उत्तर प्रदेश: 50 बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोप में जूनियर इंजीनियर गिरफ़्तार -आज की बड़ी ख़बरें

उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के एक जूनियर इंजीनियर को करीब 50 बच्चों के यौन उत्पीड़न, उनके वीडियो और तस्वीर बेचने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.

लाइव कवरेज

  1. उत्तर प्रदेश: 50 बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोप में जूनियर इंजीनियर गिरफ़्तार

    सांकेतिक तस्वीर

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, सांकेतिक तस्वीर

    उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के एक जूनियर इंजीनियर को करीब 50 बच्चों के यौन उत्पीड़न, उनके वीडियो और तस्वीर बेचने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ ये गिरफ़्तारी सीबीआई ने की है. सीबीआई अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि बच्चों के ऑनलाइन यौन उत्पीड़न पर नज़र रखने के लिए बनी एजेंसी की स्पेशल यूनिट कई दिन से जूनियर इंजीनियर पर नज़र रखे हुए थी.

    अधिकारियों के मुताबिक ये जूनियर इंजीनियर बीते 10 साल के दौरान पांच से 16 साल के करीब 50 बच्चों का कथित तौर पर यौन उत्पीड़न कर चुका है. ये बच्चे उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, बांदा और हमीरपुर ज़िलों के हैं.

    अधिकारियों के मुताबिक गिरफ़्तार जेई बच्चों को चुप रखने के लिए उन्हें नकदी और मोबाइल फोन जैसे तोहफे देता था. इस तरह से वो अर्से तक क़ानून की पकड़ से बचा रहा.

    अधिकारियों ने बताया कि ये जूनियर इंजीनियर चित्रकूट ज़िले का है और उसे बांदा से गिरफ़्तार किया गया है.

    सीबीआई के प्रवक्ता आरके गौर ने बताया है कि उसके पास से करीब आठ लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन, लैपटॉप, वेब कैमरा, पेन ड्राइव, मेमेरी कार्ड और कई सेक्स टॉय बरामद किए गए हैं.

  2. दिल्ली में छठ पूजा को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी में तकरार

    दिल्ली

    इमेज स्रोत, ANI

    दिल्ली में छठ पूजा को लेकर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच तकरार हो रही है.

    दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने छठ पर्व के दौरान यमुना घाटों पर सार्वजनिक पूजा करने पर रोक लगाई हुई है. भारतीय जनता पार्टी इसका विरोध कर रही है.

    बीजेपी के पूर्वांचल मोर्चा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर की तरफ मार्च भी निकाला.

    समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक बीजेपी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने दिल्ली सरकार के फ़ैसले पर सवाल उठाते हुए कहा, "सरकार ने सभी बाज़ार खोल दिए हैं. डीटीसी की बसों में सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पालन नहीं हो रहा है. लेकिन कोविड-19 के नाम पर दिल्ली सरकार पूजा पर प्रतिबंध लगा रही है. पाबंदी लगाने के बजाए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो, इसकी व्यवस्था की जानी चाहिए."

    उधर, आम आदमी पार्टी नेता दुर्गेश पाठक ने कहा, "बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने छठ पूजा पर रोक लगाने के लिए दिशा निर्देश जारी किए हैं. वही बीजेपी इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है और केजरीवाल सरकार पर झूठे आरोप लगा रही है."

    पाठक ने आगे कहा कि बीजेपी को गृह मंत्री अमित शाह से पूजा की अनुमित मांगनी चाहिए.

    इस बीच दिल्ली सरकार ने छठ पूजा के लिए 20 नवंबर को दिल्ली में सार्वजनिक छुट्टी का एलान किया है.

  3. दिल्ली: नवंबर में कोरोना संक्रमण के एक लाख से ज़्यादा नए केस, 12 सौ की मौत

    दिल्ली

    इमेज स्रोत, ANI

    दिल्ली में नवंबर के पहले 16 दिनों में कोरोना संक्रमण के एक लाख से ज़्यादा नए मामले सामने आए हैं.

    इस दौरान कोविड-19 की वजह से करीब 12 सौ लोगों की मौत हुई है जबकि करीब 94 हज़ार लोगों ने बीमारी को मात दी है.

    देश की राजधानी में बीते महीने 28 अक्टूबर से नए मामलों की संख्या अचानक बढ़ी.

    कई दिन पांच हज़ार से ज़्यादा नए केस सामने आए और 11 नवंबर को नए केस की संख्या आठ हज़ार से ज़्यादा रही.

    12 नवंबर संक्रमण से मरने वालों की संख्या 104 थी जो बीते पांच महीने में एक दिन में सबसे बड़ी संख्या थी.

    स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक नवंबर में कुल एक लाख एक हज़ार 70 नए केस मिले हैं.

    1202 लोगों की मौत हुई है और 93 हज़ार 885 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं.

  4. अफ़ग़ानिस्तान-इराक़ से और सैनिक वापस बुला सकते हैं ट्रंप: अमेरिकी मीडिया

    अमरीकी सैनिक

    इमेज स्रोत, Getty Images

    अमेरिकी सेना को उम्मीद है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अफ़ग़ानिस्तान और इराक़ से और सैनिकों की वापसी का आदेश दे सकते हैं. अमेरिकी मीडिया ने रक्षा अधिकारियों के हवाले से ये जानकारी दी है.

    अधिकारियों के मुताबिक जनवरी के मध्य तक अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद पांच हज़ार सैनिकों में से ढाई हज़ार को वापस बुलाया जा सकता है. वहीं इराक़ में मौजूद तीन हज़ार सैनिकों को घटाकर वहां ढाई हज़ार सैनिक किए जा सकते हैं. राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले कहा था कि वो चाहते हैं कि 'सभी' सैनिक क्रिसमस तक घर वापस आ जाएं.

    ट्रंप ने अब तक राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडन के हाथों अपनी हार को स्वीकार नहीं किया है. अमरीकी मीडिया के मुताबिक सैनिकों की वापसी 15 जनवरी तक पूरी हो जानी चाहिए. इसके कुछ दिन बाद ही जो बाइडन को राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालनी है. ट्रंप की इस योजना की रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर मिच मैककॉनेल ने आलोचना की है. उनका कहना है कि चरमपंथी इस विचार को 'पसंद' करेंगे.

    राष्ट्रपति ट्रंप लंबे वक़्त से अमेरिकी सैनिकों की घर वापसी की बात करते रहे हैं. ट्रंप अमेरिकी सेना को भेजने के फ़ैसले को महंगा और अप्रभावी बताते हुए इसकी आलोचना करते रहे हैं. सेना के अधिकारियों को सैनिकों को वापस बुलाने की योजना के बारे में सप्ताह के आखिरी दिनों में जानकारी दी गई. सेना के अधिकारियों के हवाले ये जानकारी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ने दी है.

    अधिकारियों ने बताया कि आदेश का खाका तैयार कर लिया गया है लेकिन अभी इसे कमांडरों को नहीं भेजा गया है. पेंटागन ने सितंबर में एलान किया था कि कुछ हफ़्तों के दौरान इराक में अमेरिकी सैनिकों की संख्या 52 सौ से घटाकर तीन हज़ार कर दी जाएगी.

    उस वक़्त मध्य पूर्व में अमेरिका के आला कमांडर जनरल कीनथ मैकेंज़ी ने कहा था कि जो सैनिक वहां रहेंगे वो जिहादी समूह इस्लामिक स्टेट को उखाड़ने में इराक़ी सुरक्षा बलों को सलाह और सहायता देते रहेंगे. अमेरिका की अगुवाई वाली सेना ने साल 2003 में इराक पर हमला किया था. उस वक़्त इराक़ के राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन थे.

    तब हमले की वजह इराक़ में व्यापक संहार कर सकने वाले हथियारों की तलाश बताई गई थी लेकिन बाद में जानकारी हुई कि ऐसे हथियार थे ही नहीं. अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका की सेना साल 2001 से है. अमेरिका में 11 सितंबर 2001 को अलक़ायदा के हमले के बाद अमेरिकी सेना ने तालिबान को अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता से हटा दिया था.

    अलक़ायदा का उस वक़्त अफ़ग़ानिस्तान में ही ठिकाना था. साल 2018 में तालिबान ने फिर ताकत जुटाई और देश के दो तिहाई से ज़्यादा हिस्से पर सक्रिय हो गया. अमरीका ने तालिबान के साथ हुए समझौते के इस साल की शुरुआत से अपने सैनिकों को हटाना शुरु किया. ये समझौता 29 फरवरी को हुआ था.

  5. आतंकवाद आज विश्व के सामने सबसे बड़ी समस्या: मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आतंकवाद आज विश्व के सामने सबसे बड़ी समस्या है.

    मोदी ने 12वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए संबोधित करते हुए यह कहा.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    कोरोना महामारी के कारण इस बार ब्रिक्स का शिखर सम्मेलन ऑनलाइन किया गया.

    आतंकवाद को दुनिया की सबसे बड़ी समस्या क़रार देते हुए मोदी ने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि आतंकवादियों को समर्थन और सहायत देने वाले देशों को भी दोषी ठहराया जाए और इस समस्या का संगठित तरीक़े से मुक़ाबला किया जाए."

    इस मौक़े पर मोदी ने आतंकवाद के अलावा अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में सुधार की बात की.

    मोदी ने कहा कि ग्लोबल गवर्नेंस के संस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं क्योंकि इनमें समय के साथ उचित बदलाव नहीं आया है.

    मोदी ने कहा कि भारत का मानना है कि यूएन सुरक्षा परिषद में सुधार बहुत ही अनिवार्य है और इस मामले में भारत को ब्रिक्स देशों के समर्थन की अपेक्षा है.

    मोदी ने कहा कि WHO, WTO और IMF जैसी संस्थाओ में भी सुधार होना चाहिए.

    उन्होंने कहा कि कोविड के बाद विश्व की आर्थिक स्थिति की बहाली में ब्रिक्स देशों की भूमिका बहुत अहम होगी.

    रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी इस सम्मेलन में शामिल हैं.

    मोदी ने अपने भाषण के दौरान पुतिन का कई बार नाम लिया और उनकी तारीफ़ भी की लेकिन जिनपिंग का उन्होंने नाम तक नहीं लिया.

    जिनपिंग भी कैमरे में देखने के बजाए इधर-उधर देखते नज़र आए.

    ब्रिक्स

    ब्रिक्स ब्राज़ील, रूस, इंडिया, चीन और साउथ अफ्रीका का एक समूह है.

    पहले इसमें साउथ अफ्रीका शामिल नहीं था तो इसे ब्रिक ही कहा जाता था लेकिन

    2010 में उसके शामिल होने के बाद यह ब्रिक्स हो गया.

    इसकी पहली बैठक 2009 में हुई थी और तब से यह हर साल सदस्य देशों में आयोजित होता रहा है.

    इस बार यह रूस में 21-23 जुलाई के बीच होना था लेकिन कोरोना महामारी के कारण टल गया और अब यह 17 नवंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के ज़रिए आयोजित हो रहा है.

    अगला ब्रिक्स सम्मेलन भारत में होगा, हालांकि अभी तारीख़ों की घोषणा नहीं हुई है.

  6. महबूबा मुफ़्ती ने अमित शाह को दिया जवाब

    कश्मीर

    इमेज स्रोत, ANI

    जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 'गुपकर गैंग' वाले बयान का जवाब दिया है.

    अमित शाह ने कश्मीरी नेताओं के एक प्लेटफ़ॉर्म पर आने को 'गुपकर गैंग' कह कर संबोधित किया था.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    महबूबा मुफ़्ती ने भी ट्वीट कर इसका जवाब दिया है.

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

    छोड़िए X पोस्ट, 3
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 3

    छोड़िए X पोस्ट, 4
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 4

    महबूबा मुफ़्ती ने तीन ट्वीट किए.

    मुफ़्ती ने कहा कि ख़ुद को रक्षक और राजनीतिक विरोधियों को आंतरिक और काल्पनिक दुश्मन कहकर लोगों को बांटने की बीजेपी की पुरानी आदत है.

    उनके अनुसार बेरोज़गारी और बढ़ती मंहगाई की जगह लव जिहाद, टुकड़े-टुकड़े गैंग के बाद अब गुपकर गैंग, बीजेपी के सामने यही राजनीतिक मुद्दे हावी रहते हैं.

    उन्होंने कहा, "अब तो गठबंधन बनाकर चुनाव लड़ना भी राष्ट्र-विरोधी हो गया है. सत्ता की भूख में बीजेपी चाहे जितने गठबंधन बनाए, लेकिन अगर हमलोग कोई संयुक्त मोर्चा खड़ा करते हैं तो यह राष्ट्र-हित में नहीं है."

    उन्होंने बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि बीजेपी ख़ुद आए दिन संविधान का उल्लंघन करती रहती है.

    कांग्रेस ने भी अमित शाह के बयान की जमकर निंदा की है.

    कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, "आए दिन झूठ बोलना, कपट फैलाना व नए भ्रमजाल गढ़ना मोदी सरकार का चाल-चेहरा-चरित्र बन गया है. शर्म की बात है कि देश के गृहमंत्री श्री अमित शाह राष्ट्रीय सुरक्षा की अपनी ज़िम्मेदारी दरकिनार कर जम्मू, कश्मीर व लद्दाख पर सरासर झूठी, भ्रामक व शरारतपूर्ण बयानबाजी कर रहे हैं!"

    छोड़िए X पोस्ट, 5
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 5

    सुरजेवाला ने पार्टी की तरफ़ से एक बयान भी जारी किया है.

    बयान में कहा गया है कि देश के गृहमंत्री को यह तक पता नहीं है कि कांग्रेस पार्टी गुपकर एलायंस का हिस्सा नहीं है.

    बयान में अमित शाह और बीजेपी पर हमला करते हुए कहा गया है, "शायद अमित शाह और मोदी सरकार को राष्ट्रभक्ति का नया पाठ पढ़ाने की आवश्यकता है, क्योंकि उनके पितृ संगठन, राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ ने तो देश का तिरंगा ही आज़ादी के 52 साल तक आरएसएस मुख्यालय पर नहीं लहराया था."

  7. केजरीवाल ने कहा, मार्केट एरिया में लॉकडाउन लगाने का हक मिले, दिल्ली की शादियों में होगी भीड़ कम

    अरविंद केजरीवाल

    इमेज स्रोत, ANI

    दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को केंद्र सरकार से उन बाज़ारों में लॉकडाउन लागू करने का अधिकार मांगा है जिनके कोविड हॉटस्पॉट बनने की आशंका जताई जा रही है.

    इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने उस आदेश को वापस ले लिया है जिसमें वैवाहिक समारोहों में 200 अतिथियों के शामिल होने की इजाजत दी गई थी.

    मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ऑनलाइन मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए बताया कि दिल्ली सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल अनिल बैजल को एक प्रस्ताव भेजा है जिसमें शादी-विवाह के समारोह में केवल 50 मेहमानों को शामिल होने की इजाजत देने की बात कही गई है. इससे पहले ये सीमा 200 मेहमानों की थी.

    मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार और सभी एजेंसियां राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना महामारी की स्थिति से निपटने के लिए हर कोशिश कर रही हैं.

    साथ ही उन्होंने ये भी कहा, "हम केंद्र सरकार को एक ऐसा प्रस्ताव भेज रहे हैं जिससे दिल्ली सरकार को बाज़ार वाले उन इलाकों में लॉकडाउन लागू करने का अधिकार मिले जिनके कोविड हॉटस्पॉट के तौर पर उभरने की संभावना है."

    केजरीवाल ने कहा कि दिवाली के दौरान ये देखा गया कि बहुत से लोग बिना मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को तोड़ रहे थे. इससे संक्रमण काफी बढ़ता है.

  8. अमेरिका चुनावः कमला हैरिस के ख़िलाफ़ नस्लभेदी और सेक्सुअल सामग्रियों को फ़ेसबुक ने हटाया

    कमला हैरिस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    फ़ेसबुक ने अमेरिका की नव-निर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला हैरिस के बारे में कई नस्लभेदी और महिला-विरोधी आपत्तिजनक पोस्ट्स, मीम्स और कॉमेंट्स को हटा दिया है.

    उसने ये क़दम बीबीसी के उन्हें सूचित करने के बाद लिया है. बीबीसी ने फ़ेसबुक को बताया था कि तीन ग्रुप हैं जो लगातार अपने पन्नों पर नफ़रत भरी सामग्रियाँ पोस्ट करते हैं.

    फ़ेसबुक का कहना है कि वो अपने मंच से नफ़रत फैलाने वाली 90% सामग्रियों को उनके बारे में शिकायत करने के पहले ही हटा लेता है.

    हालाँकि, कमला हैरिस के बारे में नफ़रत भरी सामग्रियों को हटाने के बावजूद फ़ेसबुक ने कहा है कि वो इन सामग्रियों को पोस्ट करने वाले ग्रुपों के ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं करेगा.

    मीडिया की निगरानी करने वाली एक संस्था मीडिया मैटर्स के अध्यक्ष एंजेलो कैरूसोन ने इस बारे में कहा, "मीडिया की शिकायत के बाद सामग्रियों को हटाना ये दर्शाता है कि फ़ेसबुक के नियम और दिशानिर्देश कितने खोखले हैं जिनके पालन के लिए वो नहीं के बराबर प्रयास करते हैं. "

  9. जम्मू और कश्मीर में बीजेपी को हराने के लिए बनी पीपल्स अलायंस के सामने क्या हैं चुनौतियाँ?

    कश्मीर

    इमेज स्रोत, Getty Images

    जम्मू और कश्मीर में 28 नवंबर से स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं. ज़िला विकास परिषद (डीडीसी) के इस चुनाव में बीजेपी और जम्मू और कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) को छोड़कर मुख्यधारा की सभी राजनीतिक पार्टियों ने हाथ मिलाया है.

    अनुच्छेद 370 के निरस्त किए जाने के बाद, डीडीसी चुनाव जम्मू और कश्मीर में आयोजित सबसे बड़ी राजनीतिक गतिविधि होगी. जिन राजनीतिक दलों ने इन चुनावों के लिए हाथ मिलाए हैं उन्होंने 'गुपकर घोषणापत्र' पर हस्ताक्षर किए थे.

    अपने गठन के बाद से ही पीपल्स अलायंस फ़ॉर गुपकर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) पिछले पाँच अगस्त को अनुच्छेद 370 ख़त्म किए जाने के केंद्र सरकार के फ़ैसले का विरोध कर रहा है.

    अल्ताफ़ बुख़ारी की जम्मू और कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) गुपकर घोषणा का हिस्सा नहीं है. बुख़ारी को दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व का क़रीबी माना जाता है.

    जम्मू और कश्मीर से राज्य का दर्जा छीनकर उसे केंद्र शासित प्रदेश बनाने के बाद यहां पहली बार डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के चुनाव होने जा रहे हैं. ये चुनाव 28 नवंबर से 22 दिसंबर तक आठ चरणों में होंगे. जम्मू और कश्मीर चुनाव आयुक्त केके शर्मा ने बीते चार नवंबर को इसकी घोषणा की थी.

  10. इसराइल को मान्यता देने के लिए अमेरिका का दबाव नहीं: पाकिस्तान

    पाकिस्तान

    इमेज स्रोत, JIM WATSON/AFP via Getty Images

    पाकिस्तान ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया है जिनमें प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के हवाले से ये दावा किया जा रहा था कि इसराइल को मान्यता देने के लिए उन पर अमेरिका का दबाव है.

    पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ऐसी ख़बरों को मनगढ़ंत बताते हुए मंगलवार को खारिज कर दिया.

    प्रवक्ता ने कहा, "प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने ये स्पष्ट किया है कि फलस्तीन के मुद्दे पर जब तक वाजिब समझौता नहीं होगा और वो फलस्तीनी लोगों के स्वीकार्य भी होना चाहिए तब तक पाकिस्तान इसराइल को मान्यता नहीं देगा. प्रधानमंत्री ने ये बात ज़ोर देकर कही है कि इस मुद्दे पर पाकिस्तान की नीति क़ायद-ए-आज़म के सिद्धांतों पर आधारित है."

    उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की टिप्पणी से इस मुद्दे पर पाकिस्तान का रुख फिर से स्पष्ट होता है और बेबुनियाद अफ़वाहों के लिए कोई गुंजाइश नहीं है."

  11. अमित शाह का कश्मीरी नेताओं पर हमला

    अमित शाह

    इमेज स्रोत, Getty Images

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कश्मीरी नेताओं पर हमला करते हुए उन्हें 'गुपकर गैंग' कहा है.

    दरअसल कश्मीर की लगभग सभी राजनीतिक पार्टियों ने मिलकर पीपल्स अलायंस फ़ॉर गुपकर डिक्लेरेशन (पीएजीडी) का गठन किया है.

    इसका मुख्य उद्देश्य कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35 ए की बहाली है.

    नरेंद्र मोदी की सरकार ने पिछले साल पाँच अगस्त को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 और 35 ए के तहत कश्मीर को मिलने वाले विशेष राज्य के दर्जे को ख़त्म कर दिया था.

    तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत राज्य के लगभग सभी नेताओं को या तो गिरफ़्तार कर लिया गया था या उन्हें नज़रबंद कर दिया गया था.

    लेकिन रिहाई के बाद सभी दलों ने मिलकर पीएजीडी का गठन किया है.

    अमित शाह इन्हीं नेताओं को निशाना बना रहे हैं.

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

    अमित शाह ने ट्वीट किया और लिखा, "गुपकर गैंग वैश्विक हो रहा है. वो लोग चाहते हैं कि विदेशी शक्तियां जम्मू-कश्मीर में हस्तक्षेप करें. गुपकर गैंग भारतीय तिरंगे का भी अपमान करता है. क्या सोनिया गांधी और राहुल गांधी गुपकर गैंग के इस क़दम का समर्थन करते हैं? उन्हें अपनी स्थिति भारत के लोगों के सामने स्पष्ट करनी चाहिए."

    अमित शाह के इस समय हमला करने की एक वजह यह भी हो सकती है कि जम्मू-कश्मीर में 28 नवंबर से स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं.

    ज़िला विकास परिषद (डीडीसी) के इस चुनाव में बीजेपी और जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) को छोड़कर पीएजीडी में शामिल सभी राजनीतिक पार्टियों ने एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फ़ैसला किया है.

    बीजेपी के साथ सिर्फ़ अल्ताफ़ बुख़ारी की जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी (जेकेएपी) है जो कि गुपकर घोषणा का हिस्सा नहीं है.

    अल्ताफ़ बुख़ारी को बीजेपी का समर्थक माना जाता है.

  12. अंतरधार्मिक शादियों के बारे में क़ानून बनाएगी एमपी सरकार, पाँच साल सज़ा का प्रावधान

    शुरैह नियाज़ी

    भोपाल से बीबीसी हिंदी के लिए

    मध्यप्रदेश की सरकार अंतरधार्मिक शादियों के संबंध में जल्द ही एक क़ानून बनाएगी जिसते तहत दोषी पाए जाने पर पाँच साल तक की सज़ा हो सकती है.

    अंतरधार्मिक ख़ासकर मुसलमान लड़कों की हिंदू लड़कियों से कथित तौर पर जबरन शादी को बीजेपी 'लव जिहाद' कहती है और इसके ख़िलाफ़ क़ानून बनाने की बात बीजेपी करती रही है.

    उत्तर प्रदेश और हरियाणा की बीजेपी सरकारें पहले ही इस तरह का क़ानून लाने की घोषणा कर चुकी हैं.

    अब मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार भी ऐसा ही करने जा रही है.

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी पहले कह चुके हैं कि उनकी सरकार इस तरह का क़ानून लाने वाली है.

    मंगलवार को प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्र ने इस बारे में सरकार के फ़ैसले की जानकारी देते हुए कहा, "मध्य प्रदेश सरकार लव जिहाद को लेकर धर्म स्वातंत्र्य

    क़ानून लाएगी. इसके लिए आगामी विधानसभा सत्र में विधेयक लाया जाएगा. क़ानून

    लाए जाने के बाद ग़ैर-ज़मानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और पाँच

    साल की कठोरतम सज़ा दी जाएगी."

  13. कोरोना अपडेटः भारत में 29 हज़ार नए मामले

    भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 29,164 नए मामले सामने आए हैं और 449 लोगों की मौत हो गई है.

    इसके साथ ही देश में कोरोना संक्रमित लोगों की कुल संख्या 88,74,290 हो गई है.

    मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 1,30,519 हो गई है.

    इनमें से 82,90,370 लोग ठीक हो चुके हैं.

    अभी 4,53,401 ऐक्टिव मामले दर्ज हैं.

    कोरोना अपडेट
  14. ब्रेकिंग न्यूज़, बिहार चुनावः कांग्रेस में टकराव, अब कपिल सिबल और अशोक गहलोत भिड़े

    अशोक गहलोत, कपिल सिब्बल

    इमेज स्रोत, ANI/Getty

    बिहार में हाल ही में हुए चुनाव में कांग्रेस के कमज़ोर प्रदर्शन को लेकर पार्टी के भीतर टकराव दिखाई दे रहा है.

    पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने खुलकर पार्टी नेतृत्व की आलोचना की है जिसके बाद राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एतराज़ जताया है.

    कपिल सिबल ने अख़बार इंडियन एक्सप्रेस को एक इंटरव्यू दिया है जिसे उन्होंने ट्वीट भी किया है.

    इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि 'बिहार चुनाव पर पार्टी नेतृत्व ने अब तक कुछ नहीं कहा है, शायद उन्हें लगता है कि सब ठीक ही चल रहा है'.

    इसमें उन्होंने कहा है कि पार्टी को ये स्वीकार करना चाहिए कि वो कमज़ोर होती जा रही है और इसे दोबारा दुरूस्त करने के लिए "तज़ुर्बेकार दिमाग़, तज़ुर्बेकार हाथों और ऐसे लोगों की ज़रूरत है जो राजनीतिक वास्तविकताओं को समझते हैं".

    उनके इस इंटरव्यू के बाद अशोक गहलोत ने कई ट्वीट किए हैं.

    उन्होंने इसमें कहा, "कपिल सिब्बल जी को हमारे अंदरूनी मसलों की मीडिया में चर्चा करने की ज़रूरत नहीं थी, इससे देश भर में हमारे कार्यकर्ताओं की भावनाएँ आहत हुई हैं."

    बिहार चुनाव में कांग्रेस ने राष्ट्रीय जनता दल के साथ गठबंधन किया था.

    पार्टी ने प्रदेश की 243 में से 70 सीटों पर चुनाव लड़ा. उसे 19 सीटों पर जीत मिल सकी.

    छोड़िए X पोस्ट, 1
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 1

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

  15. अमेरिका चुनावः बाइडन बोले, ट्रंप नहीं हटे तो 'और लोगों की मौत होगी'

    जो बाइडन और कमला हैरिस

    इमेज स्रोत, Reuters

    अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अगर उनकी नई सरकार को रोकना जारी रखा तो "लोगों की मौत" हो सकती है.

    बाइडन ने डेलावेयर में कहा कि कोरोना महामारी को रोकने के लिए सामंजस्य ज़रूरी है.

    उन्होंने एक बार फि ट्रंप के हार स्वीकार नहीं करने को एक बार फिर "शर्मनाक" बताया.

    3 नवंबर को हुए चुनाव में जो बाइडन इलेक्टोरल कॉलेज के 306 वोट हासिल कर चुके हैं.

    जीत के लिए 270 मतों की आवश्यकता होती है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार सुबह एक बार फिर से ट्वीट कर कहा था - "चुनाव मैंने जीता है."

    ट्विटर ने उनके इस ट्वीट पर एक बार फिर चेतावनी जारी करते हुए लिखा है - "दूसरे कई स्रोतों ने इस चुनाव के बारे में कुछ और कहा है."

    उनके चुनाव अभियान को संभालने वाले लोगों ने मतगणना को क़ानूनी चुनौती दी है.

    इस बीच अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा ने सोशल मीडिया पर ट्रंप के अड़े रहने पर टिप्पणी करते हुए लिखा है - "ये खेल नहीं हो रहा है."

    छोड़िए X पोस्ट
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त

  16. नमस्कार! ये बीबीसी हिंदी का लाइव पन्ना है जहाँ हम आपको दिनभर की बड़ी ख़बरें और ज़रूरी लाइव अपडेट देंगे. सोमवार की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.