स्वदेशी वैक्सीन के ह्युमन ट्रायल को अनुमति, सरकार ने कहा ‘कोरोना के अंत की शुरुआत’
बीते 24 घंटों में दिल्ली में कोविड-19 के कारण 63 लोगों की जान गई है जिसके बाद मौत का आंकड़ा 3,067 हो चुका है.
लाइव कवरेज
कोरोना संक्रमित लोगों के अंतिम संस्कार का विरोध, झारखंड में दो जगहों पर झड़प
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रवि प्रकाश
राँची से, बीबीसी हिन्दी के लिए
झारखंड के खूँटी और जमशेदपुर में कोरोना संक्रमित लोगों की लाशों के अंतिम संस्कार को लेकर हुई झड़पों में कुछ पुलिस वालों को चोटें लगी हैं. उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा है.
पुलिस ने जमशेदपुर में 2 उपद्रवियों को गिरफ़्तार भी किया है.
दरअसल, जमशेदपुर में भुइयांडीह बर्निंग घाट में कोरोना से हुई मौत के बाद एक बुज़ुर्ग का शव लेकर उनका अंतिम संस्कार कराने पहुंची पुलिस पर लोगों ने पथराव कर दिया.
इसमें दो महिला पुलिस समेत कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए. इसके बाद काफ़ी समझाने के बाद वहाँ अंतिम संस्कार कराया जा सका.
वहीं, खूंटी के महादेव मंडा स्थित कब्रिस्तान में भी ऐसे ही एक शव को दफनाने आसपास के टोलों के लोगों ने विरोध किया. इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों की पहल पर वह शव रांची में दफनाया गया.
ब्रेकिंग न्यूज़, कर्फ्यू हटने के बाद सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात में कोरोना संकट गहराया
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सऊदी अरब में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़कर दो लाख से ज़्यादा हो गए हैं. पड़ोस के देश संयुक्त अरब अमीरात में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 50 हज़ार पार कर गई है.
पिछले महीने ही अरब जगत की इन दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में कर्फ्यू पूरी तरह से हटा लिया गया था.
दोनों ही देशों में 15 मार्च के आस-पास लॉकडाउन से जुड़ी पाबंदियां लागू की गई थीं.
यहां धीरे-धीरे पाबंदियां हटाने का फैसला किया गया था और कारोबार और सार्वजनिक जगहों को फिर से खोल दिया गया था.
खाड़ी के दूसरे देशों में लॉकडाउन में छूट दी जाने लगी थी.
हालांकि कुवैत में आंशिक कर्फ़्यू जारी रखने का फ़ैसला किया गया है.
बहरीन और ओमान में तो ऐसी कोई पाबंदी हीं नहीं लगाई गई थी.
खाड़ी के देशों में सऊदी अरब कोरोना संकट से सबसे ज़्यादा प्रभावित है.
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शुक्रवार को सऊदी अरब में कोरोना संक्रमण के 4100 मामले दर्ज किए गए थे और शनिवार को कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 205,929 हो गई. सऊदी अरब में कोरोना महामारी के कारण 1858 लोगों की मौत भी हुई है.
15 जून के आस-पास सऊदी अरब में कोरोना संक्रमण के रोज़ दर्ज किए जाने वाले मामले 4000 पार कर गए थे लेकिन बाद में इसमें गिरावट देखी गई थी.
संयुक्त अरब अमीरात में मई के आख़िर में रोज़ाना 900 के आस-पास कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज किए जा रहे थे, लेकिन हाल के दिनों में ये आंकड़ें गिरकर 300 से 400 के आस-पास पहुंच गए थे.
पर शुक्रवार को संयुक्त अरब अमीरात में कोरोना संक्रमण के 600 और शनिवार को 700 से ज़्यादा मामले दर्ज किए थे. वहां कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 50,857 हो गई है जबकि कोरोना के कारण 321 लोगों की मौत भी हुई है.
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संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख व्यापारिक केंद्र दुबई में सात जुलाई से विदेशी यात्रियों को आने की इजाजत दी जा रही है.
