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कोरोना महामारी की जांच पर चीन के रवैये से WHO 'बेहद निराश'

विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख ने कोरोना महामारी की जांच को लेकर चीन के रवैये पर नाराज़गी जाहिर की है.

लाइव कवरेज

  1. पूर्व क्रिकेटर और पश्चिम बंगाल के खेल राज्य मंत्री लक्ष्मी रतन शुक्ला ने इस्तीफ़ा दिया

    प्रभाकर मणि तिवारी

    कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए

    पूर्व क्रिकेटर और पश्चिम बंगाल के खेल राज्यमंत्री लक्ष्मी रतन शुक्ला ने ममता मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    उन्होंने हावड़ा शहर ज़िला टीएमसी अध्यक्ष पद भी छोड़ दिया है.

    हालांकि उन्होंने अभी तक विधायक पद नहीं छोड़ा है.

    बीजेपी और कांग्रेस दोनों ने कहा है कि शुक्ला के लिए पार्टी के दरवाज़े खुले हुए हैं.

  2. यूपी में अब 224 रिटायर्ड अफ़सरों ने योगी आदित्यनाथ के समर्थन में लिखा पत्र

    समीरात्मज मिश्र

    लखनऊ से बीबीसी हिंदी के लिए

    उत्तर प्रदेश में पिछले महीने आए ग़ैर-क़ानूनी धर्मांतरण क़ानून के समर्थन में 224 पूर्व नौकरशाहों, जजों और अकादमिक लोगों ने पत्र लिख कर इसके लिए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की है.

    फ़ोरम ऑफ़ कंसर्न्ड सिटिज़ंस नाम के बैनर तले यह पत्र यूपी के पूर्व मुख्य सचिव और राज्य सभा के पूर्व महासचिव योगेंद्र नारायण के नेतृत्व में लिखा गया है.

    यह पत्र उन 104 पूर्व नौकरशाहों के पिछले हफ़्ते लिखे गए पत्र के जवाब में आया है जिसमें इस क़ानून पर सवाल उठाए गए थे, इसे वापस लेने की माँग की गई थी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संविधान को समझने की सीख दी गई थी. इन पूर्व नौकरशाहों ने कहा था कि यूपी ‘नफ़रत की राजनीति का केंद्र’ बनता जा रहा है.

    उनके जवाब में फ़ोरम ऑफ़ कन्सर्न्ड सिटिजंस से जुड़े इन लोगों ने पत्र में ग़ैर-क़ानूनी धर्मांतरण और कथित लव जिहाद को रोकने के लिए यूपी सरकार के इस क़ानून का समर्थन किया है.

    पत्र में लिखा गया है, “ब्रिटिश राज में भी कई रजवाड़ों ने इसी तरह के क़ानून लागू किए थे. इससे उत्तर प्रदेश की गंगा-जमुनी तहज़ीब को कोई ख़तरा नहीं है. यह अध्यादेश धर्म और जाति छिपाकर धोखाधड़ी करने वालों के ख़िलाफ़ कारगर है.”

    पत्र में इस क़ानून का विरोध कर रहे पूर्व नौकरशाहों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा गया है कि ये लोग हज़ारों पूर्व अधिकारियों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं. इन अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संविधान के बारे में फिर से पढ़ने की नसीहत देने को भी ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयान बताया है.

    पिछले हफ़्ते इस अध्यादेश को रद्द करने की माँग को लेकर 104 पूर्व नौकरशाहों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा था.

    इनमें पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, पूर्व विदेश सचिव निरूपमा राव, हर्ष मंदर, अरुणा रॉय, अशोक वाजपयी और प्रधानमंत्री के सलाहकार रह चुके टीकेए नायर जैसे लोग शामिल थे.

  3. कोरोना वैक्सीन को लेकर एसआईआई और भारत बायोटेक का संयुक्त बयान

    भारत में सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया (एसआईआई) की कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंज़ूरी मिलने के बाद पैदा हुुए विवाद को दूर करने के लिए दोनों कंपनियों ने संयुक्त बयान जारी किया है.

    मंगलवार को एसआईआई के सीईओ अदार पूनावाला और भारत बायोटे के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉक्टर कृष्णा एल्ला ने संयुक्त बयान में कहा कि वो दोनों ने कोरोना वैक्सीन को बनाने, उसके उत्पादन और भारत और दुनिया भर में वितरण के लिए अपनी संयुक्त इच्छा जताई.उन्होंने कहा कि इस समय उन दोनों के सामने सबसे महत्वपूर्ण टास्क है भारत और दुनिया भर के लोगों की जान बचाना.

  4. भारत बायोटेक को लेकर पूनावाला ने कहा- ग़लतफ़हमी दूर करेंगे

    भारत में निर्मित कोरोना की वैक्सीन कोविशील्ड और कोवैक्सीन के निर्यात पर संभावित पाबंदी की ख़बरों के बीच सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया (एसआईआई) के सीईओ ने ट्वीट करके साफ़ किया है कि ऐसी कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है.

    एसआईआई के सीईओ अदार पूनावाला ने ट्वीट किया है, “मैं दो मुद्दों को साफ़ कर देना चाहता हूं, जिसको लेकर सार्वजनिक तौर पर भ्रम है. सभी देशों को निर्यात की अनुमति है और भारत बायोेटेक को लेकर हाल में जो ग़लतफ़हमियां हुई हैं उस पर संयुक्त सार्वजनिक बयान जारी किया जाएगा.”

    पूनावाला का यह बयान ऐसे समय में आया है जब एसआईआई और भारत बायोटेक के बीच अलग-अलग बयान सामने आए थे.

    इसी मुद्दे पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की थी कि वो इस मामले में दख़ल दें.

    उन्होंने ट्वीट किया, “सीरम इंस्टिट्यूट और भारत बायोटेक कंपनियों की वैक्सीन को भारत में मंज़ूरी मिलने के बाद दोनों कंपनियों के बीच हुई आपसी बयानबाज़ी दुर्भाग्यपूर्ण है. यह संवेदनशील मुद्दा है जिसमें प्रधानमंत्री को दख़ल देना चाहिए.”

  5. भारत-रूस के बीच एस-400 सौदे के कारण अमेरिका लगा सकता है प्रतिबंध: रिपोर्ट

    रूस से अरबों डॉलर के एस-400 एयर डिफ़ेंस मिसाइल सिस्टम ख़रीदने पर भारत पर अमेरिका कई तरह के प्रतिबंध लगा सकता है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, अमेरिकी कांग्रेस की रिपोर्ट में इसको लेकर चेताया गया है.

    अमेरिकी कांग्रेस की स्वतंत्र रिसर्च विंग कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) ने अपनी कांग्रेस को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि भारत ‘टेक्नोलॉजी शेरिंग और सह-उत्पादन की पहल को लेकर ख़ासा उत्सुक है.

    हालांकि, अमेरिका की मांग है कि भारत अपनी रक्षा नीति में अधिक बदलाव लाए और रक्षा क्षेत्र में अधिक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश लाए.’

    कांग्रेस सदस्यों के लिए तैयार की गई रिपोर्ट में यह सूचित किया गया है कि ‘भारत अरबों डॉलर का रूस द्वारा निर्मित एस-400 एयर डिफ़ेंस सिस्टम ख़रीद रहा है जिससे अमेरिका के शत्रु विरोध प्रतिबंध क़ानून के तहत भारत पर प्रतिबंध लग सकते हैं.’

    हालांकि, सीआरएस की रिपोर्ट आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मानी जाती है और न ही यह अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों का नज़रिया दर्शाती है.

    इन्हें स्वतंत्र विशेषज्ञ बनाते हैं ताकि क़ानून निर्माताओं को फै़सलों से अवगत कराया जा सके.

    अक्तूबर 2018 में भारत ने रूस के साथ पांच एस-400 एयर डिफ़ेंस मिसाइल सिस्टम ख़रीदने का 5 अरब डॉलर का सौदा किया था. हालांकि, इससे पहले ही ट्रंप प्रशासन चेता चुका था कि अगर यह सौदा होता है तो फिर भारत अमेरिकी प्रतिबंधों के लिए तैयार रहे.

    2019 में भारत ने मिसाइल सिस्टम के लिए 80 करोड़ डॉलर का पहला भुगतान किया था.

    एस-400 को रूस का सबसे आधुनिक ज़मीन से हवा में लंबी दूरी तक मार करने वाला मिसाइल डिफ़ेंस सिस्टम माना जाता है.

  6. दक्षिण कोरिया ने ईरान से अपना टैंकर छोड़ने को कहा

    ईरान द्वारा अपने टैंकर को क़ब्ज़े में लिए जाने के बाद दक्षिण कोरिया ने उसे छुड़ाने की कोशिशें तेज़ कर दी हैं.

    ईरानी सुरक्षा बलों ने होर्मुज़ स्ट्रेट में एमटी हेंकुक चेमी नामक जहाज़ टैंकर को क़ब्ज़े में ले लिया था और इस पर सवार क्रू के 20 सदस्यों को हिरासत में ले लिया था. ईरान का कहना है कि जहाज़ ने पर्यावरण नियमों का उल्लंघन किया है.

    यह घटना तब हुई है जब अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण दक्षिण कोरियाई बैंकों ने ईरान के फ़ंड पर रोक लगा दी है.

    एक वरिष्ठ दक्षिण कोरियाई अधिकारी आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर बात के लिए ईरान जाएंगे. लेकिन एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि ‘योजना साफ़ नहीं है’ कि उप-विदेश मंत्री चोई जॉन्ग-कुन कब जाएंगे.

    हालांकि, विदेश मंत्री कांग क्युंग-वा ने पत्रकारों से कहा कि दक्षिण कोरिया टैंकर और उसके क्रू की रिहाई के लिए कूटनीतिक कोशिशें कर रहा है. इस जहाज़ के क्रू में इंडोनेशिया, म्यांमार, दक्षिण कोरिया और वियतनाम के लोग शामिल हैं.

    उन्होंने योनहाप समाचार एजेंसी से कहा, “हम यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि दक्षिण कोरिया में ईरानी दूतावास के द्वारा क्या हुआ है और ईरान में दक्षिण कोरियाई दूतावास लगातर इस मुद्दे के समाधान की कोशिशें कर रहा है.”

    दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि उसने स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ (फ़ारस की खाड़ी में एक संकरा रास्ता) में अपनी एंटी-पाइरेसी यूनिट को भेजा है ताकि दक्षिण कोरियाई नागरिकों की ‘सुरक्षा सुनिश्चित’ की जा सके.

    ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान जारी किया है कि रासायनिक टैंकर ज़ब्त करना ‘पूर्ण रूप से तकनीकी मुद्दा है और यह समुद्र को प्रदूषित करने के कारण है.’

    जहाज़ के ऑपरेटर ने दावे को ख़ारिज किया है कि टैंकर पानी को प्रदूषित कर रहा था.

  7. भारत में बनी वैक्सीन के लिए बांग्लादेश और ब्राज़ील में बड़ी बेचैनी

  8. भारत को लगा झटका, चोट लगने के कारण सीरीज़ से बाहर हुए केएल राहुल

    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाले तीसरे टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम के लिए बुरी खबर आई है.

    भारतीय क्रिकेट टीम के प्रमुख बल्लेबाज केएल राहुल चोट लगने के चलते भारत और ऑस्ट्रेलिया के दोनों टेस्ट मैच में नहीं खेल पाएंगे.

    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सीरीज खेली जा रही है. दोनों टीम फिलहाल 1-1 की बराबरी पर हैं. सात जनवरी को सीरीज का तीसरा मैच होने वाला है.

    लेकिन, इससे पहले भारतीय टीम को ये झटका लगा है.

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के मुताबिक राहुल के बाएं हाथ की कलाई में मोच आ गई है, जिसके चलते वह सीरीज के बचे हुए दोनों टेस्ट मैचों से बाहर हो गए हैं.

    केएल राहुल को शनिवार को मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में बैटिंग प्रैक्टिस के दौरान बाएं हाथ की कलाई में मोच आ गई थी.

    हालांकि, अभी तक केएल राहुल को टेस्ट सीरीज में खेलने का मौका नहीं मिला है.

    अब उन्हें पूरी तरह ठीक होने में कम से कम तीन हफ़्ते का समय लगेगा. अब केएल राहुल भारत लौटेंगे और इलाज़ के लिए बैंगलुरू में नेशनल क्रिकेट एकेडमी जाएंगे.

  9. जैक मा: अलीबाबा के अरबपति संस्थापक दो महीने से कहाँ ग़ायब हैं?

  10. Australia v India: सिडनी टेस्ट में सिर्फ़ 25 प्रतिशत दर्शक ही देख सकेंगे मैच

    भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरे टेस्ट मैच में सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की दर्शकों की क्षमता को घटाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है.

    ये फ़ैसला सिडनी में क्रिसमस से पहले कोरोना वायरस के मामलों में आई तेज़ी के चलते लिया गया है.

    दर्शकों की संख्या घटाने के बाद मैच के टिकट नए सोशल डिस्टेंसिंग दिशा-निर्देशों के साथ फिर से जारी किए जाएंगे.

    स्टेडियम की क्षमता 48 हज़ार है और पहले इसकी 50 प्रतिशत क्षमता इस्तेमाल करने की योजना थी, जिसे अब और कम कर दिया गया है.

    चार टेस्ट मैचों की इस सिरीज़ में अभी तक दोनों टीम 1-1 से बराबर चल रही हैं. अगला टेस्ट मैच सात जनवरी को होना है.

    पाँच खिलाड़ियों को आइसोलेशन में रखने के बाद भारतीय खिलाड़ियों और स्टाफ की कोरोना वायरस रिपोर्ट नेगेटिव आई है.

    इन पाँच खिलाड़ियों को इसलिए आइसोलेशन में रखा गया था क्योंकि मेलबर्न के एक रेस्टोरेंट में खाना खाते हुए उनका एक वीडियो सामने आया था जो कि बायो-सिक्योर नियमों के ख़िलाफ़ है.

  11. जनवरी के अंत तक रखी जाएगी अयोध्या राम मंदिर की नींव

    अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की ज़िम्मेदारी संभाल रहे ट्रस्ट ने रविवार को बताया कि मंदिर की नींव का काम जनवरी के अंत तक शुरू हो जाएगा.

    ट्रस्ट ने बताया कि मिट्टी के अध्ययन का काम सात महीनों बाद अब भी पूरा नहीं हुआ है.

    श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू होने के दिन से 36-39 महीनों में पूरा हो जाएगा.

    चंपत राय ने रविवार को कानपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमें उम्मीद है कि निर्माण कार्य जून में शुरू हो जाएगा लेकिन मिट्टी का अध्ययन सात महीनों बाद भी पूरा नहीं हुआ है. नतीजे मेल नहीं खा रहे है. ज़मीन के नीचे रेत, बिखरी हुई रेत या कुछ पुराना मलबा पड़ा हुआ है.”

    उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने निर्माण स्थल के नीचे सरयू नदी की एक धारा की तस्वीरें भेजी थी.

    मिट्टी का पहला परीक्षण फरवरी 2020 को हुआ था. चंपत राय ने जोर दिया कि स्पष्ट नतीजों के बाद ही नींव रखने का काम शुरू किया जाएगा.

    ट्रस्ट मकर संक्रांति से मंदिर के काम के लिए एक जन संपर्क और योगदान अभियान शुरू करेगा. उन्होंने बताया कि विश्व हिंदू परिषद के चार लाख से अधिक कार्यकर्ताओं को धन इकट्ठा करने का काम सौंपा गया है.

  12. रिलायंस ने कोर्ट में बताया, कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में आने की कोई योजना नहीं

    कृषि क़ानूनों को लेकर किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने सोमवार को कहा कि उसने पहले कभी ‘कॉरपोरेट’ और ‘कॉन्ट्रैक्ट’ खेती नहीं की है और आगे भी इस कारोबार में आने की कोई योजना नहीं है.

    कंपनी ने ये भी बताया कि रिलायंस और उसकी सहायक कंपनियों ने पंजाब, हरियाणा और भारत में कहीं भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से कॉरपोरेट या कॉन्ट्रैक्ट खेती के लिए कोई कृषि भूमि नहीं खरीदी है.

    रिलायंस ने ये बातें पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में दायर एक याचिका में कही हैं. इस याचिका में कंपनी के मोबाइल टावर्स गिराने से रोकने के लिए सरकारी प्रशासन के दखल देने की मांग की गई है.

    अंग्रेज़ी अख़बार द हिंदू के मुताबिक रिलायंस के वकील आशीष चोपड़ा ने बताया कि इस मामले पर सुनवाई पांच जनवरी को की जाएगी.

    किसान आंदोलन के बीच पंजाब और हरियाणा में किसानों ने कारोबारी मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो पर गुस्सा निकालते हुए कंपनी के कई मोबाइल टावर तोड़ दिए थे.

    इसके बाद कंपनी ने कोर्ट में याचिका दायर की है.

    आरआईएल ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि उसने अपनी सहायक कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड के ज़रिए हाई कोर्ट में अपील की है.

    बयान में कहा गया है कि रिलायंस का तीनों कृषि क़ानूनों के साथ कोई संबंध नहीं है और उसे इनसे किसी भी तरह फायदा नहीं होने वाला है.

    कंपनी ने कहा है, “रिलायंस रिटेल लिमिटेड (आरआरएल) रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड (आरजेआईएल) या किसी भी अन्य सहायक कंपनी ने कॉरपोरेट या कॉन्टैक्र्ट खेती नहीं की है और ना ही आगे इस कारोबार में प्रवेश करने की योजना है.”

    कंपनी के मुताबिक रिलायंस रिटेल हर श्रेणी के उत्पाद बेचती है. “कंपनी किसानों से कोई भी अनाज सीधे नहीं खरीदती है. किसानों से अनुचित लाभ हासिल करने के लिए उसने लंबे समय के खरीद अनुबंधों में प्रवेश नहीं किया है.”

  13. नमस्कार!

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