कोरोना वैक्सीन: अमरीका की मॉडर्ना वैक्सीन के आख़िरी चरण का ट्रायल शुरू, 30 हज़ार लोग शामिल
कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने के क्रम में सोमवार को दुनिया का सबसे बड़ा ट्रायल शुरू हुआ. इस ट्रायल में 30 हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया है.
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कोरोनाः मोदी सरकार कम्युनिटी ट्रांसमिशन को क्यों नकार रही है?
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जून की शुरुआत में 45 साल के राजेश कुमार को खांसी आनी शुरू हो गई. चंद दिनों के भीतर ही उन्हें तेज़ बुखार हो गया.
उन्होंने कोरोना वायरस का टेस्ट नहीं कराया. इसके बजाय वे पाँच दिनों तक बुखार की दवाई लेते रहे. लेकिन, बुखार बना रहा और जल्द ही उन्हें सांस लेने में भी तकलीफ़ होने लगी.
पता ही नहीं चला कि कहां से संक्रमण हुआ
उनके परिवार ने उन्हें टेस्ट कराने के लिए कहा लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया. उन्हें लग रहा था कि उन्हें किसी क़ीमत पर कोरोना नहीं हो सकता क्योंकि दिल्ली में अपने घर से वे शायद ही बाहर निकले हों. साथ ही उन्होंने किसी ऐसे शख्स से मुलाक़ात भी नहीं की थी जिसे वायरस का संक्रमण हुआ हो या जिसके संक्रमित होने का शक रहा हो.
लक्षण दिखाई देने के आठ दिन बाद उनकी हालत बिगड़ गई. उन्हें अस्पताल ले जाया गया. टेस्ट में वे कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए.
उन्होंने कहा, "मैं बच गया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि अगर मुझे अस्पताल लाने में और देरी की गई होती तो ये चूक मेरी ज़िंदगी पर भारी पड़ सकती थी."
'कम खाएंगे तो कोरोना से मरने का रिस्क कम रहेगा...'
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ब्रिटेन की जूनियर हेल्थ मिनिस्टर हेलेन व्हॉटेली ने सोमवार को कहा कि ब्रितानी लोगों को वजन कम करने के लिए कम खाना चाहिए क्योंकि मोटे लोगों पर कोरोना वायरस से संक्रमण के बाद मरने का ख़तरा अधिक रहता है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ हेलेन व्हॉटेली ने बताया कि जिन लोगों का बॉडी मास इंडेक्स (किसी व्यक्ति की लंबाई और वजन का अनुपात) 40 से ज़्यादा है, उनकी कोविड-19 से मौत का ख़तरा दोगुने की हद तक बढ़ जाता है.
इससे पहले भी ब्रितानी विशेषज्ञ ये कह चुके हैं कि मोटे और ज़्यादा वज़न वाले लोग कोरोना वायरस की चपेट में आने पर गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं और उनकी मौत होने की आशंका भी ज़्यादा है.
ब्रिटिश स्वास्थ्य विभाग की एक्जीक्यूटिव एजेंसी पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड ने साक्ष्यों के आधार पर यह पाया है कि ज़्यादा मोटे और वज़नी लोगों को कोरोना संक्रमित होने पर अस्पताल में दाख़िले और इंटेंसिव केयर यूनिट की ज़रूरत ज़्यादा होती है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक़, वज़न बढ़ने के साथ साथ यह ख़तरा भी बढ़ता जाता है.
पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड की चीफ़ न्यूट्रिशियनिस्ट डॉ. एलिसन टेडस्टोन के मुताबिक़ स्पष्ट संकेत मिले हैं कि ज़्यादा वजन के चलते दूसरी बीमारियों के साथ-साथ कोविड-19 संक्रमण से गंभीर बीमारी और मौत का ख़तरा ज़्यादा होता है.
उन्होंने कहा, "वज़न कम करने से स्वास्थ्य को काफ़ी फ़ायदा है- इससे कोविड-19 का ख़तरा भी कम होता है."
हर चीज़ में वायरस होने का शक़ क्या कोई बीमारी है?
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दिल्ली की रहने वाली आशा के बेटे को बार-बार हाथ-पैर धोने की आदत थी. वो, कहीं से भी घर में आता तो पहले पूरे हाथ-पैर धोता. बैठे-बैठे अचानक हाथ-पैर धोने चला जाता. उन्होंने किसी तरह समझा कर उसकी ये आदत छुड़ाई थी लेकिन अब कोरोना वायरस के दौरा में उसमें फिर से ये लक्षण दिखने लगे हैं.
कोरोना वायरस के इस दौर में साफ-सफाई रखने और बार-बार हाथ धोने के लिए कहा जा रहा है ताकि वायरस आपके शरीर तक ना पहुंच पाए.
ऐसे में लोग बार-बार हाथ धो भी रहे हैं लेकिन, अगर आपको लगने लगे कि हर चीज़ में जर्म्स हैं, वायरस है, गंदगी जो आपको नुक़सान पहुंचा सकता है और आप बार-बार हाथ धो रहे हैं या सफाई कर रहे हैं तो ये एक बीमारी का लक्षण है. इसे कहते हैं ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी).
डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों में ओसीडी की समस्या पहले से ही मौजूद है उनमें कोरोना महामारी के दौरान दिक्कत और बढ़ गई हैं.
कोरोना संकट: बाढ़ के बीच असम को प्लाज़्मा डोनर्स की तलाश
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बाढ़ से जूझ रहे असम में इस महीने जब एक ख़ास ब्लड ग्रुप के कोरोना मरीज़ के लिए अचानक प्लाज़्मा की ज़रूरत पड़ गई तो स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक द्वीप पर रहे रहे एक डोनर के लिए नाव भेज दी.
वो शख़्स कुछ हफ़्ते पहले ही कोरोना संक्रमण से ठीक हुआ था.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ असम में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से सरकारी अधिकारियों ने कोविड-19 के ठीक हुए मरीज़ों की मदद लेने का फ़ैसला किया है.
संक्रमण के बाद स्वस्थ हुए इन लोगों के बारे में माना जा रहा है कि उनके प्लाज़्मा में कोरोना से लड़ने के लिए अच्छी एंटीबॉडीज़ होंगी.
हालांकि प्लाज़्मा थेरेपी के असर की अभी तक किसी रिसर्च में पूरी तरह से पुष्टि नहीं हो पाई है.
असम सरकार ने कहा है कि कोरोना संक्रमण से स्वस्थ होने के चार हफ़्तों बाद प्लाज़्मा डोनेट करने वाले मरीज़ों को सरकारी नौकरी और घरों के आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी.
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उदाहरण के लिए किसी डोनर को नौकरी के लिए इंटरव्यू या परीक्षा में अतिरिक्त नंबर दिए जाएंगे. असम सरकार की ये पेशकश केवल उन्हीं मरीज़ों के लिए है जिनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण स्पष्ट रूप से दिखे थे.
असम सरकार ने ये ऑफ़र भी दिया है कि अगर कोई डोनर दूसरे राज्य से आता है तो उसके यात्रा और अन्य खर्चों का वहन किया जाएगा. राज्य में ऐसे लोगों की तलाश की जा रही है और उन्हें फ्रंटलाइन वर्कर का दर्जा दिया जा रहा है.
इस कोशिश के तहत बाढ़ वाले इलाकों में भी पहुंचा जा रहा है ताकि प्लाज़्मा दान करने के लिए इच्छुक लोगों को डोनेशन सेंटर पर लाया जा सके. राज्य सरकार की इस पहल की कामयाबी असम के लिए बहुत मायने रखती है.
असम में कोरोना मरीज़ों के इलाज के लिए रेमडेसिविर और टॉसिलिज़ुमैब जैसी दवाओं की किल्लत है. दिल्ली और ओडिशा जैसे राज्य भी प्लाज़्मा डोनर्स को मनाने की कोशिश कर रहे हैं.
भारत में कोरोना संक्रमण से अब तक 33 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है और 14 लाख लोग इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं.
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असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया, "हाल ही में हम एक मरीज़ के लिए ओ-ब्लड ग्रुप का प्लाज़्मा खोज रहे थे. जब हमें पता चला कि एक व्यक्ति प्लाज़्मा डोनेट करना चाहता है तो हमने उसके घर नाव भेजी. उसे अस्पताल लाया गया और प्लाज़्मा डोनेशन का काम पूरा हुआ."
हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है कि संक्रमण के बाद स्वस्थ हुए एक व्यक्ति के प्लाज़्मा से सामान्य रूप से संक्रमित दो कोरोना मरीज़ों का इलाज किया जा सकता है.
असम में बाढ़ के कारण अभी तक लगभग 100 लोगों की जान जा चुकी है और तकरीबन 30 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं.
ऐसी आशंकाएं हैं कि 15 सितंबर के आस-पास राज्य में कोरोना संक्रमण चरम स्तर पर होगा. राज्य में अभी तक 32 हज़ार लोग संक्रमित हो चुके हैं और 79 लोगों की इस महामारी के कारण मौत हुई है.
महामारी में कैसे पढ़ाई कर रहे हैं पाकिस्तान के बच्चे?
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कोरोना वायरस ने पाकिस्तान की आवाम में डिजिटल विभाजन को बेपर्दा कर दिया है. क्या इससे तालीम में तकनीक के भविष्य पर कोई सार्थक बहस शुरू हो पाएगी?
12 साल की खैरुन्निसा हुसैन सप्ताह में पांच दिन सुबह 9 बजे ज़ूम कॉन्फ्रेंस में लॉग-इन करती है. चार घंटे तक वह गणित, विज्ञान और फ्रेंच की वर्कशीट पर काम करती है.
पिछले महीने आर्ट असाइनमेंट में उसे ईमेल पर डैमियन हर्स्ट की पेंटिंग भेजी गई थी जिसकी नकल बनानी थी. हर मंगलवार को उसकी पीई टीचर योगा के वीडियो लिंक भेजती हैं ताकि छात्र उसका अभ्यास कर सकें.
कोरोना वायरस की वजह से पाकिस्तान के तीन लाख से ज़्यादा स्कूल मार्च से ही बंद हैं. लाहौर में हुसैन के स्कूल के छात्र भाग्यशाली हैं कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनकी कक्षाएं चल रही हैं. पाकिस्तान के लाखों छात्र स्मार्टफोन और इंटरनेट से वंचित हैं.
कराची के इंस्टीट्यूट ऑफ़ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में अर्थशास्त्र पढ़ने वाले अतीक़ अली यूनिवर्सिटी बंद होने के बाद अपने मूल शहर तुरबत चले गए थे.
कोरोना वायरस के भारत में एक दिन करीब 50,000 मामले
वीडियो कैप्शन, कोरोना वायरस के भारत में एक दिन करीब 50,000 मामले
भारत में कोरोना वायरस का कहर हर दिन के साथ और ज़्यादा तेज़ होता जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी होने वाले आंकड़ों को देखें तो, बीते 24 घंटों में 49,931 नए मामले सामने आए.
इसके साथ ही भारत में अब कोरोना वायरस के कुल संक्रमितों की संख्या 14 लाख के पार पहुंच गई है. अब भारत में 14,35,453 मामले हो गए हैं.
इसके साथ ही बीते 24 घंटों में भारत में 708 लोगों की मौत भी हुई है. जिसके चलते अब मरने वालों की कुल संख्या 32,771 पहुंच गई है.
भारत में कोरोना के मामले कितनी तेज़ी से बढ़ रहे हैं इसका अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश में कुल संक्रमितों की संख्या को 13 लाख से 14 लाख के पार पहुंचने में महज़ दो दिन लगे.
हालांकि इन डरावने आंकड़ों के बीच थोड़ी राहत भरे आंकड़ें यह हैं कि 9,17568 लोग इस वायरस की चपेट में आने के बाद ठीक भी हो चुके हैं. देश में अभी 4,85,114 एक्टिव मामले हैं.
सोनू सूद ने खेत जोतने वाली बहनों के लिए भेजा ट्रैक्टर
वीडियो कैप्शन, सोनू सूद ने खेत जोतने वाली बहनों के लिए भेजा ट्रैक्टर
आंध्र प्रदेश के चित्तूर ज़िले के एक गांव में दो बेटियां अपने पिता की खेत जोतने में मदद कर रही थीं.
उनका हल जोतने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.
इसके बाद बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद सामने आए और इस परिवार के लिए एक ट्रैक्टर भिजवा दिया.
पिता नागेश्वर राव बीते बीस साल से चाय की दुकान चलाते थे लेकिन लॉकडाउन की वजह से उनका काम ठप पड़ गया और उन्होंने अपने गांव लौटने का फ़ैसला किया.
इससे पहले सोनू सूद ने मुंबई में फंसे सैकड़ों मज़दूरों को उनके घर पहुंचाने में मदद की थी.
कोरोना वायरस में आ रहा म्यूटेशन क्या इसे और ख़तरनाक बना रहा है?
वीडियो कैप्शन, कोरोना वायरस में आ रहा म्यूटेशन क्या इसे और ख़तरनाक बना रहा है?
दुनिया भर में जिस कोरोना वायरस ने इस वक्त तबाही मचा रखी है, लेकिन ये वो कोराना वायरस नहीं है जो पहली बार चीन से निकला था.
आधिकारिक तौर पर Sars-CoV-2 के नाम से जाना जाने वाला ये वायरस, जिससे दुनियाभर के लोग संक्रमित हो रहे हैं, म्यूटेट हो रहा है.
म्यूटेट होने का मतलब है वायरस के जेनेटिक मटेरियल में बदलाव होना. वैज्ञानिकों ने इस वायरस में हज़ारों म्यूटेशन देखे हैं. हालांकि सिर्फ एक म्यूटेशन ऐसा है जिससे इस वायरस के व्यवहार के बदलाव के संकेत मिले हैं.
तो क्या ये म्यूटेशन वायरस को और ज़्यादा ख़तरनाक और जानलेवा बना सकता है? क्या जिन वैक्सीन से हम उम्मीद लगाए बैठे हैं, उनकी सफलता को भी इससे ख़तरा है?
किसी फ़्लू वायरस की तुलना में कोरोना वायरस काफ़ी धीमी रफ्तार से बदल रहा है. लेकिन लोगों में वायरस से बचाव के लिए इम्यूनिटी कम है, न तो इसकी कोई वैक्सीन अभी मौजूद है और न ही असरदार इलाज के ज़्यादा तरीके ही है.
इसलिए वायरस पर ख़ुद को बदलने का कोई दबाव ङी कम ही है. अभी वह ख़ुद को फैलाने का काम अच्छे तरीके से कर रहा है.
नए मामले बढ़ने के बाद हॉन्ग कॉन्ग में कड़े नियम
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लगातार नए मामले सामने
आने के बाद हॉन्ग कॉन्ग में कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए नियम कड़े कर
दिए गए हैं.
बुधवार से
रेस्त्रां में खाना खाने पर प्रतिबंध होगा, अलग घरों के सिर्फ दो लोग आपस में मिल
सकते हैं और सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है.
शुरुआत में कोविड-19
पर कामयाबी हासिल कर लेने वाले हॉन्ग कॉन्ग में अब हर दिन सौ से ज़्यादा मामलों की
पुष्टि हो रही है.
इस महीने में
प्रतिबंध फिर से कड़े कर दिए गए हैं. बार, जिम और ब्यूटी पार्लर पहले ही बंद कर
दिए गए हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, चीनी डॉक्टर ने कहा, वुहान ने जानकारी छिपाई
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चीन में शुरुआती कोरोना वायरस के मामलों की
पहचान करने वाले एक डॉक्टर ने बीबीसी से कहा कि उन्हें लगता है, स्थानीय
अधिकारियों ने शुरुआती प्रसार के पैमाने को छिपाया.
प्रोफेसर क्वॉक-युंग युन ने वुहान के अंदर जांच करने में
मदद की थी. वो कहते हैं कि सबूतों को मिटाया गया और क्लीनिकल फाइंडिग के रिस्पांस
को भी धीमा कर दिया गया.
माना जाता है कि वायरस हुनान मार्केट से फैला. लेकिन
प्रोफेसर युन कहते हैं कि जब जांचकर्ता इस मार्केट में पहुंचे तो उन्होंने पाया कि
स्थानीय प्रशासन पहले ही इलाक़े को डिसइन्फेक्ट कर चुका था. कोरोना वायरस की
उत्पत्ति के अहम सबूत मिटा दिए गए थे.
प्रोफेसर युन ने कहा, “जब
हम हुनान मार्केट गए तो वहां देखने के लिए कुछ भी नहीं था क्योंकि मार्केट पहले ही
साफ़ कर दिया गया था. तो आप कह सकते हैं कि क्राइम सीन से छेड़छाड़ की गई थी,
क्योंकि सुपरमार्केट साफ़ था, हम पता ही नहीं लगा पाए कि वायरस किसहोस्ट
से इंसानों में गया.”
साथ ही उन्होंने कहा, “मुझे
शक़ है कि वो वुहान में कुछ छिपा रहे हैं. जिन स्थानीय अधिकारियों को इस बारे में
जानकारी देनी चाहिए थी, उन्हें जल्द से जल्द ये जानकारी देने की अनुमति नहीं दी गई.”
उनका मानना है कि सबसे अहम वक़्त तो जनवरी
में ही बीत चुका था, क्योंकि
तबतक चीनी प्रशासन ने माना ही नहीं था कि वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल
रहा है.
चीन ने जिस तरह से शुरुआत में वायरस को हैंडल
किया और जिस तरह से दिसंबर के आख़िर में एक डॉक्टर को इस वायरस के बारे में चेतावनी
देने की वजह से दंडित किया, उसकी आलोचना होती रही है.
हालांकि चीन इन आरोपों से इनकार करता है कि
उसने कोरोना वायरस की गंभीरता के बारे में जानकारी छिपाई थी.
'दिल्ली में स्थिति बेहतर, रिकवरी रेट 88% हुआ'
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दिल्ली के मुख्यमंत्री
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति बेहतर हुई है. उनके
मुताबिक़, दिल्ली में सोमवार को रिकवरी रेट 88%रहा और अब सिर्फ 9% लोग बीमार हैं. वहीं 2-3%लोगों की मौत हुई है. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि
मौतों की संख्या में कमी आई है.
अरविंद केजरीवाल ने ये भी
बताया कि पूरे दिल्ली के अस्पतालों में इस वक़्त 15,500 बेड हैं. “इन अस्पतालों में सिर्फ
2800 कोविड मरीज़ हैं. 12,500 बेड खाली हैं. जून में हम सबसे ज़्यादा मामलों वाले
राज्यों में दूसरे नंबर पर थे. आज हम 10वें नंबर पर हैं.”
अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली मॉडल की भारत के साथ-साथ विदेशों
में भी चर्चा हो रही है. उनका कहना है कि वो इस बात को लेकर संतुष्ट हैं कि दिल्ली
में दूसरा लॉकडाउन लगाने की कोई ज़रूरत नहीं है.
उत्तर कोरिया गया शख़्स कोरोना संक्रमित नहीं था – दक्षिण कोरिया
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दक्षिण कोरिया ने
कहा है कि उत्तर कोरिया में जिस शख़्स को पहला कोरोना संक्रमित बताया जा रहा है,
उसे पहले से कोरोना नहीं था.
जिस व्यक्ति के संक्रमित
होने का शक है वो तीन साल पहले दक्षिण कोरिया भाग गया था और पिछले सप्ताह ही उत्तर
कोरिया लौटा है.
दक्षिण कोरिया ने
बताया कि वो शख़्स उत्तर कोरिया कैसे पहुंचा, वो जल निकासी के पाइप से होकर दक्षिणी
द्वीप पहुंचा और फिर एक मील तक तैरकर गया.
सप्ताहांत पर
उत्तर कोरिया ने बताया था कि उसके यहां पहला कोविड-19 का संदिग्ध मामला मिला है.
उत्तर कोरिया ने
बताया कि मरीज़ उत्तर कोरिया का नागरिक है, जो दक्षिण कोरिया से लौटा है.
लेकिन दक्षिण
कोरिया ने कहा है कि “ना ही उस शख़्स का नाम
कोरोना संक्रमित के तौर पर दर्ज है और ना ही वो किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क
में आया था.”
कथित “भगोड़े” शख़्स के संपर्क में आए दो लोगों का टेस्ट किया गया है और दोनों का ही टेस्ट नेगेटिव
आया है.
चीन के बाद सबसे पहले दक्षिण कोरिया में ही कोरोना वायरस का प्रकोप पहुंचा था.
लेकिन उत्तर कोरिया शुरू से कहता रहा है कि उसके यहां कोरोना का कोई मामला
नहीं आया. हालांकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ऐसा होना मुश्किल है.
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वियतनाम में महीनों बाद फिर लौटा कोरोना
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वियतनाम में कोरोना वायरस के चार नए मामले दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद वहां
फिर कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए नियम लागू कर दिए गए हैं.
महामारी पर इस देश की सफलता की कहानी की काफ़ी तारीफ़ हुई
थी. कहा गया कि वियतनाम ने बहुत पहले सीमा बंद करने, क्वारंटीन शुरू करने और
कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का काम शुरू कर दिया था.
यहां अब तक संक्रमण के कुल 420 मामले सामने आए थे और किसी
की मौत नहीं हुई थी. और क़रीब 100 दिन तक वहां कोई नया मामला सामने नहीं आया.
सभी नए मामले सेंट्रल तटीय शहर डान एंग से जुड़े हैं, जो
घरेलू पर्यटकों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है.
पहला मामला – मरीज़ 416 – एक 57 वर्षीय शख़्स हैं, जिन्होंने
फ्लू जैसे लक्षणों के बाद 20 जुलाई को डॉक्टर को दिखाया था और जांच के बाद उन्हें
कोविड-19 निकला. अब वो वेंटिलेटर पर हैं और डॉक्टरों के हवाले से स्थानीय मीडिया ने
बताया है कि वो गंभीर स्थिति में हैं.
अधिकारियों के मुताबिक़, अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि वो
कहां से वायरस के संपर्क में आए और हाल में वो शहर के बाहर भी नहीं गए थे.
कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग के ज़रिए 100 लोगों की पहचान की गई
है, जो इस शख़्स से मिले थे. लेकिन उन सभी के टेस्ट नेगेटिव आए हैं.
हालांकि सप्ताहांत के दौरान, तीन और मामलों की पुष्टि हुई.
इनमें से एक डान एंग के ही 61 वर्षीय पुरुष हैं, जो अब
वेंटिलेटर पर हैं. हालांकि अभी ये साफ़ नहीं है कि क्या पहले वाले मामले से उनका
कोई संपर्क था.
दूसरा मामला एक 17 वर्षीय व्यक्ति का है, जो नज़दीकी प्रांत
क्वांग आई से डान एंग आए थे. लेकिन घर जाते वक़्त वो एक ट्रेन में डान एंग सी
अस्पताल के लोगों के साथ बैठे थे.
और उसी अस्पताल में भर्ती की गईं एक 71 महिला छाती में दर्द
की शिकायत के बाद पॉज़िटिव पाई गईं.
पहला मामला सामने आने के बाद डान एंग सी अस्पताल ने अपने
दरवाज़े सील कर दिए थे. शहर में फिर से सोशल डिस्टेंसिंग का नियम लागू कर दिया गया
है और घरेलू पर्यटकों के आने पर 14 दिन के लिए रोक लगा दी गई है. इससे पर्यटन पर निर्भर
इस क्षेत्र को बड़ा झटका भी लगा है.
ग़ैर-ज़रूरी कारोबार बंद कर दिए गए हैं और 30 से ज़्यादा
लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है.
देशभर के अस्पतालों ने भी तैयारी शुरू कर दी है. वहीं राजधानी
हनोई में फिर से लोगों से मास्क पहनने की अपील की जा रही है.
रविवार के घरेलू फुटबॉल मैच भी स्थगित कर दिए गए हैं.
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ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में संक्रमण के मामले 14 लाख के पार
भारत में कोविड संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 14 लाख से ऊपर चली गई है.
पिछले 24 घंटे में 49,931 नए मामलों को दर्ज किया गया है. साथ ही, 708 लोगों की मौत हुई है.
इसके साथ ही देश में संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 14,35,453 हो गई है.
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क्या ये उत्तर कोरिया में संक्रमण का पहला मामला है?
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उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया का कहना है कि दक्षिण कोरिया से सटी सीमा पर काइसोंग शहर में कोरोना संक्रमण के एक संदिग्ध मामले का पता चला है.
इसके बाद देश के नेता किम जोंग उन ने शहर में इमर्जेंसी लागू कर दी है.
देश की सरकारी एजेंसी के अनुसार जिस व्यक्ति के संक्रमित होने का शक है वो तीन साल पहले दक्षिण कोरिया भाग गया था और पिछले सप्ताह उत्तर कोरिया लौटा.
एजेंसी केसीएनए ने कहा – “काइसोंग में एक आपात घटना हुई है जहाँ एक तीन साल पहले दक्षिण कोरिया भाग गए एक भगोड़े के ख़तरनाक वायरस से संक्रमित होने का संदेह है, ये व्यक्ति 19 जुलाई को अवैध तरीक़े से सीमा पार कर आया था.”
केसीएन की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर कोरियाई नेता किम ने इमर्जेंसी लगाने के फ़ैसले के साथ-साथ संदिग्ध व्यक्ति के भारी सुरक्षा वाली सीमा के पार कर जाने की घटना की जाँच के भी आदेश दिए हैं.
अगर इस मामले की पुष्टि हुई तो ये उत्तर कोरिया में कोरोना संक्रमण का पहला मामला होगा.
उत्तर कोरिया कहता रहा है कि उनके यहाँ अब तक संक्रमण का एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया है, मगर विश्लेषकों का कहना है कि ऐसा होने की संभावना बहुत कम है.
उत्तर कोरिया ने छह महीने पहले दुनिया भर में महामारी के फैलने की ख़बरें आने के बाद देश में हज़ारों लोगों को आइसोलेशन में डाल दिया था.
किम जोंग उन ने इस महीने कोरोना संक्रमण को दूर रखने के लिए देश की सराहना भी की थी.
कोरोना संक्रमण को लेकर दुनिया भर से ताज़ा अपडेट
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जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी की डैशबोर्ड के मुताबिक़ दुनिया भर में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 1 करोड़ 61लाख के पार हो गई है. अब तक इस महामारी से छह लाख 46 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
अमरीका कोरोना से सबसे ज़्यादा प्रभावित देश बना हुआ है. अमरीका में 42 लाख 27 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हैं जबकि वहां एक लाख 46 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
ब्राज़ील में कोरोना संक्रमितों की संख्या क़रीब 24 लाख हो चुकी है जबकि वहां मरने वाले लोगों की संख्या 86 हज़ार के पार पहुंच चुकी है.
तीसरे पायदान पर भारत है जहां कोरोना संक्रमितों की संख्या 13 लाख 85 हज़ार से ज़्यादा हो चुकी है, जबकि यहां 32 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.
रूस में आठ लाख 11 हज़ार लोग कोरोना से संक्रमित हैं, रूस में अब तक 13,200 से ज़्यादा की मौत हुई है.
वहीं साउथ अफ्रीका में कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़े हैं और अब ये पांचवे नंबर पर पहुंच चुका है. यहां चार लाख 34 हज़ार से अधिक लोग संक्रमित हैं जबकि 6,500 से ज़्यादा लोगों की अब तक मौत हो चुकी है.
ब्रेकिंग न्यूज़, बढ़ते संक्रमण के बीच स्पेन का दावा, 'पर्यटकों के लिए सुरक्षित'
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स्पेन ने कहा है कि देश में कोविड-19 के जो भी मामले सामने आ रहे हैं, उन्हें आइसोलेशन में रखा जा रहा है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में हैं.
स्पेन की ओर से आधिकारिक तौर पर यह बयान ब्रिटेन की ओर से स्पेन से लौटने वाले लोगों पर 14 दिनों के क्वारंटीन वाले फ़ैसला लागू करने के बाद आया है.
हाल में स्पेन में लॉकडाउन में ढील देने के बाद संक्रमण के मामले तेज़ी से बढ़े हैं, इसको देखते हुए कई इलाक़ों में मास्क का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है.
लेकिन स्पेन के विदेश मंत्री ने कहा है, "स्पेन पूरी तरह सुरक्षित है, अपने नागरिकों के लिए भी और पर्यटकों के लिए भी."
उधर दूसरी ओर ब्रिटिश विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कहा है कि उनकी सरकार स्पेन से लौटने वाले लोगों को क्वारंटीन में रखने के फ़ैसले को लेकर माफ़ी नहीं मांग सकती.
कोरोना संक्रमण को लेकर रविवार की सुर्ख़ियों पर नज़र
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कोरोना वायरस को लेकर रविवार को दुनिया भर की अहम सुर्ख़ियां इस तरह रहीं-
स्पेन से यूके आ रहे लोगों को 14 दिनों तक क्वारंटीन में रहना होगा. ब्रिटेन के इस फ़ैसले की काफ़ी आलोचना भी हो रही है लेकिन ब्रिटिश विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कहा है कि सरकार इस फ़ैसले के लिए माफ़ी नहीं मांग सकती.
दरअसल ब्रिटेन ने यह फ़ैसला स्पेन में कोरोना संक्रमण में आयी तेजी को देखने को बाद लिया है. शुक्रवार को स्पेन में 900 से ज़्यादा मामले सामने आए थे.
ब्रिटेन में बीते 24 घंटे संक्रमण के 747 मामले सामने आए हैं और 14 लोगों की मौत हुई है. हालांकि स्कॉटलैंड में लगातार दसवें दिन कोरोना संक्रमण से किसी की मौत नहीं हुई है.
एक जर्मन फॉर्म में काम करने वाले 500 वर्करों को क्वारंटीन किया गया है. इससे पहले फॉर्म में 174 वर्कर कोरोना संक्रमित पाए गए हैं.
रविवार को ईरान में कोरोना संक्रमण के 2,333 नए मामले सामने आए हैं. वहीं बीते 24 घंटे में ईरान में 216 लोगों की कोरोना से मौत हुई है.
अमरीका में न्यूयार्क को पछाड़ कर फ़्लोरिडा अब दूसरा सर्वाधिक कोरोना प्रभावित प्रांत बन गया है. बीते 24 घंटे में फ़्लोरिडा में 9300 नए मामले सामने आए हैं. कैलिफ़ोर्निया में कोरोना संक्रमण के सबसे ज़्यादा मामले हैं. लेकिन कोरोना से मौतों के मामले में न्यूयार्क पहले पायदान पर हैं.
इस वीकएंड वियतनाम में बीते 100 दिनों में पहला स्थानीय संक्रमण से फैला कोरोना का मामला सामने आया है. वियतनाम ने कोरोना को लेकर काफ़ी अच्छा काम किया है जिसके चलते सिंगल पार्टी कम्यूनिस्ट देश की काफ़ी तारीफ़ हुई है. यहां अब तक कोरोना से किसी की मौत नहीं हुई है.
उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरियाई सीमा पर बसे शहर केसोंग में लॉकडाउन लागू किया है. सरकार को आशंका है कि पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया से आया शख़्स कोरोना संक्रमित है. अगर उसके कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि होती है तो यह उत्तर कोरिया में आधिकारिक तौर पर कोरोना का पहला मामला होगा.
नमस्कार! बीबीसी हिंदी की इस ख़ास कवरेज़ में आप दुनिया भर से कोरोना महामारी को लेकर सामने आ रहे अपडेट्स देख रहे हैं, साथ में इस महामारी से जुड़े विश्लेषण और रोचक वीडियो भी इस पन्ने पर नज़र आएंगे. रविवार को दुनिया भर में कोरोना को लेकर जो जो हुआ है, उसे आप यहां देख सकते हैं.