हालांकि पूरे संयुक्त अरब अमीरात में ये छूट नहीं दी गई है. खाड़ी क्षेत्र में कोरोना वायरस से क़तर दूसरा सबसे प्रभावित देश है.
यहां मई के आख़िर में रोज़ाना 2000 के क़रीब मामले रिपोर्ट हो रहे थे लेकिन इस शनिवार को ये आंकड़ा गिरकर 500 के लगभग पहुंच गया है. क़तर में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या एक लाख के पास है.
उधर, ओमान के स्वास्थ्य मंत्री ने गुरुवार को बताया कि पिछले छह हफ़्तों के दौरान देश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं.
उन्होंने लोगों से स्वास्थ्य संबंधी एहतियात बरतने की अपील भी की है. मध्य पूर्व में ईरान कोरोना महामारी से सबसे ज़्यादा प्रभावित देश है.
वहां कोरोना संक्रमण के मामले 237,878 पर पहुंच गए हैं और 11,408 लोगों की मौत हो चुकी है. ये आंकड़े शनिवार तक के हैं. महामारी को रोकने के लिए ईरान में नई पाबंदियां लगाई गई हैं.
कोरोना वायरस के संक्रमण जिन-जिन इलाजों से हो रहे ठीक
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कोविड-19 से अब तक क़रीब डेढ़ लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन अब तक कोई ऐसी दवा नहीं है जो डॉक्टरों को इसका इलाज करने में मददगार साबित हो रही हो.
हम इसकी दवा खोजने में अब तक कहाँ तक पहुँच पाए हैं?
इलाज खोजने की दिशा में क्या हो रहा है?
अब तक दुनिया भर में 150 से ज़्यादा अलग-अलग दवाइयों को लेकर रिसर्च हो चुकी है. इनमें से ज़्यादातर दवाइयां अभी प्रचलन में हैं जिन्हें इसके इलाज में आजमाकर देखा जा चुका है.
-विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सबसे कारगर इलाज के आकलन के लिए एक सॉलिडैरिटी ट्रायल शुरू किया है.
-ब्रिटेन का कहना है कि उसकी रिकवरी ट्रायल सबसे बड़ी है. इसमें 5000 से ज़्यादा मरीजों को अब तक शामिल किया जा चुका है.
-इसके अलावा दुनिया भर में कई सारे रिसर्च सेंटर ऐसे हैं जो कोरोना से ठीक हो चुके मरीज़ों के ख़ून का इस्तेमाल इलाज में कर रहे हैं.
प्रकृति को बचाने के लिए क्या हमने कोई सबक सीखा ?
साफ़ नीला आकाश, हवा में ताज़गी और चहचहाते पक्षी...
आपाधापी भरे महानगरीय जीवन में हम इन चीज़ों के लिए तरसते हैं.
हर तरफ़ दौड़ती गाड़ियों का शोर, ज़हरीली हवा और उसकी वजह से होने वाली दिक्कतें, हमारे लिए अब कोई नई बात नहीं है.
तो फिर नई बात क्या है, क्या कभी ग़ौर किया आपने, वैसे फर्क तो आपने भी महसूस किया होगा.
कोरोना वायरस की वजह से जब दुनियाभर में लॉकडाउन हुआ, आसमान को चीरने वाले बड़े बड़े हवाई जहाज़ ज़मीन पर खड़े होने के लिए विवश हो गए.
दम घोंटने वाला धुआं और धरती को बंज़र बनाने वाला ज़हरीला पानी कारखानों से निकलना बंद हो गया.
हर वो गतिविधि बंद हो गई जिससे प्रकृति का संगीत बाधित होता है. प्रकृति को मानो श्रृंगार करने का मौका मिल गया. ऐसा लगा मानो दुनिया, धरती की ओर लौट आई है.
तो इस हफ्ते हम ये सवाल पूछ रहे हैं कि कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में जो लॉकडाउन हुआ और उस लॉकडाउन के कारण प्रकृति में जो बदलाव नज़र आए, क्या उससे हम प्रदूषण से निपटने के लिए कोई सबक सीख सकते हैं?
लॉकडाउन के बाद कैसे आत्मनिर्भर बने इस गाँव में लौटने वाले प्रवासी मजदूर
वीडियो कैप्शन, लॉकडाउन के बाद कैसे आत्मनिर्भर बने इस गाँव में लौटने वाले प्रवासी मजदूर
यह गुजरात के कच्छ का कुनारिया गांव है. देखने में साधारण से लगने वाले इस गांव के पास लॉकडाउन के दौरान की एक असाधारण कहानी है.
कोरोना वायरस की महामारी के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए आत्मनिर्भरता की बात की.
कुनारिया गांव लॉकडाउन के दरम्यान इसी आत्मनिर्भरता का एक उदाहरण बन गया है.
ज़्यादा जानने के लिए, देखें ये वीडियो
ब्रेकिंग न्यूज़, दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के 212,000 नए मामलेः WHO
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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि उसके सदस्य देशों में कोरोना संक्रमण के 212,000 से ज़्यादा नए मामले दर्ज किए गए हैं.
रोज़ाना दर्ज किए जाने वाले संक्रमण के आंकड़ों के लिहाज से ये अब तक की सबसे बड़ी संख्या है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि संक्रमण के सबसे ज़्यादा मामले अमरीका के इलाके में दर्ज किए गए हैं.
इस इलाके के सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों में अमरीका और ब्राज़ील है.
अमरीकी क्षेत्र में 130,000 से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है.
रूस में कोरोना संक्रमण के मामले 680,000 से ज़्यादा हुए
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रूस में कोरोना संक्रमण के 6736 मामले दर्ज किए गए हैं.
इसके साथ ही देश में कोरोना वायरस से संक्रमण के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 681,251 हो गई है.
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटों में रूस में 134 लोगों की मौत हुई है.
रूस में अभी तक कोरोना महामारी 10,161 लोगों की जान ले चुका है.
कोरोना से बचने के लिए है ये सोने का मास्क या दिखाने के लिए?
वीडियो कैप्शन, कोरोना से बचाएगा ये मास्क?
पुणे में रहने वाले शंकर कुराडे ने लगभग तीन लाख रुपये में सोने का मास्क बनवाया है.
इससे पहले महाराष्ट्र के ही एक शहर कोल्हापुर में एक शख़्स ने चांदी का मास्क बनवाया था जिसके बारे में सुनकर शंकर कुराडे को ये मास्क बनवाने का विचार आया.
कोरोना वायरस किनके लिए ज़्यादा ख़तरनाक, ऐसे ही 11 सवालों के जवाब
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दुनिया भर के 188 से भी ज़्यादा देशों में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले सामने आए हैं.
इसकी चपेट में आए लोगों की संख्या एक करोड़ बारह लाख से ज़्यादा हो चुकी है जबकि अब तक इस महामारी से पांच लाख इकतीस हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे एक महामारी घोषित किया है.
1. कोरोना के संक्रमण और उसके लक्षण सामने आने में कितना समय लगता है?
वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस से संक्रमण के बाद इसके लक्षण सामने आने में पांच दिनों का समय लगता है लेकिन कुछ लोगों में इसके लक्षण दिखने में इससे ज़्यादा वक़्त भी लग सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ कोरोना से संक्रमित व्यक्ति के लक्षण 14 दिनों तक रहते हैं. लेकिन कुछ शोधकर्ताओं की राय में इसके लक्षण 24 दिनों तक रह सकते हैं.
इनक्यूबेशन पीरियड या बीमारी के सामने आने में लगने वाले समय को जानना और समझना ज़रूरी है.
इससे डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग को ज़्यादा बेहतर और प्रभावी तरीके से कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए कारगर कदम उठाने में मदद मिलती है.
ब्रेकिंग न्यूज़, ताजमहल के दरवाज़े सैलानियों के लिए फिर से खुलेंगे पर शर्तों के साथ....
