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कोरोना महामारी पर देश दुनिया में दिन भर जारी गतिविधियों और हलचलों पर बीबीसी का लाइव पन्ना.

लाइव कवरेज

  1. बिहार के अस्पतालों को कोरोना संक्रमण ने आईसीयू में पहुँचाया

  2. कोरोना वायरस: कम्युनिटी ट्रांसमिशन और हर्ड इम्यूनिटी क्या है?

  3. ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में रविवार को 40 हज़ार से ज़्यादा संक्रमितों की पहचान हुई

    भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 40,425 नए मामले सामने आए हैं और 681 लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही भारत में कोरोना से अब तक संक्रमित होने वालों की संख्या 1,118,042 हो गई है.

    भारत में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 27,497 हो गई है. कोरोना वायरस का संक्रमण भारत में शुरू होने के बाद से यह रोज़ाना के अब तक का सबसे बड़ा आँकड़ा है. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि भारत में कोरोना से अब तक 7,00,087 ठीक हो चुके हैं.

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  4. किम जोंग-उन अचानक एक कंस्ट्रक्शन साइट पर पहुँचे और बरस पड़े

    उत्तर कोरिया

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    उत्तर कोरियाई शासक किम जोंग-उन ने कंस्ट्रक्शन मैनेजरों को जमकर डाँट लगाई है. समाचार एजेंसी एपी के अनुसार उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में एक शोपीस हॉस्पिटल की इमारत में कुछ समस्याओं को लेकर किम जोंग-उन बहुत ख़फ़ा थे. कहा जा रहा है कि इससे इस बात के भी संकेत मिलते हैं कि कोरोना वायरस की महामारी और अमरीकी प्रतिबंधों के कारण उत्तर कोरिया में सप्लाई लगभग बाधित है.

    किम जोंग-उन अचानक प्योंगयांग में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर गए थे. किम ने अपने इस प्रोजोक्ट में लापरवाही को लेकर खेद जताया. किम एक नया हॉस्पिटल बनवा रहे हैं और वो इसमें लापरवाही से काफ़ी नाराज़ दिखे.

    उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्र्ल न्यूज़ एजेंसी यानी केसीए के अनुसार पूरे प्रोजेक्ट में लापरवाही और बजट में गड़बड़ी को लेकर सभी ज़िम्मेदार अधिकारियों को बदल दिया गया है.

    मार्च महीने में ही किम ने नए हॉस्पिटल बनाने की बात कही थी. किम विरले ही इन चीज़ों को जानने देते हैं कि उनका मुल्क आधुनिक मेडिकल सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है. किम जोंग-उन देश की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने की कोशिश कर रहे हैं.

    हालांकि उत्तर कोरिया इस अस्पताल को सीधे कोरोना वायरस से नहीं जोड़ रहा है. उत्तर कोरिया अब तक कहता रहा है कि उसके यहां कोविड 19 की कोई समस्या नहीं है. हालांकि दुनिया भर के विशेषज्ञों को उत्तर कोरिया के इस दावे पर शक है.

    विशेषज्ञों का कहना है कोरोना की महामारी ने उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित किया है. उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था पहले से ही अमरीकी प्रतिबंधों के कारण गर्त में है.

    विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना के कारण किम जोंग-उन के आर्थिक लक्ष्य अधूरे रहेंगे क्योंकि चीन से सरहद बंद है और उत्तर कोरिया का चीन से ही व्यापार है. चीनी सरहद को उत्तर कोरिया की लाइफ़ लाइन कहा जाता है.

  5. सऊदी अरब के किंग सलमान को हॉस्पिटल में भर्ती किया गया

    सऊदी किंग सलमान

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    सऊदी अरब के 84 साल के शासक किंग सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़ को राजधानी रियाद के किंग फ़ैसल स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है. सऊदी की सरकारी न्यूज़ एजेंसी एसपीए के अनुसार उन्हें मेडिकल चेकअप के लिए भर्ती किया गया है.

    किंग सलमान दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातक देश के शासक हैं और 2015 के बाद से अमरीका के क़रीबी सहयोगी. उन्हें पित्ताशय में जलन और सूजन के बाद भर्ती किया गया है. इसके अलावा कोई और जानकारी नहीं दी गई है.

    किंग बनने से पहले सलमान ढाई साल क्राउन प्रिंस रहे थे और जून 2012 में डिप्टी प्रीमियर बने थे. वो 50 सालों तक रियाद के गवर्नर भी रहे थे.

    34 साल के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को असल शासक माना जाता है. क्राउन प्रिंस ने किंग सलमान के शासन में सऊदी अरब में कई तरह के सुधार किए हैं.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, जापान की हालत पूरी दुनिया के लिए परेशान करने वाला क्यों है?

    जापान

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    जापान का निर्यात दोहरे अंक में गिरा है. कोरोना वायरस के संक्रमण में आई तेज़ी के कारण वैश्विक कारोबार पर गहरा असर पड़ा है और वैश्विक मांग प्रभावित हुई है. पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था मंदी में जाती दिख रही है.

    जापान दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और यहां अगर मंदी आती है तो दुनिया भर की आर्थिक स्थिति ख़राब होगी.

    चीन दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है और यहां की हालत भी पतली है. जापान से कार और ऑटोपार्ट्स की मांग में भारी गिरावट आई है.

    मार्च में वैश्विक स्तर पर कोरोना को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया तब से कार और अन्य टिकाऊ सामान की मांग में भारी गिरावट आई है. कारोबार बंद करना पड़ा है और लोग घरों में रह रहे हैं.

    कई देशों ने अपनी अर्थव्यवस्था खोली है लेकिन ऐसे आसार नहीं दिख रहे जिससे लगे कि तत्काल असर पड़ा रहा हो. नोरिनचकिन रिसर्च इंस्टिट्यूट में चीफ़ इकनॉमिस्ट ताकेशी मिनामी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, ‘’निर्यात में उतार-चढ़ाव लंबे समय तक रहेगा. अमरीका और अन्य कई देशों में कोरोना के बढ़ते मामलों के कारण स्थिति और विकट हो गई है. अगर घरेलू और विदेश मांग में इसी तरह से गिरावट जारी रही तो सप्लाई क्षमता बुरी तरह से बर्बाद हो सकती है. इससे दिवालियापन बढ़ेगा और लोगों की नौकरियां जाएंगी.’’

    जापान के विदेश मंत्रालय के डेटा के अनुसार पिछले साल जून महीने की तुलना में इस साल के जून महीने में निर्यात में 26.2% की गिरावट आई है. जापान के निर्यात में यह गिरावट अनुमान से भी ज़्यादा है.

    इससे पहले मई महीने में 28.3% की गिरावट आई थी. जापान के निर्यात में गिरावट 2009 की मंदी से भी ज़्यादा है. जापान में यह गिरावट अमरीका से कम हुई मांग का बहुत बड़ा असर है.

    2018 में अमरीका जापान का सबसे बड़ा निर्यात मार्केट था और इसके बाद चीन. जापान मुख्य रूप से कार, मोटर्स, कार पार्ट्स और चीप-मेकिंग मशीनरी का निर्यात करता है. चीन के साथ जापान के निर्यात में 0.2% की गिरावट आई है.

    जापान से चीन जाने वाले सामानों में मुख्य रूप से चीप-मेकिंग मशीनरी और केमिकल मटीरियल्स हैं.

    एशिया में जापान के निर्यात में 15.3% की गिरावट आई है और यूरोपीय यूनियन में 28.4% की. जापान से सामानों की मांग में आई गिरावट का असर वहां के तेल आयात पर भी पड़ा है. जून महीने में जापान में तेल का आयात 14.4% कम रहा.

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  7. कोरोना वायरस ने तेल का निकाला तेल

    तेल

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    दुनिया भर में कोरोना वायरस के संक्रमण की रफ़्तार जिस तेज़ी से बढ़ रही है उसका सीधा असर तेल की क़ीमतों पर पड़ रहा है. महामारी के बीच तेल की क़ीमतें मज़बूत होनी शुरू हुई थी लेकिन एक बार फिर पटरी से उतरता दिख रहा है.

    सोमवार को ब्रेंट क्रूड में 0.2% की गिरावट आई और क़ीमत 43.04 प्रति बैरल जा पहुंचा. पिछले हफ़्ते अमरीकी तेल में चार सेंट्स का उछाल आया था लेकिन सोमवार को यहां भी 0.2% की गिरावट आई.

    एक्सिकोर में चीफ़ ग्लोबल मार्केट स्ट्रैटिजिस्ट स्टीफ़न इन्स ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, ‘’दुनिया भर में कोरोना का संक्रमण एक बार फिर तेज़ी से बढ़ रहा है. जिन देशों में बड़ी आबादी है वहां कोरोना थमता नहीं दिख रहा. ऐसे में तेल की क़ीमतों में रिकवरी मुश्किल ही है.’’

    अब तक 1.4 करोड़ लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं और 602,000 लोगों की मौत हो चुकी है. अप्रैल महीने में तेल की मांग में 30% की गिरावट आई थी. तब दुनिया भर के देशों ने कोरोना से बचने के लिए लॉकडाउन लगाया था.

    इसके बाद तेल की मांग में रिकवरी हुई लेकिन महामारी से पहले जितनी मांग थी उतनी आज भी नहीं है. जून में जापान का तेल आयात 14.7 कम रहा. जापान में पिछले चार महीने से तेल के आयात में गिरावट दर्ज की जा रही है. जापान दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था है.

  8. क्यूबा में स्थानीय संक्रमण का एक भी मामला नहीं पाया गया

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    क्यूबा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि चार महीने के बाद कोविड-19 के स्थानीय संक्रमण का एक भी मामला सामने नहीं आया है.

    बीते 24 घंटों में संक्रमण का एक मामला ज़रूर आया है लेकिन सरकार का कहना है कि वो शख़्स बाहर से क्यूबा आया था.

    क्यूबा सरकार ने महामारी के ख़िलाफ़ ज़ोरदार तरीक़े से काम करने के लिए पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गानइज़ेशन की प्रशंसा की है.

    इस देश में कोरोना वायरस के कारण 90 से भी कम मौतें हुई हैं, इस देश की आबादी 1.1 करोड़ से भी अधिक है.

  9. बांग्लादेश में कोरोना की जांच में घोटाला, टेस्ट का आंकड़ा आधा हुआ

    बांग्लादेश

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    कोरोना वायरस के टेस्ट में एक बड़े घोटाले के सामने आने के बाद बांग्लादेश के स्वास्थ्य प्राधिकरण का कहना है कि देश में जिन लोगों का कोरोना वायरस टेस्ट किया गया था उनकी संख्या लगभग आधी हो चुकी है.

    ढाका में एक अस्पताल के मालिक समेत इस मामले में 12 से अधिक लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. इन पर हज़ारों मरीज़ों को बिना टेस्ट किए जाली नेगेटिव सर्टिफ़िकेट देने का आरोप है.

    जून के आख़िर तक हर दिन 18,000 टेस्ट किए जा रहे थे लेकिन बीते दो सप्ताह में यह संख्या सिर्फ़ 10,000 रह गई है.

    विशेषज्ञों का कहना है कि घोटाले के सामने आने के बाद जनता का टेस्ट पर शक बढ़ गया है.

    बांग्लादेश में 2 लाख से अधिक संक्रमण के मामले हैं जबकि 2,618 लोगों की मौत हुई है.

  10. ट्रंप ने कहा, अमरीका में मृत्यु दर सबसे कम है

    ट्रंप

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    जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार, अमरीका में कोविड-19 के कारण मरने वालों का आंकड़ा 1.40 लाख से ऊपर जा चुका है लेकिन अमरीकी राष्ट्रपति ने देश में मृत्यु दर के आंकड़ों को ख़ारिज कर दिया है.

    जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय के अनुसार, दुनिया में 6,00,000 से अधिक मौतें हो चुकी हैं जिसमें सबसे अधिक मौतें अमरीका में हुई हैं. विश्वविद्यालय के अनुसार, अमरीका इस बीमारी की मृत्यु दर के मामले में दुनिया के सातवें पायदान पर है.

    फ़ॉक्स न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने ज़ोर देते हुए कहा कि उनके देश में सबसे कम मृत्यु दर है. उन्होंने कहा कि हाल में देश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले इसलिए बढ़े हैं क्योंकि टेस्ट अधिक हो रहे हैं.

    अमरीका में दक्षिणी राज्यों में हाल में संक्रमण के मामलों में बहुत तेज़ी दर्ज की गई है.

  11. कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया में कैसे हैं हालात..

    महिला

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    कोविड-19 के कारण दुनिया भर में पल-पल में हालात बदल रहे हैं. आइये नज़र डालते हैं कुछ बड़ी ख़बरें पर.

    • इस बीमारी के कारण मरने वालों का आंकड़ा 6,00,000 के पार जा चुका है. इसमें से एक चौथाई यानी 1,40,000 से अधिक लोग अमरीका से हैं.
    • हॉन्गकॉन्ग की नेता कैरी लेम ने कहा है कि रविवार को 100 से अधिक नए मामलों के सामने आने के बाद संक्रमण की स्थिति नियंत्रण में नहीं है. सोमवार से ग़ैर-ज़रूरी सेवाओं में लगे कर्मचारी घर से काम करेंगे.
    • यूरोपीय संघ की लगातार तीसरे दिन बैठक हुई और इसमें वायरस से प्रभावित रहे देशों के लिए राहत पैकेज पर सहमति नहीं बन पाई. हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन ने नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री मार्क रूट पर निजी तौर पर दुश्मनी निभाने का आरोप लगाया है.
    • ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कहा है कि देश में दूसरे राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की आवश्यकता नहीं है.
  12. इस लाइव पेज में बीबीसी हिन्दी के सभी पाठकों और दर्शकों का स्वागत है. हम यहां दिनभर कोरोना वायरस की महामारी से जुड़े देश-दुनिया के हर ज़रूरी और बड़े अपडेट्स, वीडियो और विश्लेषण देंगे.

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