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तुर्की ने अमरीका की तीखी आलोचना करते हुए जबावी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है.
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हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर पर भी जुटने लगे किसान..., हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर पर कई किसान मौजूद हैं, वो कृषि क़ानून का विरोध करने के लिए दिल्ली पहुंचना चाहते हैं. देखिए हरियाणा-राजस्थान बॉर्डर पर मौजूद समीरात्मज मिश्र की रिपोर्ट.
कृषि क्षेत्र के ख़िलाफ़ विपरीत क़दम उठाने का सवाल नहीं: राजनाथ सिंह

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फ़िक्की के एक कार्यक्रम में बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि कृषि क्षेत्र के ख़िलाफ़ विपरीत क़दम उठाने का सवाल नहीं है और केंद्र के तीन नए कृषि क़ानून किसानों के हित के लिए लाए गए हैं.
उन्होंने कहा, “हम अपने किसान भाइयों को हमेशा सुनने के लिए, उनकी ग़लतफ़हमी को दूर करने और उन्हें हर भरोसा दिलाने के लिए तैयार हैं. हमारी सरकार हमेशा बातचीत के लिए तैयार है.”
इसके बाद रक्षा मंत्री ने कहा, “कृषि एक ऐसा क्षेत्र रहा है जो महामारी के दुष्प्रभावों से बचने में सक्षम रहा है और वास्तव में यह बहुत बेहतर तरीक़े से बाहर आया है. हमारी उपज और ख़रीद भरपूर रही है और हमारे गोदाम भरे हुए हैं.”
ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शन, एनएच-24 किया गया ब्लॉक
छोड़िए X पोस्टX सामग्री की इजाज़त?चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.
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ग़ाज़ीपुर बॉर्डर (दिल्ली-यूपी सीमा) पर किसानों का प्रदर्शन जारी है. एनएच-24 हाइवे को ब्लॉक किया गया है.
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत का कहना है कि अब आगे ऐसा नहीं किया जाएगा.
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “हम ऐसा दोबारा नहीं होने देंगे, आम लोगों को दिक़्क़त नहीं होनी चाहिए. हम उन्हें एकबार यह एहसास दिलाना चाहते थे कि एक मिनट भी कितना महत्वपूर्ण है.”
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ेंगे कमल हासन
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तमिल फ़िल्म अभिनेता और मक्कल निधी मय्यम (एमएनएम) के प्रमुख कमल हासन ने घोषणा की है कि वो अगले साल होने वाला तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ेंगे.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ हासन ने कहा कि वो चुनाव ज़रूर लड़ेंगे और वो किस विधानसभा सीट से लड़ेंगे इसकी घोषणा बाद में की जाएगी.
भाकियू (एकता उगराहां) के नेताओं ने कहा, वो उपवास में शामिल नहीं

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) संगठन के नेताओं ने एक दिन की भूख हड़ताल से ख़ुद को अलग कर लिया है. पंजाब के 32 किसान संगठनों ने भूख हड़ताल की घोषणा की थी.
भाकियू (एकता उगराहां) के एक कार्यक्रम में जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ताओं को छोड़ने की अपील की गई थी.
संगठन के पंजाब के महासचिव सुखदेव सिंह ने समाचार एजेंसी से कहा कि उगराहां के नेता उपवास नहीं करेंगे.
उन्होंने कहा, “हम (एक दिन के उपवास में) भाग नहीं लेंगे.”
पंजाब के किसान संगठनों ने केंद्र के नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ भूख हड़ताल शुरू की है और उन्होंने देश के सभी ज़िला मुख्यालयों में धरने की अपील की है.
जावड़ेकर ने कहा, केजरीवाल जी ये आपका पाखंड है
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किसान आंदोलनकारियों के समर्थन में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एक दिन का उपवास रखने पर केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि यह उनका पाखंड दिखाता है.
उन्होंने ट्वीट किया, “अरविंद केजरीवाल जी, ये आपका पाखण्ड है. आपने पंजाब विधानसभा चुनावों में वादा किया था कि जीतने पर एपीएमसीक़ानून में संशोधन किया जाएगा. नवंबर 2020 में आपने दिल्ली में कृषि कानूनों को अधिसूचित भी किया और आज आप उपवास का ढोंग कर रहे हो. यह कुछ और नही बल्कि पाखण्ड ही है.”
वहीं, अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके लोगों से उपवास करने की अपील की है.
केंद्र एमएसपी पर सभी को गुमराह कर रही है: भाकियू (हरियाणा)
भारतीय किसान यूनियन (हरियाणा) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चडूनी ने कहा है कि केंद्र सरकार एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) पर सभी को गुमराह कर रही है.
उन्होंने कहा, “गृह मंत्री अमित शाह ने 8 दिसंबर को बैठक के दौरान हमसे कहा था कि वे सभी 23 फ़सलें एमएसपी पर नहीं ख़रीद सकते हैं क्योंकि इसकी क़ीमत 17 लाख करोड़ रुपये पड़ती है.”
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इसके बाद गुरनाम सिंह ने कहा कि केंद्र को उसी दाम पर फ़सल ख़रीदनी होगी जैसे वह पहले ख़रीदती थी क्योंकि ‘एमएसपी पर ख़रीदने’ का मतलब उनके लिए वही है लेकिन हम उस पर जीवित नहीं रह सकते और केंद्र सभी राज्यों से एमएसपी पर ख़रीद नहीं कर रही है.
केजरीवाल ने अमरिंदर सिंह पर लगाया ‘किसान आंदोलन बेचने’ का आरोप
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर ‘किसान आंदोलन बेचने’ का आरोप लगाया है.
केंद्र के कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शनकारी किसानों के साथ-साथ उनके समर्थन में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल उपवास कर रहे हैं. उनके इस फ़ैसले को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नाटक कहा था, जिसके जवाब में केजरीवाल ने यह ट्वीट किया.
उन्होंने ट्वीट में लिखा, “कैप्टन जी, मैं शुरू से किसानों के साथ खड़ा हूं. दिल्ली के स्टेडियम जेल नहीं बनने दी, केंद्र से लड़ा. मैं किसानों का सेवादार बनकर उनकी सेवा कर रहा हूं,आपने तो अपने बेटे के ED केस माफ़ करवाने के लिए केंद्र से सेटिंग कर ली, किसानों का आंदोलन बेच दिया? क्यों?”
इसके बाद अरविंद केजरीवाल ने लोगों से किसानों के समर्थन में उपवास करने की अपील की.
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24 घंटों में कोरोना के 27 हज़ार मामले

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भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 27,071 मामलों की पुष्टि हुई है. इसी के साथ ही भारत में कुल कोरोना वायरस संक्रमण के मामले अब 98,84,100 हो चुके हैं.
वहीं, बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण 336 लोगों की मौत हुई है. इसके कारण भारत में अब तक कुल मौतों का आंकड़ा 1,43,355 हो चुका है. अभी सक्रिय मामलों की संख्या 3,52,586 है.
किसान संगठनों के नेता भूख हड़ताल पर

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कृषि बिलों के विरोध में किसान संगठनों के नेता एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं.
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैट सहित किसान संगठनों के नेता ग़ाज़ीपुर (दिल्ली-यूपी बॉर्डर) में एक दिन के उपवास पर बैठे हैं.
इस दौरान राकेश टिकैट ने कहा कि किसानों के बीच कोई अनबन नहीं है. भारतीय किसान यूनियन (भानु) के तीन नेताओं ने इसलिए इस्तीफ़ा दिया क्योंकि वो अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के समझौता करने से दुखी थे.
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किसानों ने जयपुर हाइवे बंद किया पर उन्हें दिल्ली आने से रोका गया

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मोदी सरकार के कृषि क़ानून के ख़िलाफ़ किसानों का आंदोलन 18वें दिन भी जारी है. रविवार को राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र और गुजरात समेत अन्य राज्यों के सैकड़ों किसानों ने दिल्ली-जयपुर हाइवे पर बैठकर प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारी किसानों ने दिल्ली के रास्ते को बाधित किया लेकिन हरियाणा पुलिस ने इन्हें राजस्थान से लगी सीमा पर ही रोक लिया. इस मार्च का नेतृत्व किसान यूनियनों के संयुक्त मोर्चा से जुड़े नर्मदा बचाव आंदोलन की मेधा पाटकर, स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव समेत कई लोगों ने किया. अभी दिल्ली-जयपुर हाइवे बंद है.
हरियाणा से दिल्ली आने वाली सभी सड़कों पर किसानों का धरना जारी है. किसान खेती-किसानी से जुड़े तीन नए क़ानून को रद्द करने की मांग कर रहे हैं. इनका कहना है कि ये क़ानून किसानों के ख़िलाफ़ और कॉर्पोरेट परस्त हैं. आज किसाानों ने विरोध स्वरूप उपवास भी रखा है.
रविवार को मोदी सरकार की ओर से कहा गया था कि कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर से मिलकर कुछ किसान संगठनों ने नए कृषि क़ानून का समर्थन किया है. आंदोलनकारी किसानों के यूनियनों ने कहा है कि समर्थन करने वाले संगठनों का उनसे कोई संबंध नहीं है.
भारतीय किसान यूनियन के गुरनाम सिंह ने कहा कि समर्थन करने वाले संगठन सरकार के हाथों में खेल रहे हैं और ऐसी कोशिशें आंदोलन को कमज़ोर करने के लिए है. उन्होंने कहा कि आंदोलन कृषि क़ानून के ख़िलाफ़ है और बिना क़ानून रद्द किए आंदोलन ख़त्म नहीं होगा.
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कृषि क़ानूनों के विरोध में एक दिन की भूख हड़ताल पर किसान

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कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. सरकार और किसानों के बीच कोई सहमति नहीं बन पा रही है. हज़ारों की संख्या में किसान दिल्ली की सीमाओं पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं.
किसान संगठनों के नेता क़ानूनों के विरोध में आज एक दिन की भूख हड़ताल करने वाले हैं. किसानों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन देश के अन्य हिस्सों में भी आयोजित किए जाएंगे.
सिंघु बॉर्डर पर रविवार शाम को एक प्रेस कांफ्रेंस में किसान नेता गुरुनाम सिंह चढूनी ने बताया कि भूख हड़ताल सुबह आठ से शाम पांच बजे तक की जाएगी. इसके अलावा देशभर में ज़िला मुख्यालय के सामने धरना भी दिया जाएगा.
वहीं, किसानों के राजस्थान-हरियाणा बॉर्डर पर शाहजहांपुर से ट्रैक्टर मार्च शुरू करने के बाद रविवार दोपहर को दिल्ली-जयपुर हाइवे बंद कर दिया गया. लेकिन, बाद में इसका एक हिस्सा खोल दिया गया था.
क़ानूनों में संशोधन को लेकर सरकार के भेजे प्रस्ताव को खारिज करने के बाद किसान संगठनों ने विरोध प्रदर्शन तेज़ करने की चेतावनी थी.
किसानों के अलावा आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी किसानों के समर्थन में एक दिन का उपवास करेंगे.
आम आदमी पार्टी के नेता गोपाल राय ने रविवार को कहा, ''कल दिल्ली में आईटीओ पार्टी मुख्यालय पर पार्टी के पदाधिकारी, विधायक और पार्षद सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक किसानों के समर्थन में सामूहिक उपवास करेंगे. आम आदमी पार्टी किसानों की मांगों के समर्थन में हर कदम पर किसानों के साथ खड़ी है.''
इस बीच रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर पंजाब के बीजेपी नेताओं और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ किसानों के मुद्दे पर चर्चा की. इस दौरान केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश भी मौजूद थे.
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