भारत बायोटेक ने स्वदेशी वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंज़ूरी मांगी
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किसानों के भारत बंद से जुड़ी ख़ास और बड़ी बातें
भारत बायोटेक ने स्वदेशी वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंज़ूरी मांगी

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भारत बायोटेक नेसोमवार को अपनी कोविड वैक्सीन ‘कोवैक्सिन’ के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति के लिए ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया (डीसीजीआई) में आवेदन किया है. इस वैक्सीन को देश में ही विकसित किया गया है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया, “भारत बायोटेक ने डीसीजीआई से अपनी स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति के लिए आवेदन किया है.”
भारत बायोटेक तीसरी कंपनी है जिसने अपनी वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति मांगी है.
ये आवेदन करने वाली दूसरी भारतीय कंपनी है. इससे पहले सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राज़ेनेका की ओर से विकसित की गई वैक्सीन के ऐसे ही इस्तेमाल के लिए अनुमति मांगी थी.
फाइज़र इंडिया की पैरेंट कंपनी फाइज़र को पहले ही ब्रिटेन और बहरीन में इमरजेंसी इस्तेमाल की अनुमति मिल चुकी है.
पंजाब के किसान दिल्ली में डटे, घर और खेती किसके हवाले?
आगरा में मेट्रो परियोजना का प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्घाटन

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ताजमहल पर वायु प्रदूषण के प्रभाव को रोकने के मक़सद से लाई जा रही मेट्रो परियोजना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को उद्घाटन किया.
ये मेट्रो रेल नेटवर्क आगरा में 17वीं सदी के स्मारक और दूसरे ऐतिहासिक स्थलों को रेलवे स्टेशन और बस स्टॉप से जोड़ेगा.
अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट में 8,379.62 करोड़ रुपये खर्च होंगे और पूरा होने में पांच साल का वक़्त लगेगा.
ताजमहल दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है. हर रोज़ क़रीब 70 हज़ार लोग ताजमहल का दीदार करने आते हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने एक वर्चुअल समारोह में इस परियोजना का उद्घाटन किया.
2018 में भारत के सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल को बचाने में सरकार की “विफलता” की आलोचना की थी.
उस साल मई के दौरान अदालत ने सरकार को ताजमहल के “रंग में चिंताजनक बदलाव” को ठीक करने के लिए विदेश से मदद लेने का निर्देश दिया था. इस स्मारक को मुगल सम्राट शाहजहाँ के शासन में बनाया गया था.
अदालत ने निष्कर्ष निकाला था कि सफेद संगमरमर और अन्य मेटेरियल से बने ताजमहल का रंग बदलकर पीला, भूरा और हरा हो रहा है. इसके लिए प्रदूषण, निर्माण कार्य जैसे कारणों को ज़िम्मेदार बताया गया था.
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प्रकाश सिंह बादल ने प्रधानमंत्री को लिखा ख़त
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अकाली नेता प्रकाश सिंह बादल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ख़त लिखकर किसानों के मुद्दे पर चिंता जताई है.
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बादल ने लिखा, "किसानों के जारी संकट पर मैं बहुत चिंतित हूं. मुझे लगता है कि इस समस्या को और बेहतर तरीक़े से सुलझाया जा सकता था अगर सरकार ने अपने क़दमों (क़ृषि बिल) पर किसानों की सोच के बारे में मिले ईमानदार फ़ीडबैक पर ध्यान दिया होता."
बादल ने कहा कि किसानों और उनके परिवार वालों को इस कड़कती सर्दी में और तकलीफ़ दिए बिना सरकार को उन तीन कृषि क़ानूनों को हर हालत में वापस ले लेना चाहिए.
बादल के अनुसार यह मामला सिर्फ़ किसानों से नहीं जुड़ा हुआ है, इससे देश की पूरी अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी.
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टीवी एक्ट्रेस दिव्या भटनागर की कोरोना से मौत

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इमेज कैप्शन, टीवी एक्ट्रेस आरती सिंह के साथ दिव्या भटनागर (दाएं) अभिनेत्री दिव्या भटनागर का सोमवार सुबह निधन हो गया है वो महज़ 34 साल की थीं.
बीबीसी हिंदी के लिए मधु पाल से बात करते हुए दिव्या के भाई देव भटनागर ने बताया कि वो पिछले आठ दिनों से मुंबई के एसआरवी अस्तपताल, अँधेरी में भर्ती थीं. उन्हें कोरोना हो गया था जिसकी वजह से दो दिनों तक उन्हें बुख़ार आया.
वो कहते हैं कि दिव्या मुंबई में अकेले रह रही थीं मैं और मेरी मां दिल्ली रहते हैं. हमें जैसे ही उनके बीमार होने की ख़बर मिली हम मुंबई आ गए. मेरी बहन बहुत दिनों से डिप्रेस्शन से जूझ रही थी. कई बार हमने उन्हें घर बुलाया लेकिन वो नहीं आईं. उनके डिप्रेशन में होने की जानकारी हमें उस नोट से मिली जो वो छोड़ कर गई हैं. उनके डिप्रेशन की वजह उनकी पर्सनल लाइफ़ है.
कोरोना तो था ही, साथ में वो हाइपर टेंशन में भी थीं जिसके चलते वो और बीमार हो गईं.
दिव्या भटनागर ने साल 2006 में टीवी सीरियल 'चांद के पार चलो' से ऐक्टिंग डेब्यू किया था. उन्होंने 2009 में 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' में गुलाबो का रोल किया. इसके बाद वह 2011 में 'सवारे सबके सपने... प्रीतो', 2018 में 'श्रीमान श्रीमति फिर से', 2020 में 'तेरा यार हूं मैं' में भी अहम भूमिका निभाईं, जिसके लिए उन्हें ख़ूब सरहाना भी मिली.
दिव्या के परिवार में उनकी मां डॉली भटनागर, एक छोटा भाई देवाशीष भटनागर हैं. दिव्या के पति का नाम गगन है. वह सिलेब्रिटी मैनेजर हैं.
भारत बंद से पहले क्या है किसानों की रणनीति?
किसान संगठनों ने किसान विरोधी "काले क़ानूनों के विरोध में" मंगलवार 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है जिसका विपक्ष ने पूरी तरह समर्थन किया है.
भारत बंद से पहले क्या है किसानों की रणनीति? टिकरी बॉर्डर बीबीसी संवाददाता सरबजीत धालीवाल LIVE
"किसी राजनीतिक नेता को हमारे मंच पर नहीं आने देने के लिए प्रतिबद्ध"

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दिल्ली-हरियाणा के बीच सिंघु बॉर्डर पर किसान नेता डॉक्टर दर्शन पाल ने कहा कि "कल पूरे दिन बंद रहेगा. चक्का जाम दोपहर तीन बजे तक होगा. बंद पूरी तरह से शांतिपूर्ण होगा. हम किसी राजनीतिक नेता को हमारे मंच पर नहीं आने देने के लिए प्रतिबद्ध हैं."
"किसानों का प्रदर्शन सिर्फ़ पंजाब तक सीमित नहीं"

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आठ दिसंबर के भारत बंद से पहले किसान नेता निर्भर सिंह ने कहा है कि किसानों का प्रदर्शन सिर्फ़ पंजाब तक सीमित नहीं है.
उन्होंने कहा कि "पूरी दुनिया के नेता, जैसे कनाडा के प्रधानमंत्री ट्रूडो हमारा समर्थन कर रहे हैं. हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण है."
गुजरात में भारत-बंद को सपोर्ट नहीं: मुख्यमंत्री विजय रूपाणी
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8 दिसंबर को किसान क्रांति के समर्थन में शांतिपूर्ण भारत बंद: राहुल गांधी
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को भारत बंद से पहले सोमवार को किए एक ट्वीट में कहा, "8 दिसंबर को किसान क्रांति के समर्थन में शांतिपूर्ण भारत बंद है. हम इसका पूर्ण रूप से समर्थन करेंगे. देश के अन्नदाता से अत्याचार और अन्याय असहनीय है.‘अदानी-अंबानी कृषि क़ानून’वापस लो!"
आठ दिसंबर को किसानों के भारत बंद के आह्ववान के मद्देनज़र केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए परामर्श जारी किया है.
परामर्श में कहा गया है कि भारत-बंद के दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ शांति बनी रहे और कोविड-19 संबंधी दिशा-निर्देशों की अवहेलना ना हो
कांग्रेस ने कहा है कि मंगलवार को भारत बंद के दौरान लोगों को होने वाली असुविधा के लिए केंद्र सरकार ज़िम्मेदार होगी. वहीं दिल्ली पुलिस ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं और लोगों की आवाजाही रोकने तथा ज़बरन दुकानें बंद करवाने वालों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
दिल्ली की सीमाओं पर हज़ारों किसान बीते 12 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें ज़्यादातर किसान पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के हैं.
किसान संगठनों ने किसान विरोधी "काले क़ानूनों के विरोध में" मंगलवार 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है जिसका विपक्ष ने पूरी तरह समर्थन किया है.
प्रदर्शनकारी नेताओं के बीच अब तक हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है. दोनों पक्षों के बीच अगली बातचीत 9 दिसंबर को प्रस्तावित है.
विपक्ष के शीर्ष नेताओं ने रविवार को एक संयुक्त बयान जारी करते हुए आठ दिसंबर को प्रदर्शनकारी किसानों के भारत बंद के आह्वान का समर्थन किया था और कहा था कि 'नए किसान क़ानून कार्पोरेट्स के हाथों खेती-किसानी को बर्बाद कर देंगे.'
इस संयुक्त बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फ़ारूक़ अब्दुल्ला, डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, सीपीआई (एम) के महासचिव सीताराम येचुरी, सीपीआई के डी राजा, आरजेडी के तेजस्वी यादव और सीपीआई (एमएल) के दीपांकर भट्टाचार्य समेत अन्य नेताओं ने दस्तख़त किए थे.
कुछ राजनीतिक दल माहौल ख़राब करने की कोशिश में: योगी आदित्यनाथ

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसान प्रदर्शनों की पृष्ठभूमि में कहा है कि कुछ राजनीतिक दल माहौल ख़राब करने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा है कि इससे उन राजनीतिक दलों के दोहरे मापदंडों का पता चलता है.
किसान आंदोलन: रविशंकर प्रसाद के आरोपों पर रणदीप सिंह सुरजेवाला का जवाब
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केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के आरोपों पर कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने जवाब देते हुए कृषि बिल संसद में पास कराने के तौर-तरीक़ों की ओर ध्यान खींचते हुए सवाल दाग़ा है कि किसान क़ानूनों के मामले में कांग्रेस का क्या क़सूर है?
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि विपक्षी दल नए कृषि क़ानूनों के मामले में बीच में कूद गए हैं जिनका मक़सद अपना वजूद बचाना है.
उन्होंने दावा किया कि यूपीए सरकार के दौरान कृषि क्षेत्र में सुधारों के लिए उन्होंने जो किया था, वही मोदी सरकार आज कर रही है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्ष अब चुनावों में हारता जा रहा है, इसलिए वो अपने अस्तित्व के लिए किसी भी प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, शिव सेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि मंगलवार को भारत बंद का किसानों का आह्वान ग़ैर-राजनीतिक है और लोगों को ख़ुद इसमें हिस्सा लेना चाहिए.
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