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अमेरिका: डोनाल्ड ट्रंप को पद से हटाने की मांग तेज़ हुई, बाइडन ने लगाए गंभीर आरोप

जो बाइडन ने बुधवार को कैपिटल बिल्डिंग में हुई घटना को अमेरिका के इतिहास के सबसे काले दिनों में से एक करार दिया है.

लाइव कवरेज

  1. ट्विटर की तरह फ़ेसबुक ने भी ट्रंप को ब्लॉक किया

    फ़ेसबुक ने भी ट्विटर की तरह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अकाउंट को अगले 24 घंटे के लिए बैन करने का निर्णय लिया है.

    कंपनी ने इस निर्णय के लिए अपनी नीतियों का हवाला दिया है.

    फ़ेसबुक ने लिखा है, “राष्ट्रपति ट्रंप ने फ़ेसबुक की दो नीतियों का उल्लंघन किया है जिसकी वजह से 24 घंटे के लिए उनके अकाउंट के फ़ीचर बंद किये जाते हैं यानी वे इस अंतराल में कुछ पोस्ट नहीं कर सकेंगे.”

  2. यूएस कैपिटल के भीतर और बाहर फसाद की तस्वीरें देखिए

  3. ट्रंप के दबाव के बीच हिंसा के ख़िलाफ़ खुलकर बोले उप-राष्ट्रपति माइक पेंस

    अमेरिका के कई बड़े रिपब्लिकन नेता ना सिर्फ़ यूएस कैपिटल हिंसा की, बल्कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बयानबाज़ी की भी निंदा कर रहे हैं.

    इस बीच अमेरिकी उप-राष्ट्रपति माइक पेंस ने कहा है कि ‘यह अमेरिकी इतिहास में एक काला दिन है.’

    उन्होंने कैपिटल हिंसा की निंदा की है और इसमें हुई मौत पर अफ़सोस ज़ाहिर किया है.

    ट्विटर पर माइक पेंस ने लिखा है कि “हम उन लोगों के आभारी रहेंगे जिन्होंने इस ऐतिहासिक जगह को बचाने के लिए अपनी जगह नहीं छोड़ी.”

    अमेरिकी कांग्रेस में बोलते हुए पेंस ने कहा, “जिन लोगों ने भी कैपिटल में कहर बरपाने की कोशिश की, वो जीत नहीं सकते. हिंसा कभी नहीं जीत सकती. जीत स्वतंत्रता की ही होती है. यह सदन जनता और उनके प्रतिनिधियों का है. आज जब हम इस सदन से बोल रहे हैं, तो दुनिया फिर से अभूतपूर्व हिंसा और बर्बरता के बीच, हमारे लोकतंत्र के लचीलेपन और उसकी ताक़त की गवाह बनेगी.”

    हिंसा के दौरान एक ट्वीट में पेंस ने लिखा था, “शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करना हर अमेरिकी नागरिक का अधिकार है, लेकिन यूएस कैपिटल पर हमले को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. जो भी इसमें शामिल हैं, उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाएगी.”

    माइक पेंस के ये बयान ऐसे समय में आये हैं, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन पर जो बाइडन को जीत का सर्टिफ़िकेट ना देने का दबाव बना रहे हैं.

    बुधवार रात को ही राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्विटर पर लिखा था कि “यह अधिकतम साहस दिखाने का समय है माइक. राज्य अपने वोटों में सुधार करना चाहते हैं, उन्हें चुनावी धांधली का पता चल गया है. माइक को बस इतना करना है कि वो उन्हें वापस राज्यों को भेज दें, और हम जीत जाएंगे. यह कर दो माइक.”

    ट्रंप का दावा है कि ‘अमेरिकी राज्य एक बार फिर वोटों की गिनती करना चाहते हैं क्योंकि उन्हें वोटिंग फ़्रॉड के बारे में पता चला है.’ लेकिन चुनाव अधिकारी उनके इस दावे को विवादित बताते हैं.

  4. ट्रंप समर्थकों के फसाद पर जो बाइडन का फूटा ग़ुस्सा, ट्रंप ने की अपील

  5. सोशल मीडिया वेबसाइट्स ने हटाया ट्रंप का वीडियो, ट्विटर ने अकाउंट किया लॉक

    सोशल मीडिया वेबसाइट ट्विटर ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट 12 घंटे के लिए लॉक करने की घोषणा की है.

    ट्विटर ने यह कार्रवाई उनके चुनाव संबंधी ट्वीट्स पर की है.

    ट्विटर ने कहा है, “वॉशिंगटन डीसी में बनी अभूतपूर्व हिंसक स्थिति को देखते हुए हमें लगता है कि डोनाल्ड ट्रंप को अपने तीन ट्वीट्स हटाने चाहिए. ये ट्वीट्स हमारी ‘सिविक इंटेग्रिटी पॉलिसी’ का उल्लंघन करते हैं.”

    कहा गया है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप ये तीन ट्वीट्स नहीं हटाते, तो उनका अकाउंट लॉक ही रहेगा.

    ट्विटर ने यह भी कहा है कि अगर डोनाल्ड ट्रंप ने ‘सिविक इंटेग्रिटी पॉलिसी’ का दोबारा उल्लंघन किया, तो उनका अकाउंट हमेशा के लिए भी बंद किया जा सकता है.

    नॉर्थ अमेरिका के टेक्नोलॉजी रिपोर्टर जेम्स क्लेटन ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपने समर्थकों को जो संदेश दिया, जिसके बाद अमेरिकी राजधानी में हिंसा हुई, उसे ना सिर्फ़ ट्विटर, बल्कि फ़ेसबुक और यूट्यूब ने भी हटा दिया है.

    ट्रंप ने अपने समर्थकों से घर जाने की अपील की थी, लेकिन उन्होंने अपने संदेश में चुनावी धांधली के दावे को भी दोहराया.

    फ़ेसबुक ने कहा है कि ‘उनके संदेश से ऐसा लगता है कि उससे स्थिति नियंत्रित नहीं होगी, बल्कि बिगड़ेगी.’

    हिंसा से पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने समर्थकों से कहा था कि ‘इस चुनाव में भी धांधली हुई है.’

    इसके कुछ घंटे बाद, जब अमेरिकी राजधानी और बाहर के इलाक़े में हिंसा शुरू हो गई, तब उन्होंने एक अन्य वीडियो संदेश में चुनावी धांधली के अपने दावे को दोहराया.

    यूट्यूब ने ट्रंप के वीडियो संदेश को हटाते हुए कहा कि ‘उनका वीडियो चुनावी धांधली का बेबुनियाद दावा करता है जो उनकी नीति के ख़िलाफ़ है.’

  6. अमेरिकी राजधानी में तैनात किए गए क़रीब 2,700 सैनिक

    अमेरिकी नेशनल गार्ड्स की तैनाती के साथ ही राजधानी में भीड़ तितर-बितर होनी शुरू हो गई है.

    नेशनल गार्ड्स के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि डीसी सेना और एयर नेशनल गार्ड्स के क़रीब 2,700 सैनिक राजधानी में तैनात किये गए हैं. इनके अलावा वर्जीनिया से भी 650 सैनिकों को बुलाया गया है.

  7. पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने यूएस कैपिटल में हुई हिंसा की तुलना 'बनाना रिपब्लिक' से की

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने एक बयान जारी कर कैपिटल हिंसा की निंदा की है.

    बुश ने कहा है कि ‘यह हंगामा, इस तरह का 'राजद्रोह' एक पागलपन है और जो नज़ारे देखने को मिल रहे हैं, उनसे उन्हें तकलीफ़ पहुँची है.’

    रिपब्लिकन नेता ने कहा है कि ‘चुनाव के नतीजों को लेकर इस तरह के विवाद असफ़ल गणराज्यों (बनाना रिपब्लिक) में देखे जाते हैं, अमेरिका जैसे देश में नहीं.’

    बुश ने अपने बयान में इस हंगामे के लिए कुछ नेताओं को ज़िम्मेदार ठहराया है, लेकिन उन्होंने अपने बयान में कहीं भी डोनाल्ड ट्रंप का नाम नहीं लिया.

    राष्ट्रपति ट्रंप ने अब तक इस हिंसा की निंदा नहीं की है, हालांकि उन्होंने दंगाइयों से शांत रहने की अपील की है.

  8. अमेरिकी कांग्रेस में रात में होगी वोटों की गिनती

    अमेरिकी कांग्रेस में हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स की स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने घोषणा की है कि बुधवार रात को सदन चलेगा.

    उन्होंने कहा, ''डेमोक्रेट नेताओं के साथ विचार करने और पेंटागन, न्याय विभाग और उपराष्ट्रपति से बातचीत के बाद हमने तय किया है कि कैपिटल के पूरी तरह साफ़ होने और इस्तेमाल के लिए तैयार होने पर हम आज रात प्रक्रिया पूरी करेंगे.''

  9. ब्रेकिंग न्यूज़, कैपिटल हिंसा में 13 गिरफ़्तार, पाँच हथियार ज़ब्त

    अमेरिका में कैपिटल हिल्स पर हमले के मामले में 13 लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    वॉशिंगटन डीसी मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने बताया कि पांच बंदूकें जब्त की गई हैं, जिनमें हैंडगन और लॉन्ग गन भी शामिल हैं.

    पुलिस चीफ़ रॉबर्ट कॉन्टी ने मीडिया को बताया कि गिरफ़्तार किए गए लोग डीसी एरिया में नहीं रहते.

    उन्होंने यह भी बताया कि घटना में जख़्मी अधिकारियों का इलाज चल रहा है.

    पुलिस फिलहाल प्रदर्शनकारियों को कैपिटल से दूर करने में लगी है. शहर में स्थानीय समयानुसार शाम छह बजे से कर्फ्यू लागू कर दिया गया है.

  10. कैपिटल हिंसा में गोली लगने से महिला की मौत

    अमेरिका की कैपिटल बिल्डिंग में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों के हंगामे और हिंसा के दौरान जिस महिला को गोली लगी थी, उसकी मौत हो गई है.

    उसकी पहचान अब तक नहीं पाई है. हालांकि पुलिस का कहना है कि वो आम नागरिक थी.

  11. कैपिटल हिंसा: इलेक्टोरल कॉलेज के बैलेट बॉक्स सुरक्षित

    अमेरिका में बुधवार को कैपिटल बिल्डिंग पर हुए हमले के दौरान सदन में जो बाइडन के चुनाव जीतने की पुष्टि की जाने वाली थी.

    14 दिसंबर को जिस सील बैलेट बॉक्स में सर्टिफिकेट भेजे गए थे वो छह जनवरी को कांग्रेस में लाया गया था.

    कांग्रेस में इलेक्टोरल वोटों की गिनती उस वक़्त रोकनी पड़ी जब ट्रंप के समर्थक कैपिटल बिल्डिंग में घुस गए.

    कैपिटल पुलिस ने ट्रंप समर्थक प्रदर्शनकारियों को रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन वो नहीं माने और ये झड़प हिंसा में बदल गई.

    एक सीनेटर ने ट्वीट करके बताया कि स्टाफ के कुछ लोगों ने इस अफरातफरी के बीच बैलेट बॉक्स को किसी तरह वहां से बाहर निकाल लिया.

  12. नमस्कार!

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