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ब्रेग्ज़िट के बाद ब्रिटेन और यूरोपीय संघ में हुआ व्यापार समझौता

ईयू ने इसे 'अच्छी, जायज़ और संतुलित' डील कहा है, जबकि ब्रिटेन ने भी इसे पूरे ईयू के लिए अच्छी डील क़रार दिया है.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया

    राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने की मांग को लेकर राष्ट्रपति भवन जा रहे कांग्रेस नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है. इन नेताओं में पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी भी शामिल हैं.

    प्रियंका गांधी ने कहा कि इस सरकार के ख़िलाफ़ किसी भी असहमति को एक आतंक के तत्व के रूप में समझा जाता है, यह मार्च सिर्फ़ किसानों की आवाज़ के लिए है.

    उन्होंने कहा कि यह देश लोकतांत्रिक देश है और चुने गए सांसदों के पास राष्ट्रपति से मिलने का अधिकार है, विपक्षी पार्टी होने के नाते किसानों की आवाज़ उठाना उनकी पार्टी का काम है.

    प्रियंका गांधी ने कहा, “जिन नामों से वे (बीजेपी नेता और समर्थक) किसानों को बुला रहे हैं वह पाप है. अगर सरकार उन्हें राष्ट्र-विरोधी बुला रही है तो यह सरकार पापी है.”

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, कांग्रेस का मार्च रोके जाने के बाद प्रियंका गांधी बोलीं

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के मार्च को रोके जाने के बाद पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने पत्रकारों से बात की.

    प्रियंका गांधी ने कहा कि सरकार किसानों की आवाज़ नहीं सुन रही है लाखों किसान बॉर्डर पर बैठे हैं उनकी आवाज़ कौन सुन रहा है, वो कह रहे हैं कि हमें दुख पहुंच रहा है सरकार क्यों नहीं इन क़ानूनों को वापस ले रही है.

    प्रियंका गांधी ने कहा, “यह लोकतंत्र है और सरकार का काम देश की आवाज़ सुनना है, जिन जवानों की हम बात करते हैं वेकिसानों के बेटे हैं, क्या उनकी आवाज़ नहीं सुननी चाहिए.”

    कांग्रेस द्वारा किसानों को कथित तौर पर उकसाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसान बहुत समझदार हैं कि वे जानते हैं कि उनके लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा है उनको कोई गुमराह नहीं कर सकता है, वे ख़ुद जानते हैं कि वे किस संघर्ष से गुज़र रहे हैं.

    राष्ट्रपति भवन तक मार्च निकाल रहे कांग्रेस नेताओं को पार्टी मुख्यालय के पास रोक लिया गया था जिसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में तीन नेता राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने गए हैं.

    कांग्रेस नेता राष्ट्रपति को कथित तौर पर 2 करोड़ हस्ताक्षरकर्ताओं का ज्ञापन सौंपने जा रहे थे.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, राष्ट्रपति से मिलने जा रहे राहुल गांधी के मार्च को रोका गया

    कृषि क़ानूनों को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को ज्ञापन सौंपने जा रहे कांग्रेस नेताओं को पुलिस प्रशासन ने बीच में रोक दिया है.

    प्रशासन का कहना है कि धारा 144 लागू है जिसके कारण लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध है.

    समाचार एजेंसी एएनआई से चाणक्यपुरी की एसीपी प्रज्ञा ने कहा था कि सिर्फ़ उन लोगों को राष्ट्रपति भवन जाने की इजाज़त होगी जिनके पास अनुमति होगी.

    राहुल गांधी के साथ पार्टी के नेता और सांसद विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च करने वाले थे और उनके पास कथित तौर पर 2 करोड़ हस्ताक्षरकर्ताओं का ज्ञापन है.

  4. विश्व भारती विश्वविद्यालय के 100 वर्ष पूरे होने पर पीएम मोदी का संबोधन

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को शांतिनिकेतन में विश्व भारती विश्वविद्यालय के 100 वर्ष पूरे होने पर वहां के छात्रों और शिक्षकों को संबोधित किया.

    उन्होंने कहा,“विश्व भारती, माँ भारती के लिए गुरुदेव के चिंतन, दर्शन और परिश्रम का एक साकार अवतार है.”

    “भारत के लिए गुरुदेव ने जो स्वप्न देखा था, उस स्वप्न को मूर्त रूप देने के लिए देश को निरंतर ऊर्जा देने वाला ये एक तरह से आराध्य स्थल है, और इनके ग्रामोदय के काम प्रशंसनीय रहे हैं.”

  5. राष्ट्रपति से मुलाक़ात से पहले कांग्रेस नेताओं की मुलाक़ात

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाक़ात से पहले कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी नेता राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेताओं और पार्टी सांसदों से बात की.

    राहुल गांधी पार्टी नेताओं के साथ विजय चौक से राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे.

    वो कृषि क़ानूनों में राष्ट्रपति के दख़ल देने को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे जिसके समर्थन में 2 करोड़ लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं.

  6. सरकार को निर्देशित करने में राष्ट्रपति की बड़ी भूमिका: थरूर

    राष्ट्रपति से मुलाक़ात करने जाने से पहले कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा है कि वे चाहते हैं कि सरकार इसको स्वीकार करे कि उसने किसानों से चर्चा किए बिना इन बिलों को पास किया है.

    उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि सरकार को विधायिका पर टिके रहने के लिए प्रेरित करने और उन्हें निर्देशित करने में राष्ट्रपति की बड़ी भूमिका है.”

    आज कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के लोक सभा और राज्य सभा सांसदों समेत पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलेगा.

  7. भारत: कोरोना के 24,712 नए मामले, 312 मौतें

    भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 24,712 नए मामले आने के बाद कुल पॉज़िटिव मामलों की संख्या 1,01,23,778 हुई.

    312 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 1,46,756 हुई. देश में सक्रिय मामलों की संख्या अब 2,83,849 और कुल रिकवरी की संख्या 96,93,173 है.

  8. ट्रंप ने रूसी दख़ल मामले में दोषी कैंपेन मैनेजर को किया माफ़

    अमरेिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अपने पूर्व कैंपेन मैनेजर पॉल मैनाफ़ोर्ट, पूर्व सलाहकार रोजर स्टोन औरअपने दामाद के पिता को माफ़ी दे दी है.

    पॉल मैनाफ़ोर्ट को 2018 में अमेरिका के 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में कथित रूसी दख़ल मामले में दोषी ठहराया गया था.

    इससे पहले ट्रंप ने रोजर स्टोन की सज़ा को कम कर दिया था. उन्हें अमेरिकी कांग्रेस से झूठ बोलने का दोषी पाया गया था.

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अगले महीने कुर्सी से हटने से पहले 29 लोगों को माफ़ी दी है जिनमें ये तीन लोग भी शामिल हैं.

    इनमें से 26 लोगों को पूरी तरह से माफ़ी दे दी गई है जबकि तीन लोगों की सज़ाएँ कम कर दी गई हैं.

  9. राहुल गांधी कांग्रेस नेताओं के साथ राष्ट्रपति से मिलने जाएंगे

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के लोक सभा और राज्य सभा सांसदों समेत पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविद से मिलने के इरादे से सुबह 10:45 बजे दिल्ली के विजय चौक पर जमा होगा और फिर 11:30 बजे राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ेगा.

    पार्टी की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक़, मुलाक़ात के बाद प्रतिनिधिमंडल दोपहर 12 बजे राष्ट्रपति भवन के बाहर मीडिया से मुखातिब होगा.

    कांग्रेस ने मंगलवार को बताया था कि राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद 24 दिसंबर को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को दो करोड़ हस्ताक्षरों के साथ ज्ञापन सौंपेंगे जिसमें केंद्रीय कृषि क़ानूनों को निरस्त करने की अपील की जाएगी.

  10. किसान आंदोलन पर मोदी से बात करें प्रधानमंत्री - ब्रिटिश सांसद करेंगे अपील

    ब्रिटेन के सिख सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने कहा है कि बोरिस जॉनसन के भारत दौरे को लेकर तैयारियां पूरी हो गईं हैं, इसलिए उन्हें जल्दी ही विपक्षी पार्टियों की ओर से एक चिट्ठी मिलेगी, जिसमें उनसे भारत के किसान आंदोलन को लेकर अपना रुख साफ़ करने और जल्द समाधान के लिए भारतीय प्रधानमंत्री के सामने इस मसले को उठाने की मांग की जाएगी.

    तनमनजीत सिंह ने अंग्रेज़ी और पंजाबी भाषा में एक वीडियो ट्वीट कर कहा,“हमें पता चला था कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री जॉनसन के जनवरी में होने वाले भारत दौरे की तैयारियां पूरी हो गई हैं, इसलिए हम चाहते हैं कि इस यात्रा के दौरान वो इन मसलों को उठाएं.”

    ब्रिटेन के स्लाओ से सांसद तनमनजीत सिंह टेसी ने इस वीडियो में कहा कि उनके क्षेत्र के कई निवासियों और अन्य लोगों ने उनसे संपर्क कर भारत में चल रहे किसान आंदोलन को लेकर चिंता ज़ाहिर की और उन्हें ब्रिटिश सरकार से संपर्क करने के लिए कहा.

    उन्होंने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने ब्रिटेन के विदेश मंत्री को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसके बाद उन्होंने अपने समकक्ष भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस बारे में बात की थी.

    तनमनजीत सिंह ने वीडियो में बताया, “लोगों की अपील को देखते हुए अक्टूबर और नवंबर में कुछ बैठकें हुईं थी और मुझे एक चिट्ठी तैयार करने के लिए कहा गया. ब्रिटेन के दर्जनों सांसदों ने उस चिट्ठी पर हस्ताक्षर किए. इसे हमने ब्रिटेन के विदेश मंत्री तक पहुंचाया. मुझे खुशी है कि विदेश मंत्री डॉमिनिक राब ने हमारी अपील को स्वीकारते हुए हमारी बात को भारत के विदेश मंत्री तक पहुंचाया.”

    आगे उन्होंने कहा, “9 दिसंबर को मैंने ब्रितानी संसद के हाउस ऑफ़ कॉमन्स में भी ये मसला प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के साथ उठाया, लेकिन बदकिस्मती से उन्हें वो सवाल ठीक से समझ नहीं आया. इसलिए इस बात को आगे बढ़ाते हुए एक चिट्ठी तैयार की गई है, जो मैं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को पहुंचाऊंगा कि वो हमारी चिंताओं और अहसासों को भारत के प्रधानमंत्री तक पहुंचाएं कि हर किसी को शांतिपूर्ण तरीक़े से प्रदर्शन करने का पूरा-पूरा हक़ है.”

    उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पूरे मसले को जल्द से जल्द निपटाया जाएगा. साथ ही उन्होंने यूके के निवासियों से अपील की कि वो उनसे संपर्क करने के बजाए, अपने-अपने सांसदों से संपर्क करें और चिट्ठी या ईमेल लिखें, ताकि वो इस समले पर सहमति देते हुए उस चिट्ठी पर अपने दस्तख्त करें.

    तनमनजीत सिंह ने आंदोलनकारी किसानों को संदेश दिया कि दुनिया भर में कई लोग उनके लिए फिक्रमंद हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द से जल्द इस मसले का हल निकाला जाए, ताकि किसान अपने घरों को लौट सकें.

  11. नमस्कार

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