प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसान आंदोलन पर तंज कसते हुए कहा है कि नए कृषि क़ानूनों के विरोध के नाम पर कुछ पार्टियाँ अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ा रही हैं.
मोदी ने किसान योजनाओं का लाभ उठाने वाले अलग-अलग राज्यों के किसानों से बात करते हुए ये टिप्पणी की है.
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों से बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल सरकार की तरफ से कई कोशिशों के बावजूद भी किसी न किसी राजनीतिक कारण से ये चर्चा नहीं होने दे रहे हैं. उन्होंने किसानों से किसी के बहकावे में ना आने की अपील की.
उन्होंने कहा," कुछ राजनीतिक दल जिन्हें देश की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से नकार दिया है, वो आज कुछ किसानों को गुमराह करके जो कुछ भी कर रहे हैं, उन सभी को बार-बार नम्रता पूर्वक सरकार की तरफ से अनेक प्रयासों के बावजूद भी किसी न किसी राजनीतिक कारण से ये चर्चा नहीं होने दे रहे हैं."
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार उनलोगों से भी बात करने के लिए तैयार है जो उनके विरोधी हैं, मगर बातचीत मुद्दों, तथ्यों और तर्कों पर होनी चाहिए.
इस मौक़े पर प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को भी निशाने पर लिया.
उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना का फायदा पश्चिम बंगाल के किसानों को नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा, “मुझे आज इस बात का अफसोस है कि मेरे पश्चिम बंगाल के 70 लाख से अधिक किसान भाई-बहनों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है. बंगाल के 23 लाख से अधिक किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं. लेकिन राज्य सरकार ने वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को इतने लंबे समय से रोक रखा है.”
तंज करते हुए उन्होंने कहा, “जो लोग 30-30 साल तक बंगाल में राज करते थे, एक ऐसी राजनीतिक विचारधारा को लेकर उन्होंने बंगाल को कहां से कहां लाकर खड़ा कर दिया है, ये सारा देश जानता है. आप ममता जी के 15 साल पुराने भाषण सुनेंगे तो पता चलेगा कि इस विचारधारा ने बंगाल को कितना बर्बाद कर दिया था.”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "स्वार्थ की राजनीति करने वालों को जनता बहुत बारीकी से देख रही है.
जो दल पश्चिम बंगाल में किसानों के अहित पर कुछ नहीं बोलते वो दल यहां किसान के नाम पर दिल्ली के नागरिकों को परेशान करने में लगे हुए हैं, देश की अर्थनीति को बर्बाद करने में लगे हुए हैं."
उन्होंने कहा कि नए कृषि सुधार के ज़रिए हमने किसानों को बेहतर विकल्प दिए
हैं और इन क़ानूनों के बाद किसान जहां चाहें जिसे चाहें अपनी उपज बेच
सकते हैं और किसान को जहां सही दाम मिले वो वहां पर उपज बेच सकता है.
पीएम मोदी ने सवाल किया, "देश के किसान को इतने अधिकार मिल रहे हैं तो इसमें गलत क्या
है? अगर किसानों को अपनी उपज बेचने का विकल्प ऑनलाइन माध्यम से
पूरे साल और कहीं भी मिल रहा है तो इसमें गलत क्या है?"
प्रधानमंत्री
मोदी ने कहा कि सरकार किसान के साथ हर कदम पर खड़ी है और सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि एक मज़बूत क़ानून
किसानों के पक्ष में खड़ा रहे.
उन्होंने साथ ही कहा कि कॉन्ट्रैक्ट फ़ार्मिंग के नाम पर भी देश में भ्रम फैलाया जा रहा है.