देश की राजधानी दिल्ली से सटे इलाक़ों में जारी किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि केंद्र सरकार ने किसानों के संगठनों को अपना प्रस्ताव भेजा है, उस पर किसानों ने चर्चा की है लेकिन अब तक उसका कोई जवाब नहीं आया है.
उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "हमारा प्रस्ताव किसानों के पास है. इस पर उन्होंने चर्चा की है लेकिन हमें अब तक उनका जवाब नहीं मिला है. हमें मीडिया से पता चला कि उन्होंने हमारा प्रस्ताव ठुकरा दिया है. मैंने कल भी कहा था कि हम आगे बातचीत के लिए तैयार हैं."
उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार किसानों के मुद्दे का समाधान खोज पाएगी. एक बार फिर उन्होंने किसान संगठनों से अपील की है कि वो अपना विरोध प्रदर्शन ख़त्म करें और सरकार के प्रस्ताव को लेकर अपनी राय बैठक में दें.
उन्होंने कहा, "किसानों के जीवन स्तर में बदलाव लाने के लिए और सालों से उनके साथ हो रहे अन्याय को ख़त्म करने के लिए भारत सरकार ने बहुत विचार विमर्श करने के बाद क़ानून बनाए हैं. सरकार चर्चा करके क़ानून में सुधार करने के लिए तैयार है."
26 नवंबर से दिल्ली के बॉर्डर इलाक़ों में बड़ी संख्या से किसान एकत्र हो रहे हैं. किसानों की मांग है कि सरकार तीनों नए कृषि क़ानूनों को रद्द करे लेकिन सरकार का कहना है कि वो क़ानून में संशोधन करने को तैयार है.
बीते दिनों किसानों और सरकार के बीच पांच दौर की बातचीत हो चुकी है. 13 किसान नेता गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाक़ात कर चुके हैं, जिसके बाद सरकार ने किसानों के पास एक प्रस्ताव भेजा था.
किसानों ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और कहा है कि कृषि क़ानूनों को रद्द किए जाने से कम में वो नहीं मानेंगे.
आज किसानों के विरोध प्रदर्शन का 16वां दिन है.
किसानों की आय पर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किसानों की आय के मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा है और कहा है कि एनडीए सरकार चाहती हैं कि किसानों की आय कम हो जाए.
शुक्रवार को उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि देश के किसानों की औसत आय कम हो कर बिहार के किसानों की आय के बराबर हो जाए.
उन्होंने साल 2013 के सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा, "देश के किसान चाहते हैं कि उनकी आय पंजाब के किसानों जितनी हो. लेकिन मोदी सरकार चाहती है कि सभी किसानों की आय बिहार के किसानों जितनी हो जाए."
जो आंकड़े राहुल गांधी ने दिए हैं उसके अनुसार साल 2013 में पंजाब और हरियाणा के किसानों की आय देश में सबसे अधिक थी जबकि बिहार के किसानों की आय सबसे कम थी.
किन क़ानूनों का विरोध कर कहे हैं किसान
पहला - द फ़ार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फ़ैसिलिटेशन), 2020 क़ानून के मुताबिक़, किसान अपनी उपज एपीएमसी यानी एग्रीक्लचर प्रोड्यूस मार्केट कमिटी की ओर से अधिसूचित मण्डियों से बाहर बिना दूसरे राज्यों का टैक्स दिए बेच सकते हैं.
दूसरा - फ़ार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑन प्राइस एश्योरेंस एंड फ़ार्म सर्विस क़ानून, 2020. इसके अनुसार, किसान अनुबंध वाली खेती कर सकते हैं और सीधे उसकी मार्केटिंग कर सकते हैं.
तीसरा - इसेंशियल कमोडिटीज़ (एमेंडमेंट) क़ानून, 2020. इसमें उत्पादन, स्टोरेज के अलावा अनाज, दाल, खाने का तेल, प्याज की बिक्री को असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर नियंत्रण-मुक्त कर दिया गया है.