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तीन महीने की तालाबंदी के बाद ताज महल एक बार फिर से अपने चाहने वालों के लिए बाहें फैलाकर इंतज़ार कर रहा है. सत्रहवीं सदी की इस ऐतिहासिक इमारत के दरवाज़े सोमवार से खुलने जा रहे हैं.
लेकिन इस बार सैलानियों के लिए गाइडलाइंस जारी किए गए हैं जिसके तहत उन्हें हमेशा मास्क पहनकर रहना होगा, दूसरे लोगों से दूरी बनाकर रखनी होगी और इसकी चमकीली संगमरमर की सतह को सतह को छूने की इजाजत उन्हें नहीं होगी.
शर्तें और भी हैं. हर दिन केवल पांच हज़ार सैलानियों को ही ताजमहल का करीब से दीदार करने की इजाजत दी जाएगी. यहां आने वाले सैलानियों को दो समूहों में बांटा जाएगा.
मुग़ल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेग़म मुमताज़ की याद में ये मकबरा बनवाया था.
22 साल की मेहनत के बाद तैयार हुए इस मकबरे को देखने के लिए कभी-कभी 80 हज़ार लोग रोज़ आ जाते हैं.
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने कहा है, "सभी ऐतिहासिक इमारतों और जगहों पर सैनिटाइज़ेशन, सोशल डिस्टेंसिंग और दूसरे हेल्थ प्रोटोकॉल्स के पालन किए जाएंगे."
सरकार ताज महल और दूसरी ऐतिहासिक इमारतों को फिर से खोलने जा रही है. इनमें नई दिल्ली स्थित लाल किला भी शामिल है.
इस बीच भारत में कोरोना संक्रमण का हर दिन एक नया रिकॉर्ड बन रहा है और पिछला रिकॉर्ड टूट रहा है.
रविवार सुबह जारी किए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना संक्रमण के 24,850 नए मामले दर्ज किए गए. इसके साथ ही देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 673,165 पर पहुंच गई है. इनमें 244,814 सक्रिय मामले हैं जबकि 409,082 लोग संक्रमित होने के बाद ठीक हो गए.
लेकिन पिछले 24 घंटों में कोरोना महामारी के कारण देश में 613 लोगों की मौत भी हुई है. इस महामारी ने भारत में अब तक 19,628 लोगों की जान ले ली है. कोरोना संक्रमण के मामलों में भारत रूस से थोड़ा ही पीछे है.
ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना वायरसः मेक्सिको में अब तक 30 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत
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मेक्सिको में कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वालों की संख्या 30 हज़ार से ज़्यादा हो गई है. मेक्सिको लातिन अमरीका में कोरोना महामारी से सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों में से एक है.
शनिवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मेक्सिको में पिछले 24 घंटों में 523 लोगों की मौत हुई है. इसके साथ ही देश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 30,366 हो गई है.
कोरोना महामारी के चलते दुनिया के जिन देशों में सबसे ज़्यादा मौतें हुई हैं, मेक्सिको उन देशों की सूची में पांचवें पायदान पर है.
उसने फ्रांस को भी पीछे छोड़ दिया है जहां 29 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.
मेक्सिको के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि देश में कोरोना संक्रमण के 6914 नए मामले दर्ज किए गए हैं. इसके साथ देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 252,165 हो गई है.
हालांकि कई लोगों का कहना है कि देश में टेस्टिंग पर्याप्त रूप से नहीं हुई है, इसलिए कोरोना संक्रमण और महामारी से मरने वाले लोगों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा हो सकती है.
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जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार, लातिन अमरीका में मेक्सिको से ज़्यादा ख़राब स्थिति ब्राज़ील की है जहां जहां तकरीबन 64 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है और संक्रमितों की संख्या 15 लाख से भी ज़्यादा है.
मेक्सिको के राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुएल लोपेज़ ओब्राडो देश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को फिर से शुरू करने के लिए दिलचस्पी दिखा रहे हैं. उनकी सरकार ने मई में ही लॉकडाउन से जुड़ी पाबंदियां चरणबद्ध तरीके से हटाने की घोषणा की थी.
जून के मध्य में मेक्सिको सिटी में हज़ारों फैक्ट्री कर्मचारी काम पर लौट आए थे. जुलाई की शुरुआत में ग़ैरअनिवार्य किस्म के कारोबार को फिर से खोलने की इजाजत दे गई थी. हालांकि देश में मेक्सिको सिटी ही कोरोना संक्रमण से सबसे ज़्यादा प्रभावित हुआ है.
लेकिन शुक्रवार को मेक्सिको के स्वास्थ्य मंत्री ह्यूगो लोपेज़ गैटेल ने कहा कि अगर अर्थव्यवस्था बहुत जल्दी खोली गई तो देश में कोरोना महामारी के कारण मरने वालों की संख्या बढ़ भी सकती है.
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उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "हमारे यहां महामारी अभी थमी नहीं है. ख़तरा इस बात का है कि अगर हम सामाजिक गतिविधियों को शुरू करने की कोशिश करते हैं.... तो हमारे यहां संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं."
आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुएल लोपेज़ ओब्राडो ने देश में लॉकडाउन लगाने में देरी की और अब वे इसे हटाने में जल्दबाज़ी कर रहे हैं.
देश में ज़्यादातर आर्थिक गतिविधियां 23 मार्च से ही बंद हैं लेकिन अनिवार्य वस्तुओं और सेवाओं से जुड़े उद्योगों को लॉकडाउन में छूट दी गई थी.
मेक्सिको सिटी के बाज़ारों में उमड़ी बेतहाशा भीड़ के बाद प्रशासन ने शनिवार को राजधानी में दो दिनों के लिए ग़ैरअनिवार्य किस्म की आर्थिक गतिविधियों पर रोक लगाने का फ़ैसला किया.
शहर की मेयर का कहना है कि इस फ़ैसले से प्रशासन को लॉकडाउन हटाने की रणनीति पर फिर से विचार करने के लिए समय मिलेगा.
WHO ने कोरोना संक्रमित मरीज़ों पर हाइ़ड्रोक्सिक्लोरोक्वीन और HIV की दवा का इस्तेमाल बंद किया
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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शनिवार को कहा कि कोरोना संक्रमित पर मरीज़ों हाइ़ड्रोक्सिक्लोरोक्वीन और लोपिनएविर/रिटोनाविर दवा का इस्तेमाल बंद किया जा रहा है.
मलेरिया के इलाज में काम आने वाली हाइ़ड्रोक्सिक्लोरोक्वीन और एचआईवी मरीज़ों को दी जाने वाली लोपिनएविर/रिटोनाविर दवा से कोरोना संक्रमितों की मृत्यु दर रोकने में कामयाबी नहीं मिली, जिसके बाद ये फ़ैसला लिया गया है.
कोरोना के इलाज की खोज में जारी अलग-अलग वैक्सीन और मेडिसिन ट्रायल में इस दवा को एक उम्मीद के तौर पर देखा जा रहा था और ये बुरी ख़बर ऐसे वक्त में आई है जब खुद विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बताया है कि दुनिया भर में पहली बार एक दिन में दो लाख से ज़्यादा कोरोना संक्रमण के मामले रिपोर्ट हुए हैं.
शुक्रवार को दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के 212,326 मामले रिपोर्ट हुए जिनमें अकेले अमरीका में 53,213 मामले दर्ज किए गए.
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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने एक बयान में कहा, "मेडिकल ट्रायल से ये नतीजे सामने आए कि हाइ़ड्रोक्सिक्लोरोक्वीन और लोपिनएविर/रिटोनाविर के इस्तेमाल से हॉस्पिटल में भर्ती कोरोना मरीज़ों की मृत्यु दर में बहुत कम या फिर न के बराबर कमी आई. इसलिए इन दवाओं का ट्रायल तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया जाएगा."
दुनिया के अलग-अलग देशों में विश्व स्वास्थ्य संगठन की अगुवाई में इन दवाओं के कोरोना मरीज़ों पर असर को जांचा-परखा जा रहा था.
संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने बताया कि एक अंतरराष्ट्रीय कमिटी की सिफारिश के आधार पर ये फ़ैसला लिया गया है.
हालांकि डब्ल्यूएचओ ने ये स्पष्ट किया है कि वैसे मरीज़ जो अस्पताल में भर्ती नहीं हैं और रोगनिरोधक के रूप में उन पर इसके इस्तेमाल से जुड़ी स्टडी पर इस फ़ैसले का असर नहीं पड़ेगा.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारतः कोरोना संक्रमण का एक और रिकॉर्ड टूटा, 24 घंटे में 24850 नए मामले
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भारत में कोरोना संक्रमण का हर दिन एक नया रिकॉर्ड बन रहा है और पिछला रिकॉर्ड टूट रहा है.
रविवार सुबह जारी किए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना संक्रमण के 24,850 नए मामले दर्ज किए गए.
इसके साथ ही देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 673,165 पर पहुंच गई है.
इनमें 244,814 सक्रिय मामले हैं जबकि 409,082 लोग संक्रमित होने के बाद ठीक हो गए.
लेकिन पिछले 24 घंटों में कोरोना महामारी के कारण देश में 613 लोगों की मौत भी हुई है. इस महामारी ने भारत में अब तक 19,628 लोगों की जान ले ली है.
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स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना से सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में संक्रमितों की संख्या दो लाख से ज़्यादा हो गई है.
महाराष्ट्र में कोरोना से संक्रमितों की कुल संख्या 200,064 है जबकि 8671 लोगों की इस महामारी के चलते राज्य में मौत हो चुकी है.
तमिलनाडु में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 107,001 है और राज्य में 1450 लोग इस बीमारी के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं.
दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले एक लाख के करीब पहुंचने पर हैं. वहां अभी संक्रमितों की कुल संख्या 97,200 है जबकि मरने वालों की संख्या 3004 हो चुकी है.
इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च ने रविवार को बताया कि चार जुलाई तक देश में 97,89,066 सैंपल्स की कोरोना जांच हो चुकी थी जिसमें शनिवार को केवल 248,934 सैंपल्स टेस्ट किए गए थे.
कोरोना वायरस की वजह से बढ़ रही है सोने की कीमत?
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कोरोना वायरस महामारी के दौर में एक ओर जहां दुनिया की अर्थव्यवस्था चरमराई हुई है और नौकरियों पर संकट मंडरा रहा है, वहीं दूसरी ओर सोने और चांदी के दाम दिन-ब-दिन आसमान छू रहे हैं.
महामारी के बाद पहले से ख़स्ताहाल देश की अर्थव्यवस्था और बुरी स्थिति में पहुंच चुकी है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने इस साल में भारत की विकास दर को लेकरअनुमान लगाया है कि यह 4.5 फ़ीसदी रह सकती है.
भारत ही नहीं आईएमएफ़ ने दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए इस विकास दर का आकलन 4.9 फ़ीसदी किया है.
इन सबके बीच एक ख़बर ज़रूर सबका ध्यान खींचती है, वो है सोने के दाम.
सोने की कीमत भारत में जून महीने की शुरुआत में 46,600 प्रति 10 ग्राम के आसपास थी जो अब 48,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच चुकी है.
शुक्रवार को सोने के दामों में गिरावट ज़रूर दर्ज की गई लेकिन यह सिर्फ़ 400 रुपये के आसपास थी. विशेषज्ञों का मानना है कि सोने के दामों में अभी और तेज़ी देखने को मिलेगी.
ओडिशाः लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में दूल्हा समेत पांच गिरफ़्तार
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ओडिशा पुलिस ने कोविड-19 से जुड़ी गाइडलाइंस के उल्लंघन के आरोप में दूल्हा समेत पांच लोगों को गिरफ़्तार कर लिया. ये मामला बरहामपुर ज़िले में दो जुलाई को एक शादी के दौरान का है.
सेंट्रल ज़ोन के डीआईजी सत्यब्रत भोई ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "कोविड-19 से जुड़ी गाइडलाइंस के उल्लंघन के आरोप में एक केस दर्ज किया गया है. एक होटल परिसर में शादी के कार्यक्रम में 50 से ज़्यादा लोग भाग ले रहे थे. उन लोगों ने मास्क के इस्तेमाल और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की अवहेलना की थी."
उन्होंने बताया, "गोपालपुर पुलिस थाने में आईपीसी की धारा 34, 188, 269, 270 और महामारी अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है. समारोह में इस्तेमाल की गई दोनों गाड़ियों को ज़ब्त कर लिया गया है. गिरफ़्तार लोगों को अदालत में पेश किया जाएगा.
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी ट्विटर पर कहा, "कोरोना महामारी के ख़िलाफ़ जारी लड़ाई में ओडिशा नाजुक दौर से गुजर रहा है. ये ज़रूरी है कि हम सभी राज्य सरकार की ओर से जारी दिशानिर्देशों और नियमों का पालन करें ताकि कोविड-19 की महामारी को फैलने से रोका जा सके. इसका उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी."
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कोरोना संकट ने कैसे कतर डाले भारतीय एयर इंडस्ट्री के पंख
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बहुत पहले की बात नहीं है जब इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने घोषणा की थी कि 2037 तक हवाई यात्रियों की संख्या 8.2 बिलियन तक पहुंच जाएगी और दुनिया भर में विमानन उद्योग यात्रियों की संख्या में होने वाली इस वृद्धि के लिए कमर कस रहा है. लेकिन कोरोना वायरस की गंभीर चोट से अन्य सेक्टर्स की तरह यह भी अछूता नहीं रहा.
महामारी का असर इतना गहरा है कि देशों को अपनी सीमाएं बंद करनी पड़ीं और लॉकडाउन में विमानन उद्योग को अपने विमानों को खड़े रखना पड़ा.
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के मुताबिक, हवाई यात्रा में 98 फ़ीसदी तक की कमी आई है और अनुमान लगाया गया कि दुनिया भर की एयरलाइंस कंपनियों को 2020 तक 84 बिलियन डॉलर का नुकसान होगा. आईएटीए ने यह भी अनुमान लगाया है कि प्रति पैसेंजर रेवेन्यू (राजस्व) में भी 2019 की तुलना में 2020 में 48 फीसदी की गिरावट आएगी और सबसे बड़ा ख़तरा तो विमानन उद्योग और इससे जुड़ी 3.2 करोड़ नौकरियों पर मंडरा रहा है.
इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं कि भारतीय विमानन क्षेत्र को भी आने वाले वक्त में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा. रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अनुमान लगाया है कि भारतीय विमानन उद्योग को 24,000 से 25,000 करोड़ के रेवेन्यू (राजस्व) का नुक़सान उठाना पड़ सकता है.
क्रिसिल इन्फ्रास्ट्रक्चर के ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक निदेशक जगनारायण पद्मनाभन ने एक प्रेस नोट के ज़रिए कहा, "एयरलाइंस को लगभग 17 हज़ार करोड़, हवाई अड्डे के रिटेलर्स (खुदरा विक्रेताओं) को 1,700 से 1,800 करोड़ रुपये और हवाई अड्डा ऑपरेटर्स को क़रीब 5,000 से 5,500 करोड़ रुपये तक का नुकसान उठाने की संभावना है."
यूपी-बिहार में कोरोना वायरस से जल्दी ठीक हो रहे हैं लोग?
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देश में जनसंख्या के हिसाब से सबसे ज़्यादा बड़े प्रदेश उत्तर प्रदेश और बिहार में कोरोना वायरस की धीमी जांच सबके लिए चिंता का कारण बनी हुई है.
