों से भरी एक बस पहाड़ से नीचे गिर गई थी. बस में कुल 23 यात्री थे और ये सभी यात्री हैदराबाद से आ रहे थे.
अनंतगिरी के पुलिस अधिकारी सुधाकर के अनुसार हादसे में 19 लोग घायल हुए हैं.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ टूरिस्टों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया जबकि कई गंभीर रूप से घायल थे.
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जिले के अधाकारियों ने हादसा प्रभावित लोगों की मदद के लिए और सूचना देने के लिए कंट्रोल रूम बनाया है और राहत और बचाव कार्य जारी है.
विशाखापत्तनम के पुलिस अधीक्षक (रूरल) कृष्णा राव के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने कहा है कि मारे गए सभी लोग हैदराबाद से हैं. उन्होंने बताया, “घायलों को अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया है और एनडीआरएफ़ की टीम राहत कार्य में जुटी है.”
प्रधानमंत्री मोदी ने हादसे में मारे गए लोगों के लिए संवेदना जताई है और कहा है कि वो प्रार्थना करेंगे कि हादसे में घायल हुए लोग जल्द ठीक हो जाएं.
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राहुल गांधी ने लद्दाख सीमा विवाद पर भारत सरकार से तीन सवाल पूछे

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार सुबह को भारत-चीन सीमा विवाद पर प्रेस कॉन्फ़्रेंस करने के बाद शाम को इस मुद्दे पर फिर ट्वीट किया और उन्होंने भारत सरकार से तीन सवाल पूछे.
कांग्रेस नेता ने ट्वीट करके कहा कि भारत सरकार इस बारे में विस्तार से बताए.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
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उन्होंने ट्वीट में तीन सवाल लिखे- “1. हमारे सैन्य बल कैलाश श्रृंखला पर प्रभावी स्थिति में हैं, उन्हें वहां से क्यों हटाया जा रहा है? 2. हम अपने क्षेत्र को क्यों सौंप रहे हैं और आगे के बेस फ़िंगर 4 से हटकर फ़िगर 3 पर क्यों आ रहे हैं? 3. चीन हमारे क्षेत्र डेपसांग पठार और गोगरा हॉट स्प्रिंग्स से अब तक क्यों नहीं हटा है?”
राहुल गांधी ने शुक्रवार को इससे पहले प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि भारत ने चीन को अपनी ज़मीन सौंप दी है. इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी करके कहा था कि भारत ने चीन को कोई ज़मीन नहीं सौंपी है और एलएसी फ़िंगर-8 तक है.
रक्षा मंत्रालय ने साथ ही कहा कि रक्षा मंत्री संसद के दोनों सदनों में इस बारे में बयान दे चुके हैं.
साथ ही रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि पैंगोंग त्सो झील क्षेत्र में भारत-चीन सेनाओं की डिसएंगेजमेंट प्रक्रिया पूरी होने के 48 घंटों के बाद डेपसांग, गोगरा और हॉट स्प्रिंग्स के मुद्दे पर बात होगी.
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तमिलनाडु: पटाखा फ़ैक्ट्री में आग लगने से कम से कम 11 श्रमिकों की मौत
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तमिलनाडु के विरुधुनगर ज़िले में शुक्रवार को एक निजी पटाखा फ़ैक्ट्री में आग लगने से कम से कम 11 श्रमिकों की मौत हो गई.
समाचार एजेंसी पीटीआई ने स्थानीय पुलिस के हवाले से इसकी पुष्टि की है.
हालांकि समाचार एजेंसी एएनआई ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है और 36 लोग इस हादसे में घायल हुए हैं.
ये हादसा दोपहर क़रीब एक बजे हुआ. स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि इस घटना से जुड़ी और जानकारी का उन्हें इंतज़ार है.
पीएम नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है.
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उन्होंने ट्वीट किया है कि “तमिलनाडु के विरुधुनगर में पटाखा फ़ैक्ट्री में आग की घटना दुखद है. इस दुख की घड़ी में मेरी सांत्वना शोकाकुल परिवारों के साथ है. मैं आशा करता हूँ कि घायल लोग जल्द ठीक होंगे.”
पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से विरुधुनगर आग हादसे में मारे गये लोगों के परिवार वालों को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया है. इसके साथ ही जो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, उन्हें 50 हजार रुपये दिये जाने की घोषणा की गई है.
किसानों की घर वापसी, क़ानून वापसी के बाद: राकेश टिकैत

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भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा है कि “किसानों की ‘घर वापसी’ मोदी सरकार के नये कृषि क़ानून वापस होने के बाद ही होगी."
उन्होंने कहा, "हम पंचायत-प्रणाली को मानने वाले लोग हैं. हम फ़ैसलों के बीच में ना पंच बदलते हैं और ना ही मंच बदलते हैं. हमारा दफ़्तर पहले भी सिंघु बार्डर पर था और अब भी वहीं रहेगा. हमारे लोग भी वहीं रहेंगे. जो सरकार की लाइन थी बातचीत करने की, उसी लाइन पर वो बातचीत कर ले. सरकार आज बात करना चाहे, तो आज बात कर ले. दस दिन बाद बात करना चाहे, तब कर ले या एक साल बाद बात कर ले. हम बातचीत को तैयार हैं.”
उन्होंने कहा, “हम दिल्ली की सीमाओं पर लगाई गईं कीलों को निकलवाकर ही अब घर लौटेंगे.”
वहीं भारतीय किसान यूनियन के मीडिया इंचार्ज धर्मेंद्र मलिक ने बताया है कि ‘किसान नेता राकेश टिकैत हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान में होने जा रहीं सात किसान महापंचायतों में हिस्सा लेने वाले हैं. रविवार से ये कार्यक्रम शुरू होंगे. इनका मक़सद मोदी सरकार द्वारा लाये गये कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ ज़्यादा से ज़्यादा लोगों का समर्थन हासिल करना है.’
शांति चाहते हैं, तो युद्ध की तैयारी करें: रूस, रूस की चेतावनी, अगर यूरोपीय संघ ने और प्रतिबंध लगाये तो सारे रिश्ते ख़त्म

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इमेज कैप्शन, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का कहना है कि अगर यूरोपीय संघ ने रूस पर किसी भी तरह के प्रतिबंध लगाये, तो रूस यूरोपीय संघ से सभी रिश्ते तोड़ने के लिए तैयार है.
गुरुवार को कुछ यूरोपीय राजनयिकों ने ऐसे संकेत दिये थे कि यूरोपीय संघ रूस पर ट्रेवल बैन लगा सकता है. साथ ही रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगियों की संपत्तियों को ज़ब्त कर सकता है.
जेल भेजे गये रूस के विपक्षी नेता एलेक्सी नवेलनी के साथ हो रहे बर्ताव को लेकर यूरोपीय संघ इस बारे में कथित तौर पर विचार कर रहा है.
जब एक इंटरव्यू में विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से पूछा गया कि ‘क्या रूस यूरोपीय संघ से रिश्ते ख़त्म करने की ओर बढ़ रहा है?’ तो उन्होंने कहा, “हम इसके लिए तैयार हैं.”
उन्होंने कहा, “अगर आप शांति चाहते हैं, तो युद्ध की तैयारी करें.”
उन्होंने कहा कि ‘यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों से रिश्तों में दरार पैदा हो सकती है क्योंकि ये प्रतिबंध हमारी अर्थव्यवस्था के लिए जोख़िम पैदा कर सकते हैं. साथ ही, हम ख़ुद को दुनिया से अलग-थलग नहीं करना चाहते, लेकिन हमें इसके लिए तैयार रहना होगा.’

पिछले हफ़्ते, रूस और यूरोपीय संघ ने एलेक्सी नवेलनी के मामले पर केंद्रित एक बहस के बाद एक-दूसरे के तीन राजनयिकों को निष्कासित कर दिया था.
रूस ने पहले कार्रवाई की. उसने दावा किया कि यूरोपीय संघ के तीनों राजनयिक नवेलनी के समर्थन में हुए एक अवैध प्रदर्शन में शामिल हुए थे जिसके बाद तीनों को निष्कासित कर दिया गया. हालांकि, यूरोपीय संघ ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए ख़ारिज कर दिया था.
पर जवाबी कार्रवाई में, जर्मनी, पोलैंड और स्वीडन की सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में रूस से तीन राजनयिकों को निष्कासित कर दिया.
अक्तूबर, 2020 में यूरोपीय संघ ने रूस के छह वरिष्ठतम अधिकारियों और रशियन कैमिकल वैपन रिसर्च सेंटर को एलेक्सी नवेलनी के साथ हुई ज़हर देने का वारदात का दोषी ठहराते हुए, उन पर प्रतिबंध लगा दिये थे.
अगस्त 2020 में एलेक्सी नवेलनी को नोवीचोक नामक ज़हर देकर मारने की कोशिश की गई थी.
नवेलनी फ़िलहाल जेल में हैं. उनके ख़िलाफ़ द्वितीय विश्व युद्ध के एक वरिष्ठ सैनिक का अपमान करने का मामला दर्ज किया गया है.
लेकिन रूस में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ काम करने वाले कार्यकर्ताओं का मानना है कि उनके ख़िलाफ़ ढूंढ-ढूंढकर मामले दर्ज किये जा रहे हैं, जो राजनीति से प्रेरित हैं.
बताया गया है कि 22 फ़रवरी को यूरोपीय संघ के कुछ मंत्री एक बैठक करने वाले हैं और संभवत: इसी बैठक में रूस पर लगने वाले और प्रतिबंधों का निर्णय होगा.
