इस्लामिक स्टेट (आईएस)
ने इराक़ की राजधानी बगदाद में हुए दोहरे ब्लास्ट की ज़िम्मेदारी ली है. गुरुवार को
हुए इस हमले में 32 लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक लोग घायल हुए.
आईएस से जुड़े न्यूज
एजेंसी अमाक़ के मुताबिक इस हमले का लक्ष्य शिया मुस्लिम थे. आईएस सुन्नी मुसलमानों
का ग्रुप है.
बीते तीन सालों के
दरम्यान यह बगदाद में हुआ सबसे बड़ा हमला है.
इस हमले में आत्मघाती
हमलावरों ने तायरान स्क्वायर में कपड़े की बाज़ार में खुद को उड़ा दिया.
आईएस ने इस हमले के
कई घंटे बाद मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर अपने अकाउंट के ज़रिए इस हमले की ज़िम्मेदारी
ली है.
2017 में इस क्षेत्र में
सेना से हारने के बाद आईएस की तरफ से बहुत कम आत्मघाती हमले हुए हैं.
कभी पूर्वी इराक से
पश्चिमी सीरिया तक के क़रीब 88,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र
में इस्लामिक स्टेट का नियंत्रित था और वो लगभग 80 लाख लोगों पर अपना क्रूर शासन चलाता था.
युद्ध के मैदान में
आईएस की हार के बावजूद, संयुक्त राष्ट्र की
एक रिपोर्ट ने अगस्त 2020 में अनुमान लगाया
था कि 10 हज़ार से अधिक आईएस लड़ाके
आज भी इराक़ और सीरिया में सक्रिय हैं.
इसके स्लीपर सेल छोटे
स्तर के विद्रोह जारी रखे हैं, जो मुख्य रूप से ग्रामीण
क्षेत्रों में चल रहे हैं और सुरक्षा बलों को टारगेट कर रहे हैं.
गृह मंत्रालय ने बताया
कि गुरुवार की सुबह हुए इस हमले में पहला आत्मघाती हमलावर बाज़ार में जा घुसा और अचानक
बीमार पड़ने का बहाना कर अपने आस पास भीड़ इकट्ठा कर लिया.
एक दुकानदार ने रायटर्स
न्यूज़ एजेंसी को बताया, "हमलावर ने अपने हाथ
से डेटोनेटर दबाया. तुरंत धमाका हुआ जिसमें कई लोगों के शरीर टुकड़े टुकड़े हो गए."
मंत्रालय के मुताबिक,
पहले धमाके बाद जब घायलों की मदद के लिए लोग इकट्ठा
होने लगे तो दूसरा हमलावार ने खुद को उड़ा दिया.
प्रत्यक्षदर्शियों
ने बताया कि तायरान स्क्वायर बीते लगभग एक साल से कोरोनो वायरस से जुड़े प्रतिबंधों
में ढील के बाद व्यस्त था.
बगदाद में इससे पहले
आखिरी आत्मघाती हमला इसी स्क्वायर में जनवरी 2018 को हुआ था, तब 35 लोग मारे गए थे.
इराक़ी राष्ट्रपति
बरहाम सालेह ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि "सरकार देश को अस्थिर करने के
इन दुष्ट प्रयासों के ख़िलाफ़ मजबूती से कदम उठाएगी."
मार्च में इराक की
यात्रा की योजना बना रहे पोप फ्रांसिस ने सालेह को भेजे एक संदेश में इस "क्रूरता
और मूर्खतापूर्ण हमले की निंदा की है."
अमेरिका, यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी इस हमले
की निंदा की है.
2018 में किया गया हमला
संसदीय चुनावों से कुछ महीने पहले हुआ था और इराक इस साल के अंत में एक और आम चुनाव
की योजना बना रहा है.
सरकार ने हाल ही में घोषणा की है कि मतदाताओं और नई पार्टियों
को पंजीकृत करने के लिए अधिकारियों को अधिक समय देने के लिए वोटिंग जून से अक्तूबर
के बीच पुनर्निर्धारित की जाएगी.