सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी तो पूरे देश में होगी ट्रैक्टर रैली-राकेश टिकैत

भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि किसानों का विरोध प्रदर्शन अक्तूबर के महीने तक जारी रह सकता है.

लाइव कवरेज

  1. सरकार ने नहीं सुना तो पूरे देश में 40 लाख ट्रैक्टर के साथ होगी ट्रैक्टर रैली

    किसान नेता राकेश टिकैत का कहना है कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी तो वे पूरे देश में किसान रैली करेंगे.

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, राकेश टिकैत ने कहा, "हमने सरकार को अक्टूबर तक का समय दिया है. अगर वे हमारी बात नहीं मानते हैं तो हम 40 लाख ट्रैक्टर के साथ पूरे देश में ट्रैक्टर रैली करेंगे."

    इससे पूर्व झारखंड के कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने ग़ाज़ीपुर सीमा पर किसान नेता राकेश टिकैत से मुलाक़ात की. उन्होंने कहा, "हम शुरुआत से किसानों के आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं.मैं यहां अपना नैतिक समर्थन देने के लिए आया हूं."

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  2. अमेज़न के संस्थापक जेफ़ बेज़ोस छोड़ेंगे सीईओ का पद

    ई-कॉमर्स कंपनी अमेज़न के संस्थापक जेफ़ बेजोस आने वाले समय में कंपनी के सीईओ के रूप में पद छोड़ देंगे. इसके बाद वह एक्ज़ीक्यूटिव चेयरमैन के तौर पर काम देखेंगे.

    जेफ़ बेजोस ने क़रीब 30 साल पहले अपने गैरेज में इस कंपनी को बनाया था.

    सीईओ का पद छोड़ने और नई भूमिका के बारे में उन्होंने कहा, "यह क़दम मुझे अपने दूसरे वेंचर्स पर समय देने और ऊर्जा लगाने में मददगार साबित होगा."

    बेजोस की जगह एंडी जैसी लेगें. एंडी मौजूदा समय में अमेज़न के क्लाउड कम्यूटिंग बिज़नेस को लीड करते हैं. कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह बदलाव 2021 की दूसरी छमाही में होगा.

    जेफ़ बेज़ोस

    इमेज स्रोत, Reuters

  3. कश्मीर की आयशा अजीज बनीं देश की सबसे कम उम्र की महिला पायलट

    देश की सबसे कम उम्र की महिला पायलट आयशा अजीज ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "मुझे हवाई यात्रा करना और लोगों से मिलना बहुत पसंद है. यही वजह थी कि मैंने पायलट बनने का फ़ैसला किया."

    वो मानती हैं कि पायलट बनने के लिए सबसे ज़रूरी है कि इंसान मानसिक तौर पर मज़बूत हो.

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  4. ब्रेकिंग न्यूज़, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के मुखर आलोचक एलेक्सी नवेलनी को साढ़े तीन साल जेल की सज़ा

    रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन के मुखर आलोचक एलेक्सी नवेलनी को साढ़े तीन साल जेल की सज़ा सुनाई गई है.

    इससे पहले उन पर नोवीचोक नाम के ज़हरीले नर्व एजेंट से हमला हुआ था जिसके लिए जर्मनी में उनका इलाज हुआ था.

  5. राम मंदिर के लिए NSUI ने शुरू किया 'एक रुपया राम के नाम' अभियान

    मोहर सिंह मीणा

    राजस्थान के जयपुर से

    एनएसयूआई

    इमेज स्रोत, Ramesh Bhati, NSUI

    इमेज कैप्शन, अभियान की शुरूआत करते हुए राजस्थान एनएसयूआई अध्यक्ष अभिषेक चौधरी

    नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (एनएसयूआई) की राजस्थान शाखा ने अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर के लिए पैसा एकत्र करने की मुहिम शुरू की है.

    राजस्थान में एनएसयूआई ने मंगलवार को ‘एक रुपया राम के नाम" के नाम से एक अभियान शुरु किया है जिसके तहत दान देने के लिए इच्छुक छात्रों से राम मंदिर के लिए एक रुपया प्रति छात्र इकट्ठा किया जाएगा.

