You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

कोरोना वायरस: सऊदी अरब की शान अरामको को एपल ने पछाड़ा

एपल ने सऊदी अरब की कंपनी आरामको को पछाड़ दिया और ख़ुद दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बन गई है. अरामको के लिए यह झटका है.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, राजस्थान में 1 सितंबर से खुलेंगे सभी धार्मिक स्थल

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को अनलॉक-3 तथा कोविड-19 संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की और कहा कि इस साल की एक सितम्बर से प्रदेश के सभी धार्मिक स्थल आम लोगों के लिए खोले जा सकेंगे.

    उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि इसके लिए गृह विभाग अलग से दिशानिर्देश जारी करेगा.

    साथ ही उन्होंने लिखा कि गृह विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे सोशल डिस्टेंसिंग, हैल्थ प्रोटोकॉल के साथ धार्मिक स्थलों को खोले जाने के लिए अभी से तैयारी शुरू करें.

  2. जम्मू कश्मीर आने वालों का होगा 100 फीसदी कोरोना टेस्ट

    कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रशासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में प्रशासन ने गुरुवार को प्रदेश में आने वाले लोगों के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए हैं.

    नए दिशनिर्देशों के तहत हवाई, रेल और सड़क मार्ग से जम्मू कश्मीर आ रहे सभी यात्रियों का कोरोना वायरस के लिए 100 फीसदी एंटीजेन टेस्ट किया जाएगा. ये टेस्ट आरटी-पीसीआर या रैपिड एंटीजेन टेस्ट के ज़रिए किया जाएगा.

    हवाई, रेल या सड़क मार्ग से आने वालों के पास अगर फ़ोन है और उनके फ़ोन पर आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप है तो उन्हें 14 दिनों के लिए होम क्वारंटीन के लिए कहा जाएगा या जब तक टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव न आए तब तक क्वारंटीन के लिए कहा जाएगा.

    जिन लोगों के पास या तो फ़ोन नहीं है या फिर उनके फ़ोन में आरोग्य सेतु मोबाइल ऐप नहीं है उन्हें 14 दिनों के इंस्टीट्यूनल या पेड क्वारंटीन के लिए भेजा जाएगा या जब तक टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव न आए तब तक क्वारंटीन के लिए कहा जाएगा.

    सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार रेल या हवाई मार्ग से जम्मू कश्मीर पहुंचे कोई यात्री अगर कोरोना पॉज़िटिव पाए जाते हैं तो कोविड-19 के मरीज़ों के लिए तय दिशानिर्देशों के अनुसार उनका इलाज किया जाएगा.

    काम पर लौट रहे सेना और अर्धसैनिक बलों और लद्दाख में बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइज़ेशन के लिए काम करने जा रहे मज़दूरों के कोरोना टेस्ट नहीं किए जाएंगे. क्वारंटीन के नियमों का पालन करने के लिए वो अपनी यूनिट को रिपोर्ट करेंगे.

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, ब्रिटेन ने सेल्फ़ आइसोलेशन का समय बढ़ा कर 10 दिन किया

    ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमित होने की पुष्टि होने पर या कोरोना वायरस के लक्षण होने पर सेल्फ़ आइसोलेशन अब सात दिन की बजाय दस दिन का होगा.

    देश के आला स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस संबंध में गुरुवार को घोषणा की है.

    अब तक लगातार खांसी, बुख़ार, स्वाद और गंध न आने जैसे कोरोना संक्रमण के लक्षण मिलने पर लोगों को एक सप्ताह के लिए सेल्फ़ आइसोलेशन की सलाह दी जाती थी. लेकिन अब इसमें बदलाव कर दिए गए हैं.

    स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि ये बदलाव विश्व संवास्थ्य संगठन के दिशानिर्देशों के अनुसार किए गए हैं.

    स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अब तक जो तथ्य मिले हैं उसके अनुसार कोविड-19 से ठीक होने के सात से नौ दिन बाद तक व्यक्ति को एक बार फिर संक्रमण का ख़तरा हो सकता है.

    उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने के पहले और बाद में व्यक्ति दूसरों को संक्रमित कर सकता है. लेकिन वैज्ञानिक कहते हैं कि इसकी प्रबल संभावना है कि व्यक्ति संक्रमण के नौ दिन बाद तक दूसरों को संक्रमित कर सकता है.

    इससे पहले ब्रितानी प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने चेतावनी दी थी कि यूरोप के कई हिस्सों में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के संकेत दिख रहे है.

    स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने बीबीसी ब्रेकफास्ट कार्यक्रम में कहा था कि सरकार चाहती है कि वो सभी प्रकार के "एहतियाती कदम उठाए और सामने खड़ी इस मुश्किल से लोगों की जान बचाए."

    सेल्फ़ आइसोलेशन को लेकर अलग-अलग देशों के अलग-अलग नियम हैं.

    जहां आइरिश गणराज्य में सेल्फ़ आइसोलेशन का वक्त 14 दिनों का है वहीं अमरीका में 10 दिन तक व्यक्ति को सेल्फ़ आइसोलेशन में रहना होता है लेकिन चौबीस घंटे तक बुख़ार न आने पर व्यक्ति को बाहर जाने की अनुमति होती है.

  4. ऑक्सफ़ोर्ड की कोरोना वैक्सीन कितनी प्रभावी होगी, अगले साल पता चलेगा

    जेम्स गैलाघर

    बीबीसी स्वास्थ्य एवं विज्ञान संवाददाता

    ऑक्सफ़ॉर्ड यूनिवर्सिट की बनाई वैक्सीन कितनी कारगर होगी या नहीं इसके बारे में हमें अगले साल ही पता चलेगा.

    कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पास्कल सोरियो ने कहा है कि "इस वायरस का व्यवहार बेहद अप्रत्याशित है. ऐसे में इससे बचने के लिए वैक्सीन की एक डोज़ काफी होगी या नहीं ये अभी कहा नहीं जा सकता."

    कंपनी ने बीबीसी को बताया कि "हमें उम्मीद है कि वैक्सीन कम से कम 12 महीनों तक प्रभावी रहेगी, हालांकि हमें उम्मीद है कि ये दो साल या फिर उससे अधिक वक्त के लिए भी प्रभावी हो सकती है."

    कंपनी का कहना है कि अगर इसका असर केवल एक साल तक के लिए रहा तो फ्लू वैक्सीन की तरह सालाना तौर पर इसका डोज़ दिया जाना ज़रूरी हो जाएगा.

    बड़े पैमाने पर इस वैक्सीन का उत्पादन करने वाली कंपनी ऐस्ट्राज़ेनिका पहले की इस वैक्सीन की सप्लाई के लिए अमरीका, ब्रिटेन और यूरोप के इन्क्लूसिव वैकसीन अलायंस के साथ करार कर चुकी है.

    कंपनी को उम्मीद है कि अगर योजना के अनुरूप काम हुआ तो वो साल के आख़िर तक इस वैक्सीन की सप्लाई भी शुरु कर देगी. कंपनी का कहना है कि ब्रिटेन, अमरीका, ब्राज़ील और दक्षिण अफ्रीका में वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल चल रहा है इसके नतीजे भी जल्दी ही आ जाएंगे.

    शुरूआती ट्रायल में पता चला है कि ये वैक्सीन शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को बीमारी से लड़ना सिखा सकती है, हालांकि वायरस से सुरक्षा के लिए ये काफी है या नहीं इस बारे में अब तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

    ट्रायल से संबंधित डेटा के अनुसार वैक्सीन की एक डोज़ के मुक़ाबले दो डोज़ अधिक प्रभावी साबित हो सकती हैं. एस्ट्राज़ेनिका का कहना है कि हो सकता है कि "यही डोज़ देने का अधिक प्रभावी तरीका हो."

  5. कोरोना वायरस के साथ हमें जीना सीखना होगा- विश्व स्वास्थ्य संगठन

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख टेड्रॉस अडहॉनम गीब्रीएसुस ने कहा है कि दुनिया को करोना वायरस के साथ "जीना सीखना होगा."

    संगठन की डेली प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान गीब्रिएसुस ने कहा कि "हम सभी को इस वायरस के साथ रहना सीखना होगा और हमें अपने और दूसरों के जीवन की सुरक्षा करते हुए, जिंदगी जीने के लिए ज़रूरी एहतियात अपनाने की ज़रूरत है."

    उन्होंने हज यात्रा को लेकर सऊदी अरब की लगाई पाबंदियों का ज़िक्र किया और सऊदी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा, "इस तरह के कड़े कदम उठा कर सरकार ने उदाहरण पेश किया है कि आज के दौर की बदली हकीकत के साथ तालमेल बैठाने के लिए वो क्या-क्या कर सकते हैं."

    उन्होंने एक बार फिर कहा कि कोरोना से युवाओं को भी ख़तरा हो सकता है. उन्होंने कहा, "हम पहले भी चेतावनी दे चुके हैं और फिर कह रहे हैं कि युवा भी कोरोना के कह से अछूते नहीं है, वो भी जोखिम में हैं."

    उन्होंने कहा, "युवा भी कोरोना से संक्रमित हो सकते हैं. वो भी मर सकते हैं और वो भी दूसरों में संक्रमण फैला सकते हैं. इसलिए उन्हे अपनी सुरक्षा के अलावा दूसरों की सुरक्षा के भी उपाय करने चाहिए."

  6. नमस्कार! बीबीसी हिंदी पर कोरोना संक्रमण को लेकर विशेष कवरेज़ का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी है. आप इस पन्ने पर दुनिया भर के तमाम अपडेट्स के अलावा विश्लेषण और जानकारी से भरे वीडियो देख सकते हैं. गुरुवार के तमाम अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें.