एम्स: दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद नर्सों ने हड़ताल वापस ली

दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के नर्सिंग स्टाफ़ ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश और फिर एम्स प्रशासन से मीटिंग के बाद मंगलवार देर रात अपनी हड़ताल वापस लेने की घोषणा कर दी.
एम्स प्रशासन की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने नर्सों के यूनियन से हड़ताल वापस लेने और काम पर लौटने को कहा.
एम्स प्रशासन ने नर्सों के हड़ताल के ख़िलाफ़ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था.
हाई कोर्ट के जस्टिस नवीन चावला ने अपने आदेश में कहा कि, "एम्स के नर्सों की शिकायत को सुनने के आश्वासन देने के बाद यूनियन को हड़ताल नहीं जारी रखना चाहिए."
हाईकोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 18 जनवरी को करने की बात कही है.
हाईकोर्ट के फ़ैसले के बाद नर्सों की यूनियन ने एम्स प्रशासन से लंबी बैठक की और फिर हड़ताल वापस लेने का फ़ैसला किया.
एम्स में महिला और पुरुष दोनों ही तरह के नर्स सोमवार (14 दिसंबर) दोपहर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हुए थे.
नर्सों की यूनियन की कुल 23 मांगे हैं लेकिन इनमें से दो मांग प्रमुख है. यूनियन की पहली मांग छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर कर उसकी सिफ़ारिशों को लागू करने को लेकर है और दूसरी मांग कॉन्ट्रैक्ट पर नर्सों की बहाली नहीं करने को लेकर है.
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