कोरोना अपडेट: अमरीका में एक दिन में सामने आए 40 हज़ार मामले
दुनिया भर में कोरोना संक्रमितों की संख्या क़रीब 9ब लाख हो गई है, जबकि अब तक चार लाख 91 हज़ार से ज़्यादा मौतें हो चुकी हैं.
लाइव कवरेज
रूसः 24 घंटे में 176 लोगों की मौत, संक्रमण के 6800 नए मामले
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शुक्रवार को रूस में कोरोना वायरस संक्रमण के 6800 नए मामले दर्ज किए गए.
अप्रैल के आख़िर के बाद ये से पहला मौका है जब रूस में कोरोना संक्रमण के रोज़ दर्ज किए जाने वाले मामले 7000 से कम रहे हैं.
रूस में फिलहाल कोरोना संक्रमितों की संख्या 620,794 हो गई है.
देश में कोरोना वायरस के संक्रमण पर नज़र रखने वाली सरकारी एजेंसी ने बताया कि पिछले 24 घंटे में देश में कोविड-19 की वजह से 176 लोगों की मौत हुई है.
इसके साथ ही रूस में मरने वालों की कुल संख्या 8781 हो गई है.
ओडिशा में कोरोना संक्रमण के 218 नए मामले, संक्रमितों की संख्या 6000 पार
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ओडिशा में कोरोना संक्रमण के 218 नए मामलों के साथ राज्य में संक्रमितों की कुल संख्या 6000 से ज़्यादा हो गई है.
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संक्रमित होने वाले लोगों में एनडीआरएफ़ के सात लोग भी शामिल हैं.
ओडिशा में अभी तक कोरोना संक्रमण के 6180 मामले दर्ज किए गए हैं.
संक्रमण के नए मामलों में 191 ऐसे हैं जो दूसरे राज्यों से ओडिशा लौटे थे और राज्य के अलग-अलग क्वारंटीन सेंटर्स में रह रहे हैं.
संक्रमित पाए गए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स के सातों स्टाफ़ हाल ही में अंफन तूफ़ान के समय पश्चिम बंगाल में राहत कार्य के लिए भेजे गए थे.
ये लोग भी क्वारंटीन केंद्रों में हैं.
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की प्रक्रिया में संक्रमण के बाक़ी मामलों का पता चला.
उन्होंने बताया कि एनडीआरएफड, ओडीआरएफ और ओडिशा अग्निशमन सेवा के 289 कर्मी और सीमा सुरक्षा बल के नौ जवान ओडिशा में कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं.
49 नए मामलों में ओडिशा का गंजम ज़िला सबसे ज़्यादा प्रभावित लग रहा है.
एनडीआरएफ़ के लोग भी इसी ज़िले के हैं.
गंजाम में कोरोना संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1137 हो गई है.
अधिकारियों ने बताया बरहमपुर नगर निगम ने शनिवार से चार दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले, जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बनती, इसकी दवा है दो गज की दूरी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा है कि जब तक कोरोना की वैक्सीन तैयार नहीं हो जाएगी, सभी को दो गज की दूरी बनाकर रखती है और फेस मास्क पहनना है.
वे 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश रोज़गार अभियान' के लॉन्चिंग के मौके पर बोल रहे थे.
"हम सभी ने अपने व्यक्तिगत जीवन में अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं. हमारे सामाजिक जीवन में भी, गांव में, शहर में, अलग-अलग तरह की कठिनाइयां आती ही रहती हैं."
"इसकी एक दवाई हमें पता है. ये दवाई है दो गज की दूरी. ये दवाई है- मुंह ढकना, फेसकवर या गमछे का इस्तेमाल करना. जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं बनती, हम इसी दवा से इसे रोक पाएंगे."
"मुझे पूरा विश्वास है कि योगी जी के नेतृत्व में, जिस तरह आपदा को अवसर में बदला गया है, जिस तरह वो जी-जान से जुटे हैं, देश के अन्य राज्यों को भी इस योजना से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा, वो भी इससे प्रेरणा पाएंगे."