    इस अभियान की शुरुआत राजस्थान विश्वविद्यालय के कॉमर्स कॉलेज से की गई है.

    एनएसयूआई के राजस्थान प्रवक्ता रमेश भाटी ने बीबीसी से कहा कि, "जिस तरह एबीवीपी और और भाजपा के नेताओं ने राम मंदिर के नाम पर आम लोगों से से लूट मचा रखी है, उसे देखते हुए ये अभियान शुरू किया गया है."

    उनका कहना है कि, "राम मंदिर सभी की आस्था का विषय है और मंदिर के नाम पर लोगों से हज़ारों या लाखों रुपए लूटना ग़लत है. राम किसी एक समुदाय विशेष के ना होकर पूरे भारतवर्ष के हैं, इस कैंपेन के माध्यम से हम यही संदेश लोगों तक देना चाहते हैं."

    एनएसयूआई के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी लोकेश चुग ने कहा है कि "ये हर किसी की इच्छा है कि कोई दे या ना दे. पर विद्यार्थी परिषद के लोग जबरन हज़ारों रुपये वसूल कर रहे है. और हम इसके ख़िलाफ़ हैं.”

    एनएसयूआई का कहना है कि इस अभियान को लगातार 15 दिनों तक चलाने का फ़ैसला किया गया है है. यह अभियान राजस्थान के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में चलाया जाएगा.

    एनएसयूआई के स्टेट प्रसिडेंट अभिषेक चौधरी ने एक ट्वीट भी किया है.

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    राजस्थान भाजपा अध्यक्ष डॉ सतीश पुनिया ने एनएसयूआई के आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि "इससे बीजेपी और एबीवीपी का कोई लेना देना नहीं है."

    एनएसयूआई के एबीवीपी और भाजपा पर राम मंदिर के नाम पर लाखों करोड़ों की लूट के आरोप का राजस्थान भाजपा अध्यक्ष डॉ सतीश पुनिया ने खंडन किया है.

    उन्होंने बीबीसी से कहा कि, "जिनको राम के नाम से पेट में दर्द होता है, उनका कोई इलाज नहीं है."

    उन्होंने कहा, "राम मंदिर बीजेपी या एबीवीपी का नहीं है, यह तो पूरे देश और दुनिया का है. कोई भी डोनेशन श्री राम जन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट में जाता है, जो एक सरकारी ट्रस्ट है."

    एनएसयूआई

    इमेज स्रोत, Ramesh Bhati, NSUI

  6. कोरोना वैक्सीन को लेकर भारत में किए जा रहे दावे कितने सही हैं?

    भारत में 16 जनवरी से कोविड वैक्सीनेशन प्रोग्राम शुरू होने से कई रोज़ पहले से वैक्सीन को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं.

    सरकार ने लोगों से 'अफवाहों और ग़लत जानकारियों' पर ध्यान ना देते हुए वैक्सीन लेने को कहा है.

    इनमें से बड़े पैमाने पर फैलाए गए कुछ दावों के पीछे की सच्चाई क्या है, ये हम यहाँ बता रहे हैं.

    स्टोरी: श्रुति मेनन

    आवाज़: विदित मेहरा

    वीडियो एडिटिंग: मनीष और दीपक

    वीडियो कैप्शन, कोरोना वैक्सीन को लेकर भारत में किए जा रहे दावे कितने सही हैं?
  7. दिल्ली पुलिस ने तिहाड़ में बंद किसानों की लिस्ट दी है, लेकिन वो हमारी लिस्ट से मैच नहीं करती- किसान मोर्चा

    दिल्ली पुलिस की दी गई जानकारी के मुताबिक़ किसान आंदोलन से जुड़े 115 किसान दिल्ली के तिहाड़ जेल में हैं. संयुक्त किसान मोर्चा के लागल सेल ने ये जानकारी आज शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी है.

