राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट कर ज़ाहिर की चिंता
भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट करके बताया है कि वो आपदा के समाचारों से चिंतित हैं.
You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
किसानों के आंदोलन के मद्देनज़र हरियाणा में सरकार ने 17 ज़िलों में 30 जनवरी तक इंटरनेट सेवाएं बंद करने की घोषणा की है.
भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट करके बताया है कि वो आपदा के समाचारों से चिंतित हैं.
नमस्कार! बीबीसी हिंदी का यह लाइव पन्ना यहीं समाप्त हो रहा है लेकिन दिनभर की बड़ी ख़बरें और ज़रूरी लाइव अपडेट पर हमारी कवरेज जारी रहेगी. 30 जनवरी (शनिवार) की सभी बड़ी ख़बरे पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
केंद्रीय गृहमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता अमित शाह दो दिन के लिए कोलकाता जाने वाले थे, लेकिन उनका ये दौरा अब रद्द हो गया है.
समाचार एजेंसियों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप घोष ने ये जानकारी दी है.
पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं जहां इस बार भारतीय जनता पार्टी सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती देने की कोशिश कर रही है.
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह कई बार राज्य का दौरा कर चुके हैं.
पश्चिम बंगाल में विधानसभा की कुल 294 सीटें हैं. सरकार बनाने के लिए 147 सीटें जादुई आँकड़ा है.
गृह मंत्री अमित शाह बार-बार ये दावा करते रहे हैं कि उनकी पार्टी को 200 से ज़्यादा सीटें मिलेंगी.
क्रांतिकारी किसान यूनियन के नेता दर्शन पाल सिंह ने कहा है कि प्रदर्शन वाली जगहों पर इंटरनेट सेवाएं बहाल की जाएं वरना हम इसके ख़िलाफ़ भी प्रदर्शन करेंगे.
किसानों के आंदोलन के मद्देनज़र हरियाणा में सरकार ने 17 ज़िलों में 30 जनवरी तक इंटरनेट सेवाएं बंद करने की घोषणा की है.
दिल्ली के सीमावर्ती इलाकों में जहां किसानों का प्रदर्शन हो रहा है, वहां भी इंटरनेट सेवाएं बाधित होती रही हैं.
दूसरी ओर, दिल्ली में हुई हिंसा के सिलसिले में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है, ''मैं नहीं मानता कि हिंसा में किसान शामिल हैं...मैंने कई बार चेतावनी दी है कि पाकिस्तान घुसपैठ की कोशिश कर रहा है. मैं लंबे समय से सरकार को चेतावनी देता रहा हूं. पंजाब में डिस्टर्बेंस पाकिस्तान की नीतियों को सूट करता है.''
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने तीन नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने का अपना निर्णय वापस ले लिया है.
उन्होंने कृषि क़ानून के ख़िलाफ़ अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा की थी.
ऐसा दावा किया गया है कि चूंकि उनकी कुछ मांगों को केंद्र सरकार ने मान लिया है इसलिए वो अब कृषि क़ानूनों का विरोध नहीं करेंगे.
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडनवीस और केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने आज उनसे मुलाकात की.
दिल्ली में इसराइली दूतावास के क़रीब हुए कम तीव्रता के आईईडी धमाके के बाद भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसराइली विदेश मंत्री से बात की है.
जयशंकर ने ट्वीट किया है कि उन्होंने इसराइली विदेश मंत्री गाबी अशकेनाज़ी से बात की है और इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि इसराइली दूतावास और राजनयिकों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी और इस मामले की जांच जारी है और दोषियों को ढूंढने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, इसराइली विदेश मंत्री ने पुष्टि की है कि इस घटना में दूतावास को कोई नुक़सान नहीं हुआ है.
विदेश मंत्री गाबी अशकेनाज़ी ने सुरक्षा के सभी क़दम उठाने के लिए कहा है.
दिल्ली पुलिस ने बताया है कि एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर शाम 5 बजकर 5 मिनट पर कम तीव्रता का आईईडी ब्लास्ट हुआ है.
पुलिस ने बताया है कि इस धमाके में कोई बड़ा नुक़सान नहीं हुआ है बल्कि इसमें कुछ कारों के शीशे टूटे हैं. जिस जगह पर यह धमाका हुआ है वहां से इसराइली दूतावास लगभग 150 मीटर की दूरी पर है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, इसराइली विदेश मंत्री ने पुष्टि की है कि इस घटना में दूतावास को कोई नुक़सान नहीं हुआ है.
विदेश मंत्री गाबी अशकेनाज़ी ने सुरक्षा के सभी क़दम उठाने के लिए कहा है.
आज यानी शुक्रवार को ही भारत और इसराइल के बीच राजनयिक संबंधों के 29 साल पूरे हुए हैं और आज ही गणतंत्र दिवस समारोह का बीटिंग रिट्रीट कार्यक्रम समाप्त हुआ है. बीटिंग रिट्रीट विजय चौक पर होती है जो कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर है.
फ़रवरी 2012 में दिल्ली में इसराइली राजनयिक की कार पर बम हमला हुआ था. इसराइल ने इसके लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया था.
मुज़फ़्फ़रनगर में राकेश टिकैत और किसानों को लेकर शुक्रवार को महापंचायत हुई. भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष और किसान नेता नरेश टिकैत ने बीबीसी से ख़ास बातचीत की.
क्या हिंसा से आंदोलन कमजोर हुआ? इस सवाल पर नरेश टिकैत ने बीबीसी के सहयोगी पत्रकार समीरात्मज मिश्र से कहा, ''सारे आरोप हमारे ऊपर लगा दिए कि हम बैरियर तोड़ सके हैं. ट्रैक्टर बहुत स्पीड से चला सके हैं. स्टंट कर सके हैं. पर लाल किले पर जो हुआ वो हम नहीं कर सकते. जो खुराफाती थे वो बैरियर तोड़कर आगे निकल गए.''
नरेश टिकैत ने कहा, ''नई रणनीति नहीं बनी है. जो ऊर्जा ख़त्म सी हो रही थी, उसके बाद लगा कि हम पर नए आरोप लग रहे हैं तो हमने धरने को उठाने की बात कह दी. हमने ऐलान भी कर दिया. उसी दौरान किसी बीजेपी विधायक के समर्थकों ने किसानों के साथ मारपीट कर दी. हम पिटकर थोड़ी उठते. राकेश का जो वीडियो फोन में आया, वो देखा... सरकार को ऐसी बातों से सबक लेना चाहिए.''
धरने को वापस लेने के ऐलान से कोई नुक़सान हुआ? इस सवाल पर नरेश टिकैत ने कहा, “हमने तो टकराव से बचने के लिए ऐलान किया था. हम तो पहले ही कह रहे थे कि प्रशासन बात मान ले. नहीं तो हमें ज़बरदस्ती उठा दो.”
“धरने ख़त्म करने को लेकर राकेश टिकैत से मेरी बात हुई थी कि इससे कोई फ़ायदा नहीं है. लाठी खाकर धरने से उठना पड़े तो ये सही बात नहीं होगी.”
“हमने अब सरकार को चुनौती दे दी है कि ऐसे नहीं उठेंगे. अब कुछ भी हो जाए सरकार की ज़िम्मेदारी है. अधिकारी आए थे, हमने उनसे कह दिया कि किसानों के साथ कुछ न करियो.”
“हमें खुशी थोड़ी है कि हम वहां बैठेहैं. स्वाभिमान को नुक़सान पहुंचाकर थोड़ी उठेंगे. किसानों को हम क्या दे सके हैं.''
बीजेपी की नेता स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर जवाबी हमला करते हुए कहा कि 26 जनवरी को पुलिस अधिकारियों के ऊपर ट्रैक्टर चलाए गए, उन्हें गड्ढों में खदेड़ा गया लेकिन उन्हें लेकर राहुल गांधी ने सांत्वाना का एक शब्द भी नहीं कहा.
उन्होंने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश में हिंसा का आह्वान किया है.
स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "जो दृश्य देश ने दिल्ली में देखा राहुल गांधी का मानना है कि वही हिंसा जल्द ही देश के हर शहर में जनता देख पाएगी. मैं राष्ट्र से अपील करती हूं कि राहुल गांधी के जितने भी मंसूबे हैं उन्हें हमें मिलकर नाकामयाब करना होगा."
इससे पहले राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किसान आंदोलन को अपना समर्थन जताया था और कहा था "ये आंदोलन रुकेगा नहीं. यह आंदोलन गांव से शहरों की ओर जाएगा अब. मैं प्रधानमंत्री से कहता चाहता हूँ कि वो बात कर के समाधान निकालें, नहीं तो देश को नुक़सान होगा.यह आंदोलन बाकी प्रदेशों में भी जाएगा. आप इसे दबा नहीं सकते."
दिल्ली पुलिस ने बताया है कि दिल्ली स्थित इसराइली दूतावास के क़रीब धमाका हुआ है. इसमें कुछ कारों को नुक़सान भी पहुँचा है.
दिल्ली पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी ने बयान जारी कर कहा है, “जिंदल हाउस के नज़दीक एपीजे अब्दुल कलाम रोड पर शाम 5.05 बजे एक कम क्षमता वाला IED ब्लास्ट हुआ. इसमें कोई ज़ख़्मी नहीं हुआ है और ना ही किसी संपत्ति को कोई नुक़सान पहुंचा है. सिर्फ़ नज़दीक खड़ी तीन कारों के शीशे इसमें टूटे हैं. शुरुआती तौर पर यह सनसनी फैलाने की कोई शरारत लगती है.”
हालांकि अभी तक इसमें किसी और नुक़सान की ख़बर नहीं है.
यह इलाक़ा इसराइली दूतावास के नज़दीक है.
दिल्ली में हुए इस धमाके को देखते हुए सीआईएसएफ़ ने सभी एयरपोर्ट, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और सरकारी इमारतों के लिए एलर्ट जारी किया है और उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है.
राकेश टिकैत और किसानों के समर्थन में मुज़फ़्फ़रनगर में महापंचायत हो रही है.
मुज़फ़्फ़रनगर से बीबीसी के सहयोगी पत्रकार समीरात्मज मिश्र ने बताया कि मुज़फ़्फ़रनगर में जो लोग जुटे हैं, उनका कहना है, ''राकेश टिकैत के आंसुओं का सैलाब ये जनता है. राकेश टिकैत के एक-एक आंसू का बदला लिया जाएगा.''
एक युवा प्रिंस चौधरी ने कहा, ''सरकार किसानों के बीच फूट डालना चाह रही है. दोषियों पर सरकार एफआईआर कर नहीं रही है जो निर्दोष है उस पर एफआईआर कर रही है. सरकार ने ये रणनीति तैयार की है कि धरना खत्म किया जाए.''
स्थानीय लोगों ने कहा, ''हर घर से हरेक आदमी को लेकर दिल्ली लेकर जाएंगे. अब दिल्ली से नहीं भगा सकते. दुनिया की कोई ताकत पीछे नहीं हटा सकती.''
स्थानीय लोगों ने कहा, ''जब किसी का शोषण होता है तो घर बैठे लोग बर्दाश्त नहीं करते हैं. कल ग़ाज़ीपुर हम पलायन करेंगे. जो शोषित किसान की सहायता करेगा उसका भरपूर स्वागत है.''
स्थानीय लोगों ने कहा, ''जब किसी का शोषण होता है तो घर बैठे लोग बर्दाश्त नहीं करते हैं. कल ग़ाज़ीपुर हम पलायन करेंगे. जो शोषित किसान की सहायता करेगा उसका भरपूर स्वागत है.''
पंचायत में जुटे लोगों ने कहा, ''जो जाना भी नहीं चाहता था दिल्ली, अब उसके भी खून में संचार हो गया है.''
''ये सरकार घमंड में चूर हो चुकी है. क्योंकि देश में विपक्ष है नहीं.''
''हमने युवाओं को समझाकर भेजा था कि शांतिपूर्वक धरना करना. दिल्ली में जो हिंसा हुई वो किसानों ने नहीं की. दीप सिद्धू और लक्खा ने किया ताकि राकेश टिकैत का आंदोलन कमज़ोर पड़ जाए.''
''राकेश टिकैत के आंसू खून के आंसू हैं. दिल्ली जाकर बैठेंगे. आर-पार की लड़ाई होगी अब. अब दिखाएंगे संगठन का ज़ोर. हम सोच रहे थे कि बात मान जाएं ऐसे ही. टिकैत साब की बेइज्जती हमारी बेइज्जती है.''
हरियाणा सरकार ने प्रदेश के 14 ज़िलों में इंटरनेट और एसएमएस सेवाएँ बंद करने की घोषणा की है.
सरकार ने इस बाबत जारी आदेश में कहा है कि किसान आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया पर फेक ख़बरें प्रदेश के कई ज़िलों में फैलाई जा रही हैं, जिसे देखते हुए सरकार ने इन इंटनेट सेवाओं को बंद करने का फैसला लिया है.
आदेश में आशंका जाहिर की गई है कि इन संदेशों की वजह से कई ज़िलों में क़ानून-व्यवस्था का संकट पैदा हो सकता है और जानमाल का नुक़सान हो सकता है.
इनमें हरियाणा का अंबाला, यमुना नगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, हिसार, जींद, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, रेवाड़ी, फ़तेहाबाद और सिरसा ज़िला शामिल है.
सिंघु बॉर्डर पर पत्थरबाजी में घायल हुए कुछ लोगों ने बीबीसी से अपनी आपबीती सुनाई है कि कैसे उन्हें चोटें आईं और वाकई में झड़प के दौरान क्या-क्या हुआ.
जिन लोगों को चोटें आई हैं उनमें से तरनतारन से आए एक शख्स सरबजीत सिंह ने कहा कि बीजेपी वालों ने पत्थर मारा है जिसमें उन्हें चोट आई है.
उनका कहना है कि एकदम से ये कैसे शुरू हो गया पता ही नहीं चला.
एक अन्य घायल व्यक्ति ने बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा से बातचीत में आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस के लोगों ने पत्थरबाज़ी की है.
अरविंद छाबड़ा ने बताया कि अब भी सिंघु बॉर्डर पर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं.