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कृषि मंत्री ने किसान यूनियनों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया

कृषि मंत्रालय के सचिव संजय अग्रवाल ने एक पत्र जारी कर किसान यूनियन के नेताओं को भारत सरकार के मंत्रियों की उच्चस्तरीय समिति से बातचीत के लिए नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में बुलाया है.

लाइव कवरेज

  1. खाने को हज़ारों सालों तक कैसे सुरक्षित रखा जाए?

    कोविड-19 महामारी को दूसरे विश्वयुद्ध के बाद दुनिया में आया सबसे बुरा दौर कहा जा रहा है.

    इस महामारी को रोकने के लिए सारी दुनिया में लॉकडाउन का तरीका अपनाया गया. लोग घरों में क़ैद हो गए.

    बाहर की दुनिया पूरी तरह बंद हो गई. उत्पादन रुक गया तो खाने की आपूर्ति भी प्रभावित हुई.

    ऐसे में लोगों ने, खास तौर से जो घरों से दूर पीजी या हॉस्टल में रह रहे थे, उनका एक ही सहारा था पैक्ड फूड या डिब्बाबंद खाना, या फिर रेडी टू ईट फूड.

    अगर ये खाना भी ख़राब हो जाता तो क्या होता? जानकार कहते हैं कि यदि खाने को अच्छी तरह से संरक्षित किया जाए तो इसे सालों साल तक उसके सभी पोषक तत्वों के साथ सही-सलामत रखा जा सकता है.

  2. भारत की इतनी बड़ी आबादी तक कैसे पहुंचेगी कोरोना वैक्सीन?

    जब वैक्सीन बनाने और देने की बात होती है, तो भारत उसके लिए बड़े एक पावरहाउस की तरह है.

    भारत में बड़े स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाए जाते हैं, यहां दुनिया भर की 60 प्रतिशत वैक्सीन बनती हैं और यहां आधे दर्जन वैक्सीन निर्माता मौजूद हैं, जिनमें दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड शामिल है.

    लेकिन क्या भारत अपने देश की इतनी बड़ी आबादी के लिए कोरोना वैक्सीन उपलब्ध करवा पाएगा और इस दिशा में कौन-कौन सी चुनौतियां आ सकती हैं?

  3. किसान आंदोलनः यूपी से दिल्ली बॉर्डर पहुंचे किसानों की क्या मांग?

    किसानों के 'दिल्ली चलो' आंदोलन लगातार जारी है.

    नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है.

    अपनी मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश से आए किसान दिल्ली के नजदीक ग़ाज़ीपुर सीमा पर जमे हुए हैं.

    रविवार को प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा था कि वो सरकार के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन कोई भी शर्त नहीं मानेंगे.

    इनमें सिंघु और टीकरी बॉर्डर से दिल्ली के बुराड़ी मैदान में जाने जैसी शर्तें शामिल हैं. ग़ाज़ीपुर बॉर्डर पर बैठे किसानों से बात की बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा ने.

  4. बर्फ में फंसे लोगों को कैसे बचाया गया?

    रास्ते से बर्फ हटाती यह बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) की टीम है.

    बीआरओ के प्रोजेक्ट बीकन के तहत पांच लोगों की ज़िंदगी बचाई गई.

    श्रीनगर-सोनमर्ग रोड में ज़ोजिला पास पर आए बर्फीले तूफान में पांच यात्री फंस गए थे.

    बीआरओ की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें बचाया.

    इस दौरान वहां फंसे कई वाहनों को भी हटाया गया और रास्ता साफ किया.

  5. गुरु नानक जयंतीः गुरु नानक के बारे ये बातें जानते हैं आप?

    30 नवंबर 2020 को सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक की 551वीं जयंती गुरु परब है.

    उनका जन्म कार्तिक पूर्णिमा के दिन हुआ था. नानक ने सिख धर्म में हिन्दू और इस्लाम दोनों की अच्छाइयों को शामिल किया.

    हालांकि सिख धर्म हिन्दू और इस्लाम का महज संकलन नहीं है. गुरु नानक एक मौलिक आध्यात्मिक विचारक थे.

    उन्होंने अपने विचारों को ख़ास कविताई शैली में प्रस्तुत किया. यही शैली सिखों के धर्मग्रंथ गुरुग्रंथ साहिब की भी है.

    गुरु नानक के जीवन के बारे में बहुत कुछ लोगों को पता नहीं है.

  6. अकारण हो रहा है किसानों का आंदोलनः नीतीश

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कृषि क़ानून के विरोध में दिल्ली के पास के राज्यों में जारी किसानों के विरोध प्रदर्शन को सही नहीं बताया है. उन्होंने कहा है कि सरकार के साथ बातचीत के बाद किसानों को सही जानकारी मिल जाएगी.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, मायावती ने कहा, आपाधापी में लाया गया धर्म परिवर्तन क़ानून

    बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में नया धर्मांतरण-विरोधी क़ानून जल्दीबाज़ी में लाया गया है जिसे लेकर कई आशंकाएँ हैं.

    मायावती ने यूपी सरकार से इस क़ानून पर दोबारा विचार करने का आग्रह किया है.

    मायावती ने सोमवार को एक ट्वीट में कहा, "लव जिहाद को लेकर यूपी सरकार द्वारा आपाधापी में लाया गया धर्म परिवर्तन अध्यादेश अनेकों आशंकाओं से भरा है जबकि देश में कहीं भी जबरन व छल से धर्मांतरण को न तो ख़ास मान्यता है व न ही स्वीकार्यता. इस संबंध में कई क़ानून पहले से ही प्रभावी हैं. सरकार इस पर पुनर्विचार करे, बीएसपी की यह माँग."

    मायावती की ये टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उत्तर प्रदेश में इस क़ानून के तहत पहला मामला दर्ज किया गया है.

    लखनऊ में मौजूद बीबीसी के सहयोगी पत्रकार समीरात्मज मिश्र के अनुसार बरेली ज़िले के देवरनियां गांव के रहने वाले टीकाराम ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि गांव का ही रहने वाला एक युवक उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा है. पुलिस ने टीकाराम की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है.

    बरेली ज़िले के एसपी देहात डॉक्टर संसार सिंह ने बताया, “अभियुक्त लड़की को भगा ले गया था. पहले भी उसके ऊपर केस दर्ज किया गया था. पीड़ित लड़की के परिजनों की ओर से शिकायत की गई है कि लड़का धर्म परिवर्तन और शादी के लिए दबाव बना रहा है. नए अध्यादेश के तहत उसके ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है. लड़का फ़रार है लेकिन जल्द ही उसकी गिरफ़्तारी कर ली जाएगी.”

  8. FB LIVE: अपनी मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश से आए किसान दिल्ली के नजदीक ग़ाज़ीपुर सीमा पर जमे हुए हैं

  9. दिल्ली-हरियाणा सीमा पर जुटे किसानों ने की प्रार्थना

    किसान क़ानून के विरोध में दिल्ली-हरियाणा सिंघु सीमा पर जुटे किसानों ने गुरु नानक जयंती पर गुरबानी का पाठ किया.

  10. भारत में 24 घंटे में संक्रमण के 38 हज़ार मामले, 443 मौतें

    भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 38,772 नए मामले आने के बाद कुल मामलों की संख्या 94,31,692 हुई.

    443 नई मौतों के बाद कुल मौतों की संख्या 1,37,139 हुई. देश में सक्रिय मामले अब 4,46,952 हैं. 45,333 नए डिस्चार्ज के बाद कुल डिस्चार्ज की संख्या 88,47,600 हुई.

  11. दिल्ली की सीमा पर डटे हैं किसान, वार्ता को राज़ी, पर शर्त नामंज़ूर

    किसानों के 'दिल्ली चलो' आंदोलन का आज 5वां दिन है. नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली-हरियाणा के सिंघु बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है.

    वहीं दिल्ली-यूपी के गाज़िपुर-गाज़ियबाद बॉर्डर पर भी सुरक्षा व्यवस्था के बीच किसान प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं.

    रविवार को प्रदर्शनकारी किसानों ने कहा था कि वो सरकार के साथ बातचीत करने के लिए तैयार हैं, लेकिन कोई भी शर्त नहीं मानेंगे. इनमें सिंघु और टीकरी बॉर्डर से दिल्ली के बुराड़ी मैदान में जाने जैसी शर्तें शामिल हैं.

    दरअसल गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि केंद्र सरकार किसानों से बातचीत को तैयार है, लेकिन पहले उन्हें सिंघु और टीकरी बॉर्डर से दिल्ली के बुराड़ी मैदान में आना होगा.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इस बीच रविवार शाम किसानों के मसले पर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर पार्टी के बड़े नेताओं की बैठक हुई. जिसमें गृह मंत्री, रक्षा मंत्री और कृषि मंत्री शामिल हुए.

    पीटीआई के मुताबिक़, बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ तीन केंद्रीय कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ किसानों के विरोध पर विचार-विमर्श किया.

    इससे पहले अमित शाह ने किसानों के प्रदर्शन को ग़ैर राजनीतिक बताया था और कहा था कि ये क़ानून किसानों के कल्याण के लिए है.

  12. गुरु नानक की 551वीं जयंती पर स्वर्ण मंदिर में प्राथनाएं

    सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक की 551वीं जयंती के अवसर पर श्रद्धालुओं ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में प्रार्थनाएं की.

  13. प्रधानमंत्री आज करेंगे कोविड वैक्सीन पर काम कर रही तीन टीमों से बातचीत

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी सोमवार को कोविड-19 के टीके को विकसित करने के काम में शामिल तीन टीमों के साथ बातचीत करेंगे. ये बातचीत वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए होगी.

    प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में बताया कि बातचीत में जिनोवा बायोफार्मा, बायोलॉजिकल-ई और डॉक्‍टर रेड्डीज़ के प्रतिनिधि शामिल होंगे.

    ये दूसरी बार होगा जब प्रधानमंत्री टीके को विकसित करने के काम में लगी टीमों के साथ बातचीत करेंगे. इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री ने अहमदाबाद, हैदराबाद और पुणे में कोरोना वायरस वैक्सीन बनाने और इसके उत्पादन की प्रक्रिया का जायज़ा लिया था.

    प्रधानमंत्री सबसे पहले अहमदाबाद के नज़दीक ज़ाइडस बायोटेक पार्क गए थे, जहां उन्हें वैक्सीन विकसित करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई.

    इसके बाद उन्होंने हैदराबाद में भारत बायोटेक और पुणे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया का भी दौरा किया.

    भारत बायोटेक में उन्हें स्वदेशी कोविड-19 वैक्सीन के बारे में जानकारी दी गई. शनिवार को घंटों चले दौरे के बाद प्रधानमंत्री ने ट्वीट कर अब तक की प्रगति के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी और बताया कि ये टीम काम में तेज़ी लाने के लिए आईसीएमआर के साथ मिलकर काम कर रही है.

  14. भारत में एस्ट्राज़ेनेका वैक्सीन से कथित रिएक्शन की जांच, पर ट्रायल जारी

    इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) एस्ट्राज़ेनेका के कोविड-19 वैक्सीन परीक्षण के दौरान हुए एक कथित प्रतिकूल रिएक्शन की जांच कर रहा है, लेकिन फिलहाल ट्रायल जारी रहेगा.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार आईसीएमआर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को कहा कि इसे रोकने की सिफारिश करने का कोई कारण नहीं मिला है.

    रॉयटर्स के मुताबिक़, 40 वर्षीय एक शख़्स ने शिकायत की कि ब्रिटेन की दवा कंपनी एस्ट्राज़ेनेका के सहयोगी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) की ओर से चलाए जा रहे ट्रायल में जब उन्हें वैक्सीन दी गई तो इसके बाद उन्हें गंभीर "न्यूरोलॉजिकल और साइकोलॉजिकल" लक्षणों का सामना करना पड़ा.

    ट्रायल में शामिल रिसर्च बॉडी आईसीएमआर के महामारी विज्ञान और संचार रोगों के प्रमुख समीर पांडा ने रॉयटर्स से कहा, “इस चरण में चिंता का कोई तत्काल कारण नहीं है.”

    उन्होंने कहा, "इसका मतलब ये नहीं है कि दीर्घकालिक मूल्यांकन नहीं होगा, ये अभी भी हो रहा है. मुझे मामले की जानकारी है.”

    एस्ट्राज़ेनेका और भारत में ड्रग और वैक्सीन को मंज़ूरी देने के लिए ज़िम्मेदार संस्था ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया ने अब तक इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं की है.

    रिपोर्ट में बताया गया है कि लॉ फर्म एन.जी.आर. प्रसाद और आर. राजाराम एडवोकेट्स ने अनाम वॉलंटियर की तरफ से आईसीएमआर, एसआईआई,एस्ट्राज़ेनेकाऔर ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया को एक शिकायत भेजी है, जिसमें मुआवज़े में पांच करोड़ रुपये और वैक्सीन के परीक्षण, निर्माण और वितरण को स्थगित करने की मांग की गई है.

    एसआईआई ने कहा, “सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को वॉलंटियर की मेडिकल स्थिति से सहानुभूति है, लेकिन इसका वैक्सीन परीक्षण के साथ कोई संबंध नहीं है.”

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