    किसान नेताओं ने कहा, "इन लोगों का मेडिकल एक्ज़ामिनेशन नहीं किया गया था और हमने गृह मंत्रालय से निवेदन किया है कि एक मेडिकल टीम बना कर इन किसानों की मेडिकल जांच की जाए."

    "हमें किसी भी तरह की जानकारी दिल्ली पुलिस ने पहले नहीं थी थी दो दिन पहले पता चला कि हमारे कुछ साथी तिहाड़ में हैं. दिल्ली पुलिस ऐसा बर्ताव कर रही है जिस तरह कोई फौजी अगर सीमा पार कर दे तो दुश्मन देश भी ना करें."

    "साथी किसानों की रिहाई के लिए जो कुछ भी करना पड़ेगा वह संयुक्त कियान मोर्चा करेगा.

    किसान नेताओं ने कहा "हमारी लिस्ट, दिल्ली पुलिस की लिस्ट से मैच नहीं कर रही. कई ऐसे नाम हैं जो हमारी लिस्ट में हैं लेकिन पुलिस की लिस्ट में नहीं है. और कई ऐसे नाम भी है जो हमारी लिस्ट में नहीं हैं और पुलिस की लिस्ट में है. अब तक 29 लोगों का कोई पता नहीं है."

    किसान नेताओं ने "हम आपसे अपील करते हैं कि अगर आपको या आपके किसी भी नज़दीकी लोगों की या अपनों की जानकारी हमसे साझा करनी है, आपके ट्रैक्टर या वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया है तो हमसे संपर्क करें.’’

    "आज जो भी हमारे साथी किसान जेल में है वो सभी संयुक्त किसान मोर्चा का हिस्सा है. सीनीयर वकीलों का पैनल तैयार हो चुका है हम ये लड़ाई लड़ेंगे. अंग्रेजी सरकार में न्याय भाव होता था लेकिन इस सरकार ने तो न्याय भाव भी छोड़ दिया है."

  8. किसान आन्दोलन: क्या रणनीति बदल रही है दिल्ली पुलिस?

    दिल्ली पुलिस का कहना है कि किसी भी जवान या अधिकारी को लोहे या स्टील के डंडे और कवच के इस्तेमाल की न तो अनुमति दी गयी है और ना ही दिल्ली पुलिस इसका प्रयोग करने वाली है.

    पुलिस के अतिरिक्त प्रवक्ता अनिल मित्तल ने बीबीसी से कहा कि जो तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है वो शाहदरा की है जहां स्थनीय स्तर पर किसी पुलिस अधिकारी ने तलवार के हमलों से बचाव के लिए स्टील की लाठियों के इस्तेमाल की अनुमति मांगी थी.

    वो कहते हैं, "विभाग के बड़े अधिकारियों ने इसके इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी है और ना ही भविष्य में ही इसके इस्तेमाल के बारे में विभाग कुछ सोच रहा है."

    पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सिंघु बॉर्डर पर अलीपुर थाना के प्रभारी पर हुए तलवार के हमले या गणतंत्र दिवस पर पुलिसकर्मियों पर जिस तरह हमले हुए उसके बाद स्थानीय स्तर पर पुलिस अधिकारी अपनी सुरक्षा को लेकर इस तरह के प्रयोग करना चाह रहे हैं.

    वो कहते हैं कि दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में किसी भी तरह का कोई निर्णय नहीं लिया है और जिन पुलिसकर्मियों ने तस्वीर खिंचवाई थी उन्हें भी इसका इस्तेमाल ना करने को कहा गया है.

    लेकिन इस तस्वीर के बाद सोशल मीडिया पर सवाल ज़रूर उठ रहे हैं.

    बीबीसी संवाददाता सलमान रावी की रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,

  9. किसान आंदोलन: ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर इतने 'कांटे' कि एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं

    ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर किसानों को रोकने के लिए प्रशासन ने काफ़ी तैयारियां कर ली हैं. रास्तों पर बैरिकेड और कंटीले तार लगा दिए गए हैं इस वजह से एंबुलेस को भी रास्ता नहीं मिल रहा.