ख़ासतौर पर इसलिए भी क्योंकि सबसे ज़्यादा प्रवासी मज़दूर भी इन्हीं राज्यों से आते हैं जो लॉकडाउन शुरू होने के बाद अपने गांव पहुंचने लगे और इनमें से बहुत लोगों की कोरोना की रिपोर्ट पॉज़िटिव भी आने लगी.
बिहार और उत्तर प्रदेश में जांच की दर दूसरे राज्यों की तुलना में कम होने की वजह से केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने दोनों ही राज्यों को इसे बढ़ाने के निर्देश जारी किये हैं.
गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ़्रेसिंग के ज़रिये उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कहा कि अब राज्य को टेस्ट करने की दर को और भी ज़्यादा बढ़ाना होगा. वहीं, बिहार में गुरुवार को ही कोरोना वायरस के एक दिन के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज किये गए.
सरकार के स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के अनुसार इस महामारी से मरने वालों की संख्या भी बढ़ी है. दस हज़ार से भी ज़्यादा लोग अब तक इस महामारी की चपेट में आये हैं.
बिहार में क्या है सूरते हाल?
राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अकेले राजधानी पटना में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखी गयी है. जहाँ अब तक 18 कन्टेनमेंट ज़ोन बनाए गए हैं.
सिर्फ़ राजधानी में ही इस माहामारी से मरने वालों की संख्या 10 बताई जा रही है.
कोरोना वायरस से लड़ने में विटामिन डी कितनी मददगार?
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क्या कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने में विटामिन डी मददगार साबित हो रही है? रिसर्चरों के बीच विटामिन डी को लेकर सवाल बहुत ही प्रमुखता से उठ रहा है.
ब्रिटिश सरकार में सेहत और पोषण को लेकर काम करने वाली संस्था साइंटिफिक एडवाइजरी कमिशन ऑन न्यूट्रिशन और नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एंड केयर एक्सलेंस ने कोरोना में विटामिन डी की भूमिका को लेकर रिपोर्ट तैयार की है.
विटामिन डी को लेकर क्या है सलाह?
कोरोना महामारी के दौर में ज़्यादातर लोग घरों में बंद हैं. ऐसे में शरीर में विटामिन डी का कम होना लाज़िमी है. आम दिनों में लोग घरों से बाहर ज़्यादा वक़्त गुज़ारते हैं. ऐसे में त्वचा को धूप मिलती है और विटामिन का ये प्राकृतिक स्रोत हमारे लिए लाभकारी साबित होता है.
ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस का कहना है कि महामारी के इस दौर में लोगों को हर दिन 10 माइक्रोग्राम विटामिन लेनी चाहिए. ख़ास करके उन लोगों को जो ज़्यादातर वक़्त घरों में बीता रहे हैं. ब्रिटेन में तो महामारी से पहले भी सर्दियों में अक्टूबर महीने से मार्च तक विटामिन डी अलग से लेने की सलाह दी जाती है.
ईरान में महामारी की दूसरी लहर की आशंका, मास्क लगाने के लिए नया क़ानून
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ईरान में कोरोना महामारी के फिर से फैलने की आशंका को देखते हुए सार्वजनिक स्थलों पर मास्क पहनने को लेकर नया क़ानून लागू किया जा रहा है.
ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि नियम तोड़ने वालों की सरकारी सुविधाएँ बंद कर दी जाएँगी.
दफ़्तरों, दुकानों या काम की जगहों पर नियम तोड़ने पर उन्हें एक हफ़्ते के लिए बंद कर दिया जाएगा.
ईरान में संक्रमण के मामलों में अप्रैल के महीने में कमी आनी शुरू हुई थी.
लेकिन इधर इनकी संख्या में फिर से तेज़ी आने के बाद पाँच प्रांतों के शहरों और क़स्बों में फिर से लॉकडाउन लगा दिया गया है.
कोरोना संक्रमण: टॉप-5 देश
अमरीका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में कोरोना संक्रमण मामलों की कुल संख्या 11,187,193 हो गई है. वहीं, संक्रमण की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या 528,364 तक पहुंच गई है.