भारतीय मूल के वेदांत पटेल बने बाइडन के सहायक प्रेस सचिव
अमेरिका के प्रेसीडेंट इलेक्ट जो बाइडन ने शु्क्रवार को व्हाइट हाउस के संचार और प्रेस स्टाफ़ के 16 अतिरिक्त सदस्यों की घोषणा की.
लाइव कवरेज
अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी प्रांत में हुए धमाके में 15 बच्चों की मौत

इमेज स्रोत, EPA
अफ़ग़ानिस्तान के पूर्वी प्रांत ग़ज़नी में हुए एक धमाके में कम से कम 15 बच्चों की मौत हो गई है और 20 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं.
ग़ज़नी के गिलान ज़िले में हुए धमाके के कारण के बारे में आधिकारिक रूप से पता नहीं है लेकिन अधिकारियों का कहना है कि एक रिक्शे के पीछे बम विस्फोट हुआ.
कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि जब कुछ बच्चों ने एक विस्फोटक सामग्री को एक स्थानीय दुकानदार को बेचने की कोशिश की तो उसमें धमाका हो गया.
तालिबान का भी कहना है कि यह धमाका महज़ एक दुर्घटना है.
यह धमाका स्थानीय समयानुसार दोपहर दो बजे उस वक़्त हुआ जब पास के ही एक घर में कुछ बच्चे मुसलमानों की पवित्र किताब क़ुरान शरीफ़ पढ़ रहे थे.
लेकिन ग़ज़नी के गवर्नर के प्रवक्ता वहीदुल्लाह जुमाज़ादा ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि जब एक व्यक्ति मोटरचालित रिक्शे को गांव के अंदर ले जा रहा था और वो बच्चों से घिरा हुआ था तभी एक ज़ोरदार धमाका हुआ.
उनके अनुसार मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार पुलिस प्रवक्ता अहमद ख़ान ने धमाके के लिए तालिबान को ज़िम्मेदार ठहराया है.
अफ़ग़ानिस्तान सरकार और तालिबान के बीच शांतिवार्ता शुरू हो जाने के बाद भी अफ़ग़ानिस्तान में हिंसक वारदातों में कोई कमी नहीं हो रही है.
भारत पाकिस्तान के ख़िलाफ़ 'सर्जिकल स्ट्राइक' की योजना बना रहा है: शाह महमूद कुरैशी
भारतीय मूल के वेदांत पटेल बने व्हाइट हाउस के सहायक प्रेस सचिव
अमेरिका के प्रेसीडेंट इलेक्ट जो बाइडन ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस संचार और प्रेस स्टाफ़ के 16 नए सदस्यों की घोषणा की.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
इस 16 लोगों में से भारतीय मूल के वेदांत पटेल भी एक हैं जिन्हें व्हाइट हाउस के सहायक प्रेस सचिव की ज़िम्मेदारी दी गई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार वेदांत पटेल फ़िलहाल बाइडन की टीम के वरिष्ठ प्रवक्ता हैं और बाइडन के चुनाव अभियान की टीम के भी हिस्सा रहे हैं.
बाइडन के चुनाव अभियान के दौरान वेदांत पटेल क्षेत्रीय संचार निदेशक थे.
इससे पहले वेदांत पटेल भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल के संचार निदेशक के तौर पर काम कर चुके हैं.
भारत में पैदा हुए वेदांत पटेल ने कैलिफ़ॉर्निया यूनिवर्सिटी और फ़्लोरिडा यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की है.

इमेज स्रोत, @vedantpatel90
इस्तीफ़ा देने वाले टीएमसी विधायक जितेंद्र तिवारी वापस लौटे
प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से
शुक्रवार देर रात आसनसोल के टीएमसी अध्यक्ष और विधायक जितेंद्र तिवारी ने पाला बदलते हुए कहा कि वे पार्टी में बने रहेंगे.
इससे पहले गुरुवार को उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया था.
दूसरी ओर, बीजेपी सांसद अर्जुनसिंह ने दावा किया है कि शनिवार को अमित शाह की रैली के दौरान टीएमसी के 10-12 विधायक बीजेपी में शामिल हो जाएंगे.
उधर, मेदिनीपुर ज़िले में हल्दिया की माकपा विधायक तापसी मंडल ने भी पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया है.
लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहा है कि वे भगवा ख़ेमे में शामिल होने के लिए बहाने बना रही हैं.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का दौरा शनिवार से शुरू होगा. शाह शनिवार को मेदिनीपुर में रैली करने के बाद रविवार को शांतिनिकेतन में रोड शो करेंगे.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
अमित शाह के कोलकाता पहुँचने से ठीक पहले सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस में मची भगदड़ से उपजी परिस्थिति पर विचार-विमर्श के लिए पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार शाम को अपने कालीघाट स्थित आवास पर एक आपात बैठक की.
इसमें पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर भी शामिल हुए.
ममता ने बैठक में कहा कि बाग़ियों का पार्टी छोड़ना चिंता की बात नहीं है.
ममता का कहना था, "राज्य के लोग टीएमसी के साथ हैं. चुनाव में वहीं ऐसे लोगों को माक़ल जवाब देंगे.''
उन्होंने कहा कि जिनको जाना हो जा सकते हैं. इससे पार्टी की सेहत पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
मुख्यमंत्री ने पार्टी के नेताओं से आम लोगों के बीच इस बात का प्रचार करने को कहा कि कुछ नेता सत्ता के लालच में पाला बदल रहे हैं.
टीएमसी के प्रवक्ता सौगत राय कहते हैं कि बाग़ियों का पार्टी छोड़ कर जाना अच्छी बात है.
टीएमसी के और भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौटने पर ऐसे लोगों के पास हाथ मलने के अलावा कोई चारा नहीं होगा.
अमेरिकी उप-राष्ट्रपति ने लाइव इवेंट के दौरान कोरोना वैक्सीन लगवाई

अमेरिका के उप-राष्ट्रपति माइक पेन्स ने टीवी पर लाइव दिखाए गए एक इवेंट के दौरान कोरोना की वैक्सीन लगवाई.
इस अवसर पर उन्होंने डॉक्टरों और दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे कुछ भी महसूस नहीं हुआ.
व्हाइट हाउस की तरफ़ से कहा गया है कि इसका उद्देश्य इस वैक्सीन के सुरक्षित होने और प्रभावी होने के बारे में लोगों को बताना था ताकि अमेरिकी जनता को इस पर विश्वास हो सके.
उप-राष्ट्रपति की पत्नी और सर्जन जनरल ने भी व्हाइट हाउस की तरफ़ से आयोजित इस कार्यक्रम में वैक्सीन लगवाया.
ख़याल रहे कि अमेरिका ने सोमवार से फ़ाइज़र वैक्सीन लगवाने का अभियान शुरू किया है. यह पहली वैक्सीन थी जिसकी अमेरिका में मंज़ूरी मिली थी.
फ़ाइज़र वैक्सीन 95 फ़ीसद प्रभावी है और इसकी तीन करोड़ डोज़ अमेरिका के 50 राज्यों में वितरित की गई है.
'कांग्रेस के 99.9% लोग राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाना चाहते हैं'

इमेज स्रोत, Mohd Zakir/Hindustan Times via Getty Images
कांग्रेस अध्यक्ष की गद्दी पर कौन बैठेगा, इसे लेकर बीते एक साल से पार्टी के भीतर बहस जारी है.
इस बीच पार्टी के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा है कि कांग्रेस में 99.9 फ़ीसदी लोग चाहते हैं कि राहुल गांधी अध्यक्ष बनें और पार्टी का नेतृत्व करें.
शुक्रवार को किसान आंदोलन को लेकर एक प्रेस क़ॉन्फ़्रेंस में सुरजेवाला ने ये बात कही.
दरअसल शनिवार को सोनिया गांधी ने पार्टी की नीतियों से जुड़ी एक बैठक बुलाई है जिसमें गुलाम नबी आज़ाद, शशि थरूर, भूपेंदर सिंह हुड्डा जैसे नेता शामिल होंगे.
इस बैठक से जुड़े एक सवाल पर सुरजेवाला ने कहा, “कोविड प्रोटेकॉल के कारण पार्टी अध्यक्ष लोगों से ज़्यादा वक़्त के लिए मिल नहीं पाईं इसलिए शनिवार से अलगे 14 दिन तक वह पार्टी के नेताओं से मिलेंगी और पार्टी के कई मुद्दों को सुलझाएंगी. कई वरिष्ठ नेताओं की बातों को सुनते हुए कांग्रेस ने तय किया है कि नए अध्यक्ष का चुनाव जल्द किया जाएगा और इसकी तैयारियाँ चल रही है. ऐसे में पार्टी के भीतर ऐसा कोई मुद्दा नहीं है.”
उन्होंने कहा, “पार्टी जल्द ही नए अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी. इस चुनाव में इलेक्टोरल कॉलेज, एआईसीसी के सदस्य और पार्टी कार्यकर्ता मिलकर अध्यक्ष चुनेंगे. मेरा मानना है कि पार्टी के 99.9 फ़ीसदी लोग, जिनमें मैं भी शामिल हूँ, ये मानते हैं कि राहुल गांधी कांग्रेस का नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त हैं, साथ ही वह मोदी सरकार से मुक़ाबला भी करने में सक्षम हैं. वो उन कुछ नेताओं मे से हैं जिन्होंने साहस के साथ मोदी सरकार की नीतियों पर खुलकर सवाल उठाए हैं.’’
कांग्रेस में दो खेमे?
गुलाम नबी आज़ाद समेत 23 कांग्रेस नेताओं ने पार्टी की कमज़ोर पड़ती विचारधारा के मुद्दे पर अगस्त में पार्टी में सुधार के लिए एक चिट्ठी लिखी थी.
इस चिट्ठी में कांग्रेस के 23 नेताओं ने पूर्णकालिक और प्रभावी नेतृत्व की माँग की थी. साथ ही कांग्रेस कार्यसमिति के लिए चुनाव का भी मुद्दा उठाया गया था.
वहीं, अधीर रंजन सहित कांग्रेस नेताओं का एक खेमा पार्टी नेतृत्व पर सवाल उठाए जाने के ख़िलाफ़ रहा है.
साल 2019 के आम चुनाव में कांग्रेस को मिली बड़ी हार की ज़िम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. तब से सोनिया गांधी ही अंतरिम अध्यक्ष के पद पर बनी हुई हैं.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
भारत में जनवरी से लगेगा कोरोना का टीका, ये है सरकार का पूरा प्लान
कोरोना वायरस: वैक्सीन मिलने के बाद भी क्यों पहनना पड़ेगा मास्क?
बीबीसी हिंदी का डिजिटल रेडियो बुलेटिन सुनिए मोहनलाल शर्मा से
कार्टून: संगत का असर
भारत-चीन के बीच बैठक में 'पांच बातों पर सहमति'

इमेज स्रोत, .
भारत में चीनी दूतावास के प्रवक्ता जी रोंग ने एक ट्वीट करके बताया है कि दोनों देशों ने सीमा मामलों पर शुक्रवार को एक बैठक करके पांच बातों पर सहमति बनाई है जिसे जल्द लागू किया जाएगा.
भारत में चीन के दूतावास से जारी प्रेस रिलीज़ में कहा गया है कि वीडियो लिंक के ज़रिए हुई इस बैठक में दोनों देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे.
इस बैठक में फ्रंट लाइन पर तैनात सैनिकों और सीमा पर तनाव कम करने पर ध्यान केंद्रित किया गया. दोनों पक्ष संवाद को जारी रखने और राजनयिक-सैन्य चैनल के ज़रिए विचार-विमर्श पर सहमत हुए.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस बारे में कहा है कि दोनों देशों ने पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा के आसपास के हालात की समीक्षा की है.
भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों पक्षों ने इस बात को नोट किया है कि सैन्य वार्ता के सातवें-आठवें दौर से सीमाक्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने में मदद मिली है.
गतिरोध ख़त्म करने के लिए भारत और चीन के बीच बीते कुछ महीनों के दौरान राजनयिक और सैन्य स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है.
किसान आंदोलन के लिए साइकिल पर बिहार से दिल्ली पहुंचा शख़्स
किसान को गुमराह करना बंद करें राजनीतिक पार्टियां : नरेंद्र मोदी

इमेज स्रोत, ANI
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राजनीतिक पार्टियों को किसानों को गुमराह करना बंद कर देना चाहिए.
मध्यप्रदेश के रायसेन में किसान कल्याण सम्मेलन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए शामिल हुए प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को कहा, ''मैं सभी राजनीतिक दलों से हाथ जोड़कर आग्रह करता हूं कि पूरा क्रेडिट ले लीजिए. मैं सारा श्रेय आपके पुराने चुनावी घोषणापत्रों को देता हूं. मैं बस किसानों के जीवन को आसान बनाना चाहता हूं. मैं उनकी तरक्की चाहता हूं और खेती को आधुनिक बनाना चाहता हूं.''
उन्होंने कहा,"मुझे खुशी है कि देशभर में किसानों ने नए कृषि सुधारों को न सिर्फ गले लगाया है बल्कि भ्रम फैलाने वालों को भी सिरे से नकार रहे हैं. जिन किसानों में अभी थोड़ी सी आशंका बची है उनसे मैं फिर कहूंगा कि आप एक बार फिर से सोचिए."
उन्होंने कहा, "प्राकृतिक आपदा आ जाए, तो भी किसान को पूरे पैसे मिलते हैं. नए कानूनों के अनुसार, अगर अचानक मुनाफा बढ़ जाता है, तो उस बढ़े हुए मुनाफे में भी किसान की हिस्सेदारी सुनिश्चित की गई है. फार्मिंग एग्रीमेंट में सिर्फ़ फसलों या उपज का समझौता होता है. ज़मीन किसान के ही पास रहती है, एग्रीमेंट और ज़मीन का कोई लेना-देना ही नहीं है.''
प्रधानमंत्री ने कहा, "नए कानून के बाद 6 महीने हो गए हैं, देश में एक भी मंडी बंद नहीं हुई है. फिर क्यों ये झूठ फैलाया जा रहा है? हमारी सरकार APMC को आधुनिक बनाने पर, उनके कंप्यूटरीकरण पर 500 करोड़ रुपए से ज्यादा ख़र्च कर रही है. फिर ये APMC बंद किए जाने की बात कहां से आ गई.
प्रधानमंत्री ने दावा किया, "स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने का काम हमारी ही सरकार ने किया. अगर हमें MSP हटानी ही होती तो स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू ही क्यों करते? मैं विश्वास से कहता हूं कि हमने हाल में जो कृषि सुधार किए हैं, उसमें अविश्वास का कारण ही नहीं है, झूठ के लिए कोई जगह नहीं है. अगर पुरानी सरकारों को चिंता होती तो देश में 100 के करीब बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट दशकों तक नहीं लटकते."
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
FB LIVE: सिंघु बॉर्डर पर 'ट्रॉली टाइम्स' अख़बार चर्चा में क्यों है?
चिपको आंदोलन के नेता सुंदरलाल बहुगुणा का किसानों को समर्थन
चिपको आंदोलन के नेता और जानेमाने पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा ने कृषि क़ानूनों का विरोध कर रहे किसानों को अपना समर्थन दिया है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं अन्नदाताओं की मांग का समर्थन करता हूं.’’
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
टीएमसी को झटका, एक और विधायक ने दिया इस्तीफ़ा

इमेज स्रोत, SANJAY DAS/BBC
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में इस्तीफ़े का दौर जारी है.
शुक्रवार को पार्टी के एक और विधायक शीलभद्र दत्ता ने पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया. शीलभद्र दत्ता 24 परगना ज़िले के बैरकपुर से विधायक हैं.
शीलभद्र दत्ता प्रशांत किशोर को लेकर भी नाराज़गी जाहिर कर चुके थे.
इससे पहले बुधवार को राज्य सरकार में पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया था.
चर्चा है कि वह जल्द ही बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.
शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के बड़े नेता माने जाते हैं. वह पूर्वी मिदनापुर जिले के एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार से आते हैं.
पिछले कई दिनों से उन्हें मनाने की कोशिश चल रही थी लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई. आखिर में उन्होंने पार्टी में सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया.
इनके अलावा टीएमसी नेता जितेंद्र तिवारी भी पार्टी से इस्तीफ़ा दे चुके हैं. वह पांडाबेश्वर सीट से विधायक हैं.
तृणमूल कांग्रेस में इस टूट-फूट के बीच केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह शनिवार को पश्चिम बंगाल के दौरे पर पहुंच वाले हैं. वो दो दिनों तक राज्य में रहेंगे और कई बैठकें करेंगे.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
ब्रिटेन तक पहुंचा किसान आंदोलन
किसान आंदोलन: डटे हैं किसान, कमेटी पर ये है कहना

इमेज स्रोत, Mayank Makhija/NurPhoto via Getty Images
कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुझाव दिया था कि न्यायालय इस विवाद का समाधान खोजने के लिए एक समिति गठित कर सकता है.
लेकिन, किसानों ने समिति बनाने से इनकार कर दिया है. उनका कहना है कि इससे समस्या का हल नहीं निकलने वाला है.
किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के महासचिव श्रणव सिंह पंढेर ने कहा, ‘‘कमेटी बनाना समस्या का हल नहीं है, पहले भी किसानों ने छोटी कमेटी बनाने से इनकार किया था.’’
उन्होंने कृषि मंत्री के पत्र को भी भ्रमित करने वाला बताया. श्रणव सिंह ने कहा, ‘’तोमर जी ने कल जो चिट्ठी लिखी है वो देश को भ्रमित करने वाली है, उसमें कुछ नया नहीं है. कुछ नया होता तो हम उस पर टिप्पणी करते.’’
विरोध प्रदर्शन के शुरुआती दिनों में केंद्र सरकार ने भी हर पक्ष के प्रतिनिधियों वाली समिति बनाकर मामले को सुलझाने का पेशकश की थी लेकिन किसान नेताओं ने इससे इनकार कर दिया था.
सुप्रीम कोर्ट में किसानों के विरोध प्रदर्शन से दिल्ली के लोगों के मूलभूत अधिकारों के हनन और बढ़ती परेशानियों को लेकर याचिका दायर की गई थी.
जिस पर गुरुवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि किसानों को विरोध प्रदर्शन का अधिकार है बशर्ते उससे किसी की संपत्ति या जीवन को नुक़सान ना पहुंचे.
वहीं, कृषि कानूनों के खिलाफ सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन 23वें दिन भी जारी है.
जहां किसान बढ़ती ठंड से बचने की तैयार कर रहे हैं वहीं इस बीच बॉर्डर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
छोड़िए X पोस्ट, 1X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 1
छोड़िए X पोस्ट, 2X सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त, 2
कुणाल कामरा और रचिता तनेजा को SC का कारण बताओ नोटिस

इमेज स्रोत, KUNAL KAMRA/FACEBOOK
सुप्रीम कोर्ट ने स्टैंड अप कॉमेडियन कुणाल कामरा और कार्टूनिस्ट रचिता तनेजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है. अलग-अलग याचिकाओं में इन दोनों के ख़िलाफ़ अदालत की अवमानना का मामला शुरू किए जाने की मांग की गई थी.
इन दोनों पर आरोप है कि इन्होंने न्यायपालिका और न्यायाधीशों को कथित रूप से बदनाम करने की कोशिश की.
सुप्रीम कोर्ट ने कुणाल कामरा और रचिता तनेजा को छह दिनों के अंदर अपना जवाब दायर करने के लिए कहा है. हालांकि, कोर्ट का कहना है कि उन्हें इसके लिए अदालत में व्यक्तिगत रूप से मौजूद होने की ज़रूरत नहीं है.
कुणाल कामरा का विवाद उनके कुछ ट्वीट से जुड़ा है जो उन्होंने 11 नवंबर को तब किए थे, जब सुप्रीम कोर्ट ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ़ अर्नब गोस्वामी को ज़मानत पर तुरंत रिहा करने का आदेश दिया था. इसके बाद कुणाल कामरा ने अपने ट्विटर एकाउंट से सुप्रीम कोर्ट पर कथित अपमानजनक ट्वीट किया था.
इस ट्वीट को लेकर अटॉर्नी जनरल ने कहा था कि ये ट्वीट न केवल बेहद भद्दा है बल्कि हास्य और न्यायालय की अवमानना के बीच सीमा रेखा को पार करता है.
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
पोस्ट X समाप्त
