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जस्टिन ट्रूडो भारत के किसान प्रदर्शनों से जुड़े सवाल पर फिर बोले

भारतीय विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कनाडा के उच्चायुक्त को तलब करके बयानबाज़ियों को आंतरिक मामलों में दख़ल बताया था.

लाइव कवरेज

  1. दिलजीत दोसांझ के ‘किंग ऑफ़ पंजाबी फ़िल्म्स’ बनने तक का सफ़र

  2. ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में किसान प्रदर्शनों से जुड़े सवाल पर फिर बोले जस्टिन ट्रूडो

    भारत में कनाडा के उच्चायुक्त को तलब किए जाने के बाद शुक्रवार को कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक बार फिर भारत में किसान प्रदर्शनों को लेकर बयान दिया है.

    कोरोना वायरस महामारी को लेकर हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान एक पत्रकार ने उनसे कनाडाई उच्चायुक्त के तलब किए जाने पर उनसे प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कहा कि कनाडा हमेशा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के अधिकार के लिए खड़ा रहेगा चाहे वो जहां पर भी हों और बातचीत को देखकर ख़ुशी होगी.

    पत्रकार ने उनसे इसके बाद पूछा कि वो भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर असर पड़ने को लेकर इसे कैसे देखते हैं? इस पर उन्होंने कहा कि कनाडा हमेशा मानवाधिकारों और शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के अधिकार के पक्ष में खड़ा रहेगा.

    ग़ौरतलब है कि गुरुपर्ब पर एक वेबिनार के दौरान कनाडा के प्रधानमंत्री समेत कई और नेताओं ने भारत में किसान प्रदर्शनों का समर्थन किया था और ट्रूडो ने कहा था कि वो शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के पक्ष में हैं.

    इसके बाद शुक्रवार को भारत ने कनाडा के उच्चायुक्त को तलब किया और कहा कि इस तरह के बयान अगर जारी रहे तो वह दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों पर असर डालेगा.

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, “विदेश मंत्रालय ने कनाडा के उच्चायुक्त को तलब किया और उन्हें कनाडा के प्रधानमंत्री, कुछ मंत्रिमंडल के मंत्रियों और सांसदों की भारतीय किसानों से जुड़ी टिप्पणी के बारे में बताया जो कि हमारे आंतरिक मामलों में अस्वीकार्य दख़ल है.”

  3. ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में बीजेपी दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी

    ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में मतगणना के बाद तस्वीर एकदम साफ़ हो गई है जहां तेलंगाना राष्ट्र समिति 55 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी है.

    वहीं भारतीय जनता पार्टी ने 48 सीटें जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया है. ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम को 44 सीटें मिली हैं.

    सबसे ज़्यादा निराशा कांग्रेस को हाथ लगी है जिसे दो सीटों से संतोष करना पड़ा है. वैसे कांग्रेस से किसी चमत्कारिक नतीजों की उम्मीद किसी ने नहीं की थी.

    तेलंगाना में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष एन उत्तम कुमार रेड्डी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. रेड्डी साल 2014 से तेलंगाना कांग्रेस प्रमुख थे.

    ये चुनाव तेलंगाना राष्ट्र समिति, भारतीय जनता पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम के लिए ही प्रतिष्ठा का सवाल था.

    ख़ासतौर पर भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में पूरी जान लगा दी थी.

    तेलंगाना राष्ट्र समिति ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनाने के लिए मतदाताओं का शुक्रिया अदा किया है.

    पार्टी ने कहा है कि कुछ सीटों का नुकसान हुआ है जिसकी उसे उम्मीद नहीं थी. वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी तेलंगाना के लोगों का आभार जताया है. गृहमंत्री अमित शाह ने इस आशय का एक ट्वीट भी किया है.

    बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा है कि इससे तेलंगाना में साल 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के नतीजे को समझा जा सकता है.

    तेलंगाना राज्य जहाँ भारतीय जनता पार्टी के पास 119 में से केवल दो विधायक हैं और जहाँ 17 लोकसभा सीट में केवल 4 सांसद हैं, वहाँ एक नगर निगम चुनाव में बीजेपी ने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी थी.

    ग्रेटर हैदराबाद नगर का सालाना बजट लगभग साढ़े पाँच हजार करोड़ का है और आबादी लगभग 82 लाख लोगों की है.

    बीजेपी के लिए क्यों है ये चुनाव अहम ?

    बीजेपी इस चुनाव में अपना भाग्य आज़माकर एक तीर से कई शिकार करने की कोशिश कर रही है.

    पहला तो ये कि पार्टी अध्यक्ष के तौर पर 2017 में अमित शाह ने लक्ष्य रखा था, बीजेपी को पंचायत से पार्लियामेंट तक ले जाना है. ये उसी लक्ष्य को हासिल करने की बीजेपी की कोशिश है.

    दूसरा ये कि टीआरएस में अंदरूनी राजनीति की वजह से राज्य में उनकी पकड़ पहले से थोड़ी ढीली पड़ी है. बीजेपी को लगता है कि टीआरएस पर चोट के लिए ये सही मौक़ा है. इस बार के मॉनसून में जब दो बार तेज़ बारिश हुई तो शहरी इलाक़ों में इसका बहुत बुरा असर पड़ा था. एक तरह से पूरा शहर दो बार डूब गया था. टीआरएस को इस वजह से स्थानीय जनता का रोष झेलना पड़ा. अब नंवबर की शुरुआत में दुब्बाक सीट पर हार के बाद भी टीआरएस बाहर से थोड़ी कमज़ोर दिख रही है.

    तीसरी बात ये कि कांग्रेस पूरे प्रयास के बाद भी दुब्बाक सीट पर तीसरे नंबर पर रही थी. बीजेपी राज्य में कांग्रेस की जगह ख़ुद को लाने का सही मौक़ा समझ रही है.

    साथ ही एआईएमआईएम को दूसरे राज्यों के चुनाव में हमेशा बीजेपी की 'बी-टीम' क़रार दिया जाता है. बीजेपी इस चुनाव में उस भ्रम को तोड़ना चाहती है.

    चौथा कारण है जीएचएमसी का बजट. इन नगर निगम का बजट लगभग साढ़े पाँच हज़ार करोड़ रुपये सालाना है. कई राजनीतिक विश्लेषक इस नगर निगम को राज्य की सत्ता की चाबी मानते हैं.

  4. विपक्ष के संपर्क में रहने वाले टीएमसी नेता पार्टी छोड़ने के लिए आज़ाद हैं: ममता बनर्जी

    पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पार्टी विरोधी गतिविधियों के ख़िलाफ़ कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि तृणमूल कांग्रेस पार्टी के जो नेता विपक्ष के संपर्क में हैं, वो राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी का साथ छोड़ने के लिए आज़ाद हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, हालांकि ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के किसी नेता का नाम नहीं लिया, लेकिन माना जा रहा है कि उनका इशारा असंतुष्ट नेता सुवेंदु अधिकारी की तरफ़ है जिन्होंने हाल ही में ममता बनर्जी की कैबिनेट से इस्तीफ़ा दे दिया था.

    तृणमूल कांग्रेस के कुछ अन्य विधायकों ने भी पार्टी प्रमुख के ख़िलाफ़ मुंह खोला है. ऐसे में माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पार्टी के इन नेताओं को कड़ा संदेश देना चाहती हैं.

    पश्चिम बंगाल में अगले साल अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होना है जहां भारतीय जनता पार्टी काफ़ी समय से ख़ुद को मज़बूत करने की लगातार कोशिश कर रही है. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 18 सीटें जीती थीं जिसके बाद से पार्टी के हौसले और बुलंद हैं. पार्टी दावा कर रही है कि वो अगले साल होने वाले चुनाव में जीत दर्ज करेगी.

  5. किसान आंदोलनः क्यों टूट रहा है मीडिया के प्रति भरोसा

  6. तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष ने इस्तीफ़ा दिया

    तेलंगाना में प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष एन उत्तम कुमार रेड्डी ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है.

    प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष ने ऐसे समय इस्तीफ़ा दिया है जब ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में तेलंगाना राष्ट्र समिति ने अच्छा प्रदर्शन किया है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है.

    रेड्डी साल 2014 से तेलंगाना कांग्रेस प्रमुख थे.

    वैसे ये चुनाव तेलंगाना राष्ट्र समिति, भारतीय जनता पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन यानी एआईएमआईएम के लिए ही प्रतिष्ठा का सवाल था.

    इन तीन पार्टियों के मुक़ाबले कांग्रेस से किसी चमत्कारिक नतीजों की उम्मीद किसी ने नहीं की थी.

    तेलंगाना राष्ट्र समिति ने ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनाने के लिए मतदाताओं का शुक्रिया अदा किया है. पार्टी ने कहा है कि कुछ सीटों का नुकसान हुआ है जिसकी उसे उम्मीद नहीं थी.

    वहीं भारतीय जनता पार्टी ने भी तेलंगाना के लोगों का आभार जताया है. गृहमंत्री अमित शाह ने इस आशय का एक ट्वीट भी किया है.

  7. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', सुनिए मोहनलाल शर्मा से

  8. ब्रिटेन में मंगलवार से वैक्सीनेशन शुरू करने की तैयारी

    ब्रिटेन में कोरोना वायरस से निपटने के लिए मंगलवार से वैक्सीनेशन शुरू करने की तैयारियां जारी हैं.

    ब्रिटेन में सबसे पहले वेल्स के लोगों को वैक्सीन मिलेगी. बीते बुधवार को नियामकों ने फ़ाइजर/बायोएनटेक वैक्सीन को मंज़ूरी दी थी.

    ब्रिटेन में सबसे पहले कोरोना से निपटने में लगे एनएचएस स्टाफ और 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का वैक्सीनेशन किया जाएगा.

    स्टाफ में क्लीनर्स और कैटरर्स जैसे नॉन टेक्नीकल कर्मचारियों को भी वैक्सीनेशन के लिए प्राथमिकता दी गई है.

    ब्रिटेन को भरोसा है कि उसके पास अगले हफ्ते तक कोरोना वैक्सीन के आठ लाख डोज़ होंगे.

  9. विजय माल्या की फ़्रांस में सम्पत्ति ज़ब्त

    समाचार एजेंसी एनएनआई के मुताबिक़, प्रवर्तन निदेशालय ने कारोबारी विजय माल्या की फ़्रांस में 1.6 मिलियन यूरो की सम्पत्ति ज़ब्त कर ली है.

    भारत ने विजय माल्या को भगोड़ा घोषित किया हुआ है. विजय माल्या फ़िलहाल ब्रिटेन में हैं.

    लिकर किंग के नाम से प्रसिद्ध 64 वर्षीय शराब कारोबारी विजय माल्या मार्च 2016 में भारत छोड़कर ब्रिटेन चले गए थे.

    विजय माल्या पर आरोप हैं कि उन्होंने अपनी किंगफ़िशर एयरलाइन कंपनी के लिए भारतीय बैंकों से क़र्ज़ लिया और उसे बिना चुकाए विदेश चले गए.

    क़र्ज़ की यह रकम क़रीब 10 हज़ार करोड़ रुपए बताई जाती है.

    किंगफ़िशर एयरलाइन ख़स्ताहाल होने के बाद बंद हो चुकी है.

    भारत ने विजय माल्या को भारत वापस लाने के लिए ब्रिटेन में क़ानून का सहारा लिया है.

  10. PM मोदी तक पहुँची महाराष्ट्र के किसान की अधूरी 'मन की बात'

  11. आठ दिसंबर को भारत बंद का आह्वान

    'किसान विरोधी क़ानूनों' को वापस लेने की माँग दोहराते हुए भारतीय किसान यूनियन के महासचिव एचएस लाखोवाल ने आठ दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया है.

    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सिंघू बॉर्डर पर बैठे प्रदर्शनकारी किसानों के साथ मौजूद भारतीय किसान यूनियन के महासचिव एचएस लाखोवाल ने कहा, ''कल हमने सरकार से साफ़ कर दिया था कि किसान क़ानून वापस लिए जाने चाहिए. पाँच दिसंबर को पूरे भारत में प्रधानमंत्री मोदी के पुतले फूंके जाएंगे. आठ दिसंबर को हमने भारत बंद का आह्वान किया है.''

    शनिवार पाँच दिसंबर को ही सरकार और प्रदर्शनकारी किसानों के नेताओं के बीच बातचीत प्रस्तावित है. इससे पहले गुरुवार को दिल्ली में दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही थी.

    सरकार का कहना है कि बातचीत से समाधान निकाला जा सकता है, लेकिन प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि ''किसान विरोधी काले क़ानूनों'' को ख़त्म किए जाने तक प्रदर्शन ख़त्म नहीं होगा.

    इससे पहले,आठ विपक्षी पार्टियों ने एक संयुक्त वक्तव्य में प्रदर्शनकारी किसानों का समर्थन किया था.

    इन नेताओं में एनसीपी प्रमुख शरद पवार, टीएमके के टीआर बालू, सीपीएम के महासचिव सीताराम येचुरी, सीपीआई महासचिव डी राजा, आरजेडी सांसद मनोज झा, सीपीआई (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, एआईएफबी के देबब्रत बिस्वास और आरएसपी के महासचिव मनोज भट्टाचार्य शामिल हैं.

  12. 'बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों को जबरन सुदूर द्वीप पर भेजा जा रहा है'

    बांग्लादेश में अधिकारियों ने हज़ारों रोहिंग्या शरणार्थियों को सुरक्षा और सहमति की परवाह किए बिना एक सुदूर द्वीप पर भेजना शुरू कर दिया है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, शुक्रवार को लगभग 1600 शरणार्थियों को भसान चार नामक एक द्वीप पर भेजा गया है जिस पर बाढ़ का ख़तरा मंडरा रहता है.

    बांग्लादेश का दावा है कि इन शरणार्थियों को उनकी सहमति से भेजा गया है. लेकिन बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों ने बीते अक्तूबर में बीबीसी को बताया था कि वो इस द्वीप पर नहीं जाना चाहते हैं.

    रोहिंग्या शरणार्थियों की बेहतरी के लिए काम करने वाले समूहों ने चिंता जताई है कि शुक्रवार को जिन शरणार्थियों को सुदूर द्वीप पर भेजा गया, उनमें से अधिकांश को उनकी सहमति के बिना भेजा गया है.

    मानवाधिकार समूह ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि उसने शरणार्थियों के 12 परिवारों से बात की है जिनके नाम भेजे जाने वालों की सूची में थे, लेकिन वो जाना नहीं चाहते थे.

    रोहिंग्या शरणार्थी तीन साल पहले म्यांमार में सैन्य कार्रवाई के बाद भागकर बांग्लादेश पहुंचे थे.

    संयुक्त राष्ट्र के जांचकर्ताओं का कहना है कि लगभग दस हज़ार रोहिंग्या मारे गए थे और सात लाख से अधिक रोहिंग्या विस्थापित हुए थे.

  13. प्रदर्शनकारी किसानों को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाख़िल

    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को फ़ौरन हटाने का निर्देश देने की मांग करने वाली एक याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल की गई है.

    याचिका दाख़िल करने वाले व्यक्ति की ओर से 'एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड' ओम प्रकाश परिहार ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया कि ये याचिका इस बात को ध्यान में रखकर दाख़िल की गई है कि प्रदर्शनकारी किसानों की वजह से कोरोना वायरस फैलने का ख़तरा है.

    कथित किसान विरोधी कानूनों के विरोध में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सीमाओं पर बड़ी संख्या में किसान कई दिनों से जुटे हुए हैं.

    उनकी मांग है कि सरकार "किसान विरोधी काले क़ानून" वापस ले. इस सिलसिले में सरकार और किसानों के नेताओं के बीच बातचीत भी हुई है जो अभी तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है. दोनों पक्षों के बीच शनिवार को दोबारा बातचीत प्रस्तावित है.

  14. गीतांजलि राव: टाइम किड ऑफ द इयर

    किशोर उम्र की अमरीकी वैज्ञानिक और आविष्कारक गीतांजलि राव को टाइम मैगज़ीन ने "किड ऑफ द इयर" चुना है.

    ये पहला मौका है जब टाइम मैगज़ीन ने "किड ऑफ द इयर" का एलान किया है. 15 वर्षीय गीतांजलि राव का कहना है कि वो दुनिया की समस्याओं का समाधान खोजने के लिए दूसरों को प्रेरित करना चाहती हैं.

    गीतांजलि राव ने पीने के पानी में घुले रासायनिक तत्व सीसा का पता लगाने वाली तकनीक और डिवाइस विकसित की है. उन्होंने एक ऐप भी बनाया है जो सायबर-बुलिंग को डिटेक्ट कर सकता है.

    टाइम मैगज़ीन ने गीतांजलि राव को "किड ऑफ द इयर" के ख़िताब के लिए 5000 बच्चों में से चुना है.

    अपनी उपलब्धि के बारे में गीतांजलि राव कहती हैं, ''यदि मैं कर सकती हूं तो आप भी कर सकते हैं, कोई भी कर सकता है.''

  15. किसान आंदोलन: 'हम महिलाएं चूल्हा चौका भी वहीं लगा लेंगी'

  16. 'अन्नदाता किसानों से सरकार माफ़ी माँगे'

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि लोकतंत्र में संवाद जारी रहे तो चक्का जाम की नौबत नहीं आती और आम लोगों को भी दिक़्क़त नहीं होती.

    किसानों के प्रदर्शन के सिलसिले में अशोक गहलोत का कहना है कि कांग्रेस शासित चार प्रदेशों के मुख्यमंत्री इस सिलसिले में राष्ट्रपति से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें समय नहीं मिल पाया.

    अशोक गहलोत का कहना है कि सरकार को नए कृषि क़ानूनों को वापस लेकर अन्नदाता किसानों से माफ़ी माँगनी चाहिए.

    कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ विरोध कर रहे किसानों के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के बीच गुरुवार को बैठक हुई थी जिसका कोई नतीजा नहीं निकला था. इसके बाद दोनों पक्षों ने पाँच दिसंबर को एक बार मिलने का फ़ैसला किया है. इस बीच दिल्ली की सीमाओं पर किसान पहले की तरह डटे हुए हैं.

  17. बॉर्डर पर कैसे कट रही है किसानों की रातें?

  18. भारत ने कनाडा के उच्चायुक्त को तलब किया

    किसानों के प्रदर्शनों के बारे में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और अन्य नेताओं के बयानों की पृष्ठभूमि में भारत ने दिल्ली में कनाडा के उच्चायुक्त को तलब किया है.

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने देश में किसानों के प्रदर्शन के संबंध में कनाडा के नेताओं की टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए कड़ी नाराज़गी व्यक्त की है और इसे द्विपक्षीय संबंधों के लिए नुक़सानदेह बताया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है, "भारतीय किसानों पर कनाडा के नेताओं की टिप्पणियां हमारे आंतरिक मामलों में दख़ल है जो स्वीकार्य नहीं है."

    भारतीय विदेश मंत्रालय का कहना है, "इसी तरह बयानबाज़ी जारी रही तो इससे द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर आघात पहुँच सकता है."

    भारतीय विदेश मंत्रालय का ये भी कहना है कि कनाडा के नेताओं के बयानों की वजह से कनाडा में भारतीय मिशन के बाहर लोग जमा हो गए, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा हुई हैं.

  19. तृणमूल कांग्रेस सौ फीसदी किसानों के साथ - डेरेक ओ ब्रायन

    टीएमसी नेता और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन आज किसानों से मुलाक़ात करने दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर पहुंचे.

    उन्होंने कहा कि पार्टी सौ फीसदी किसानों के साथ है. किसान विरोधी सभी क़ानूनों को रद्द किया जाना चाहिए.

  20. ब्रेकिंग न्यूज़, अगले कुछ हफ्तों में तैयार हो जाएगी कोरोना की वैक्सीन - मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए कोरोना वायरस पर सर्वदलीय बैठक को संबोधित किया और कहा कि जानकार मान रहे हैं कि कोरोना की वैक्सीन के लिए अधिक इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा. माना जा रहा है कि अगले कुछ सप्ताह में कोरोना की वैक्सीन तैयार हो जाएगी.

    वैज्ञानिकों की हरी झंडी मिलने के बाद टीकाकरण अभियान शुरू किया जाएगा. भारत के पास पहले ही टीकाकरण के बड़े अभियान चलाने का अनुभव है. कोल्ड स्टोर जैसी कमियों के बारे में सरकार राज्य सरकारों से बात कर पूरा किया जाएगा. साथ ही वैक्सीन से जुड़ा रियल टाइम टेडा रखने के लिए सॉफ्टवेयर भी तैयार किया जाएगा.

    उन्होंने कहा, "हाल में कोरोना वायरस की वैक्सीन को लेकर मैंने वैज्ञानिकों से मुलाक़ात की है. उन्होंने कहा कि दुनिया की नज़र इस वक्त कम क़ीमत वाली सुरक्षित वैक्सीन पर है और उनकी नज़र भारत पर है."

    उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की वैक्सीन की क़ीमत को लेकर सरकार राज्यों से बात कर रही है.

    नरेंद्र मोदी ने कहा, "किसे पहले वैक्सीन मिलेगी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार राज्यों से बात कर रही है और सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों और कोरोना मरीज़ों के इलाज में लगे लोगों और बुज़ुर्गों को वैक्सीन दी जाएगी."

    उन्होंने कहा, "वैक्सीन की क़ीमत को लेकर केंद्र सरकार राज्य सरकारों के साथ बात कर रही है और इस पर फ़ैसला जन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए किया जाएगा."