कोरोना अपडेट:क्या 15 अगस्त को कोरोना वैक्सीन भारत में सचमुच लॉन्च होगी?
पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के कारण 379 और लोगों की मौत भी हुई है. भारत में कोरोना संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 625,544 हो गई है.
लाइव कवरेज
इसराइल और फ़लस्तीनी इलाक़ों में फिर बढ़ने लगे मामले
इसराइल में कोरोना के मामलों में अप्रैल के बाद एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिला है. पिछले 24 घंटों में यहां 1100 नए मामले आए हैं.
वहीं, फलस्तीनी अधिकारियों ने वेस्ट बैंक में आज से फिर लॉकडाउन
लगा दिया है. वेस्ट
बैंक में एक शहर से दूसरे शहर जाने पर सख़्त रोक लगा दी गई है और अधिकतर दुकानें
पांच दिनों के लिए बंद कर दी गई हैं.
गुरुवार को यहां कोरोना के 70 नए मामले आए थे. 11
मरीज़ों को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा है. इसे देखते हुए स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर बोझ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.
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भारत में 60 फ़ीसदी के पार हुआ रिकवरी रेट
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, देश में कोरोना मरीज़ों का रिकवरी रेट 60 फ़ीसदी को पार कर गया है. शुक्रवार को भारत में रिकवरी रेट 60.73% है.
समय से साथ भारत की टेस्टिंग क्षमता भी बढ़ी है. आईसीएमआर ने
गुरुवार को जानकारी दी थी कि एक जुलाई तक देश में कोविड-19 के 90 लाख से ज़्यादा टेस्ट
किए गए थे. इनमें 2,29,588 टेस्ट 24 घंटों में के अंदर किए गए थे.
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दिल्ली में कोरोना के मरीज़ों के लिए बना पहला प्लाज़्मा बैंक
दिल्ली में कोरोना वायरस के
मरीज़ों के इलाज के लिए प्लाज़्मा थेरेपी का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके लिए एक
प्लाज़्मा बैंक तैयार किया गया है.
इस बैंक का मक़सद मरीज़ों को तुरंत प्लाज़्मा मुहैया
करवाना है. प्लाज़्मा थेरेपी में एंटीबॉडी वाले ख़ून को कोविड-19 के मरीज़ों को चढ़ाया जाता है.
दिल्ली
के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा है, “लोगों को प्लाज़्मा मिलने में मुश्किल हो रही थी और
दिल्ली की स्थिति ख़राब होती जा रही थी. प्लाज़्मा बैंक की स्थापना की गई है ताकि
कोरोना के मरीज़ों का इलाज किया जा सके. ये बैंक तभी सफल होगा जब लोग आगे आएंगे.”
दिल्ली
में प्लाज़्मा थेरेपी ट्रायल के चरण पर है और कुछ ही अस्पतालों को ऐसा करने की
इजाज़त है. माना जा रहा है कि एक मरीज़ के शरीर के प्लाज़्मा में मौजूद एंटीबॉडीज़
दूसरे मरीज़ों को वायरस से लड़ने में मदद कर सकती हैं.
पिछले
24 घंटों में दिल्ली में 2000 नए मामले
सामने आए हैं जिससे कुल मामले 90 हज़ार के पार हो गए हैं.
भारत
संक्रमण के मामले में दुनिया का चौथा देश है जहां पर 6 लाख 25 हज़ार मामले
सामने आ चुके हैं जबकि 18,213 लोगों की मौत हो चुकी है.
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कोरोना रिसर्च कर रही यूनिवर्सिटी पर हैकरों का हमला, ऐसे वसूले लाखों डॉलर
यूपी में 982 नए मामले
उत्तर प्रदेश
के प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने कहा, “उत्तर प्रदेश
में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 982 नए मामले सामने
आए हैं.
राज्य में 7451 एक्टिव मामले हैं जबकि 17,557 को छुट्टी दे दी
गई है. संक्रमण के कारण अब तक कुल 749 मरीज़ों की जान गई है.”
