असम में दिखा बंद का व्यापक असर
दिलीप कुमार शर्मा
गुवाहाटी से, बीबीसी हिंदी के लिए
मोदी सरकार के नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलनकारी किसानों द्वारा मंगलवार को बुलाए गए भारत बंद का असम के गुवाहाटी, जोरहाट जैसे बड़े शहरों समेत समूचे राज्य में व्यापक असर देखने को मिल रहा है.
ऐसी चर्चा थी कि बीजेपी शासित राज्यों में बंद का प्रभाव कम होगा लेकिन सुबह से ही दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं.
किसानों के समर्थन में कृषक मुक्ति संग्राम समिति, सेंटर ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन समेत स्थानीय किसानों के संगठनों ने विरोध रैली निकाली और मोदी सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी की.
किसान नेता तपन फुकन ने बीबीसी से कहा, "आंदोलनकारी किसान इतनी मुसीबतें झेल कर सरकार को समझाने की कोशिश कर रहें है लेकिन कई दौर की बातचीत के बाद भी सरकार ने कोई सुनवाई नही की. असम के धान की क़ीमत यहां की सरकार ने 1835 रुपए प्रति क्विंटल तय की थी लेकिन किसानों को 1200 से 1300 रुपए ही मिल रहें है. बीजेपी सरकार लगातार किसान विरोधी काम कर रहीं है. सरकार जब तक तीनों क़ानून ख़ारिज नहीं करती हम विरोध करते रहेंगे."
असम में कांग्रेस, एआईयूडीएफ़ और वामपंथी दलों सहित 13 विपक्षी दलों ने देशव्यापी हड़ताल को समर्थन दिया है.