"आज जब दुनिया में कोरोना का इतना बड़ा संकट है, तब उत्तर प्रदेश ने जो साहस दिखाया, जो सूझबूझ दिखाई, जो सफलता पाई, जिस तरह कोरोना से मोर्चा लिया, जिस तरह स्थितियों को संभाला, वो अभूतपूर्व है, प्रशंसनीय है."
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"चाहे यूपी के डॉक्टर हों, पैरामेडिकल स्टाफ हो, सफाई कर्मचारी हों, पुलिसकर्मी हों, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हो, बैंक और पोस्टऑफिस के साथी हों, परिवहन विभाग के साथी हों, श्रमिक साथी हों, हर किसी ने पूरी निष्ठा के साथ अपना योगदान दिया है."
"उत्तर प्रदेश के प्रयास और उपलब्धियां इसलिए विराट हैं, क्योंकि ये सिर्फ एक राज्य भर नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश दुनिया के कई देशों से बड़ा राज्य है. इस उपलब्धि को यूपी के लोग खुद महसूस कर रहे हैं, लेकिन आप अगर आंकड़े जानेंगे तो और भी हैरान हो जायेंगे."
"जो मेहनत यूपी की सरकार ने की है, हम कह सकते हैं कि एक प्रकार से अब तक कम से कम 85 हजार लोगों का जीवन बचाने में वो कामयाब हुई है. आज अगर हम अपने नागरिकों का जीवन बचा पा रहे हैं, तो ये भी बहुत संतोष की बात है."
"ये सब उस स्थिति में हुआ जब देशभर से करीब 30 लाख से अधिक श्रमिक साथी, कामगार साथी, यूपी में पिछले कुछ हफ्तों में अपने गांव लौटे थे. सैकड़ों श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को चलवाकर यूपी सरकार ने मुश्किल में फंसे अपने लोगों को वापस बुला लिया था."
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"यूपी में 2017 से पहले जिस तरह का शासन चल रहा था, जिस तरह की सरकार चला करती थी, उस हालात में, हम इन नतीजों की कल्पना भी नहीं कर सकते. पहले वाली सरकारें होतीं, तो अस्पतालों की संख्या का बहाना बनाकर, बिस्तरों की संख्या का बहाना बनाकर, इस चुनौती को टाल देती."
"योगी जी ने, उनकी सरकार ने, हालात की गंभीरता को समझा. उन्होंने समझा कि इतने बड़े-बड़े देशों की क्या हालत हो रही है. ये देखते हुए उन्होंने और उनकी सरकार ने युद्धस्तर पर काम किया. क्वारंटीन सेंटर हो, आइसोलेशन की सुविधा हो, इसके निर्माण के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई."
"लॉकडाउन के दौरान, गरीबों को भोजन की दिक्कत न हो, इसके लिए जिस तरह योगी सरकार ने काम किया है, वो भी अभूतपूर्व है. प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत यूपी ने बहुत तेज़ी से गरीबों और गांव लौटे श्रमिक साथियों तक मुफ्त राशन पहुंचाया."
"जिनके पास राशन कार्ड नहीं था, उनके लिए भी यूपी सरकार ने सरकारी राशन की दुकान के दरवाजे खोल दिए. इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश के सवा तीन करोड़ गरीब महिलाओं के जनधन खाते में लगभग 5 हजार करोड़ रुपए भी सीधे ट्रांफफर किए गए."
"भारत को आत्मनिर्भरता के रास्ते पर तेज़ गति से ले जाने का अभियान हो या फिर गरीब कल्याण रोज़गार अभियान हो, उत्तर प्रदेश यहां भी बहुत आगे चल रहा है. गरीब कल्याण रोज़गार अभियान के तहत श्रमिकों को आय़ के साधन बढ़ाने के लिए गांवों में अनेक कार्य शुरू करवाए जा रहे हैं."
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"इसमें से करीब 60 लाख को गांव के विकास से जुड़ी योजनाओं में तो करीब 40 लाख को छोटे उद्योगों यानि MSMEs में रोज़गार दिया जा रहा है. इसके अलावा स्वरोज़गार के लिए हज़ारों उद्यमियों को मुद्रा योजना के तहत करीब 10 हज़ार करोड़ रुपए का ऋण आबंटित किया गया है."
"सवा करोड़ कामगारों की, कर्मचारियों की पहचान करना, 30 लाख से ज्यादा श्रमिकों के कौशल का, अनुभव का डेटा तैयार करना और उनके रोज़गार की समुचित व्यवस्था करना, ये दिखाता है कि उत्तर प्रदेश सरकार की तैयारी कितनी सघन रही है, कितनी व्यापक रही है."
"अब आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत जब पूरे देश में ऐसे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए उद्योगों के क्लस्टर बनाए जा रहे हैं, तब उत्तर प्रदेश को बहुत अधिक लाभ होगा. अब जो 3 कानून केंद्र सरकार लेकर आई है, उनसे किसानों को मंडी से बाहर भी अपनी उपज बेचने का अधिकार मिल गया है."
"यानी जहां बेहतर दाम मिलेंगे, वहां किसान अपना सामान बेचेगा. दूसरा, अब किसान अगर चाहे तो अब बुआई के समय ही अपनी फसल का दाम तय कर सकता है. इसके अलावा हमारे पशुपालकों के लिए अनेक नए कदम उठाए जा रहे हैं. दो दिन पहले ही पशुपालकों और डेयरी सेक्टर के लिए 15 हजार करोड़ रुपए का एक विशेष इंफ्रास्ट्रक्चर फंड बनाया गया है."
"बौद्ध सर्किट के लिहाज़ से अहम कुशीनगर एयरपोर्ट को इंटरनेशनल एयरपोर्ट घोषित किया गया है. इससे पूर्वांचल में हवाई कनेक्टिविटी और सशक्त होगी और देश-विदेश में महात्मा बुद्ध पर आस्था रखने वाले करोड़ों श्रद्धालु अब आसानी से उत्तर प्रदेश आ सकेंगे. सिर्फ तीन साल में यूपी में गरीबों के लिए 30 लाख से ज्यादा पक्के घर बनाए गए हैं."
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच सोने की कीमत लगातार तीसरे हफ़्ते चढ़ी
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दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर चिंता के माहौल के बीच सोने की कीमतें लगातार तीसरे हफ़्ते चढ़ी हैं.
हालांकि डॉलर की कीमत स्थिर बनी हुई है और इक्विटी मार्केट में हुए फायदे ने निवेश के सुरक्षित विकल्पों की मांग को कमज़ोर किया है.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ शुक्रवार 11 बजकर 27 मिनट पर सोना 1758 डॉलर (1,32,705.27 रुपये) प्रति आउंस (28.3495 ग्राम) पर बिक रहा था.
इस हफ़्ते सोने की कीमत में एक फीसदी का इजाफा दर्ज हुआ है.
बुधवार को सोने की कीमत 1779 डॉलर प्रति आउंस चल रही थी.
पिछले आठ साल में सोने की कीमत का ये सबसे उच्च स्तर था.
सिंगापुर के डीलर गोल्डसिल्वर सेंट्रल के प्रबंध निदेशक ब्रायन लैन का कहना है, "दुनिया भर में कम होते ब्याज दर और कोरोना संकट के माहौल के बीच सरकारों ने जिस तरह से सोने में निवेश किया है, उससे सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा है."
ब्रायन लैन कहते हैं कि सोने की कीमत लगभगल 1780 डॉलर तक पहुंचने के बाद नीचे गई है. ऐसा लग रहा है कि लोग अब मुनाफा निकाल रहे हैं.
महाराष्ट्र पुलिस के दो लोगों की मौत, संक्रमण के 190 नए मामले
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महाराष्ट्र पुलिस के दो कर्मियों की मौत कोरोना वायरस से संक्रमण के कारण हो गई है. इसके अलावा शुक्रवार को कोरोना संक्रमण के 190 नए मामले दर्ज किए गए हैं.
महाराष्ट्र पुलिस ने बताया कि राज्य में पुलिसकर्मियों के संक्रमित होने के मामले बढ़कर 4516 हो गए हैं.
साथ ही कोविड-19 की महामारी के कारण अब तक 56 पुलिसवालों की मौत भी हो चुकी है.
इस बीच अच्छी ख़बर ये है कि 3,444 पुलिसकर्मी संक्रमण होने के बाद ठीक भी हुए हैं.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के 147,741 मामले अभी तक रिकॉर्ड किए गए हैं जिनमें 63,357 सक्रिय मामले हैं जबकि 6,931 लोगों को इस बीमारी के कारण मौत हो चुकी है.
कोरोना वैक्सीन बनाने वाली दवा कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है
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कोरोना वैक्सीन रिकॉर्ड समय में तैयार कर लेना बहुत बड़ी चुनौती है. लेकिन महामारी ख़त्म करने के लिए पर्याप्त संख्या में वैक्सीन की खुराक का उत्पादन मेडिकल मैन्युफैक्चरिंग के इतिहास का सबसे बड़ा कमाल होगा.
और इस दिशा में काम भी जारी है. ऐसे समय में जब दुनिया भर में यात्रा प्रतिबंध लागू हैं, विशेषज्ञ अरबों की संख्या में वैक्सीन की खुराक के लिए स्टोरेज, नई तरह की शीशी (एक किस्म की छोटी बोतल) और सिरींज के इंतज़ाम में लगे हुए हैं.
इस रास्ते में कई दुश्वारियां हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इसे समझने के लिए वैक्सीन के निर्माण में लगी कई कंपनियों और उससे जुड़े लोगों से बात की.
जानकारों का कहना है कि ये एक ऐसा सप्लाई चेन होगा जिसके इम्तेहान की घड़ी अभी नहीं आई है.
पुणे से इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड और अमरीका के बाल्टीमोर तक वैक्सीन पहुंचाने की राह में एक भी अड़चन पूरी प्रक्रिया को जटिल बना सकती है.
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अमरीकी सेना के सेंटर फ़ॉर इंफेक्शस डिजीज़ रिसर्च के निदेशक कर्नल नेल्सन माइकल युद्ध स्तर पर जनवरी तक वैक्सीन तैयार की परियोजना पर काम कर रहे हैं.
वे कहते हैं कि कंपनियों को इस काम को अंजाम देने में अमूमन सालों लग जाते हैं. दुनिया के एक बड़े हिस्से का ध्यान वैक्सीन तैयार करने की वैज्ञानिक होड़ पर लगा हुआ है.
लेकिन पर्दे के पीछे विशेषज्ञों के सामने एक दूसरी कठोरी हकीकत सामने खड़ी है. वो ये है कि शायद हमारे पास वैक्सीन की अरबों खुराक के उत्पादन, पैकेजिंग और वितरण की पर्याप्त क्षमता नहीं है कि सभी को एक ही बार में ये मुहैया कराई जा सके.
दुनिया भर की सरकारें और कंपनियां इस क्षमता को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही हैं.
ब्रिटेन के बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के इंजीनियरिंग और टेक्नॉलॉजी एक्सपर्ट टॉबी पीटर्स कहते हैं, "ये सबसे बड़ी लॉजिस्टिक यानी सामान का उत्पादन, पैकेजिंग और ड्रिस्ट्रिब्यूशन की चुनौती है जिसका दुनिया ने शायद ही पहले कभी सामना किया हो."
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वैक्सीन प्रोजेक्ट पर काम कर रही मॉडर्ना जैसी कंपनियां कोल्डे स्टोरेज के इंतज़ाम के लिए नए प्रयोग कर रही हैं वैक्सीन को सुरक्षित रखा जा सके.
इस समय वैक्सीन को रखने के लिए शून्य से 80 डिग्री सेल्सियस कम तापमान की ज़रूरत है.
मटीरियल साइंस पर काम करने वाली कंपनी SiO2 ऐसी छोटी शीशी के निर्माण पर काम कर रही है जो बेहद ठंडे तापमान में टूट न जाएं.
इस काम में फिलहाल जारी यात्रा प्रतिबंध भी परेशानी का सबब बन रहे हैं. जॉनसन एंड जॉनसन को इसी गर्मियों में अपने वैक्सीन प्रोजेक्ट का क्लिनिकल ट्रायल शुरू करना था लेकिन उसे अपने वैक्सीन विशेषज्ञों को प्रोडक्शन साइट के लॉन्च की निगरानी के लिए भेजने में मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
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बड़े पैमाने पर क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने के लिए हरेक वैक्सीन पर दस हज़ार से तीस हज़ार वॉलंटियर्स की ज़रूरत पड़ती है.
वैक्सीन काम करेगी या नहीं, इस सवाल के जवाब के लिए वैज्ञानिकों को इस अक्टूबर तक इंतज़ार करना होगा, तब जाकर वे कुछ कहने की स्थिति में होंगे.
और अगर वे कामयाब हो जाते हैं तो अगली चुनौती इसके व्यापक उत्पादन, सरकारों की मंजूरी और अरबों की संख्या में तैयार की जानी वाली खुराक की पैकेजिंग और ड्रिस्ट्रिब्यूशन की होगी.
जीएवीआई वैक्सीन एलायंस के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेठ बर्कले कहते हैं कि ज़ीरो वैक्सीन से पर्याप्त वैक्सीन के बीच का रास्ता दुनिया के लिए आसान नहीं होने जा रहा है.
कहां तक पहुंचा कोरोना की वैक्सीन बनाने का काम?
वीडियो कैप्शन, कोरोना से बढ़ी चिंता के बीच एक अच्छी ख़बर भी आई है.
कोरोना से बचाव की वैक्सीन तैयार करने के लिए दुनिया भर में 120 ट्रायल चल रहे हैं.
वैक्सीन बनाने में जुटी टीम के मुताबिक अगर ट्रायल कामयाब होता है तो अगले साल गर्मियों तक ब्रिटेन के चार करोड़ लोगों को बीमारी से बचाने के लिए ये टीका उपलब्ध हो सकेगा.
दोबारा खुला ओपेरा हाउस, पर हाउसफ़ुल होते हुए भी नहीं थे दर्शक
वीडियो कैप्शन, स्पेन कोरोना वायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक है.
स्पेन कोरोना वायरस महामारी से सबसे अधिक प्रभावित देशों में से एक है.
इस महामारी के कारण ये ओपेरा हाउस महीनों से बंद था.
हालांकि, ये ओपेरा हाउस दोबारा खोला गया.
लेकिन हाउसफ़ुल होने के बावजूद इसमें दर्शक नहीं थे.
अमरीका में क्यों नहीं थम रहा कोरोना वायरस
वीडियो कैप्शन, अमरीका में हालात सुधरने के बाद फिर बेक़ाबू हुए.
दुनिया में कोरोना वायरस के सबसे ज़्यादा मामले अमरीका में हैं.
सबसे ज़्यादा मौतें भी यहीं हुई हैं.
पिछले सप्ताह तक ऐसा लग रहा था कि अमरीका में हालात धीरे-धीरे क़ाबू में आ रहे हैं.
लेकिन कई इलाकों में तेज़ी से बढ़े मामलों ने चिंता फिर से बढ़ा दी है.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में 24 घंटे में 17,296 नए मामले
भारत में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. गुरुवार को भारत में कोरोना संक्रमण के 17,296 नए मामले सामने आए. इसके साथ ही भारत में अब तक कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 4,90,401 हो गई है. मरने वालों की तादाद 15,301 हो गई है. गुरुवार को कोरोना से 407 लोगों की मौत हुई.
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नोएडा, ग़ाज़ियाबाद समेत यूपी के छह शहरों में रात का कर्फ़्यू
समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार मेरठ के मंडल आयुक्त ने आदेश जारी किया है कि उत्तर प्रदेश के नोएडा, ग़ाज़ियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़ और मुज़फ़्फ़रनगर में आठ बजे रात से सुबह छह बजे तक कर्फ़्यू जारी रहेगा.
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यूरोप में फिर बढ़ रहे हैं मामले, WHO ने जताई चिंता
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विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि यूरोप में पाबंदियों में ढील के बाद पिछले कई महीनों में पहली बार कोविड-19 के साप्ताहिक मामलों की संख्या बढ़ रही है जो चिंताजनक है.
संगठन के क्षेत्रीय निदेशक डॉक्टर हान्स हेनरी क्लूग ने कहा कि यूरोप में 11 देशों में अचानक से संक्रमण के मामलों में बहुत तेज़ उछाल आया है, जिनमें आर्मीनिया, स्वीडन, माल्डोवा और नॉर्थ मैसिडोनिया शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि वायरस के प्रकोप के दोबारा प्रकट होने को लेकर उन्होंने जो चेतावनी दी थी, वो अब वास्तविक लग रही है.
उन्होंने आगाह किया कि अगर इसे लेकर सचेत नहीं हुए तो इन देशों का स्वास्थ्य तंत्र चरमरा जाएगा.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के यूरोपीय क्षेत्र में आने वाले 54 देशों में अब तक संक्रमण के 26 लाख से ज़्यादा मामले सामने आ चुके हैं और 195,000 लोगों की मौत हो चुकी है.
संगठन का यूरोपीय क्षेत्र काफ़ी बड़ा है, जिसमें यूरोप के अलावा मध्य पूर्व और मध्य एशिया के भी 54 देश और सात क्षेत्र आते आते हैं.
इस क्षेत्र में रोज़ाना औसतन 20,000 नए मामले और 700 लोगों की मौत दर्ज की जा रही है.
डॉक्टर क्लूग ने कहा,"मैं पिछले कई हफ़्तों से ऐसे मौक़े पर इस प्रकोप के दोबारा सिर उठाने की चेतावनी दे रहा हूँ जब ये देश अपने यहाँ पाबंदियों में बदलाव के क़दम उठा रहे हैं. यूरोप के कई देशों में ये चेतावनी अब सच बन चुकी है. 30 देशों में पिछले दो सप्ताह में नए मामले बढ़े हैं, 11 देशों में ये बहुत तेज़ी से बढ़े हैं".
ब्रेकिंग न्यूज़, अमरीका में दो करोड़ लोगों के कोरोना की चपेट में आने की आशंका
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अमरीका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) ने दो करोड़ से ज़्यादा अमरीकियों के कोरोना की चपेट में आने की आशंका जताई है.
सीडीसी के डायरेक्टर डॉ. रॉबर्ट रेडफ़ील्ड ने गुरुवार को मीडिया से कहा है, "हमारा सबसे बेहतर आकलन यह है कि कोरोना संक्रमण का जब एक मामले की रिपोर्ट होती है तब 10 और संक्रमण के मामले होते हैं."
सीडीसी ने यह भी आशंका जताई है कि अमरीका में इस महामारी की चपेट में कहीं ज़्यादा युवा आ रहे हैं. हालांकि इसका फ़ायदा यह है कि इससे संक्रमित लोगों की मौत की संख्या में कमी हो सकती है.
सीडीसी के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. जय बटलर के मुताबिक युवाओं की इस बीमारी में चपेट में आने की वजह यही है कि युवा बुजुर्गों जितने एहतियात नहीं बरत रहे हैं.
अमरीकी सीडीसी युवाओं में इस महामारी को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए टिकटॉक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है.
ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना को लेकर क्या है दुनिया भर से ताज़ा अपडेट
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कोरोना वायरस को लेकर दुनिया भर में संक्रमण लगातार बढ़ रहा है. जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के मुताबिक कोरोना संक्रमितों की संख्या 95 लाख 69 हज़ार तक पहुंच चुकी है. जबकि दुनिया भर में इस महामारी से अब तक चार लाख 81 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है.
दुनिया भर में कोरोना संक्रमण से सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों का हाल-
अमरीका में कोरोना संक्रमण से अब तक 24 लाख 16 हज़ार लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि मरने वालों की संख्या एक लाख 22 हज़ार से ज़्यादा हो चुकी है.
ब्राज़ील की स्थिति लगातार बिगड़ रही है. ब्राज़ील में संक्रमित लोगों की संख्या 12 लाख 28 हज़ार हो चुकी है जबकि मरने वालों की संख्या 55 हज़ार के पास पहुंच चुकी है.
तीसरे पायदान पर रूस छह लाख से ज़्यादा संक्रमितों के साथ बना हुआ है, हालांकि अब तक रूस में इस महामारी से अब तक साढ़े आठ हज़ार लोगों की मौत हुई है.
चार लाख 73 हज़ार से ज़्यादा संक्रमण के साथ भारत इस सूची में चौथे पायदान पर है. भारत में अब तक 14 हज़ार आठ सौ से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.
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