भारत में पिछले एक दिन में 77 हज़ार से ज़्यादा संक्रमण के नए मामले सामने आए. दुनिया भर में कोरोना महामारी पर लाइव अपडेट.
लाइव कवरेज
विमान में मास्क न पहनने वालों के हवाई यात्रा करने पर लगेगा प्रतिबंध
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने एयरलाइन्स से कहा है कि उन यात्रियों का नाम 'नो फ़्लाई लिस्ट' में डालें जो उड़ान के दौरान मास्क नहीं पहनते और कोविड-19 को लेकर जारी दिशानिर्देशों का पालन नहीं करते.
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ब्रेकिंग न्यूज़, रुपए में मज़बूती, छह महीने के उच्चतम स्तर पर पहुँचा
लंबे समय से गिरावट का दौर देख रहे रुपये में शुक्रवार को मज़बूती देखने को मिली है.
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बाज़ारों में विदेशी मुद्रा की आमद और आरबीआई की ओर से डॉलर की ख़रीद न होने से यह
छह महीनों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है.
शुक्रवार
को रुपया प्रति डॉलर 73.28 के स्तर पर पहुंच गया जो पांच मार्च के
बाद से इसकी सबसे बेहतर स्थिति है. गुरुवार को यह 73.83 पर ट्रेड कर रहा था.
भारतीय
रिज़र्व बैंक सरकारी बैंकों के ज़रिये लगातार डॉलर ख़रीद रहा था ताकि रुपये की
क़ीमत न बढ़ जाए.
हालांकि, इस
हफ़्ते इस प्रक्रिया में कमी देखी गई जिससे रुपये में मज़बूती आना शुरू हो गई.
शेयर बाज़ारों में डॉलर की आमद से भी इसमें मदद मिली.
फ़ॉरन पोर्टफ़ोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) ने अगस्त महीने में अब तक 6.2 अरब डॉलर के शेयर खरीदे हैं. ट्रेडर्स का मानना है कि अमरीकी फ़ेडरल रिज़र्व
की नई नीति से आगे भी डॉलर आने में मदद मिलेगी.
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भारत के लिए सबसे मुश्किल दौर, अभी सुधार की कोई उम्मीद नहीं
भारत में एक दिन में रिकॉर्ड 77,266 मामले, 1,057 की मौत
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भारत में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के रिकॉर्ड 77,266 मामले सामने आए.
देश भर में मामलों में बढ़त के साथ, स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ भारत में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर तीस लाख 39 हज़ार हो गए हैं.
रॉयटर्स टेली दिखाती है कि भारत में 7 अगस्त से ही हर दिन दुनिया में सबसे ज़्यादा मामले दर्ज किए जा रहे हैं और अमरीका और ब्राज़ील के बाद भारत तीसरा सबसे प्रभावित देश है.
शुक्रवार को एक दिन में 1,057 लोगों की मौत भी हो गई, जिसके साथ देश में इस बीमारी से मरने वालों का कुल आंकड़ा 61,529 हो गया.
ब्रेकिंग न्यूज़, ख़राब सेहत की कई अटकलों के बीच जापानी पीएम करने जा रहे न्यूज़ कॉन्फ्रेंस
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जापान के प्रधानमंत्री
शिंज़ो आबे शुक्रवार दोपहर बाद न्यूज़ कॉन्फ़्रेंस करने जा रहे हैं. माना जा रहा है
कि वो अपनी स्वास्थ्य को लेकर बात करेंगे. एक हफ़्ते के भीतर शिंज़ों आबे की हॉस्पिटल
में कई तरह की जाँच हुई है.
हालांकि जापान
की सत्ताधारी पार्टी का कहना है कि प्रधानमंत्री की तबीयत बिल्कुल ठीक है. लेकिन अस्पताल
में शिंज़ों आबे के जाने से कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. एक सवाल यह भी पूछा
जा रहा है कि क्या शिंज़ो आबे सितंबर 2021 में ख़त्म हो रहे अपने कार्यकाल तक पीएम की
कुर्सी पर रहेंगे या स्वास्थ्य चिंताओं को देखते हुए पहले ही पद से मुक्त हो जाएंगे.
सोमवार को शिंज़ो आबे जापान के सबसे लंबे समय तक पीएम रहने का रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं.
कोरोना वायरस की
महमारी से निपटने को लेकर पीएम आबे की आलोचना रही है. इसके अलावा उनकी पार्टी के सदस्यों
पर लगे स्कैंडल के आरोपों के कारण भी वो घेरे में हैं. कोरोना वायरस की महामारी के
कारण जापान की अर्थव्यवस्था की हालत ऐतिहासिक रूप से निचले स्तर पर है. पीएम आबे ने
वादा किया है कि वो अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाएंगे.
चीन कोरोना की वैक्सीन बिना ट्रायल पूरा हुए ही लगा रहा
ब्रेकिंग न्यूज़, बच्चों में कोरोना वायरस का गंभीर संक्रमण 'दुर्लभ'- रीसर्च
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ब्रिटेन में गुरुवार को प्रकाशिक एक रीसर्च स्टडी के अनुसार बच्चों
कोरोना वायरस के असर को लेकर हुए एक स्टडी में पता चला है कि
बच्चों में कोरोना का गंभीर संक्रमण 'दुर्लभ' है जबकि कोरोना से उनकी
मौत 'और भी दुर्लभ' है.
ये शोध कोविड-19 की वजह से ब्रिटेन के 138 अस्पतालों में भर्ती कराए गए बच्चों को लेकर किया गया है.
इसके अनुसार अस्पतालों में भर्ती कराए गए बच्चों में केवल छह की मौत हुई, कुल आंकड़े के हिसाब से ये उसका मात्र एक फीसदी है. जिन बच्चों की मौत कोरोना के कारण हुई वो पहले से ही किसी न किसी अन्य गंभीर बीमारी या स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे थे.
रीसर्च टीम का नेतृत्व कर रहे डॉक्टरों में से एक ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ़ लीवरपूल में आउटब्रेक मेडिसिन एंड चाइल्ड हेल्थ के प्रोफ़ेसर मैलकॉम सेम्प्ले कहते हैं, "निश्चित तौर पर हम कह सकते हैं कि बच्चों को कोविड-19 बड़ी हानि नहीं पहुंचा रहा."
उन्होंने कहा, "इस शोध से यह संदेश जाता है कि बच्चों में कोविड-19 बीमारी का गंभीर रूप लेना दुर्लभ है और इस कारण मौतें और भी कम है. इसके बाद अब अभिभावक आश्वस्त हो सकते हैं कि स्कूल जाने से उनके बच्चों को सीधे तौर पर कोई ख़तरा नहीं है."
कोरोना वायरस संक्रमण के ग्लोबल डेटा को देखा जाए तो पता चलता है कि इस महामारी ने दुनिया भर के एक से दो फीसदी बच्चों और किशोरों को ही प्रभावित किया है. बच्चों में संक्रमण के जो मामले दर्ज किए गए हैं उनमें से अधिकतर में या तो मामूली लक्षण हैं या कोई लक्षण नहीं हैं.
शोध के नतीजे बीएमजे मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किए गए हैं.
इस शोध के किए प्रोफ़ेसल मैलकॉम की टीम ने 19 साल से कम उम्र के 651 ऐसे बच्चों का डेटा इकट्ठा किया. इन बच्चों को जनवरी 17 से लेकर जुलाई तीन के बीच अस्पतालों में भर्ती कराया गया था.
कोरोना से संकट में ब्राज़ील कार्निवल
अमरीका के बाद कोविड-19 से सबसे ज़्यादा प्रभावित है ब्राज़ील.
जहां संक्रमितों की संख्या 36 लाख से पार है.
पहले से डगमगाती ब्राज़ील
की अर्थव्यवस्था की हालत कोरोना ने और ख़राब कर दी है.
संक्रमण की वजह से ब्राज़ील का सालाना कार्निवल फ़ेस्टिवल भी ख़तरे में
हैं.
ये कार्निवल मनोरंजन के साथ-साथ यहां के लोगों के रोज़गार का ज़रिया
भी हैं.
वीडियो कैप्शन, कोरोना से संकट में ब्राज़ील कार्निवल
वैक्सीन पर कनाडा, चीन की पार्टनरशिप ख़त्म, पर इसका नाता तनावपूर्ण रिश्तों से नहीं
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कनाडा के विदेश मंत्री फ्रांस्वा-फिलिप शॉन्पानिए ने गुरुवार को कहा कि दोनों
देशों के बीच कूटनीति स्तर पर तनाव है लेकिन कोरोना वायरस
की वैक्सीन बना रही चीनी कंपनी कैनसिनो बायोलॉजिक्स और कनाडा की
नैशनल रीसर्च काउंसिल के बीच की पार्टनरशिप टूटने से इसका कोई नाता
नहीं है.
मंगलवार को रोम में शॉन्पानिए ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाक़ात
की थी. 90 मिनट तक चली इस बातचीत के दौरान कनाडाई विदेश मंत्री ने
चीन में हिरासत में रखे गए उसके दो नागरिकों को छोड़ने के लिए कहा था.
कनाडा सरकार की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि दोनों के बीच कोरोना की संभावित वैक्सीन को लेकर भी चर्चा हुई.
इससे एक दिन पहले ही कनाडा की नैशनल रीसर्च काउंसिल ने चीनी कंपनी कैनसिनो के साथ करार रद्द होने की घोषणा की थी.
काउंसिल का कहना था कि कंपनी में ऑथोरिटी न होने के कारण वो फिलहाल वैक्सीन भेजने में नाकाम है.
चीन और कनाडा के बीच रिश्ते दिसंबर 2018 से उस वक्त बिगड़ना शुरू हो गए थे जब चीनी कंपनी ख्वावे की चीफ़ फाइनेन्शियल अधिकारी मेंग वांन्गज़ू को कनाडा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था.
इसके बाद चीन ने जासूसी के आरोप में दो कनाडाई नागरिकों को गिरफ्तार कर लिया था. उसने कनाडा से होने वाले कैनोला बीजों का आयात पर भी रोक लगा दी.
चीनी विदेश मंत्री के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने गुरुवार को कहा कि कोरोना वैक्सीन पर दोनों देशों के सहयोग के ख़त्म होने का नाता दोनों देशों के बीच के संबंधों से नहीं है.
शॉन्पानिए ने हालांकि स्वास्थ्य को लेकर या कोविड 19 को लेकर भविष्य में चीन या चीनी कंपनियों के साथ काम करने की संभावना से इनकार नहीं किया है.
कोरोना वैक्सीन के लिए 8 दक्षिण अमरीकी देशों ने मिलाया हाथ
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चिली के विदेश मंत्री आंद्रे एलामंड ने कहा है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन पर जानकारी साझा करने के लिए और वैक्सीन पाने के लिए दक्षिण अमरीकी देशों में आपस में सहमति बन गई है.
उन्होंने कहा कि वैक्सीन के लिए समन्वय के साथ काम करने के कई फायदे होंगे.
इस नए समूह में चिली, अर्जेन्टीना, ब्राज़ील, कोलंबिया, पराग्वे, पेरू, इक्वाडोर और गुयाना शामिल हैं.
इन आठ देशों के राष्ट्राध्यक्षों और विदेश मंत्रियों की वर्चुअल बैठक में आंद्रे एलामंड ने कहा, "वैक्सीन के लिए एक साथ कोशिश करने के फायदे हैं, ख़ासकर ज़रूरी संख्या में और कम क़ीमत में वैक्सीन पाने में."
सभी देशों की कोशिश है कि उनके नागरिकों को पहले और सस्ती कीमत पर वैक्सीन मिल जाए.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में कोरोना की 150 वैक्सीन बनाई जा रही हैं, जिनमें से 25 मामलों में ह्यूमन ट्रायल शुरू हो चुका है.
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जॉनसन एंड जॉनसन, सिनोवैक और एस्ट्राज़ेनिका के क्लिनिकल ट्रायल लोतिन अमरीका में या तो शुरू हो चुके हैं या फिर जल्द ही शुरू होंगे.
एलामंड का कहना है कि ब्रितानी दवा कंपनी एस्ट्राज़ेनिका की कोरोना वैक्सीन का उत्पादन अर्जेन्टीना, मेक्सिको या ब्राज़ील में करने की बात पर भी चर्चा हुई.
एलामंड ने कहा कि देशों में सीमाएं खोलने को लेकर भी सहमति बन गई है. हालांकि इसके लिए सबसे पहले एक तकनीकी कमिशन बनाया जाएगा जो सीमाएं खोलने से जुड़ी सभी पहलुओं पर विचार कर दस दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेंगा.
कोविड-19: कितनी बदली पूजा-इबादत?
कोविड-19 ने दुनिया को काफ़ी बदल दिया है, इबादत का
तरीका भी.
लंबे लॉकडाउन के बाद इंग्लैंड में धार्मिक स्थल यानी मंदिर,
मस्जि़द, चर्च और गुरुद्वारे खुले तो यहां भी बहुत कुछ
बदला-बदला दिखा.
बीबीसी संवाददाता गगन सभरवाल की रिपोर्ट.
वीडियो कैप्शन, Covid-19: कितनी बदली पूजा-इबादत?
स्विट्ज़रलैंड, जमाइका से ब्रिटेन आने पर क्वारंटीन में जाना होगा
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ब्रितानी सरकार ने कहा है कि वो स्विट्ज़रलैंड, जमाइका और चेक गणराज्य का नाम ट्रेवल सूची से हटा रही है, जिसके बाद वहां से आने वाले लोगों को क्वारंटीन में जाना होगा.
देश के परिवहन मंत्री ग्रांट शैप्स ने कहा है कि शनिवार सवेरे 04.00 बजे के बाद इन तीन देशों से आने वालों को अनिवार्य रूप से 14 दिनों के क्वारंटीन में रहना होगा.
उनका कहना है कि इन तीन देशों से कोरोना सं संबंधित जो आंकड़े मिल रहे हैं उसके मद्देनज़र "देश में संक्रमण के मामलों को कम रखने के लिए" सुरक्षित जगहों की सूची से इनका नाम हटाया जा रहा है.
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वहीं क्यूबा को ब्रिटेन ने सुरक्षित देशों की सूची में शामिल कर लिया है.
इसका मतलब ये है कि छुट्टियां मनाने के लिए क्यूबा गए लोगों को अब ब्रिटेन लौटने पर 14 दिनों के क्वारंटीन पर जाना नहीं होगा.
बीते सप्ताह ब्रिटेन ने पुर्तगाल को सुरक्षित देशों की सूची में शामिल किया था.
एआईएमआईएम के 200 नेताओं, कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज
बिहार के किशनगंज में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल
मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के दो सौ नेताओं और
कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कोरोना महामारी के
मद्देनज़र लगाए गए लॉकडाउन के नियमों का उल्लंघन करते हुए किशनगंज में पार्टी के दफ्तर के पास एक बैठक के आयोजन किया गया था, जिसके बाद एफ़आईआर दर्ज की गई है.
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पेरिस और आसपास के इलाक़ों में ज़रूरी होगा मास्क पहनना
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कोरोना संक्रमितों की बढ़ती संख्या के मद्देनज़र फ़्रांस की
राजधानी पेरिस में प्रशासन ने शुक्रवार से लोगों के लिए
मास्क पहनना बाध्यकारी कर दिया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार गुरुवार को स्थानीय
पुलिस ने कहा कि पेरिस और उसके आसपास के पेटीट
कुनर इनर रिंग के इलाक़े में पैदल चलने वालों और
साइकिलसवारों पर ये नए नियम लागू होंगे.
ये घनी आबादी
वाला इलाक़ा है जहां क़रीब सत्तर लाख लोग रहते हैं.
हालांकि कार के भीतर लोगों के लिए मास्क पहनना ज़रूरी
नहीं होगा.
पेरिस पुलिस ने एक बयान जारी कर कहा है, "स्वास्थ्य
स्थिति लगातार बिगड़ रही है और इस कारण लोगों के हित
के लिए हम कड़े कदम उठाने के लिए बाध्य हुए हैं."
इससे पहले फ़्रांस के प्रधानमंत्री जीन कैस्टेक्स ने गुरुवार को
कहा था कि सरकार पेरिस में मास्क पहनना बाध्यकारी
बनाएगी. हालांकि नियम किन इलाक़ों में लागू होगा और
कब से लागू होगा इसके बारे में उन्होंने कुछ भी नहीं कहा
था.
उन्होंने कहा था, "पूरे देश में वायरस तेज़ी से फैल रहा है,
अगर हमने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया तो ये
महामारी तेज़ गति से फैलेगा."
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प्रधानमंत्री जीन कैस्टेक्स ने कहा था कि फ़्रांस में बीमारी का रिप्रोडक्शन रेट (यानी आर नंबर) 1.4 हो गया है, जिसका मतलब है कि वायरस से संक्रमित हम 10 लोग और 14 लोगों को संक्रमित कर सकते हैं.
जानकार आर नंबर के एक से अधिक होने को ख़तरनाक मानते हैं.
इससे पहले 21 जुलाई को फ़्रांस ने बैंक और दुकानों जैसी बंद जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया था. अगस्त में भीड़भाड़ वाली जगहों पर भी मास्क पहनने को लेकर नए नियम जारी किए गए थे.
प्रधानमंत्री कैस्टेक्स का कहना है कि आम जनजीवन सामान्य रूप से चलना चाहिए लेकिन जानकारों की चेतावनी को हम नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते.
जानकारों का कहना है कि सितंबर से नवंबर के बीच फ़्रांस कोरोना की दूसरी लहर से प्रभावित हो सकता है.
कैस्टेक्स ने कहा युवाओं के बीच कोरोना के मामले अधिक दर्ज किए जा रहे हैं.
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बुधवार को फ़्रांस में एक दिन में कोरोना संक्रमण के 5,429 नए मामले दर्ज किए गए थे जो लॉकडाउन हटाए जाने के बाद से सबसे अधिक थे.
इसे पहले एक दिन में इतनी बंड़ी संख्या में संक्रमण के मामले अप्रैल में सामने आए थे.
जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के अनुसार फ़्रांस में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 297,485 हो गई है. वहीं यहां कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा अब 30,581 हो गया है.
नमस्कार! बीबीसी हिंदी पर कोरोना वायरस संक्रमण पर लाइव अपडेट्स और विश्लेषण का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी है. गुरुवार को देश-दुनिया में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर क्या कुछ हुआ, आप इस लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं