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अमरीकी सुप्रीम कोर्ट में डोनाल्ड ट्रंप को झटका लगा- आज की बड़ी ख़बरें

राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को ख़ारिज करने की डोनाल्ड ट्रंप की कोशिशों को सुप्रीम कोर्ट ने नकारा.

लाइव कवरेज

  1. राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को ख़ारिज करने की डोनाल्ड ट्रंप की कोशिशों को सुप्रीम कोर्ट ने नकारा

    अमरीकी सुप्रीम कोर्ट ने चार राज्यों में चुनाव नतीजों को ख़ारिज करने के लिए निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कोशिशों को नकार दिया है.

    ट्रंप चाहते हैं कि जॉर्जिया, मिशिगन, पेनसिल्वेनिया और विस्कांसिन में चुनावी नतीजों को अमान्य कर दिया जाए जहां जो बाइडन जीते हैं.

    इस मुक़दमे को 12 राज्यों के एटॉर्नी जनरल और कांग्रेस के 127 रिपब्लिकन सदस्यों ने समर्थन दिया था.

    लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि टेक्सस के पास कोई क़ानूनी आधार नहीं है जिसके ज़रिए वो इस केस को सुप्रीम कोर्ट में आगे बढ़ाए.

    सुप्रीम कोर्ट का ये फ़ैसला ट्रंप के लिए झटका है जो पहले कह रहे थे कि नवंबर में हुए राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को सुप्रीम कोर्ट में देख लेंगे.

  2. अमरीका: फ़ाइज़र-बायोएनटेक कोविड वैक्सीन के आपात इस्तेमाल पर मंज़ूरी का दबाव

    अमरीका में यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) पर व्हाइट हाउस का दबाव है कि वो फ़ाइज़र-बायोएनटेक कोविड वैक्सीन को आपात इस्तेमाल के लिए अपनी मंज़ूरी प्रदान करे.

    अमरीकी मीडिया के मुताबिक, एफ़डीए के प्रमुख स्टीफ़न हान से शुक्रवार को कहा गया कि वो मंज़ूरी दें या अपने पद से हट जाएं. हालांकि उनका दावा है कि ये 'सच नहीं' है.

    अमरीका में सबकी नज़र एफ़डीए पर है क्योंकि उसके विशेषज्ञों ने गुरूवार को इस वैक्सीन का समर्थन किया था और अमरीकी स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि वैक्सीन को कुछ ही दिनों में जारी कर दिया जाना चाहिए.

    फ़ाइज़र को ब्रिटेन, कनाडा, बहरीन और सऊदी अरब में मंज़ूरी मिल चुकी है.

    बीते बुधवार को अमरीका में कोरोना वायरस के संक्रमण की वजह से 3000 से अधिक लोगों ने दम तोड़ा है जो विश्व में एक दिन में कोरोना की वजह से होने वाली मौत का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है.

  3. कोरोना से जर्मनी और रूस में मौत का ग्राफ़ चढ़ा

    जर्मनी में एक दिन में कोरोना वायरस से 585 लोगों की मौत हुई है और 29,875 नए मामले सामने आए हैं. कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद जर्मनी में पहली बार ग्राफ़ इतने ऊपर गया है. इसे ध्यान में रखते हुए क्रिसमस से पहले दूसरे लॉकडाउन की मांग बढ़ रही है.

    दूसरी ओर रूस और यूक्रेन में भी शुक्रवार को कई लोगों की जान कोरोना संक्रमण की वजह से गई. रूस में एक दिन में कम से कम 613 लोगों की मौत हुई जबकि यूक्रेन में 24 घंटे के भीतर 285 लोगों ने दम तोड़ा है.

    जर्मनी में नवंबर से ही आंशिक लॉकडाउन की स्थिति है जहां बार, रेस्तरां और मनोरंजन स्थल बंद हैं. क्रिसमस की वजह से कुछ छूट देने का विचार किया गया था लेकिन संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से चिंताएं बढ़ गई हैं.

  4. स्वदेशी एमआरएनए कोरोना वैक्सीन को मिली मंज़ूरी

    भारतीय ड्रग कंट्रोल नियामक ने प्रथम स्वदेशी एमआरएनए कोरोना वैक्सीन के पहले और दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल के लिए अपनी मंज़ूरी दे दी है.

    पुणे स्थित कंपनी जेनौवा HGCO19 नाम की वैक्सीन बना रही है. कंपनी को भारत सरकार के विज्ञान और तकनीकी मंत्रालय से आर्थिक मदद मिली है.

    मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार जीवाणु से लड़ने के लिए एमआरएनए वैक्सीन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को पारंपरिक तरीके से तैयार नहीं करती,"बल्कि इस वैक्सीन में वायरस के आरएनए से मिलते-जुलते मॉलिक्यूल होते हैं जो शरीर को प्रोटीन बनाने के लिए कहते हैं. इसकी प्रतिक्रिया में शरीर ऐसा वायरल प्रोटीन बनाता है जिसे वो पहचान सकता है और फिर रोग प्रतिरोधक क्षमता उससे लड़ना सीखती है."

    विज्ञान और तकनीकी मंत्रालय का कहना है कि एमआरएनए वैक्सीन को सुरक्षित और असंक्रामक माना जाता है. ये भी माना जाता है कि ये अधिक कारगर होती हैं.

  5. कार्टून: ना रहेगा स्कूटर ना लगेगा पेट्रोल

  6. जम्मू-कश्मीर में फैक्ट्री लगाएगी यूएई की कंपनी

    संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का लुलु ग्रुप भारत प्रशासित कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में एक फ़ूड प्रोसेसिंग केंद्र स्थापित करेगा.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार लुलु समूह के अध्यक्ष यूसुफ़ अली एमए ने गुरुवार को यूएई-भारत खाद्य सुरक्षा सम्मेलन 2020 के दौरान जम्मू-कश्मीर के प्रधान सचिव (कृषि उत्पादन और बाग़बानी) नवीन कुमार चौधरी की अगुवाई वाले एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक के दौरान की.

    इस मौक़े पर यूसुफ़ अली एमए ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साल 2019 में यूएई की यात्रा के दौरान लुलु समूह ने कश्मीर में फ़ूड प्रोसेसिंग सेंटर खोलने का वादा किया था और अब यह समूह कश्मीर से तरह-तरह के कृषि उत्पाद हासिल करने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहा है.

    फ़िलहाल लुलु समूह कश्मीर से सेब और ज़ाफ़रान आयात करता है और आने वाले सालों में आयात और बढ़ेगा.

    इस समूह ने कोरोना महामारी से पैदा होने वाली दिक़्क़तों के बावजूद अब तक 400 टन कश्मीरी सेब का आयात किया है.

    यूसुफ़ अली ने कहा कि लुलु समूह भारत से खाद्य और ग़ैर-खाद्य उत्पादों के प्रमुख आयातकों में शामिल है, और नए केंद्र की स्थापना से खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) और अन्य देशों को कश्मीरी उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा.

    इस मौक़े पर चौधरी ने कहा कि बैठक के नतीजे काफ़ी बेहतर रहे और लुलु समूह के स्टोरों का उपयोग करते हुए केंद्र शासित प्रदेश से पूरे खाड़ी क्षेत्र में कृषि और बाग़बानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई निर्णय किए गए.

    उन्होंने जम्मू-कश्मीर में दफ़्तर खोलने और दूसरी सुविधाओं को मुहैया कराने में लुलु समूह की हर तरह से मदद करने का आश्वासन दिया.

  7. दुष्यंत चौटाला ने क्यों कही इस्तीफे की बात?

    हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने इस्तीफ़ा देने की बात कही है.

    इसके लिए उन्होंने किसान आंदोलन की एक बड़ी मांग को वजह बताया है.

    दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि अगर वो किसानों के लिए MSP सुनिश्चित नहीं कर पाते, तो पद से इस्तीफ़ा दे देंगे.

  8. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'

    बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 11 दिसंबर 2020, सुनिए मोहनलाल शर्मा के साथ.

  9. सरकार बातचीत के लिए बुलाएगी तो ज़रूर जाएंगे- किसान नेता

    भारतीय किसान संघ के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा है कि उन्होंने बातचीत का रास्ता बंद नहीं किया है और सरकार उन्हें चर्चा के लिए आमंत्रित करेगी तो वो जाएंगे.

    दिल्ली-हरियाणा सिंघु बॉर्डर पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हमने सरकार के साथ बातचीत से इनकार नहीं किया है.

    उन्होंने कहा, "हम अपनी तरफ से सरकार को आमंत्रित नहीं करेंगे लेकिन अगर वो हमें बातचीत के लिए बुलाते हैं तो हम ज़रूर जाएंगे."

    उन्होंने कहा कि अब तक जैसा 12 तारीख को वो दिल्ली जयरपुर हाईवे बंद करेंगे लेकिन इसके लिए दिल्ली में विरोध पर बैठे किसान नहीं जाएंगे बल्कि राजस्थान की तरफ से किसान आएंगे.

    उन्होंने कहा कि अब तक उन्होंने रेल रोकने का कोई कार्यक्रम नहीं बनाया है.

  10. नए कृषि क़ानूनों की मांग क्या किसानों ने की थी?

    उत्तर भारत के किसानों ने काफ़ी लंबे समय के बाद राजधानी दिल्ली को अपने विरोध का गढ़ बनाया है.

    दिल्ली के बॉर्डर पर डटे लाखों किसान इस माँग पर अड़े हुए हैं कि कुछ महीने पहले लागू हुआ नया कृषि क़ानून वापस लिया जाए.

    दूसरी तरफ़ सरकार उनसे बातचीत करने की इच्छुक दिखी है लेकिन नए क़ानून को वापस लेने या पूरी तरह से बदलने की बात किए बिना.

    इस बीच तीन बड़े सवाल हैं जिनके जवाब शायद आप भी जानना चाहेंगे. क्या हैं वो तीन अहम सवाल और देखिए उनकी पड़ताल.

    रिपोर्टः नितिन श्रीवास्तव

    शूट एडिटः देबलिन रॉय

    प्रॉड्यूसरः जुगल पुरोहित

  11. कई बीजेपी नेताओं ने की ममता बनर्जी की आलोचना

    डायमंड हार्बर में भाजपा अध्यक्ष के क़ाफ़िले पर हुए हमले को लेकर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने भी चिंता जतायी है.

    समाचार एजेन्सी एएनआई के मुताबिक़ उन्होंने कहा है कि लंबे वक्त से बंगाल में क़ानून और व्यवस्था की हालत बिगड़ती जा रही है.

    वहीं भाजपा नेताओं ने भी ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल दिया है.

    केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने भी नड्डा के क़ाफ़िले पर हुए हमले को लेकर बंगाल सरकार की निंदा की है.

    उन्होंने कहा, “गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट मंगाई है लेकिन पश्चिम बंगाल सरकार ही ऐसा माहौल बना रही है, ये लोकतंत्र नहीं है। बाकी विपक्षी पार्टियां अब क्यों चुप हैं?“

    भाजपा नेता और महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री देबाश्री चौधरी ने कहा कि ममता बनर्जी को अपने शब्द ध्यान से चुनने चाहिए.

    उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल उनके पिता की निजी प्रॉपर्टी नहीं है, बल्कि देश का हिस्सा है.

    भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा ने भी कहा कि ममता दीदी हमें बाहरी समझती हैं लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश से आए घुसपैठियों को अपना समझती हैं.

    ऐसी खबरें थी कि केंद्र ने ममता बनर्जी सरकार से इस हमले को लेकर रिपोर्ट माँगी है.

    लेकिन तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार की जवाबदेही राज्य की विधानसभा के प्रति है. कोई और व्यक्ति क़ानून व्यवस्था को लेकर सवाल नहीं पूछ सकता ख़ासकर केंद्र सरकार. ये संविधान का उल्लंघन है.

    कल तृणमूल नेता सुब्रत मुखर्जी ने भी कहा था कि देखना चाहिए कि क्या ये हमला भाजपा ने प्लान किया था.

  12. कृषि क़ानूनों पर सरकार के प्रस्ताव पर किसानों से नहीं मिला कोई जवाब

    देश की राजधानी दिल्ली से सटे इलाक़ों में जारी किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि केंद्र सरकार ने किसानों के संगठनों को अपना प्रस्ताव भेजा है, उस पर किसानों ने चर्चा की है लेकिन अब तक उसका कोई जवाब नहीं आया है.

    उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "हमारा प्रस्ताव किसानों के पास है. इस पर उन्होंने चर्चा की है लेकिन हमें अब तक उनका जवाब नहीं मिला है. हमें मीडिया से पता चला कि उन्होंने हमारा प्रस्ताव ठुकरा दिया है. मैंने कल भी कहा था कि हम आगे बातचीत के लिए तैयार हैं."

    उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार किसानों के मुद्दे का समाधान खोज पाएगी. एक बार फिर उन्होंने किसान संगठनों से अपील की है कि वो अपना विरोध प्रदर्शन ख़त्म करें और सरकार के प्रस्ताव को लेकर अपनी राय बैठक में दें.

    उन्होंने कहा, "किसानों के जीवन स्तर में बदलाव लाने के लिए और सालों से उनके साथ हो रहे अन्याय को ख़त्म करने के लिए भारत सरकार ने बहुत विचार विमर्श करने के बाद क़ानून बनाए हैं. सरकार चर्चा करके क़ानून में सुधार करने के लिए तैयार है."

    26 नवंबर से दिल्ली के बॉर्डर इलाक़ों में बड़ी संख्या से किसान एकत्र हो रहे हैं. किसानों की मांग है कि सरकार तीनों नए कृषि क़ानूनों को रद्द करे लेकिन सरकार का कहना है कि वो क़ानून में संशोधन करने को तैयार है.

    बीते दिनों किसानों और सरकार के बीच पांच दौर की बातचीत हो चुकी है. 13 किसान नेता गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाक़ात कर चुके हैं, जिसके बाद सरकार ने किसानों के पास एक प्रस्ताव भेजा था.

    किसानों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और कहा है कि कृषि क़ानूनों को रद्द किए जाने से कम में वो नहीं मानेंगे.

    आज किसानों के विरोध प्रदर्शन का 16वां दिन है.

    किसानों की आय पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किसानों की आय के मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है और कहा है कि एनडीए सरकार चाहती हैं कि किसानों की आय कम हो जाए.

    शुक्रवार को उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि देश के किसानों की औसत आय कम हो कर बिहार के किसानों की आय के बराबर हो जाए. उन्होंने साल 2013 के सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, "देश के किसान चाहते हैं कि उनकी आय पंजाब के किसानों जितनी हो. लेकिन मोदी सरकार चाहती है कि सभी किसानों की आय बिहार के किसानों जितनी हो जाए."

    जो आंकड़े राहुल गांधी ने दिए हैं उसके अनुसार साल 2013 में पंजाब और हरियाणा के किसानों की आय देश में सबसे अधिक थी जबकि बिहार के किसानों की आय सबसे कम थी.

    किन क़ानूनों का विरोध कर कहे हैं किसान

    पहला - द फ़ार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फ़ैसिलिटेशन), 2020 क़ानून के मुताबिक़, किसान अपनी उपज एपीएमसी यानी एग्रीक्लचर प्रोड्यूस मार्केट कमिटी की ओर से अधिसूचित मण्डियों से बाहर बिना दूसरे राज्यों का टैक्स दिए बेच सकते हैं.

    दूसरा - फ़ार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फ़ार्म सर्विस क़ानून, 2020. इसके अनुसार, किसान अनुबंध वाली खेती कर सकते हैं और सीधे उसकी मार्केटिंग कर सकते हैं.

    तीसरा - इसेंशियल कमोडिटीज़ (एमेंडमेंट) क़ानून, 2020. इसमें उत्पादन, स्टोरेज के अलावा अनाज, दाल, खाने का तेल, प्याज की बिक्री को असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर नियंत्रण-मुक्त कर दिया गया है.

  13. भारतीय ट्राइबल पार्टी को रोकने के लिए एक हुईं कांग्रेस भाजपा, दोनों ने दिया एक दूसरे को समर्थन

    राजस्थान के जयपुर से, मोहर सिंह मीणा

    आज डूंगरपुर में कांग्रेस भाजपा के एक होने के बाद भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) ने इसे धोखा बताया और गहलोत सरकार को दिया अपना समर्थन वापस लिया. डूंगरपुर से बीटीपी के दो विधायक हैं.

    हालांकि, इससे गहलोत सरकार पर अभी कोई संकट नहीं है क्योंकि उसके पास बीएसपी और निर्दलीय विधायकों का समर्थन है.

    राजस्थान में कांग्रेस की सरकार बचाने में डूंगरपुर से भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) के दो विधायकों की अहम भूमिका रही थी. लेकिन, अब डूंगरपुर में बीटीपी को रोकने के लिए कांग्रेस ने भाजपा का साथ दिया है.

    वहीं, कांग्रेस के समर्थन से भाजपा प्रत्याशी जिला प्रमुख बनीं और सागवाड़ा पंचायत समिति में भाजपा का उम्मीदवार प्रधान बने.

    इधर, डूंगरपुर पंचायत समिति में कांग्रेस की प्रधान बनाने के लिए सामने भाजपा ने अपना उम्मीदवार ही नहीं उतारा.

    सागवाड़ा में बीटीपी से विधायक हैं और अब पंचायती राज चुनाव में बीटीपी के 13 सदस्य जीते जबकि भाजपा के 12 और कांग्रेस के 4 उम्मीदवार जीते.

    प्रधान के चुनाव में भाजपा उम्मीदवार को कांग्रेस ने समर्थन से 16 मत मिले.

    इसी तरह जिला परिषद में भाजपा के 8, कांग्रेस के 6 और निर्दलीय के 13 उम्मीदवार थे, यहां भाजपा को कांग्रेस के 6 उम्मीदवारों का साथ मिला.

    भारतीय ट्राइबल पार्टी पिछले विधानसभा चुनाव में पहली बार राजस्थान कि राजनीति में उतरी और दो सीट जीती.

    अब आदिवासी क्षेत्रों में कांग्रेस और भाजपा दोनों को बिटीपी से ख़तरा नज़र रहा है, ऐसे में भाजपा और कांग्रेस एक हो गए.

  14. COVER STORY: किसान आंदोलन के अहम सवालों के जवाब

  15. चोट से ठीक हुए रोहित शर्मा, 14 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के लिए भरेंगे उड़ान?

    टीम इंडिया के दिग्गज बल्लेबाज़ रोहित शर्मा चोटिल होने की वजह से ऑस्ट्रेलियाई दौरे के लिए नहीं चुने गए थे.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई ने बीसीसीआई के सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि रोहित शर्मा ने अब फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है.

    ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर वनडे और टी20 सिरीज़ ख़त्म हो चुकी है और 17 दिसंबर से टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर सिरीज़ शुरू हो रही है.

    टेस्ट सिरीज़ के पहले दो मैचों में उन्हें जगह नहीं दी जा सकती क्योंकि ऑस्ट्रेलिया भेजे जाने की स्थिति में रोहित को वहाँ 15 दिन क्वारंटीन में बिताने होंगे. हालांकि उसके बाद उनके पास आखिरी दो टेस्ट मैचों में खेलने का मौका होगा, लिहाजा अब निगाहें बीसीसीआई पर टिकी हैं कि क्या वो रोहित को अंतिम दो टेस्ट मैचों के लिए टीम में जगह देगी.

    बीते कुछ समय से रोहित शर्मा की फिटनेस को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी. जब आईपीएल के दौरान रोहित शर्मा के चोटिल होनी की ख़बर आई तो उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे से बाहर कर दिया गया लेकिन वो उसके बाद भी मुंबई इंडियंस के लिए खेलते रहे और अपनी टीम को खिताब दिलाने में कामयाब रहे.

    लेकिन इसके बाद भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली का बयान आया कि रोहित शर्मा के चोटिल होने का पूरा एपिसोड असमंजस भरा है. उन्होंने कहा था कि रोहित के फिटनेस को लेकर "बहुत सी अनिश्चितताएँ और स्पष्टता की कमी" है.

    कोहली ने पहले एकदिवसीय मुक़ाबले से एक दिन पहले कहा था, "आदर्श स्थिति यह होती कि रोहित और तेज़ गेंजबाज़ इशाँत दोनों को अपनी अपनी चोटों से उबरने के दौरान ऑस्ट्रेलिया में रहना चाहिए था ताकि ठीक होने पर वो टेस्ट मैचों में खेल सकते."

  16. ब्रेकिंग न्यूज़, मेघालय के सीएम कोनराड संगमा कोरोना पॉज़िटिव

    मेघालय के सीएम कोनराड संगमा ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि वो कोरोना पॉज़िटिव हैं और फिलहाल होम आइसोलेशन में हैं. उन्होंने कहा है कि उन्हें इस बीमारी के मामूली लक्षण भी हैं.

    साथ ही उन्होंने कहा है कि बीते पांच दिनों में जो लोग उनके संपर्क में आए हैं वो सतर्कता बरतें और ज़रूरत पड़ने पर अपना कोरोना टेस्ट ज़रूर करवा लें.

  17. जसप्रीत बुमराह का पहला अर्धशतक, सिराज के साथ 10वें विकेट के लिए जोड़े 71 रन

    भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में इस महीने की 17 तारीख़ से टेस्ट सिरीज़ खेलने वाली है.

    उससे पहले सिडनी में ऑस्ट्रेलिया-ए के साथ वो एक अभ्यास मैच में खेल रही है जिसमें पूरी टीम केवल 194 रन पर आउट हो गई.

    हालांकि पिंक गेंद से खेले जा रहे इस मैच में भारतीय पारी की सबसे बड़ी ख़ासियत यह रही कि अंतिम विकेट के लिए जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने 71 रनों की साझेदारी की.

    बुमराह ने 55 रनों की नाबाद पारी खेली. उन्होंने 54 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया.

    बुमराह के अलावा भारतीय पारी में शुभमन गिल ने 43 और पृथ्वी शॉ ने 40 रन बनाए.

    यह पहला मौक़ा है, जब बुमराह ने किसी भी फ़र्स्ट क्लास मुक़ाबले में अर्धशतक जड़ा है.

  18. टाइम मैगज़ीन के 'पर्सन ऑफ़ द ईयर' बने जो बाइडन और कमला हैरिस

    टाइम मैगज़ीन ने अमेरिका के अगले राष्ट्रपति जो बाइडन और अगली उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस को 'पर्सन ऑफ़ द ईयर' चुना है.

    बीते वर्ष टाइम मैगज़ीन ने पर्यावरण कार्यकर्ता 16 वर्षीय ग्रेटा थनबर्ग को 'पर्सन ऑफ़ द ईयर' चुना था.

    टाइम मैगज़ीन के एडिटर-इन-चीफ़ एडवर्ड फेल्सन्थल ने कहा, "अमेरिका की कहानी बदलने के लिए, यह दिखाने के लिए कि विभाजनकारी एजेंडे से ज़्यादा ताक़त सहानुभूति की है, और दुख झेल रही दुनिया को आरोग्य करने का नज़रिया साझा करने के लिए, जो बाइडन और कमला हैरिस को टाइम-2020 का पर्सन ऑफ़ द ईयर चुना गया.''

  19. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने की बीजेपी अध्यक्ष पर हमले की निंदा

    पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफ़िले पर हुए हमले की राज्य के गवर्नर जगदीप धनखड़ ने कड़ी निंदा की है.

    उन्होंने कहा, “यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण घटना है. यह हमारे लोकतांत्रिक ताने-बाने के लिए एक धब्बा है. उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को शर्मिंदा किया है.”

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिये बिना उन्होंने कहा, “मैडम भारत एक है, भारत की आत्मा और नागरिकता एक हैं, ये जो ख़तरनाक खेल है कि कौन बाहरी है और कौन अंदरूनी, आप इसको त्याग दीजिये. आपने संविधान के तहत काम करने की शपथ ली है.”

    पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा पर हुए हमले को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में बहुत रोष है.

    लेकिन ममता बनर्जी ने इसे ‘पार्टी का ड्रामा’ बताया है.

    जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को बताया कि उन्होंने इस घटना पर केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट सौंपी है.

    पश्चिम बंगाल में जेपी नड्डा के काफ़िले पर हमले से कैसे बढ़ गई है चुनावी सरगर्मी, रिपोर्ट पढ़ने के लिए क्लिक करें.

  20. सरकार और किसान, दोनों को पीछे हटना होगा: राकेश टिकैत

    हरियाणा और पंजाब से आये सैकड़ों किसान दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर डटे हुए हैं. किसानों के प्रदर्शन का आज 16वाँ दिन है.

    किसानों की माँग है कि तीनों कृषि क़ानून बिना किसी शर्त के वापस लिये जाएं. मगर सरकार ने क़ानून वापस लेने से मना कर दिया है. हालांकि, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने गुरुवार को कहा कि ‘मोदी सरकार बातचीत के लिए तैयार है.’

    इससे पहले केंद्र सरकार ने एक संशोधन प्रस्ताव किसानों के सामने रखा था जिसे किसान ख़ारिज कर चुके हैं. किसानों की दलील थी कि ‘जब सरकार इतने बदलाव करने को तैयार है, तो क्यों इन काले क़ानूनों को वापस नहीं ले लेती.’

    शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ‘सरकार और किसान, दोनों को ही पीछे हटना होगा. सरकार क़ानून वापस ले और किसान अपने-अपने घर लौट जायें. इसके अलावा कोई चारा नहीं.’

    न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी को लेकर शुरू हुआ किसानों का यह आंदोलन अब कृषि क़ानूनों को वापस लिये जाने से कम पर राज़ी नहीं है. किसानों का मानना है कि अगर ये क़ानून प्रभावी हुए, तो कुछ वर्षों बाद उन्हें अपनी फ़सल औने-पौने दाम पर बेचने के लिए मजबूर होने होगा.

    शुक्रवार को पंजाब के कुछ और किसान सिंघु बॉर्डर के लिए निकले हैं. किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी के एस एस पंधेर ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि ‘संघर्ष कमेटी के क़रीब 700 ट्रैक्टर अमृतसर से दिल्ली के लिए निकल चुके हैं. ये दिल्ली बॉर्डर पर पहुँचकर बाकी किसानों का साथ देंगे.’