कोरोना वायरस: बोलसोनारो का अपना इलाज करने वाला वीडियो वायरल

कोरोना वायरस से संक्रमित ब्राज़ील के राष्ट्रपति ज़ाएर बोलसोनारो का एक वीडियो सामने आया है जिसमें वो हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन ले रहे हैं.

लाइव कवरेज

  1. कोरोना संक्रमित पाये जाने के बावजूद बोलसोनारो ने मास्क उतारा

    ब्राज़ील टीवी

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    सोशल मीडिया पर ब्राज़ील के राष्ट्रपति जाएर बोलसोनारो के एक वीडियो की काफ़ी आलोचना हो रही है जिसमें वे प्रेस से बातचीत के दौरान बड़े ही नाटकीय ढंग से मास्क उतारकर बोलते हुए दिखाई देते हैं.

    इस वीडियो में दिखाई देता है कि मीडियाकर्मियों के किसी सवाल पर वे एक क़दम पीछे हटते हैं और मास्क उतारकर बोलते हैं, “सब कुछ ठीक है. मैं उन लोगों को शुक्रिया कहना चाहूँगा जिन्होंने मेरे लिए प्रार्थना की है. मैं बिल्कुल ठीक हूँ.”

    ब्राज़ील में सोशल मीडिया पर लोग लिख रहे हैं कि ‘बोलसोनारो ऐसी हरक़तों से क्या साबित करना चाहते हैं.’

    इसी सप्ताह सोमवार को उन्होंने मास्क लगाने से जुड़े नियमों में बदलाव किया था. बोलसोनारो ने ब्राज़ील में लोगों के बीच होने पर (सार्वजनिक जगहों पर) मास्क पहनने को अनिवार्य कर दिया था.

    मास्क उतारने से कुछ सेकेंड पहले ही उन्होंने मीडिया को बताया था कि ‘वे कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गए हैं.’

    बोलसोनारो ने बताया, “टेस्ट में मुझे कोरोना पॉज़िटिव पाया गया है. अब तक क्या हुआ, मैं आपको बता दूं – मुझे रविवार को कुछ अजीब महसूस होना शुरू हुआ था. सोमवार शाम तक परेशानी काफ़ी बढ़ गई. मुझे बुखार था. थकान महसूस हो रही थी और मासपेशियों में दर्द था और सोमवार शाम तक बुखार तेज़ हो गया. इन्हें देखते हुए मुझे कोविड-19 का शक़ हुआ. मेरे डॉक्टर और मैंने निर्णय किया कि हम ब्रासीलिया स्थित आर्मी अस्पताल जाएंगे और सीटी स्कैन करायेंगे. सीटी स्कैन में मेरे फेफड़े एकदम साफ पाये गए. फिर मेरी टीम ने मुझे हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दी. हालांकि रात में मुझे बेचैनी की वजह से कई बार उठना पड़ा. 12 घंटे बाद मैंने एक बार फिर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की डोज़ ली. और अब मैं कह सकता हूँ कि मुझे अच्छा लग रहा है.”

    और ये कहते हुए बोलसोनारो ने मास्क उतारकर लोगों को बताया कि ‘देखिए सब ठीक है.’

    बोलसोनारो कोविड-19 महामारी की शुरुआत से ही इसे एक ‘सामान्य फ़्लू’ बताते रहे हैं जिसके लिए उनकी काफ़ी आलोचना हुई है.

    दुनिया में संक्रमण के मामले में ब्राज़ील फ़िलहाल दूसरे स्थान पर है, जहाँ अब तक साढ़े 16 लाख से ज़्यादा लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है.

    कोविड-19 से होने वाली मौतों के मामले में भी ब्राज़ील दूसरे स्थान पर हैं. वहाँ 66,741 लोगों की कोविड-19 से मौत हुई है.

  2. देश और दुनिया: कहाँ कितने मामले?

    सांकेतिक तस्वीर

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    अगर आप हमसे अभी-अभी जुड़ रहे हैं तो एक नज़र देश-दुनिया में कोरोना मामलों की संख्या पर

    • भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत में कोविड-19 संक्रमण के कुल 7,19,665 मामले हो गए हैं. इनमें से 2,59,557 मामले सक्रिय हैं और संक्रमण की वजह से अब तक कुल 20,160 लोगों की मौत हो गई है. वहीं, 4,39,948 लोग इलाज के बाद ठीक हो गए हैं.
    • अमरीका की जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक़ दुनिया भर में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 1,17,98,678 मामले हो चुके हैं. इसके साथ ही दुनिया में अब तक कुल 5,43,535 लोग कोरोना संक्रमण के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं.
    • संक्रमण मामलों की कुल संख्या के मामले में अमरीका और ब्राज़ील के बाद भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर है. चौथे नंबर पर रूस और पांचवें पर पेरू है.
  3. पश्चिम बंगाल में 9 जुलाई से सख़्त लॉकडाउन

    प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए

    पश्चिम बंगाल

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    पश्चिम गाल की ममता बनर्जी सरकार ने तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगाने के लिए राजधानी कोलकाता समेत कई कंटेनमेंट ज़ोन में नौ जुलाई से 14 दिनों तक सख़्ती से लॉकडाउन लगाने का फ़ैसला किया है.

    गृह सचिव आलापन बनर्जी ने मंगलवार को इस बारे में जानकारी दी. राज्य सरकार की अपील पर केंद्र सरकार ने देश के संक्रमित इलाकों से कोलकाता आने-जाने वाली ट्रेनों की तादाद में कटौती का फ़ैसला किया है.

    यह फ़ैसला 10 जुलाई से लागू होगा. इसके तहत कोलकाता से दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलने वाली स्पेशल ट्रेनों को अब रोजाना की बजाय सप्ताह में एक दिन चलाया जाएगा.

    इसके साथ ही सरकार ने कोलकाता के 19 इलाकों और मालदा में सख़्ती से लॉकडाउन लागू करने का फ़ैसला किया है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने इसकी जानकारी दी.

    इससे पहले सोमवार से चार राज्यों के छह शहरों से उड़ानों की आवाजाही दो सप्ताह के लिए रोक दी गई है.

    राज्य में मंगलवार को 850 नए मरीज सामने आए हैं. बीते 24 घंटो के दौरान 25 कोरोना संक्रमितों की मौत के सात ही अब तक मृतकों की संख्या 804 तक पहुंच गई है.

    ममता बनर्जी सरकार ने नौजुलाई को शाम पांचबजे से सख़्ती से लॉकडाउन लगाने का आदेश दिया है.सरकार के इस फैसले से राज्य के कंटेनमेंट ज़ोन और बफर ज़ोन में कड़ा लॉकडाउन रहेगा.

    गृह सचिव आलापन बनर्जी की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि व्यापक कंटेनमेंट ज़ोन सख्त लॉकडाउन के अधीन होंगे.

    इस दौरान सभी सरकारी और निजी दफ़्तर, ग़ैर ज़रूरी गतिविधियां, समारोह, परिवहन, सभी बाजार, औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियां बंद रहेंगी.

  4. कोरोना वायरस ने कैसे बदल दी है दुनिया?

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    कोरोना वायरस की वजह से जब दुनियाभर में लॉकडाउन हुआ, आसमान को चीरने वाले बड़े बड़े हवाई जहाज़ ज़मीन पर खड़े होने के लिए विवश हो गए.

    दम घोंटने वाला धुआं और धरती को बंज़र बनाने वाला ज़हरीला पानी कारखानों से निकलना बंद हो गया.

    कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में जो लॉकडाउन हुआ और उस लॉकडाउन के कारण प्रकृति में जो बदलाव नज़र आए, क्या उससे हम प्रदूषण से निपटने के लिए कोई सबक सीख सकते हैं?

    देखिए बीबीसी की ये ख़ास वीडियो रिपोर्ट

  5. कोरोना लॉकडाउन में आपका भी तो नहीं बँट रहा है ध्यान?

    महिला

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    इमेज कैप्शन, पूरी नींद न लेना भी वर्किंग मेमरी को ख़राब करता है

    हम सब इस चीज़ को कभी न कभी महसूस कर चुके होंगेः आप किसी काम के लिए एक कमरे में जाते हैं और फिर रुक जाते हैं. आप भ्रमित हो जाते हैं और आपको कुछ समझ नहीं आता है. ऐसा लगता है कि जैसे आप यह भूल गए हैं कि आप यहां क्यों आए थे.

    2011 में यूनिवर्सिटी ऑफ नॉट्रेडैम के शोधार्थियों ने इस चीज़ की पड़ताल करने की कोशिश की. उन्होंने पाया कि दरवाज़े से गुज़रने की गतिविधि की वजह से यह अचानक भूलने की स्थिति पैदा होती है.

    इनकी स्टडी में पता चला कि दिमाग़ एक वक़्त में ज़रूरत वाली सूचनाएं रखने के लिए बना हुआ है. ऐसे में लोकेशन में बदलाव एक ट्रिगर के तौर पर काम करता है और इस वजह से कुछ डेटा इसमें से निकल जाता है ताकि अन्य सूचनाओं के लिए जगह बनाई जा सके.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से हटने का औपचारिक क़दम उठाया

    डोनल्ड ट्रंप

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    अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से अमरीका को बाहर निकालने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है.

    अमरीकी राष्ट्रपति ने इसका एलान मई के अंत में ही कर दिया था जब उन्होंने संगठन पर कोरोना महामारी के दौरान चीन की तरफ़दारी करने का आरोप लगाया था.

    यूरोपीय संगठन और अन्य लोगों ने उनसे फ़ैसले पर दोबारा विचार करने के लिए कहा था मगर ट्रंप ने इससे इनकार करते हुए कहा कि वो इस पैसे को कहीं और इस्तेमाल करेंगे.

    अमरीकी राष्ट्रपति ने अब संयुक्त राष्ट्र और अमरीकी संसद को इस बारे में औपचारिक तौर पर सूचित कर दिया है.

    हालांकि अमरीका के विश्व स्वास्थ्य संगठन से हटने की प्रक्रिया के पूरी होने में एक साल लगेगा.

    संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफ़न डुजारिक ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि अमरीका ने संगठन से हटने की सूचना दे दी है जो 6 जुलाई 2021 से प्रभावी होगा.

    अमरीकी सांसद और विदेश संबंध समिति के वरिष्ठ सदस्य, डेमोक्रेट सेनेटर रॉबर्ड मेनेंडीज़ ने भी इसकी पुष्टि करते हुए ट्वीट किया है – “कांग्रेस को सूचना मिली है कि अमरीकी राष्ट्रपति कार्यालय ने महामारी के बीच में आधिकारिक तौर पर अमरीका को विश्व स्वास्थ्य संगठन से हटा लिया है. इसके बाद अमरीका के लोग बीमार रहेंगे और अमरीका अकेला.”

    अमरीका सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सीबीएस न्यूज़ को बताया कि अमरीका ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को उन सुधारों का विस्तृत ब्यौरा दिया था जो वो चाहता था कि लागू किए जाएँ, मगर संगठन ने इससे इनकार कर दिया.

    अधिकारी ने कहा – “चूँकि उन्होंने इन ज़रूरी सुधारों को अपनाने से मना कर दिया, हम आज उनके साथ अपने संबंध ख़त्म कर लेंगे.”

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    नवंबर में होने वाले अमरीकी राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेट पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ने कहा है कि वो राष्ट्रपति बनते ही फ़ैसले को पलट देंगे.

    बाइडेन ने ट्वीट किया – “राष्ट्रपति बनने के पहले ही दिन मैं विश्व स्वास्थ्य संगठन का फिर से सदस्य बन जाउँगा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना नेतृत्व बहाल करूँगा.”

    अमरीका विश्व स्वास्थ्य संगठन में सबसे ज़्यादा आर्थिक योगदान देता है. उसने 2019 में संगठन को 40 करोड़ डॉलर दिए थे जो उसके कुल बजट का 15% हिस्सा है.

    अमरीका के इस क़दम के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन की आर्थिक हालत और कोरोना महामारी को रोकने के उसके कई कार्यक्रमों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.

  7. ओडिशा में कोरोना से लड़ने के लिए सरकारी अधिकारियों के ख़र्च पर लगाम

    सुब्रत कुमार पति, भुवनेश्वर से बीबीसी हिंदी के लिए

    ओडिशा सरकार ने मंगलवार को कोरोना महामारी के कारण उपजी आर्थिक मंदी का सामना करने के लिए कई उपायों की घोषणा की.

    राज्य के वित्त विभाग ने कहा, कि सभी प्रशासनिक विभागों को कोविड-19 से जुड़े अनिवार्य खर्च के लिए अपने खर्च को सीमित करना होगा और ज़रूरतों को प्राथमिकता देना होगा.

    राज्य में सरकारी कार्यों के लिए अगले दो वर्षों में नए वाहन नहीं ख़रीदे जायेंगे.सरकारी अधिकारियों के लिए देश के बाहर यात्रा पर प्रतिबंध होगा और सरकारी पैसों से बिज़नस क्लास में हवाई यात्रा पर प्रतिबंध रहेगा.

    यात्रा के बदले वीडियो कॉन्फ़्रेंसिग के माध्यम से बैठकों को प्राथमिकता दी जाने की बात कही गयी है.

    सरकारी अधिकारियों के प्रथम श्रेणी एसी में ट्रेन से यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध होगा. दौरे पर जाने वाले किसी भी अधिकारी को दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में ओडिशा भवन में ही रहने को मिलेगा. प्राइवेट होटल में रहने के लिए कोई धनराशि नहीं दी जाएगी.

  8. झारखंड के मंत्री और विधायक कोरोना पॉज़िटिव, 18 पत्रकार भी संक्रमित

    रवि प्रकाश, राँची से बीबीसी हिन्दी के लिए

    झारखंड सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश ठाकुर और सत्तारुढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक मथुरा महतो कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं.

    धनबाद के 18 पत्रकारों में भी संक्रमण की पुष्टि हुई है. इससे पहले चतरा और चाईबासा के एक-एक पत्रकार कोरोना पॉज़िटिव पाए गए थे.

    मंत्री मिथिलेश ठाकुर को राँची के राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज़ (रिम्स) के कोविड सेंटर और विधायक व पत्रकारों को धनबाद के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

    स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और धनबाद के डीसी ने इसकी पुष्टि की है.

    bमंगलवार को मिले 141 नए मामलो के साथ राज्य में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 3018 हो गई.

    पिछले 24 घंटे के दौरान दो संक्रमितों की मौत के बाद मरने वालों की संख्या 22 हो गई है. हालाँकि, सक्रिय मामलों की संख्या अभी भी 1,000 से कम है. ज़्यादातर लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं.

  9. चीन में 'ब्यूबोनिक प्लेग' पर हमारी नज़र है: विश्व स्वास्थ्य संगठन

    मैरमोट प्लेग के बैक्टेरिया के वाहक होते हैं.

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    इमेज कैप्शन, मैरमोट प्लेग के बैक्टेरिया के वाहक होते हैं.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि वो चीन में ब्यूबोनिक प्लेग के मामले पर सतर्कता से नज़र बनाये हुए है. डब्ल्यूएचओ ने ये भी कहा है कि अभी हालात ‘ज़्यादा ख़तरनाक’ नहीं हैं.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक प्रवक्ता ने कहा कि बीमारी से ग्रसित व्यक्ति की ‘अच्छी तरह देखभाल’ की जा रही है.

    चीन के इनर मंगोलिया स्वायत्त क्षेत्र के एक शहर में ब्यूबॉनिक प्लेग का एक मामला सामने आने के बाद चिंताएं बढ़ गई थीं.

    ख़बरों के मुताबिक़ बायानूर शहर में मिला मरीज़ एक चरवाहा है और उन्हें क्वारंटीन में रखा गया है. मरीज़ की हालात स्थिर बताई जा है.

    एक वक़्त में ब्यूबोनिक प्लेग दुनिया की सबसे डरावनी बीमारी हुआ करती थी लेकिन अब इसका इलाज आसानी से हो सकता है.

    मंगोलिया में विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया था कि वहां मान्यता है कि मैरमोट के कच्चा मीट और किडनी सेहत के लिए लाभदायक हैं.

    मैरमोट प्लेग के बैक्टेरिया के वाहक होते हैं. इनका शिकार करना ग़ैरक़ानूनी है.

    ब्यूबॉनिक प्लेग लिंफ़नोड्स में सूजन पैदा कर देते हैं. शुरुआत में इस बीमारी की पहचान मुश्किल होती है क्योंकि इसके लक्षण तीन से सात दिनों के बाद दिखते हैं और किसी दूसरे फ़्लू की तरह ही होते हैं.

  10. अमरीका ने WHO से औपचारिक तौर पर तोड़ा नाता

    डोनाल्ड ट्रंप

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    अमरीका ने संयुक्त राष्ट्र को औपचारिक तौर पर सूचित कर दिया है कि वो विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से ख़ुद को अलग कर रहा है.

    संयुक्त राष्ट्र ने पुष्टि की है कि अमरीका की ओर से उन्हें इस बारे में छह जुलाई को ही इत्तला कर दिया गया था. हालांकि इस प्रक्रिया को पूरे होने में कम से कम एक साल तक का वक़्त लग सकता है.

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई में ही डब्ल्यूएचओ से नाता तोड़ने की बात कही थी. ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन पर कोरोना महामारी को प्रभावी तरीके से काबू न कर पाने और चीन के इशारों पर चलने का आरोप लगाया था.

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    ट्रंप के आरोपों और नाता तोड़ने की धमकियों के जवाब में विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रस एडहॉनम गेब्रियेसुस ने कहा था कि ये वो वक़्त है जब डब्ल्यूएचओ को मदद की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है. उन्होंने ट्रंप से फ़ंड न रोकने की अपील भी की थी.

    हालांकि इन सभी अपीलों के बावजूद ट्रंप ने अपना फ़ैसला नहीं बदला. उनका कहना है कि वो डब्ल्यूएचओ को दी जाने वाली राशि कहीं और देंगे.

    विपक्षी डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप के इस फ़ैसले की आलोचना की है और कहा है कि डब्ल्यूएचओ से अलग होना अमरीकी नागरिकों के हित में नहीं है.

  11. ब्रेकिंग न्यूज़, WHO ने माना- हवा से भी फैल सकता है कोरोना वायरस

    कोरोना वायरस

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    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आख़िरकार मंगलवार को यह स्वीकार किया कि कोरोना वायरस संक्रमण के ‘हवा से फैलने’ के सबूत सही हैं.

    इससे पहले वैज्ञानिकों के एक समूह ने डब्ल्यूएचओ को खुली चिट्ठी लिखकर इससे अपने मौजूदा दिशानिर्देशों में सुधार करने की अपील की थी.

    इस बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन की बेनेदेत्ता आल्लेग्रांजी ने कहा कि कोरोना वायरस के हवा के माध्यम से फैलने के सबूत तो मिल रहे हैं लेकिन अभी यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता.

    उन्होंने कहा, “सार्वजनिक जगहों पर, ख़ासकर भीड़भाड़ वाली, कम हवा वाली और बंद जगहों पर हवा के ज़रिए वायरस फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि इन सबूतों को इकट्ठा करने और समझने की ज़रूरत है. हम ये काम जारी रखेंगे.”

    पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए.

  12. मरीज़ों को बाज़ार मूल्य पर मिले कोरोना की दवा: DGCI

    रेमडेसिवियर

    इमेज स्रोत, Reuters

    भारत की ड्रग नियामक संस्था के प्रमुख ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि कोरोना की जीवनरक्षक एंटी वायरल दवा की कालाबाज़ारी तत्काल रोकी जाए.

    ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया (DCGI)डॉक्टर वीजी सोमानी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ड्रग कंट्रोलर के साथ हुई बातचीत में कहा कि उन्हें रेमडेसिवियर की कालाबाज़ारी की जानकारी मिली है.

    उन्होंने कहा कि कई जगहों पर दवा को बहुत ऊंचे दामों पर भी भेजा जा रहा है.डॉक्टर सोमानी ने कहा कि रेमडेसिवियर सभी ज़रूरतमंद लोगों को आसानी से और बाज़ार मूल्य पर उपलब्ध होनी चाहिए.

    भारत सरकार ने आपातकालीन और ख़ास परिस्थितियों में कोरोना संक्रमण के मरीज़ों के लिए रेमडेसिवियर के इस्तेमाल को मंज़ूरी दी है.

    मंगलवार को ही बीबीसी ने रेमडेसिवियर की कालाबाज़ारी के बारे में ख़बर लिखी थी और बताया था कि करीब 5,000 रुपये की इस दवा को मज़बूर कोरोना मरीज़ों को 30 हज़ार तक की ऊंची क़ीमत मे बेचा जा रहा है.

    बीबीसी संवाददाता विकास पांडेय की यह रिपोर्ट पढ़ने के लिए क्लिक कीजिए.

  13. नमस्कार! इस लाइव पेज में बीबीसी हिन्दी के सभी पाठकों और दर्शकों का स्वागत है. हम यहां दिन भर कोरोना वायरस की महामारी से जुड़े देश-दुनिया के हर ज़रूरी और बड़े अपडेट्स देंगे. पिछले 24 घंटों के अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें.