लालू यादव को ज़मानत के लिए करना होगा इंतज़ार, छह सप्ताह बाद सुनवाई
रवि प्रकाश,
राँची से बीबीसी हिन्दी के लिए
अविभाजित बिहार के बहुचर्चित पशुपालन घोटाला के दुमका कोषागार मामले में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की ज़मानत पर सुनवायी टल गई है.
अगली सुनवायी छह सप्ताह के बाद होगी. उनके वकील ने शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट से पूरक एफ़िडेविट के लिए 20 दिनों के समय की माँग की थी.
इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने उन्हें आधी सज़ा पूरी करने से संबंधित दस्तावेज़ों की सर्टिफ़ाइड कॉपी जमा कराने के लिए कहा था.
यह कॉपी लालू यादव के वकीलों को अभी नहीं मिल सकी है. लिहाजा, इस मामले में समय की माँग की गई है.
पशुपालन घोटाले के तीन मामलों में उन्हें पहले ही ज़मानत मिल चुकी है. ऐसे में यह ज़मानत लालू यादव के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके बाद उनके जेल से बाहर निकलने की क़ानूनी अड़चनें दूर हो जाएँगी.
72 साल के लालू यादव 23 दिसंबर, 2017 से रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद हैं.
हालाँकि, इस दौरान ज़्यादातर वक़्त उन्होंने अस्पतालों में काटा है. अभी वे राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ (रिम्स) में इलाज करा रहे हैं.
इससे पहले उनका इलाज एम्स में भी कराया गया था. उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक़, उनकी किडनी सौ फ़ीसदी काम नहीं करती है. इसके अलावा उन्हें कई और बीमारियाँ भी हैं.