कोरोना अपडेट: विदेश से भारत आने वालों के लिए नये दिशा-निर्देश

अमित शाह कोरोना पॉज़िटिव, अमिताभ बच्चन हुए निगेटिव... क्या है देश दुनिया से अपडेट.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, दक्षिण अफ्रीका में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 5 लाख के पार हुआ

    दक्षिण अफ्रीका में कोरोना वायरस

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    दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या अब 5 लाख से अधिक हो गई है.

    इसके साथ ही कोरोना से बुरी तरह प्रभावित देशों की सूची में अमरीका, ब्राज़ील, भारत और रूस के बाद दक्षिण अफ्रीका अब पांचवे स्थान पर पहुंच गया है.

    पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में कोरोना संक्रमण के जितने मामले हैं उनसे से आधे से अधिक अकेले दक्षिण अफ्रीका में हैं.

    स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार देश में संक्रमण की दर तेज़ी से बढ़ रही है और राजधानी प्रीटोरिया के आसपास वाले इलाके संक्रमण का केंद्र बने हुए हैं. इस कारण स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दवाब पड़ रहा है, ख़ास कर स्थानीय अस्पतालों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है.

    जानकार मानते हैं कि अभी एगले एक महीने तक कोरोना संक्रमण यहां पीक तक नहीं पहुंचेगा.

    कोरोना को फैलने से रोकने के लिए दक्षिण अफ्रीका ने अप्रैल और मई के महीने में सख्त लॉकडाउन लगाया था. इसके बाद जून से चरणबद्ध तरीके से अर्थव्यवस्था को खोला गया था.

  2. अमरीका में संक्रमण के मामलों को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप और डॉ फाउची की राय क्या एक नहीं?

    डोनाल्ड ट्रंप

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    अमरीका में कोरोना संक्रमण के तेज़ी से बढ़ते मामलों को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एंथोनी फाउची को ग़लत बताया है.

    ट्रंप का कहना है कि देश में टेस्टिंग अधिक हो रही है इस कारण संक्रमण के अधिक मामले दर्ज किए जा रहे हैं.

    सोशल मीडिया पर ट्रंप ने लिखा, "अगर हम कम टेस्ट करतो तो संक्रमण के कम ही मामले दर्ज किए जाते. इटली, फ्रांस और स्पेन ने क्या किया? लेकिन दुख की बात है कि वहां संक्रमण के मामले फिर बढ़ रहे हैं. अमरीका के अधिकांश राज्यों के गवर्नरों ने मेहनत की है."

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    शुक्रवार को संसद की कोरोना वायरस पैनल के सवालों का जबाव देते हुए कहा था कि यूरोप के मुक़ाबले अमरीका में कोरोना संक्रमण के अधिक मामले दर्ज होने का कारण लॉकडाउन न लगाना है.

    फाउची ने कहा था, "अधिकतर यूरोपीय देशों में लॉकडाउन लगाया और अपनी अर्थव्यवस्था का 95 फीसदी हिस्सा बंद कर दिया. वहीं अमरीका ने अपनी अर्थव्यवस्था का केवल 50 फीसदी हिस्सा ही बंद किया."

    साथ ही उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से बाहर निकलते वक्त जहां कुछ राज्यों ने सेंटर फ़ॉर डिज़ीज़ कंट्रोल के दिशानिर्देशों का पालन किया कुछ राज्यों ने ऐसा नहीं किया. इस कारण दक्षिण और पश्चिम का कुछ राज्यों में संक्रमण के अधिक मामले दर्ज किए गए.

  3. बीते चौबीस घंटों में कितना फैला संक्रमण

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के 289,321 ताज़ा मामले दर्ज किए गए हैं. संगठन के अनुसार इस दौरान 6142 लोगों की मौत हुई है.

    बीते चौबीस घंटों में किस देश में कितने मामले, कितनी मौतें

    • अमरीका - 67,823 नए मामले, 1,211 मौतें
    • ब्राज़ील - 57,837 नए मामले, 1,129 मौतें
    • भारत - 57,118 नए मामले, 764 मौतें
    • दक्षिण अफ़्रीका - 11,014 नए मामले, 193 मौतें
    • कोलंबिया - 9,965 नए मामले, 356 मौतें
    • मेक्सिको - 7,730 नए मामले, 639 मौतें
  4. कोरोना अभी भी वैश्विक महामारी बना हुआ है - WHO

    टेड्रॉस एडहॉनम गीब्रिएसुस

    इमेज स्रोत, Reuters

    कोरोना को वैश्विक महामारी घोषित करने के छह महीने बाद शुक्रवार को हुई विश्व स्वास्थ्य संगठन की इमर्जेंसी कमिटी की बैठक के बाद संगठन के प्रमुख ने कहा है कि कोरोना महामारी अभी लंबे वक्त तक रहने वाली है.

    संगठन ने इसी साल की 30 जनवरी को कोराना को वैश्विक महामारी घोषित किया था. इसके बाद इसे लेकर जो स्थितियां बनी उसके आकलन के लिए संगठन के इमर्जेंसी कमिटी की बैठक शुक्रवार को हुई थी.

    कमिटी की मानना था कि इस वायरस के कारण वैश्विक महामारी की स्थिति अभी भी बनी हुई है.

    संगठन के प्रमुख टेड्रॉस एडहॉनम गीब्रिएसुस ने कहा, "कई देशों को लग रहा है कि वहां कोरोना का बुरा दौर आकर जा चुका है, वहां संक्रमण की दूसरी लहर देखने को मिल रही है. शुरूआती सप्ताह में जहां संक्रमण के मामले कम थे वहां अब संक्रमण के मामले तेज़ी स बढ़ रहे हैं."

    तीन महीने बाद कमिटी के सदस्यों की एक बार फिर बैठक होगी जिसमें कोरोना की स्थिति की समीक्षा की जाएगी.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, अक्तूबर में नागरिकों को कोरोना का टीका देने की योजना बना रहा है रूस

    कोरोना की वैक्सीन

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    रूसी स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने कहा है कि सरकार अक्तूबर के महीने में नागरिकों को कोरोना की वैक्सीन देने की योजना बना रही है और इसके लिए विस्तृत टीकाकरण अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है.

    रूसी मीडिया के अनुसार मिख़ाइल मुराश्को ने कहा कि सबसे पहले डॉक्टरों और शिक्षकों को कोरोना की वैक्सीन दी जाएगी.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अनाम सूत्रों के हवाले से ख़बर दी है कि रूस की संभावित कोरोना वैक्सीन को इस महीने नियामकों की मंज़ूरी मिल जाएगी.

    हालांकि तेज़ी से कोरोना वैक्सीन बनाने की रूस की कोशिश को लेकर कई विशेषज्ञ चिंता भी जताते हैं.

    शुक्रवार को अमरीका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एंथोनी फाउची ने कहा कि वो उम्मीद करते हैं कि रूस और चीन लोगों को कोरोना वैक्सीन देने से पहले वाकई में "इससे जुड़े सभी टेस्ट कर रहे है."

    डॉक्टर फाउची ने कहा कि इस साल के आख़िर तक अमरीका के पास "सुरक्षित और कारगर" कोरोना वैक्सीन होगी.

    उन्होंने कहा, "मैं नहीं मानता कि कोरोना वैक्सीन के मामले में आधुनिक वैक्सीन के लिए हमें किसी दूसरे देश पर निर्भर रहना पड़ेगा."

    रूस की कोरोना वैक्सीन

    इमेज स्रोत, Reuters

    कई जगहों पर चल रहा है वैक्सीन बनाने का काम

    फिलहाल दुनिया भर में कई देशों में कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने का काम तेज़ी से चल रहा है और क़रीब 20 वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल भी शुरू हो चुका है.

    इंटरफैक्स न्यूज़ एजेंसी के अनुसार रूसी स्वास्थ्य मंत्री का कहना है कि मॉस्को में मौजूद गामालेया इंस्टीट्यूट ने कोरोना वैक्सीन का क्लिनिकल ट्रायल का काम पूरा कर लिया है और अब वो इसे रजिस्टर कराने के लिए पेपरवर्क में व्यस्त है.

    स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार, "हम अक्तूबर में टीकाकरण अभियान की योजना बना रहे हैं."

    बीते महीने रूसी वैज्ञानिकों ने कहा था कि गामालेया इंस्टीट्यूट ने एड्रेनोवायरस बेस्ड कोरोना वैक्सीन का शुरूआती ट्रायल पूरा कर लिया है और इसके नतीजे सकारात्मक रहे हैं.

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    बीते महीने ही ब्रिटेन, अमरीका और कनाडा की सुरक्षा एजेंसियों ने रूस के एक हैकिंग समूह पर कोरोना वैक्सीन के काम में जुटी संस्थाओं पर साइबर हमले का और जानकारी चुराने का आरोप लगाया था.

    ब्रितानी नेशनल लाइबर सिक्योरिटी सेन्टर ने कहा था कि उसे 95 फीसदी यकीन है कि साइबर हमले के लिए APT29 नाम का एक समूह ज़िम्मेदार है जो रूसी ख़ुफ़िया ऐजेंसी से जुड़ा है. सेंटर के अनुसार इस समूह को ड्यूक्स ऑर कोज़ी बीयर के नाम से भी जाना जाता है.

    हालांकि इन आरोपों से रूस ने सिरे से खारिज कर दिया था. ब्रिटेन के लिए रूसी राजदूत आंद्रे केलिन ने कहा था कि "इन दावों में कोई हकीकत नहीं है."

    इधर ब्रिटेन में एस्ट्राज़ेनिका नाम की कंपनी ऑक्सफ़र्ड यूनिर्सिटी की बनाई कोरोना वैक्सीन को लेकर काम कर रही है. अब तक हुए ट्रायल में इसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं और पता चला है कि वैक्सीन इम्यून रिस्पॉन्स शुरू करने में सक्षम है.

    वैक्सीन पाने के लिए अमरीका और ब्रिटेन समेत यूरोपीय देशों के इन्क्लूसिव वैक्सीन अलायंस ने एस्ट्राज़ेनिका के साथ पहले की करार कर लिया है.

  6. कोरोना वायरस के इलाज के लिए नई तकनीक का सहारा

    अमरीका में कोरोना वायरस के मामलों में उछाल आने के बाद से अस्पताल और स्वास्थ्यकर्मियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

    बीबीसी संवाददाता लैरी मैडोवो ने ह्यूस्टन के एक अस्पताल की कोरोनावायरस यूनिट में एक डॉक्टर से मुलाकात की जो कि मरीज़ों के इलाज के लिए नई तकनीक आज़मा रहे हैं.

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  7. ओडिशा: निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम्स के लिए टेस्टिंग के दिशानिर्देश जारी

    ओडिशा सरकार ने प्रदेश के सभी निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और लेबौरेटरीज़ के लिए कोरोना टेस्टिंग के दिशानिर्देश जारी किए हैं.

    सरकार का कहना है कि जो निजी अस्पताल, नर्सिंग होम्स और लेबौरेटरी कोरोना टंस्टिंग करना चाहते हों वो रैपिड एंटीजेन टेस्ट और आरटी-पीसीआर तरीके अपना सकते हैं और सरकारी दिशानिर्देशों का पालन करते हुए टेस्टिंग कर सकते हैं.

    एक अगस्त को जारी इस आदेश के अनुसार रैपिड एंटीजेन टेस्ट के लिए ओडिशा क्लिनिकल एस्टैबलिशमेन्ट कंट्रोल एंड रेगुलेशन एक्ट के तहत अस्पताल का पंजीकरण होना बाध्यकारी है.

    साथ ही इसके लिए अस्पतालों को आईसीएमआर के दिशानिर्देशों के अनुसार काम करना होगा.

    वहीं आरटी-पीसीआर टेस्टिंग के लिए नेशनल एक्रेडिशन बोर्ड फ़ॉर टेस्टिंग एंड कैलिबरेशन लेबोरेटरीज़ से मान्यता प्राप्त होना बाध्यकारी होगा.

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  8. नमस्कार! बीबीसी हिंदी पर कोरोना संक्रमण को लेकर विशेष कवरेज़ का सिलसिला रविवार को भी जारी है. आप इस पन्ने पर दुनिया भर के तमाम अपडेट्स के अलावा विश्लेषण और जानकारी से भरे वीडियो देख सकते हैं. शनिवार के तमाम अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें.