अमेरिका ने बड़े साइबर हमले के 'संगीन' ख़तरे की चेतावनी दी

अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि हैकिंग अभियान से सरकार, संवेदनशील इंफ़्रास्ट्रक्चर और निजी सेक्टर को 'संगीन ख़तरा' है.

लाइव कवरेज

  1. अमेरिकी अधिकारियों ने साइबर हमले से 'संगीन ख़तरे' की चेतावनी दी है

    अमेरिकी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस हफ़्ते एक बड़े हैकिंग अभियान का पर्दाफ़ाश होने से सरकार, संवेदनशील इंफ़्रास्ट्रक्चर और निजी सेक्टर को 'संगीन ख़तरा' है.

    साइबर हमले के ज़रिए अमेरिकी वित्त और वाणिज्य मंत्रालय को निशाना बनाया गया था.

    अमेरिका की साइबर सिक्यूरिटी एंड इंफ़्रास्ट्रक्चर सिक्यूरिटी एजेंसी (सीआईएसए) ने कहा है कि इस साइबर हमले को रोकना बहुत ही 'पेचीदा' मामला होगा.

    अमेरिका में कई लोगों को शक है कि इसके पीछे रूस की सरकार का हाथ है. हालांकि रूस ने इन दावों को 'बेबुनियाद' क़रार दिया है.

    गुरुवार को सीआईएसए ने एक बयान जारी कर कहा, "सरकारी एजेंसियओं, संवेदनशील इंफ़्रास्ट्रक्चर और निजी सेक्टर की संस्थाओं को एक 'लगातार आगे बढ़ रहे ख़तरनाक खिलाड़ी' के ज़रिए निशाना बनाया गया था जिसकी शुरुआत मार्च 2020 में हो गई थी."

    उन्होंने कहा कि हैक करने के पीछे जो लोग थे उन्होंने धैर्य, ऑपरेशनल सुरक्षा और इस तरह के मामले की बारीक जानकारी का परिचय दिया था.

    नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि वो साइबर सुरक्षा को अपने प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता देंगे.

    इस हैकिंग अभियान में अमेरिका की कई सरकारी एजेंसियों को निशाना बनाया गया था.

    हैकरों ने अमेरिकी विदेश, रक्षा, आंतरिक सुरक्षा, वित्त और वाणिज्य जैसे विभागों के ख़ुफ़िया डेटा को मॉनिटर किया था.

    लेकिन अभी तक ना तो सीआईएसए और ना ही एफ़बीआई ने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि इस साइबर हमले के पीछे कौन है, लेकिन अमेरिकी मीडिया में निजी सुरक्षा कंपनियों और अधिकारियों के हवाले से जो ख़बरें आरही हैं उनके अनुसार उन्होंने रूस पर उंगली उठाई है.

    सोमवार को अमेरिका में रूसी दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया था कि वो (रूस) साइबर क्षेत्र में आक्रामक हमलेेे नहीं करता है.

  2. नाइजीरिया: बोको हराम ने अग़वा किए गए स्कूली बच्चों को छोड़ दिया

    नाइजीरिया में अधिकारियों ने बीबीसी से कहा है कि पिछले हफ़्ते उत्तर-पश्चिमी राज्य कात्सिना के एक स्कूल पर हमला कर अग़वा किए गए सैकड़ों छात्रों को छोड़ दिया गया है.

    कात्सिना के गवर्नर के प्रवक्ता ने कहा कि 344 बच्चे छूट गए हैं और सभी बच्चे अच्छी हालत में हैं.

    हालांकि अभी तक यह साफ़ नहीं है कि अग़वा किए गए सभी बच्चों को छुड़ा लिया गया है या नहीं.

    नाइजीरिया में सक्रिय इस्लामी चरमपंथी संगठन बोको हराम ने स्कूल पर हमले कर 300 से ज़्यादा बच्चों को अग़वा करने की ज़िम्मेदारी ली थी.

    बोको हराम ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि स्कूली बच्चे उसके क़ब्ज़े में हैं.

    सरकार के प्रवक्ता अब्दुल लबारान ने एक बयान जारी कर कहा कि बच्चों को कात्सिना राज्य की राजधानी ले जाया जा रहा है और जल्द ही उन्हें उनके परिवार वालों से मिला दिया जाएगा.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कात्सिना के गवर्नर अमीनो बेलो मसारी के हवाले से कहा है कि, हमने ज़्यादातर बच्चों को छुड़ा लिया है. लेकिन अभी सारे बच्चे नहीं छुड़ाए जा सके हैं.

    सुरक्षा एजेंसी के एक सूत्र ने एएफ़पी को बताया कि कुछ बच्चे अभी भी अपहरणकर्ताओं के क़ब्ज़े में हैं.

    इस पूरी घटना के बारे में बहुत कम जानकारियां सार्वजनिक की गईं हैं लेकिन बच्चों की रिहाई के बारे में सरकारी अधिकारियों ने बीबीसी हौसा को पुष्टि की है.

    स्कूली बच्चों के अपहरण के लिए बोको हराम पिछले एक दशक से कुख्यात रहा है. साल 2014 में उन्होंने चिबोक में तीन सौ से ज़्यादा स्कूली लड़कियों को अग़वा कर लिया था.

    बोको हराम के नेता अबू बकर शेखु

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  3. अमेरिका में कोरोना से एक दिन में 3600 से ज़्यादा मौतों का नया रिकॉर्ड

    जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार बुधवार को अमेरिका में कोरोना से 3600 से ज़्यादा लोगों की जान गई.

    अमेरिका में वैक्सीन प्रोग्राम शुरू होने के साथ ही एक बार फिर रोज़ाना होने वाली मौतों का रिकॉर्ड टूट गया है.

    बुधवार को अमेरिका में क़रीब दो लाख 50 हज़ार कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए.

    बीमारियों के नियंत्रण और रोक थाम के केंद्र सीडीसी के अनुसार कोरोना वायरस से होने वाली मौतों की तादाद दिल की बीमारियों से होने वाली मौतों से ज़्यादा हो गई है.

    इसी दौरान अमेरिका में कोरोना मरीज़ों के लिए अस्पतालों में बेड की कमी होती जा रही है और अस्पताल कोरोना के नए मरीज़ों को दाख़िल करने में परेशानी महसूस कर रहे हैं.

  4. दिल्ली और आस-पास के कुछ इलाक़ों में भूकंप के झटके

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार दिल्ली और आस-पास के कुछ इलाक़ों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.

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    भूकंप के यह झटके गुरुवार रात 11 बजकर 45 मिनट के आस-पास महसूस किए गए हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने नेशनल सेंटर फ़ॉर सिस्मोलॉजी के हवाले से कहा है कि रिक्टर पैमाने पर 4.2 की तीव्रता वाले भूकंप का केंद्र राजस्थान का अलवर था और उसके झटके दिल्ली-एनसीआर इलाक़ों में महसूस किए गए थे.

    कई लोग सोशल मीडिया पर इसका ज़िक्र कर रहे हैं.

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  5. बीबीसी एक्सक्लूसिव: किसान आंदोलन, कश्मीर और कोरोना वैक्सीन पर क्या बोले ब्रिटेन के विदेश मंत्री

  6. किसान आंदोलन के चलते ट्रक ड्राइवर और क्लीनर की मुश्किलें बढ़ीं

    राजस्थान-हरियाणा सीमा के शाहजहांपुर में किसानों का आंदोलन जारी है.

    किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाकर हाइवे बंद कर दिया है.

    इस कारण दिल्ली की तरफ़ बढ़ रहे सारे ट्रकों के चक्के जाम हो गए हैं. इन ट्रकों में सीमेंट, लोहा, लकड़ियां, अनाज, मशीनें समेत कई तरह का सामान लदा हुआ है.

    जयपुर से दिल्ली जाने वाले हाइवे पर सैकड़ों ट्रक लंबी कतार में खड़े हैं. सर्द भरी रातों में ट्रक ड्राइवरों और हेल्परों को हाइवे पर समय काटना पड़ रहा है.

    कई दिन से ट्रक में ही खाना बन रहा है और केबिन में ही गुज़ारा हो रहा है.

    वीडियो: मोहर सिंह मीणा, बीबीसी के लिए

    एडिटिंग: देवाशीष कुमार

    वीडियो कैप्शन, किसान आंदोलन के चलते ट्रक ड्राइवर और क्लीनर की मुश्किलें बढ़ीं
  7. माराडोना के शव को दफ़नाने पर लगी रोक

    माराडोना

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    अर्जेंटीना की एक कोर्ट ने दिवंगत फ़ुटबॉल खिलाड़ी डिएगो माराडोना के शव को दफ़न करने पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा है कि एक पैटर्निटी केस के सिलसिले में उनके डीएनए सैंपल की ज़रूरत पड़ सकती है इसलिए उसके शव को ”सुरक्षित रखा जाए”.

    बीते महीने फुटबॉल के जानेमाने खिलाड़ी डिएगो माराडोना की 60 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी.

    25 साल की मगाली गिल नाम की एक महिला ने माराडोना के ख़िलाफ़ कोर्ट का रुख़ किया है और दावा किया है कि मैराडोना उनके पिता हो सकते हैं. इस मामले में कोर्ट ने कहा कि माराडोना का डीएनए सैंपल जमा किया जाना चाहिए.

    शादी से डिएगो माराडोना की दो बेटियां हैं लेकिन तलाक़ के बाद उन्होंने छह और बच्चों के पिता होने की बात स्वीकार की थी.

  8. आंदोलनकारी किसानों ने बिचौलियों पर क्या कहा?

    केंद्र सरकार की तरफ से लाए गए तीन नए कृषि क़ानूनों के विरोध में किसान कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं.

    सरकार का कहना है कि इन क़ानूनों से किसान और खरीददारों के बीच मौजूद बिचौलिए जिन्हें आढ़ती भी कहते हैं वो ख़त्म हो जाएंगे और किसानों को बेहतर दाम मिलेगा.

    आखिर किसानों का इन आढ़तियों के बारे में क्या कहना है?

    वीडियोः पीयूष नागपाल

    वीडियो कैप्शन, आंदोलनकारी किसानों ने बिचौलियों पर क्या बोला?
  9. पं. बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी की बढ़ती मुश्किलें

    प्रभाकर मणि तिवारी

    बीबीसी हिंदी के लिए, कोलकाता से

    ममता  बनर्जी

    इमेज स्रोत, SANJAY DAS/BBC

    शुभेंदु अधिकारी के बाद अब टीएमसी के एक और विधायक जितेंद्र तिवारी ने भी इस्तीफा दिया है. आसनसोल नगर निगम के प्रशासक जितेंद्र ज़िला टीएमसी प्रमुख भी थे, उन्होंने गुरुवार को इस्तीफा देने से पहले शुभेंदु अधिकारी के साथ बैठक की थी.

    तिवारी ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल सरकार के निर्देश पर उनके दफ़्तर में तोड़-फोड़ की गई है.

    शुभेंदु ने टीएमसी की प्राथमिक सदस्यता से भी दिया इस्तीफा दे दिया है, बुधवार को उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दिया था.

    इधर उप-चुनाव आयुक्त सुदीप जैन के नेतृत्व में पहुंची चुनाव आयोग की टीम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियो के साथ बैठक में चुनावी तैयारियों का जायज़ा लिया है.

    बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा पर हमले के बाद तीन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को केंद्रीय डेप्युटेशन पर बुलाने के केंद्र के फ़ैसले पर टकराव बढ़ता जा रहा है.

    केंद्र ने गुरुवार सुबह राज्य सरकार को पत्र भेज कर इन तीनों अधिकारियों को तुरंत रिलीज़ करने को कहा है. लेकिन टीएमसी सरकार ने कहा है कि केंद्र सरकार चाहे तो राष्ट्रपति शासन लागू कर दे लेकिन वह तीनों अधिकारियों को डेप्युटेशन पर नहीं भेजेगी. उसने केंद्र पर आईपीएस काडर नियमों, 1954 के कुछ प्रावधानों का दुरुपयोग करने और संघीय ढांचे को नष्ट करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है.

  10. स्कूलों पर बहस तक पहुंची बीजेपी-आप सरकार के बीच सियासी जंग

    आम आदमी पार्टी ने साल 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया और भाजपा-आप के बीच सियासी तकरार शुरू हो गई.

    उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा कि दोनों प्रदेशों की तुलना सही नहीं है.

    इस पर दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सीधे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी.

    कुछ दिन पहले अरविंद केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश के चुनावी मैदान में उतरने की घोषणा की थी.

    वीडियो कैप्शन, बीजेपी-आप सरकार के बीच सियासी लड़ाई स्कूलों पर बहस तक पहुंची
  11. ब्रेकिंग न्यूज़, मोदी की किसानों से अपील, कृषि मंत्री का ख़त ज़रूर पढ़ें

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के किसानों के नाम लिखे गए ख़त पर प्रतिक्रिया देते हुए किसानों से इसे पढ़ने की अपील की है.

    उन्होंने ट्वीट किया, "कृषि मंत्री नरेंद्र तोमरजी ने किसान भाई-बहनों को पत्र लिखकर अपनी भावनाएं प्रकट की हैं, एक विनम्र संवाद करने का प्रयास किया है. सभी अन्नदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे इसे जरूर पढ़ें."

    साथ ही उन्होंने देशवासियों से भी आग्रह किया कि वे इस खत को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं.

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  12. कोरोना वैक्सीन को लेकर हिचकिचा रहे हैं भारतीय- सर्वे

    रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ कई भारतीयों में कोविड-19 का वैक्सीन लगवाने को लेकर हिचकिचाहट है. लोगों में वैक्सीन के साइड इफ़ेक्ट को लेकर दुविधा है जिसके कारण लोग वैक्सीन के इस्तेमाल को लेकर सकारात्मक नहीं हैं.

    गुरुवार को दिल्ली की एक संस्था ने एक सर्वे जारी करते हुए ये बात कही है . सर्वे में 18,000 लोगों ने हिस्सा लिया है.

    सितंबर महीने में कोरोना वायरस का पीक आने के बाद अभी भारत में लागातार कोरोना के मामलों में गिरावट दर्ज की जा रही है.

    गुरुवार को कोरोना के 24,037 नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं, लागातार चौथा दिन है जब संक्रमण की संख्या 30 हज़ार के भीतर है.

    नई दिल्ली के एक सिटीजन सर्वे प्लेटफॉर्म लोकलसर्कल ने ये सर्वे किया है. इसके मुताबिक 69 फ़ीसदी लोगों ने कहा कि वैक्सीन के तुरंत इस्तेमाल की कोई ज़रूरत नहीं है. लोगों का मानना है कि कोरोना वायरस उन्हें ज़्यादा नुकसान नहीं पहुंचा सकता क्योंकि उनकी रोगप्रतिरोधक क्षमता बेहतर है, साथ ही लोगों में वैक्सीन के साइड इफ़ेक्ट को लेकर उचित जानकारी का अभाव है.

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  13. कोरोना वायरस: कोविड-19 से बचाने में विटामिन डी से नहीं मिलती मदद

    कोरोना वायरस

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    एक्सपर्ट्स के एक समूह ने कहा है कि इस बात के पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं कि विटामिन डी के सप्लिमेन्ट्स खाने से कोविड-19 से किसी तरह का बचाव होता है.

    इस समूह में नेशनल इंस्टीट्यूट फ़ॉर हेल्थ एंड केयर एक्सिलेंस, पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड और साइंटिफ़िक एडवाइज़री कमिटी ऑन न्यूट्रीशन के डॉक्टर हैं. इनका कहना है कि इस विषय में और अधिक रिसर्च की ज़रूरत है.

    लेकिन हर किसी को रोज़ाना सप्लीमेंट्स लेने की सलाह दी जा रही है ताकि लोग सर्दियों में अपनी हड्डियों और मांसपेशियों को स्वस्थ रख सकें.

    ब्रिटेन में ज़रूरतमंदों को ये सप्लीमेंट्स मुफ़्त में बांटे जा रहे हैं.

    स्वास्थ्य अधिकारियों ने विटमिन डी और कोविड-19 को लेकर एक त्वरित समीक्षा की और एक लघु अध्ययन में पाया कि ये संभव है कि विटमिन डी का असर शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता हो जिससे शरीर को श्वास तंत्र पर हमला करने वाले वायरस से लड़ने में मदद मिलती है.

    लेकिन शोधकर्ताओं ने पाया कि ये विटमिन कोरोना वायरस को रोक सकता है या उसके इलाज में मददगार है इसके ‘पर्याप्त सबूत नहीं’ हैं.

  14. शुभेन्दु अधिकारी के इस्तीफ़े से कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा- टीएमसी

    शुभेंदु अधिकारी

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    तृणमूल कांग्रेस से शुभेन्दु अधिकारी के इस्तीफ़े पर पार्टी के वरिष्ठ नेता सुब्रत मुखर्जी ने कहा है कि एक-दो लोगों के पार्टी छोड़ने से कोई फ़र्क नहीं पड़ता.

    अधिकारी ने बुधवार को विधायक पद से इस्तीफ़ा दिया और इसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता भी छोड़ दी. लअटकलें लगाई जा रही हैं कि शुभेन्दु अधिकारी बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार संवाददाताओं से बात करते हुए सुब्रत मुखर्जी ने कहा कि मेरी जानकारी के मुताबिक़ शुभेन्दु ममता बनर्जी से मुलाकात का इंतज़ार कर रहे हैं. उन्होंने खुद कहा है कि वह दीदी से वक़्त मिलने का इंतज़ार कर रहे हैं.

    विधानसभा चुनाव से ठीक पहले हुए इस्तीफ़े का पार्टी पर क्या असर पड़ेगा इस सवाल के जवाब में मुखर्जी ने कहा कि टीएमसी एक बड़ी पार्टी है, पार्टी का भविष्य एक या दो लोगों से तय नहीं होता.

  15. बीबीसी हिंदी का डिजिटल रेडियो बुलेटिन

  16. कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर का किसानों के नाम खुला ख़त, कहा- किसानों में भ्रम पैदा किया जा रहा

    देश के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों के नाम एक खुला पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने नए कृषि कानून की खूबियां गिनाते हुए पंजाब-हरियाणा के किसानों से ‘फैलाए जा रहे भ्रम’ से बचने की अपील की है.

    ट्विटर पर जारी किए गए आठ पन्नों की इस चिट्ठी में लिखा गया है, "मैं लगातार आपके संपर्क में हूं. बीते दिनों मेरी अनेक राज्यों के किसान संगठनों से बातचीत हुई है. कई किसान संगठनों ने इन कृषि सुधारों का स्वागत किया है. वे इससे बहुत खुश है, किसानों को एक नई उम्मीद जगी है."

    "लेकिन इन कृषि सुधारों का दूसरा पक्ष यह भी कुछ किसान संगठनों में इन्हें लेकर एक भ्रम पैदा कर दिया गया है."

    "देश का कृषि मंत्री होने के नाते मेरा कर्तव्य है कि हर किसान का भ्रम दूर करूं, हर किसान की चिंता दूर करूं. मेरा दायित्व है कि सरकार और किसानों के बीच दिल्ली और आसपास के क्षेत्र में जो झूठ की दीवार बनाने की साजिश रची जा रही है. उसी सच्चाई और सही वास्तुस्थिति आपके सामने रखूं."

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    उन्होंने लिखा है कि नया कानून लागू होने के बाद देश के किसानों ने एमएसपी पर रिकॉर्ड बिक्री की है. इस नए कानून में एपीएमसी मंडियों को कोई नुकसान नहीं होगा बल्कि मंडियों से इतर भी किसानों को बिक्री का विकल्प मिलेगा.

    उन्होंने लिखा, "कंपनियां सीधे आपके दरवाजे से फ़सल खरीदेंगी जिससे गाड़ियों का किराया बचेगा. नया कानून छोटे किसानों को लिए काफ़ी फ़ायदेमंद रहेगा."

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  17. कार्टून: तकलीफ में तकलीफ का सवाल

    किसान आंदोलन पर सुप्रीम कोर्ट की टिपण्णी और आज का कार्टून

    किसान आंदोलन
  18. केजरीवाल ने केंद्र से पूछा, "और कितने किसानों की शहादत चाहिए आपको?"

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    नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ चल रहे किसान आंदोलन के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गुरुवार को केंद्र की बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला.

    इतना ही नहीं, उन्होंने अपना विरोध ज़ाहिर करने के लिए दिल्ली विधानसभा में कृषि क़ानूनों की प्रतियाँ भी फाड़ दीं.

    दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने भी सदन में किसानों के साथ अपनी एकजुटता ज़ाहिर की और ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे लगाए.

    केजरीवाल ने विरोध प्रदर्शन के दौरान जान गँवाने वाले किसानों को ‘शहीद’ कहा और केंद्र सरकार से पूछा कि आख़िर वो कब किसानों की बात सुनेगी.

    उन्होंने कहा, “अब तक 20 किसान शहीद हो चुके हैं. लगभग रोज़ एक किसान शहीद हो रहा है. मैं केंद्र सरकार से पूछना चाहता हूँ कि आपको और कितनी शहादत चाहिए? आप कितने और किसानों की जान लोगे, इससे पहले कि आप उनकी बात सुन सको.”

    केजरीवाल ने किसानों के मौजूदा आंदोलन की तुलना आज़ादी से पहले साल 1907 में पंजाब के किसानों के ‘पगड़ी सँभाल जट्टा’ आंदोलन से की.

    उन्होंने कहा कि 1907 का आंदोलन भी अंग्रेज़ों के तीन क़ानूनों के ख़िलाफ़ हुआ था और अंग्रेज़ों ने नौ महीने में पंजाब के किसानों के सामने घुटने टेक दिए थे.

    केजरीवाल ने कहा, “मैं केंद्र सरकार से अपील करता हूँ कि आप कम से कम अंग्रेज़ों से बदतर तो मत बनो. अंग्रेज़ों ने नौ महीने में क़ानून वापस लिया, आप 20 दिन में ले लो.”

    उन्होंने आरोप लगाया कि नए कृषि क़ानून भारतीय जनता पार्टी के चुनावों की फ़ंडिंग करने के लिए बनाए गए हैं क्योंकि पार्टी ने चुनाव बेहद महँगा कर दिया है.

    केजरीवाल ने कहा, “केंद्र सरकार कह रही है कि किसानों को भ्रमित किया जा रहा है. मैं कहता हूँ कि किसानों को नहीं बल्कि भाजपाइयों को भ्रमित किया जा रहा है. सारे भाजपाइयों को अफ़ीम खिला दी गई है और कहा जा रहा है कि रटकर कृषि क़ानून के फ़ायदे बोलो.”

    दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार किसानों के बॉर्डर आने के समय से ही उनका समर्थन करती नज़र आ रही है.

    इससे पहले दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की उस माँग को ठुकरा दिया था जिसमें दिल्ली स्थित स्टेडियमों को अस्थायी जेल में तब्दील करने की बात कही थी.

    अरविंद केजरीवाल

    इमेज स्रोत, Arvind Kejriwal/Twitter

  19. ब्रेकिंग न्यूज़, जब ज़िद अपनों से हो तो हार जाना बेहतर होता है- किसान नेता

    किसान आंदोलन

    इमेज स्रोत, ANI

    सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओँ ने आज शाम एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दूसरे प्रदेश से आ रहे किसानों को रोका जा रहा है. सरकार से उन्होंने अपील की कि किसानों को दिल्ली आने से न रोका जाए.

    उन्होंने कहा कि हम सरकार को इसका माकूल उत्तर देंगे, हमारे हौसले अभी पस्त नहीं हुए हैं.

    केरल से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष केबी विजु ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में किसान आंदोलन से जुड़ी याचिका कि सुनवाई के मामले में किसानों ने कहा कि वो सुनवाई में एक पक्ष के तौर पर शामिल होंगे या नहीं इस पर पहले वो सुप्रीम कोर्ट के चार वकीलों से सलाह लेंगे.

    उन्होंने कहा कि वो इस मामले में पहले प्रशांत भूषण, कोलिन गॉनसाल्विस, दुष्यंत दवे और एचएस फुल्का से पहले सलाह लेंगे जिसके बाद हम आगे फ़ैसला लेंगे कि हम मामले में एक पक्ष होंगे या नहीं.

    किसान नेता बलबीर सिंह राजोवाल ने कहा कि हमें किसी तरफ से कोई नोटिस नहीं मिला है, जब तक हमारे लिए स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती इस पर फिलहाल हम कुछ नहीं कह सकते.

    किसान आंदोलन

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    सिख प्रचारक राम सिंह सिंघड़ा के बारे में बात करते हुए हरियाणा से भारतीय किसान यूनियन के नेता ने कहा कि ”बाबा ने पांच लाख रुपये का दान दिया, कंबलों की शिविर लगाया. वो बार-बार आंदोलन के बारे में पूछते थे. हमें उनकी मौत का दुख है.”

    ”सरकार घंमड छोड़े. जब ज़िद अपनों से हो तो हार जाना बेहतर होता है. हमारी प्रार्थना है कि आंदोलन को न तो बदनाम करने की कोशिश की जाए और न ही फूट डालने की. किसानों की मांगें जायज़ हैं मोदी जी हमारी मांग मानें.”

    ”अगर बिल लाने से पहले ये बातें चलती तो बेहतर होता लेकिन अब सरकार पहले ये क़ानून रद्द करे, उसके बाद ही आगे बात होगी.”

    बुधवार शाम को सिंघु बॉर्डर पर 65 वर्षीय सिख प्रचारक राम सिंह सिंघड़ा ने कथित तौर पर ख़ुद को गोली मार ली थी. कथित तौर पर उनकी लिखी एक पर्ची मिली है जिसमें उन्होंने लिखा है कि वो 'किसानों के दर्द को सहन नहीं कर पा रहे हैं'. पुलिस इस पर्ची की सत्यता की जाँच कर रही है.

  20. किसानों से 'शांति भंग की आशंका', भरवाए जा रहे हैं 50 लाख रुपये के बॉन्ड

    किसान आंदोलन में शामिल होने से रोकने की शिकायतों के बीच उत्तर प्रदेश के संभल ज़िले में कुछ किसान नेताओं को 'शांति भंग' की आशंका के कारण 50 लाख रुपये के बॉन्ड भरने संबंधी नोटिस जारी किया गया है.

    हालाँकि प्रशासन का कहना है कि बॉन्ड की राशि को कम करके 50 हज़ार कर दिया गया है लेकिन जिन नेताओं को ये नोटिस दिए गए हैं, उन्होंने इस बात से इनकार किया है.

    संभल के उप जिलाधिकारी दीपेंद्र यादव कहते हैं कि ये नोटिस सीआरपीसी की धारा 107 और 116 को तामील करने के संबंध में भेजे गए हैं जिसमें शांति भंग की आशंका होती है.

    एसडीएम दीपेंद्र यादव ने बीबीसी को बताया, "यह एक निरोधात्मक कार्रवाई है जो कि पुलिस रिपोर्ट के आधार पर शांतिभंग की आशंका के चलते की जाती है. सीआरपीसी की धारा 111 के तहत ये नोटिस जारी किए गए हैं. यह एक औपचारिक कार्रवाई है ताकि किसी आंदोलन या प्रदर्शन के दौरान कोई आक्रामक कार्रवाई न हो."

    समीरात्मज मिश्र की पूरी रपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

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