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कोविड-19 को लेकर बाक़ी दुनिया की कुछ ख़बरें
अमरीका में महामारी
की शुरुआत से लेकर अब तक एक दिन में सबसे ज़्यादा मामले सामने आए हैं. गुरुवार को
यहां 53,000 से ज़्यादा लोग संक्रमित पाए गए.
टेक्सस उन अमरीकी राज्यों में से एक
हैं जहां कोरोना के मामलों में उछाल देखने को मिल रहा है. यहां लोगों से कहा गया
है कि सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनें. टेक्सस में इस हफ़्ते रिकॉर्ड नए मामले
सामने आए हैं. अकेले बुधवार को ही यहां 8000 लोग संक्रमित पाए गए थे.
फलस्तीनी प्रशासन ने वेस्ट बैंक में
गुरुवार से पांच दिनों का लॉकडाउन लगा दिया है क्योंकि कोरोना वायरस के मामले तेज़ी
से बढ़ रहे हैं. इससे पहले ‘रेड एरिया’ घोषित की गई जगहों में ही पाबंदियां लगाई गई थीं मगर
इससे वायरस का फैलाव रुक नहीं पाया था.
जापान के टोक्यो में कोरोना वायरस के नए मामले लगातार दूसरे दिन 100 से ज़्यादा रहे हैं. जापान की राजधानी में शुक्रवार
को 124 नए केस आए जो कि मई में आपातकाल घोषित किए जाने के बाद
से सबसे अधिक संख्या है.
ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में वायरस संक्रमण
के मामले मिलने बाद स्थिति ‘गंभीर’ हो गई है. हालांकि, मार्च में यहां मामले चरम पर
थे और अभी की संख्या उससे कम है. लेकिन अधिकतर मामले स्थानीय स्तर पर संक्रमित होने के हैं न कि विदेश से आए लोगों के कारण.
दक्षिण कोरिया में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 63 मामले दर्ज किए गए हैं. कोरोना संक्रमण के रोज़ किए जाने वाले आंकड़ों के मामले में पिछले दो हफ़्तों की ये सबसे ख़राब स्थिति है. इसके साथ ही दक्षिण कोरिया में कोरोना संक्रमण के मामलों संख्या 13 हज़ार के क़रीब पहुंच गई है.
उत्तर
कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने देश में वायरस पर काबू पाने के अपने प्रयासों की बड़ाई
की है. उत्तर कोरिया का कहना है कि उनके यहां एक भी मामला नहीं है लेकिन विश्लेषकों
का कहना है कि ऐसा होना संभव नही लगता.
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भारत में कोरोना वायरस के कचरे का क्या हो रहा है?
ऑस्ट्रिया में तेज़ी से बढ़ने लगे कोरोना के मामले
ऑस्ट्रिया में कोरोना वायरस के नए मामलों में उछाल देखने को मिला है. पिछले महीने नए मामले सामने आने की दर स्थिर बनी हुई थी.
ऑस्ट्रिया में एक्टिव मामले अब 787 हो गए हैं जबकि पिछले वीकेंड तक ये 470 ही थे. ऊपरी ऑस्ट्रिया के कई ज़िलों में बहुत सारे स्कूलों को बंद कर दिया गया है और लगभग 1400 लोगों को वहां क्वॉरन्टीन किया गया है.
इस प्रांत में 229 एक्टिव केस हैं और उनमें से 99 एक ही चर्च से जुड़े हैं.
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इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च के चीफ़ के हवाले से एक चिट्ठी शुक्रवार को जारी हुई जिसमें ये कहा है कि 15 अगस्त को कोरोना वायरस की वैक्सीन लॉन्च कर दी जाएगी.
लेकिन हेल्थ एक्सपर्ट्स इस पर सवाल उठा रहे हैं कि वैक्सीन तैयार करने के लिए जितने समय की ज़रूरत होती है और जिन प्रक्रियाओं से गुजरना होता है, क्या उनका पालन किया गया है.
दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमण का इलाज खोजने की दिशा में काम हो रहा है और इस सिलसिले में कई वैक्सीन प्रोजेक्ट्स विकास के अलग-अलग चरणों में हैं.
इन्हीं वैक्सीन डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में से एक प्रोजेक्ट पर कंपनी भारत बॉयोटेक और इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च मिलकर काम कर रही है. इसी हफ़्ते इस प्रोजेक्ट को पहले और दूसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल्स के लिए मंजूरी दी गई थी.
आईसीएमआर के महानिदेशक डॉक्टर बलराम भार्गव ने दो जुलाई को लिखी इस चिट्ठी में कहा है, "सभी क्लीनिकल ट्रायल्स के पूरा हो जाने के बाद 15 अगस्त, 2020 तक इस वैक्सीन को आम लोगों के हेल्थ यूज़ के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा."
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किसी वैक्सीन के ट्रायल के पहले और दूसरे चरण में इसकी सुरक्षा की जांच की जाती है और इसके बाद तीसरे चरण के ट्रायल की शुरुआत होती है जिसमें इसके प्रभाव का आकलन किया जाता है.
हरेक चरण को पूरा करने में सालों नहीं लगे तो महीनों का वक़्त लगता है लेकिन दुनिया भर की सरकारें कोरोना वैक्सीन ट्रायल्स को जल्द पूरा करने की कोशिश में लगी हुई हैं ताकि इस महामारी पर काबू पाया जा सके.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार 10.89 मिलियन लोग दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और कोविड-19 की महामारी के कारण 520,066 लोगों की मौत भी हो चुकी है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस चिट्ठी में डॉक्टर बलराम भार्गव ने लिखा है कि इस वैक्सीन पर सरकार के शीर्ष स्तर से निगरानी रखी जा रही है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ फार्मा कंपनी भारत बॉयोटेक के प्रवक्ता ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया लेकिन आईसीएमआर के अधिकारी ने समाचार एजेंसी से नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा कि ये चिट्ठी एक निजी संवाद था जिसे गलत संदर्भों में पेश किया जा रहा है.
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पेशे से डॉक्टर और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर चुके अनंत भान क्लीनिकल ट्रायल के तेज़ रफ़्तार पर सवाल उठाते हैं.
वे कहते हैं, "चिट्ठी से ऐसा संकेत मिलता है कि वैक्सीन के असर के बारे में पहले से ही सबकुछ तय कर लिया गया है. मेरी जानकारी में किसी भी वैक्सीन के लिए इतनी तेज रफ्तार से वैक्सीन विकास की प्रक्रियाओं को अंजाम नहीं दिया गया है. यहां तक कि किसी और देश में भी किसी ने ऐसी कोशिश नहीं की है."
"भले ही इस प्रक्रिया को तेज़ कर दिया जाए लेकिन इस मामले में तो ये सचमुच जल्दबाज़ी की तरह लगता है. वैक्सीन विकास की प्रक्रियाओं पर पर्याप्त रूप से ध्यान नहीं दिया जा रहा है. इसलिए इसके संभावित खतरे हैं."
कुछ अन्य स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी वैक्सीन की प्रस्तावित लॉन्चिंग तारीख को लेकर सवाल उठाया है.
आईसीएमआर के अधिकारी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा कि उद्देश्य ये है कि वैक्सीन के सभी ट्रायल्स 15 अगस्त तक पूरे कर लिए जाएं. चिट्ठी में कुछ लिखा है और इसकी व्याख्या कुछ और की जा रही है.
दक्षिण कोरिया में संक्रमण की 'दूसरी लहर' जैसी स्थिति
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दक्षिण कोरिया में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 63 मामले दर्ज किए गए हैं. कोरोना संक्रमण के रोज़ किए जाने वाले आंकड़ों के मामले में पिछले दो हफ़्तों की ये सबसे ख़राब स्थिति है.
इसके साथ ही दक्षिण कोरिया में कोरोना संक्रमण के मामलों संख्या 13 हज़ार के क़रीब पहुंच गई है.
राजधानी सोल के बाहर संक्रमण के मामलों का बढ़ना जारी है. कमोबेश पूरे दक्षिण कोरिया की यही स्थिति है.
चीन के बाहर दक्षिण कोरिया उन देशों में शामिल था जहां कोरोना संक्रमण के मामले शुरू में तेज़ी से बढ़े थे लेकिन बीते महीनों में वहां हालात काबू में होते दिखे थे.
लेकिन मई के आख़िर से देश में कोरोना संक्रमण के मामले एक बार फिर से बढ़ने लगे हैं.
दक्षिण कोरिया के स्वास्थ्य अधिकारियों का भी कहना है कि देश में संक्रमण की दूसरी लहर जैसी स्थिति बनती दिख रही है.
किम जोंग उन का दावा, उत्तर कोरिया कोरोना संकट को रोकने में कामयाब रहा
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उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने दावा किया है कि कोरोना संकट से निपटने में उनके देश को 'चमकदार सफलता' मिली है.
पोलित ब्यूरो की मीटिंग के दौरान किम जोंग उन ने कहा कि उत्तर कोरिया ने इस वायरस को फैलने से रोका और हालात को स्थिर बनाकर रखा है.
दुनिया भर में कोरोना महामारी फैलने की शुरुआत के समय ही छह महीने पहले ही उत्तर कोरिया ने अपनी सीमाएं सील कर दी थीं और हज़ारों लोगों आइसोलेशन में भेज दिया.
उत्तर कोरिया का दावा है कि उसके यहां कोरोना वायरस से संक्रमण का एक भी मामला नहीं है. हालांकि विश्लेषक इस बात से सहमत नहीं दिखते.
कहा जाता है कि गुरुवार को हुई पोलित ब्यूरो की मीटिंग में किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया की महामारी के ख़िलाफ़ कार्ययोजना का विस्तार से जायजा लिया.
उन्होंने बिना कोई ढिलाई बरते अधिकतम चौकसी की अहमियत पर जोर दिया. साथ ही किम जोंग उन ने ये भी कहा कि पड़ोस के देशों में कोरोना वायरस के मामले आज भी मौजूद हैं.
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उत्तर कोरिया में मास्क अनिवार्य
जनवरी के आख़िर में ही उत्तर कोरिया ने कोरोना वायरस के संक्रमण को बढ़ने से रोकने के लिए तेज़ी से कदम उठाए थे.
देश की सीमाएं सील कर दी गई थीं और बाद में प्योंगयांग में मौजूद सैंकड़ों विदेशी लोगों को क्वारंटीन में डाल दिया गया.
इतना ही नहीं उत्तर कोरिया ने अपने सैंकड़ों नागरिकों को भी आइसोलेशन में रखा है, साथ ही स्कूल बंद कर दिए गए.
हालांकि उत्तर कोरिया में अब स्कूल खोल दिए गए हैं, लेकिन लोगों के सार्वजनिक जगहों पर इकट्ठा होने पर अभी भी रोक लगी हुई है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने विश्व स्वास्थ्य संगठन के हवाले से बताया है कि उत्तर कोरिया में सार्वजनिक जगहों पर मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि उत्तर कोरिया में अभी तक केवल 922 लोगों की टेस्टिंग की गई है. इन सभी मामलों में रिजल्ट नेगेटिव रहा है.
उत्तर कोरिया की चीन से लंबी सीमा लगती है. उसका दावा रहा है कि देश में कोरोना वायरस से संक्रमण का एक भी मामला अभी तक सामने नहीं आया है.
लेकिन स्पेशलिस्ट न्यूज़ वेबसाइट एनके न्यूज़ के प्रबंध संपादक ओलिवर होथम का कहना है कि उत्तर कोरिया का दावा सही नहीं है.
