रायपुर
से, बीबीसी हिंदी के लिए
पिछले
24 घंटों में छत्तीसगढ़ में 446 कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है, जो अब तक सबसे अधिक है. इनमें सर्वाधिक 246 लोग
राजधानी रायपुर के हैं.
जिन
कोरोना संक्रमितों की पहचान की गई है, उनमें
राज्य में सिंधी समाज के प्रमुख संत युधिष्ठिर लाल और उनके परिजन भी शामिल हैं.
सिंधी समाज के धार्मिक केंद्र शदाणी दरबार में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण
के 20 मामले सामने आये हैं.
इसके
अलावा राज्य में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आरके विज और उनके परिवार के दो सदस्य भी
कोरोना संक्रमित मिले हैं. रायपुर ज़िले के सिविल सर्जन और उनके परिजन भी कोरोना
पॉज़िटिव पाये गये हैं.
देश
में जब पहली बार लॉकडाउन किया गया था, तब
छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण का केवल एक मामला सामने आया था. मई के तीसरे सप्ताह
तक भी संक्रमितों का आंकड़ा दो अंकों में सिमटा रहा लेकिन इसके बाद कोरोना
संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ती चली गई.
अब
यहां कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 6819 तक जा पहुंचा है और 37
लोगों की मौत हो चुकी है. संक्रमितों में एक तिहाई लोग राजधानी रायपुर के हैं.
इसके अलावा संक्रमितों में 465 से अधिक लोग सुरक्षाबलों या पुलिस से जुड़े हुये
हैं.
राजधानी
रायपुर में एम्स समेत सभी सरकारी अस्पताल और कोविड-19 सेंटर में मरीज़ों के लिये
कोई जगह नहीं बची है. इसके बाद शनिवार को इनडोर स्टेडियम में मरीज़ों के इलाज की
तैयारी शुरू की जा रही है.
इस
बीच राज्य में प्लाज़्मा थेरेपी से इलाज की तैयारी भी की जा रही है. हालांकि एम्स
के निदेशक नितिन एम. नागरकर का कहना है कि प्लाज़्मा थेरेपी से इलाज को लेकर
केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन
अब तक इसकी अनुमति नहीं मिल पाई है.
इस बीच एम्स (रायपुर) में ठीक हो चुके मरीज़ों का प्लाज़्मा एकत्र किया जा रहा है.
वहीं,
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने दावा किया है कि कई मामले ऐसे आ रहे हैं, जिनमें कोरोना का सैंपल देने वालों ने अपना
नाम-पता और फ़ोन नंबर ग़लत बताया है. ऐसे लोगों की जांच रिपोर्ट आने के बाद उनकी
तलाशी में मुश्किल आ रही है.