अब तक कई राज्यों में बर्ड
फ्लू फैलने की पुष्टि हो चुकी है.
केंद्र के पशुपालन और डेयरी
विभाग ने रविवार को बयान देकर सात राज्यों में इसके प्रसार की पुष्टि की, जिनमें
केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और उत्तर प्रदेश
शामिल हैं.
इसके बाद शाम में महाराष्ट्र
के पशुपालन आयुक्त सचिंद्रप्रताप सिंह ने कहा कि राज्य से लिए गए सैंपल में एवियन इन्फ्लूएंजा
वायरस मिलने की पुष्टी हुई है.
रविवार को हिमाचल प्रदेश
की पोंग डैम लेक वन्यजीव अभयारण्य में 215 प्रवासी पक्षी मृत मिले, अधिकारियों के
मुताबिक़ समझा जा रहा है कि इसके बाद बर्ड फ्लू से मरने वाले कुल प्रवासी पक्षियों
की संख्या 4,235 हो गई है.
इस बीच शनिवार को सोलन
ज़िले में चंडीगढ़-शिमला हाइवे के किनारे बहुत सारे मरे हुए पोल्ट्री पक्षी फेंके
हुए मिले थे. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से बहुत सारे कौए भी
मरे हुए मिले हैं.
महाराष्ट्र के पशुपालन आयुक्त
का कहना है कि बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए परभणी और लातूर के केंद्रों से
एक किलोमीटर के दायरे में पक्षियों को मारने के आदेश दिए गए हैं. इंडियन एक्सप्रेस
के मुताबिक़, उन्होंने कहा कि 10 किलोमीटर का सर्विलांस ज़ोन बनाया गया है और
स्थिति पर कड़ी नज़र रखी जा रही है.
वहीं उत्तर प्रदेश पशुपालन
विभाग ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं. लोगों से चिड़ियाघर और पक्षी अभयारण्य जाने से
बचने की अपील की जा रही है और कहा जा रहा है कि वो किसी भी तरह के पक्षी के संपर्क
में आने से बचें. प्रशासन से कहा गया है कि किसी भी पक्षी की अप्राकृतिक मौत की
जानकारी साझा की जाए.
इस बीच,
पंजाब में गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज़
यूनिवर्सिटी ने रविवार को पोल्ट्री किसानों और चिकन खाने वालों के लिए एक एडवाइज़री
जारी की.
एडवाइज़री में कहा गया कि
फिलहाल पंजाब में बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं आया है, फिर भी पोल्ट्री किसान ज़्यादा
सतर्क रहें और साफ़-सफाई का ध्यान रखें. इसमें ये भी कहा गया, “70 डिग्री सेल्सियस से ज़्यादा
तापमान पर ठीक से खाना पकाने से इन्फ्लूएंज़ा वायरस मर जाता है. एक फार्म से दूसरे
फार्म में आमतौर पर जीवित पक्षियों, लोगों और दूषित वाहनों, उपकरणों के ज़रिए संक्रमण फैलता है.”