"इस बात की संभावना बहुत कम है कि उत्तर कोरिया में संक्रमण का एक भी मामला न हो क्योंकि इसकी सीमाएं दक्षिण कोरिया और चीन से लगती है. इन देशों से उत्तर कोरिया का जो व्यापार होता है, उसे देखते हुए मुझे नहीं लगता कि वे इसे रोक पाए होंगे, ये कैसे मुमकिन है."
भारत में दूसरे कोरोना वैक्सीन प्रोजेक्ट को इंसानों पर परीक्षण को मंजूरी
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फार्मा कंपनी ज़ाइडस कोरोना वायरस के जिस वैक्सीन प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, उसके इंसानों पर परीक्षण को सरकारी मंजूरी मिल गई है.
कंपनी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी और एक बयान जारी कर बताया, "जानवरों पर परीक्षण के दौरान इस संभावित वैक्सीन ने मजबूत प्रतिरोधक क्षमता का प्रदर्शन किया है."
ज़ाइडस को इजाजत मिलने से कुछ दिन पहले भारत सरकार ने भारत बॉयोटेक को भी ऐसे ही वैक्सीन प्रोजेक्ट के इंसानों पर परीक्षण की मंजूरी दी थी.
कंपनी का कहना है कि भारत के अलग-अलग जगहों पर इस महीने ज़ाइडस एक हज़ार लोगों पर इसका परीक्षण करेगी.
ज़ाइडस का दावा है कि इस संभावित वैक्सीन का इंसानों पर परीक्षण को लेकर सुरक्षा से जुड़ी कोई आशंका नहीं है और ये पूरी तरह से सुरक्षित है.
हालांकि अभी तक कोविड-19 के इलाज के लिए किसी भी वैक्सीन को व्यावसायिक स्तर पर इस्तेमाल के लिए मंजूरी नहीं मिली है लेकिन दुनिया भर में वैक्सीन की ऐसी सौ परियोजनाओं पर काम जारी है, जहां इंसानों पर फिलहाल इसका परीक्षण चल रहा है.
भारत इस समय दुनिया में कोरोना महामारी से चौथा सबसे ज़्यादा प्रभावित देश है. केवल अमरीका, ब्राजील और रूस में भारत से ज़्यादा संक्रमण के मामले हैं.
भारतः पिछले 24 घंटे में 20,903 रिकॉर्ड मामले, कोरोना संक्रमितों की संख्या 625,544 हुई
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भारत में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 20,903 मामले दर्ज किए गए. रोज़ाना दर्ज किए जाने वाले मामलों की संख्या के लिहाज से ये अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है.
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोना संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 625,544 हो गई है.
इनमें 227,439 सक्रिय मामले हैं जबकि 379,892 मरीज़ संक्रमण के बाद ठीक हो चुके हैं.
देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के कारण 379 और लोगों की मौत भी हुई है.
इसके साथ ही कोरोना महामारी के कारण मरने वाले लोगों की कुल संख्या 18,213 हो गई है.
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि देश में कोरोना से सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्य महाराष्ट्र में संक्रमण के मामले बढ़कर 186,626 हो गए हैं.
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महाराष्ट्र में कोरोना महामारी के कारण 8178 लोगों की मौत भी हुई है. महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु कोरोना संकट से दूसरा सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्य है.
यहां संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 98.392 है जबकि तमिलनाडु में 1321 लोगों की मौत हो चुकी है.
दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले 92,175 है और यहां 2864 लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हुई है.
इंडियन काउंसिल ऑफ़ मेडिकल रिसर्च ने शुक्रवार को बताया कि दो जुलाई तक देश में 92,97,749 कोरोना टेस्ट किए जा चुके थे जिनमें 241,56 सैंपल्स की टेस्टिंग सिर्फ गुरुवार को की गई.
डूबने के कगार पर खड़ी एयरलाइन कंपनी को पुर्तगाल सरकार ने बचाया
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कोरोना संकट से जूझ रही पुर्तगाली एयरलाइन कंपनी टीएपी को डूबने से बचाने के लिए पुर्तगाल की सरकार ने कंपनी के प्राइवेट शेयरहोल्डर से आख़िरी करार कर लिया है.
करार के तहत सरकार ने कंपनी का राष्ट्रीयकरण के बजाय इसकी निर्णायक हिस्सेदारी खरीदने का फ़ैसला किया है.
पुर्तगाल के इंफ्रास्ट्रक्चर मिनिस्टर पेड्रो नुनो सांटोस ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "टीएपी एयरलाइन देश के लिए बेहद अहम है. हमें इस कंपनी का यूं ही पतन होते हुए नहीं देख सकते थे. सौभाग्य से हम ने राष्ट्रीयकरण की स्थिति आने नहीं दी."
पुर्तगाल सरकार की इस विमान कंपनी में पहले से ही 50 फीसदी की हिस्सेदारी जो इस करार के बाद बढ़कर 72.5 फीसदी हो जाएगी.
कोरोना महामारी के दौरान जब उड़ान सेवाओं के लिए मांग में भारी कमी आई तो कंपनी की हालत इस कदर खस्ता हो गई थी कि उसे अप्रैल के महीने में सरकार से मदद मांगनी पड़ी.
यूरोपीय संघ ने कंपनी को बचाने की इस योजना को पहले ही मंजूरी दे दी थी.
ब्रेकिंग न्यूज़, अमरीका में कोरोना संक्रमण का एक और रिकॉर्ड टूटा, एक दिन में 55 हज़ार केस
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गुरुवार को अमरीका में कोरोना संक्रमण के 55 हज़ार नए मामले रिपोर्ट किए गए. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ अमरीका में कोरोना संक्रमण के रोज़ दर्ज किए जाने वाले आंकड़ों के लिहाज से ये अब तक के सबसे आंकड़ें हैं.
पूरे अमरीका में बीते हफ़्ते कोरोना संक्रमण के मामले जिस तरह से बढ़े हैं, उसे देखते हुए ट्रंप प्रशासन के कामकाज पर लोगों की क़रीबी नज़र है.
कुछ राज्यों के गवर्नरों ने तो लॉकडाउन के कड़े प्रावधानों में ढील दिए जाने की योजना फिलहाल के लिए टाल दी है.
गुरुवार देर शाम तक अमरीका में संक्रमण के 55,274 नए मामले दर्ज किए गए. इससे पहले रोज़ दर्ज किए जाने वाले आंकड़ों के मामलों में ये रिकॉर्ड ब्राज़ील के नाम था.
ब्राज़ील में 19 जून को कोरोना संक्रमण के 54,771 मामले दर्ज किए गए थे.
महज दो हफ़्ते पहले तक अमरीका में रोज़ाना तकरीबन 22 हज़ार के आस-पास कोरोना संक्रमण के मामले दर्ज किए जा रहे थे.
लेकिन पिछले सात दिनों से रोज़ दर्ज किए जाने वाले ये आंकड़े बढ़कर 40 हज़ार से ज़्यादा हो गए हैं.
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हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पिछले तीन दिन से ये रिकॉर्ट रोज़ टूट रहा है और नया रिकॉर्ड बन रहा है.
जून के शुरुआत दो हफ़्तों के बनिस्बत अमरीका के 50 राज्यों में से 37 राज्यों में नए मामले पिछले 14 दिनों में तेज़ी से बढ़े हैं. गुरुवार को फ्लोरिडा में कोरोना संक्रमण के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज किए गए. यहां दस हज़ार से ज़्यादा केस रिपोर्ट हुए हैं.
दो करोड़ दस लाख की आबादी वाले इस राज्य में कोरोना संक्रमण के जितने मामले रोज़ दर्ज किए जा रहे हैं, उतने केस तो महामारी के सबसे ख़राब दौर में यूरोप के किसी भी देश में रोज़ रिपोर्ट नहीं हो रहे थे.
इस हफ़्ते की शुरुआत में अमरीका के महामारी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फाउची ने ये चेतावनी दी थी कि अमरीका में कोरोना संक्रमण के मामले एक लाख केस रोज़ाना के स्तर तक पहुंच सकते हैं.
जिस तरह से अमरीका में कोरोना टेस्टिंग की सुविधा का विस्तार किया गया है और ज़्यादा से ज़्यादा टेस्ट किए जा रहे हैं, संक्रमित मामलों की संख्या भी उतनी ही तेज़ी से बढ़ी है. अस्पतालों में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या भी बेतहाशा बढ़ी है.
कोरोना वायरस संक्रमण से ब्राज़ील में अब तक 60 हज़ार से अधिक मौतें
संक्रमण के लिहाज़ से ब्राज़ील दुनिया का दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश है. ब्राज़ील में कोरोना वायरस संक्रमण के करीब 15 लाख मामले हैं और मरने वालों की संख्या 60 हज़ार के पार पहुंच गई है.
ब्राज़ील के सबसे बड़े शहर- साओ पाउलो और रियो दे जनेरो महामारी से बुरी तरह प्रभावित हैं जबकि ब्राज़ील के अन्य राज्यों में कोरोना की टेस्टिंग ही कम की जा रही है, जिनके बारे में विशेषज्ञों की राय है कि वहाँ मामले अधिक हो सकते हैं.
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फ्रेंच ओपन में दर्शक कर सकेंगे शिरकत
फ़्रेंच टेनिस फ़ेडरेशन ने कहा है कि जब सितंबर में फ्रेंच ओपन शुरू होगा तो प्रशंसकों को इसमें शिरकत करने की इजाज़त होगी.
टूर्नामेंट की वेबसाइट पर डाले गए बयान में कहा गया है कि टिकटों की बिक्री नौ जुलाई से शुरू होगी. चार लोगों को ही साथ बैठने की इजाजत होगी और हर ग्रुप के बीच एक सीट खाली छोड़ी जाएगी.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़, इसका मतलब यह हुआ कि 27 सितंबर से 11 अक्तूबर तक चलने वाले टूर्नामेंट में हर रोज़ 20 हज़ार दर्शक आ पाएंगे.
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भारत, पाकिस्तान और मिस्र की जेनरिक दवा कंपनियां बनाएंगी कोविड-19 की दवा
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अमरीकी फार्मा कंपनी गिलियाड कोविड-19 का इलाज बताई जा रही रेमडेसिविर दवा का अगले तीन महीनों में जितना उत्पादन कर सकेगी, अमरीका ने लगभग इस पूरी खेप को खरीदने का सौदा पहले ही कर लिया है.
लेकिन भारत, पाकिस्तान और मिस्र की कुछ दवा निर्माता कंपनियों को रेमडेसिविर के जेनरिक वर्जन के उत्पादन का लाइसेंस दिया गया है.
अभी तक हुए रिसर्च से ये बात सामने आई है कि रेमडेसिविर के इस्तेमाल से मरीज़ जल्दी ठीक हो रहे थे. हालांकि फिलहाल ये स्पष्ट नहीं है कि संक्रमित व्यक्ति के जीवित बचने की संभावना में इस दवा से किस हद तक सुधार होता है.
कोरोना वायरस महामारी को लेकर ट्रंप का चीन पर निशाना
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोविड19 को लेकर एकबार फिर चीन पर निशाना साधा है. अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ये चीनी प्लेग है.
उन्होंने कहा कि यह फैलना नहीं चाहिए था मगर उन्होंने ऐसा होने दिया. हमने नई ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किये थे और अभी उसकी स्याही भी नहीं सूखी थी कि इसने दस्तक दे दी.
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