    गाज़ीपुर पॉर्डर पर मौजूद बीबीसी के सहयोगी समीरात्मज मिश्र की आंखोंदेखी-

    कैमरा: पीयूष नागपाल

    वीडियो कैप्शन, किसान आंदोलन: ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर इतने 'कांटे' हैं कि एंबुलेंस को भी रास्ता नहीं

    वहीं टिकरी बॉर्डर पर प्रशासन ने कीलों और सरियों की चादर बिछा दी है. साथ ही यहां और कॉन्क्रीट की दीवार भी लगाई गई है.

    वीडियो: खुशहाल लाली और देबलिन रॉय

    वीडियो कैप्शन, किसान आंदोलन: टिकरी बॉर्डर पर प्रशासन ने बिछाई कीलों और सरियों की चादर
  10. पंजाब: अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की गाड़ी पर हमला

    2 फरवरी को अज्ञात लोगों ने जलालाबाद में उनकी गाड़ी पर पथराव और फायरिंग की. ज़ेड सिक्योरिटी वाली गाड़ी पर कई राउंड गोली भी चलाई गई.

    फायरिंग में अकाली दल के दो कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    वीडियो कैप्शन, पंजाब: अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की गाड़ी पर हमला
  11. अक्तूबर तक जारी रहेगा किसानों का विरोध प्रदर्शन- राकेश टिकैत

    भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता और किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि किसानों का विरोध प्रदर्शन अक्तूबर के महीने तक जारी रह सकता है.

    दिल्ली-उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर बॉर्डर पर केंद्र सरकार के कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि “जब तक सरकार लागू किए गए तीनों कृषि क़ानून वापिस नहीं लेगी, किसानों का विरोध प्रदर्शन ख़त्म नहीं होगा.”

    उन्होंने कहा कि ”इस साल अक्तूबर से पहले किसानों का प्रदर्शन ख़त्म नहीं होगा.”

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार बॉर्डर पर कई स्तरों पर बैरिकेडिंग और भारी संख्या में पुलिसबलों की तैनाती पर उन्होंने कहा, “सरकार जितनी घेराबंदी करती है उन्हें करने दो. सरकार की किसानों को रोकने की रणनीति उलटा पड़ सकती है क्योंकि इससे खेतों की उपज बाज़ारों तक नहीं पहुंच पाएगी और इससे आम लोगों की दिक्कतें बढ़ जाएंगी.”

    उन्होंने किसानों से अपील की कि वो किसान आंदोलन को अक्तूबर-नवंबर के महीने तक जारी रखने के लिए तैयार रहें.

    राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि जिन युवाओं को लाल क़िले पर झंडा लगाया उन्हें अधिकारियों ने वहां तक पहुंचने दिया. उन्होंने कहा, “पंजाबी समुदाय की छवि को बिगाड़ने के लिए और किसानों का देश विरोधी बताने कि लिए ये सब किया गया है.”

    इधर दिल्ली के गाज़ीपुर, टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर बीते दो-तीन दिनों से किसानों का आना लगातार जारी है. यहां प्रशासन ने सुरक्षाबलों की तैनाती भी बढ़ी दी गई है.

    राकेश टिकैत

    इमेज स्रोत, EPA/HARISH TYAGI

  12. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'

    बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली से.

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  13. बातचीत के लिए माहौल पैदा करे सरकार- किसान नेता

    किसान नेता सर्वर सिंह पंढेर ने किसानों के साथ बातचीत आगे बढ़ाने के प्रधानमंत्री मोदी के बयान का स्वागत किया है और कहा है कि सरकार के साथ बातचीत के लिए किसान तैयार हैं.

    हालांकि उन्होंने कहा कि "सरकार पहले किसानों को रिहा करें और बातचीत के लिए माहौल पैदा करें."

    वहीं किसान मज़दूर समन्वय समिति से जुड़े किसान नेता जसबीर सिंह ने कहा कि सरकार ने धरना वाली जगह के आसपास भारी बैरिकेडिंग की है उस बारे में हमने पुलिस अधिकारियों से आज बात की है.

    उन्होंने बताया है कि "पुलिस ने हमसे कहा है कि वो इस बारे में आला अधिकारियों से बात करेंगे."

    "हम सभी किसानों की लडाई लड़ रहे हैं, जब तक क़ानून वापिस नहीं लिए जाएंगे, तब तक हम लड़ाई जारी रखेंगे और अपनी लड़ाई और तेज़ करेंगे."

    एक और किसान नेता ने कहा है कि “बजट में एमएसपी को लेकर सरकार ने कोई व्यवस्था की होती तो हमसमझ सकते थे कि सरकार इसे लेकर कुछ सोच रही है, लेकिन ऐसा नहीं हैं. इसलिए हमें लगता है कि सरकार का इस साल का बजट किसान विरोधी है.“

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  14. कोरोना वायरसः दिल्ली में 56% से ज़्यादा लोगों में बन चुकी है एंटीबॉडी

    देश की राज़धानी दिल्ली में हुए पांचवे सीरो सर्वे के अनुसार यहां 56 फ़ीसदी लोगों में कोरोना वायरस की एंटीबॉडी बन चुकी है.

    दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन के मुताबिक़ 15 जनवरी से 23 जनवरी के बीच चले 5वें सीरो सर्वे में पूरी दिल्ली से खून के 28 हज़ार सैम्पल लिए गए थे.

    उन्होंने ट्वीट कर बताया, "पांचवें सीरो सर्वे में पाया गया है कि दिल्ली में 56.13 फ़ीसदी लोगों में कोरोना वायरस की एंटीबॉडी बन चुकी है. ये दिल्ली सरकार की ओर से किया गया अब तक का सबसे बड़ा सर्वे था."

    "दिल्ली के बड़े तबके ने कोरोना से जंग जीत ली है. लेकिन हमें मास्क और सैनिटाइज़र जैसे कोविड-19 से बचने के उपायों का लागातार और मज़बूती से पालन करते रहना चाहिए."

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    वहीं दिल्ली मेडिकल काउंसिल के अध्यक्ष डॉ.अरुण गुप्ता ने सीरो सर्वे पर कहा है कि इस नतीजे के बावजूद टीकाकरण अभियान में किसी तरह की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए.

    उन्होंने कहा कि जिन लोगों में एन्टीबॉडीज़ विकसित हुई है उन्हें भी कोरोना वायरस से बचाव से ज़ुड़े सभी नियमों का पालन करना चाहिए.

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  15. ब्रेकिंग न्यूज़, सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 4 मई से शुरू, डेटशीट जारी

    सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों का ऐलान कर दिया है.

    इस साल 10वीं की परीक्षा 4 मई से शुरू होगी और 7 जून तक चलेंगी. वहीं12वीं कक्षा की बोर्ड की परीक्षा 4 मई से शुरू होगी और 11 जून तक चलेंगी.

    कोरोना महामारी की वजह से इस साल परीक्षाओं की तारीख आगे बढ़ाई गई है.

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आज सीबीएसई की 10वीं और 12वीं के बोर्ड परिक्षाओं की डेटशीट जारी की है.

    परीक्षा की तारीखों के साथ इस बार परीक्षा के समय की घोषणा भी की गई है. 10वीं की ज़्यादातर विषयों की परीक्षा 10.30 सुबह शुरू होगी और दोपहर 1.30 बजे ख़त्म होगी.

    12वीं की बोर्ड परीक्षा दो शिफ्ट में होगी. पहली शिफ़्ट में 10.30 से 1.30 बजे तक और दूसरी शिफ़्ट में दोपहर 2.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक चलेंगी.

    परीक्षाओं की डेटशीट सीबीएसई की बेवसाइट पर उपलब्ध है.

    छात्रों को उत्तर पुस्तिका 10 बजे से 10.15 बजे के बीच दी जाएगी. प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए अगले 15 मिनट का समय दिया जाएगा.

    परिक्षाओं की डेटशीट जारी करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि "हमने कोशिश की है कि परिक्षाओं के बीच में छात्रों को तैयारी का समय भी मिले."

    कोरोना महामारी की वजह से इस साल 10वीं और 12वीं के छात्र कई महीनों तक स्कूल नहीं जा पाए थे. कुछ राज्यों ने इसी साल जनवरी से छात्रों को स्कूल जा कर क्लास करने की इजाज़त दी थी. स्कूलों और छात्रों को कोविड-19 के ज़रूरी दिशा निर्देशों के पालन करने को भी कहा गया है.

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  16. ब्रेकिंग न्यूज़, पत्रकार मनदीप पुनिया को मिली ज़मानत

    मनदीप पुनिया

    इमेज स्रोत, Facebook/MandeepPunia

    पत्रकार मनदीप पुनिया को आज रोहिणी ज़िला कोर्ट के चीफ़ मैट्रोपॉलिटेन मजिस्ट्रेट ने 25 हज़ार रुपये के निजी मुचलके पर ज़मानत दे दी है.

    मनदीप की ज़मानत की जानकारी ’द कैरावान’ मैगज़ीन के पॉलिटिकल एडिटर हरतोष सिंह बल ने एक ट्वीट के ज़रिए दी है.

    मनदीप पुनिया 'द कैरेवान' सहित कई पत्र-पत्रिकाओं के लिए किसानों के मुद्दों पर रिपोर्टिंग करते रहे हैं.

    एडिटर्स गिल्ड ने भी इस बात की पुष्टि की है कि मनदीप पुनिया को ज़मानत मिल गई है.

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    शनिवार शाम को सिंघु बॉर्डर से पत्रकार मनदीप पुनिया को गिरफ़्तार का गया था जिसके बाद रविवार को उन्हें तिहाड़ जेल में ही मेट्रोपॉलिटन मैजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, और 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

    शनिवार को मनदीप की गिरफ़्तारी की ख़बरें सबसे पहले सोशल मीडिया पर आनी शुरू हुई थीं, उनकी गिरफ़्तारी की आधिकारिक पुष्टि पुलिस ने कई घंटों तक नहीं की थी.

    शनिवार शाम सात बजे के क़रीब एक वीडियो वायरल होना शुरू हुआ जिसमें पुलिस एक व्यक्ति को खींचकर ले जाने की कोशिश करती हुई दिख रही है.

    इसके बाद देर रात मनदीप पुनिया के बारे में पत्रकारों ने ट्वीट करना शुरू किया कि पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया है लेकिन उन्हें कहाँ ले जाया गया है इसकी जानकारी सुबह तक लोगों को नहीं मिल सकी थी.

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  17. स्टील की लाठियां पुलिस हथियारों का हिस्सा नहीं - दिल्ली पुलिस

    मंगलवार को सोशल मीडिया में कुछ तस्वीरें सामने आई थीं जिसमें पुलिसकर्मी हाथों में तलवार की तरह बनीं मेटल की लाठियां पकड़े दिख रहे थे. इन मेटल लाठियों पर सोशल मीडिया पर काफी चर्चा भी छिड़ी रही.

    इस संबंध में दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने कहा, “मैं आपको ये नहीं बता सकता कि वो क्या है. स्टील की लाठियां पुलिस के हथियारों का हिस्सा नहीं हैं.”

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    दिल्ली की सीमाओं पर भारी बैरिकेडिंग को लेकर दिल्ली पुलिस आयुक्त ने कहा है कि बैरिकेडिंग मज़बूत की गई है ताकि उसे फिर से तोड़ा न जा सके.

    दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि, “मुझे आश्चर्य हुआ जब 26 जनवरी को ट्रैक्टरों का इस्तेमाल हुआ, पुलिसवालों पर हमला हुआ और बैरिकेड्स तोड़े गए, उस समय कोई सवाल नहीं उठाए गए. अब हम क्या करते? हमने सिर्फ़ बैरिकेडिंग मज़बूत की है ताकि उसे फिर से तोड़ा न जा सके.“

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना के चलते ऑस्ट्रेलियाई टीम नहीं जाएगी दक्षिण अफ़्रीका

    आस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम ने कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए फरवरी और मार्च महीने में होने वाले दक्षिण अफ़्रीकी दौरे को स्थगित कर दिया है.

    दोनों टीमें बायो बबल वातावरण में तीन टेस्ट मैच खेलने के लिए सहमत हुई थी लेकिन अब क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस दौरे से इनकार कर दिया है.

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सिरीज़ स्थगित करने के अलावा दूसरा कोई विकल्प मौजूद नहीं है क्योंकि दक्षिण अफ़्रीका में कोरोना वायरस के संक्रामक वेरिएंट का प्रकोप देखा जा रहा है.

    इस दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया ने 19 सदस्यीय टीम की घोषणा की थी, लेकिन दौरे का कार्यक्रम तय नहीं हुआ था.

    क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अंतिरम सीईओ निकी होकले ने बताया है, “मौजूदा समय में ऑस्ट्रेलिया से दक्षिण अफ़्रीका का दौरा करना हमारे खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टॉफ़ के स्वास्थ्य को ख़तरे में डालने जैसा होता. यह फ़ैसला आसानी से नहीं लिया गया है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की अहमियत, दक्षिण अफ़्रीकी बोर्ड से रिश्ते और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप को लेकर हमें काफ़ी निराशा है.”

    इंग्लैंड की टीम ने भी दिसंबर महीने में दक्षिण अफ्रीका में सीमित ओवरों की सिरीज़ बीच में छोड़ दी थी.

    अफ़्रीकी महादेश में दक्षिण अफ़्रीका में कोरोना संक्रमण का असर सबसे ज़्यादा देखा जा रहा है. यह अब तक कोरोना संक्रमण के 14 लाख मामले सामने आ चुके हैं जबकि 44 हज़ार लोगों की मौत हुई है.

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  19. शिव सेना नेता संजय राउत ने की किसानों से मुलाकात

    शिव सेना नेता संजय राउत ने आज दिल्ली के गाज़ीपुर बॉर्डर पहुंच कर सरकार के कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे किसानों से मुलाकात की.

    उन्होंने कहा कि उन्होंने राकेश टिकैत से बात की और आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया.

    साथ ही उन्होंने कहा, “सरकार को किसानों से बात करनी चाहिए. बात में राजनीति नहीं आनी चाहिए. अहंकार से देश नहीं चलाया जा सकता.”

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  20. क्या प्रधानमंत्री किसानों से ही युद्ध कर रहे हैं?- प्रियंका गांधी

    "प्रधानमंत्री जी, क्या आप अपने किसानों से युद्ध कर रहे हैं?"

    तीन कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसानों के बीच जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से ये सवाल पूछा है.

    सोशल मीडिया पर उन्होंने दिल्ली-उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर बॉर्डर का एक वीडियो शेयर किया और सवाल किया - "प्रधानमंत्री जी, अपने किसानों से ही युद्ध?"

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    22 सेकेंड के इस वीडियो में दिल्ली के ग़ाज़ीपुर बॉर्डर का वो दृश्य नज़र आ रहा है जहां किसानों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने कई स्तरों की बैरिकेडिंग लगाई है. इस सीमाओं पर भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है.

    सोमवार को टिकरी बॉर्डर से की भी कुछ तस्वीरें सामने आईं जहां सड़कों पर किसानों के ट्रैक्टर रोकने के इरादे से लोहे की कीलें गाड़ी गई और इसके लिए जेसीबी लगाकर सड़कों पर खुदाई तक की गई.

    वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एनडीए सरकार को सलाह दी है कि वह दीवार बनाने की जगह पुल बनाए.

    उन्होंने दिल्ली के बॉर्डर्स पर लगाए जा रहे बेरिकेड्स की तस्वीरें ट्वीट की और लिखा, "भारत सरकार, पुल बनाइए, दीवारें नहीं."

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