कोरोना अपडेट: रेगुलर ट्रेनों के 1 जुलाई से 12 अगस्त के बीच टिकट रद्द किए गए

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार रेलवे बोर्ड ने इसकी जानकारी दी है.

लाइव कवरेज

  1. कोविड-19 महामारीः तो सबसे ज़्यादा मौतों की वजह वायरस नहीं होगा

    गोद में बच्चे को लिए मां

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    दो बरस का एमिल ओउआमोउनो को पेड़ के नीचे खेलना कूदना बहुत पसंद था. एमिल, अफ्रीकी देश गिनी के मेलियान्डू गांव का रहने वाला था. एमिल का गांव जंगलों के बीच स्थित था. और इस जंगल में बहुत सारे चमगादड़ भी रहते थे. कई बार बच्चे उन्हें पकड़ लेते थे और भून कर खाया करते थे.

    सितंबर 2013 में एक दिन एमिल अचानक बीमार पड़ गया. 28 दिसंबर 2013 को उसकी मौत हो गई. एमिल को जो बीमारी हुई थी, उसके बारे में उस समय तक दुनिया में किसी को कुछ नहीं पता था. जल्द ही एमिल की मां, बहन और दादी भी इस रहस्यमयी बीमारी की शिकार हो गईं. इन सबके अंतिम संस्कार के बाद तो मानो इस रहस्यमयी बीमारी ने महामारी का रूप ले लिया और ये तेज़ी से पूरे गिनी में फैल गई.

    23 मार्च 2014 को इस नई बीमारी से 49 लोग बीमार पड़ चुके थे, जबकि 29 लोगों की जान जा चुकी थी. तब जाकर वैज्ञानिकों ने इस बीमारी की पहचान की. ये इबोला वायरस के संक्रमण का नतीजा थी. अगले क़रीब साढ़े तीन बरस के अंदर ये वायरस 11,325 से ज़्यादा लोगों की जान ले चुका था. जिस वक़्त इबोला वायरस अफ्रीका में क़हर बरपा रहा था, ठीक उसी दौरान एक और त्रासदी की भूमिका तैयार हो रही थी.

    इबोला का असर

    इबोला वायरस की महामारी के चलते, स्थानीय स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई थीं. कई स्वास्थ्य कर्मियों की मौत के बाद अस्पतालों को बंद करना पड़ा था. और जो अस्पताल खुले थे, वहां महामारी के शिकार लोगों की भारी भीड़ जुट रही थी. इबोला से सबसे ज़्यादा प्रभावित तीन अफ्रीकी देशों सिएरा लियोन, लाइबेरिया और गिनी में लोग डॉक्टर के पास या अस्पताल जाने से बचने लगे. उन्हें इस रहस्यमयी बीमारी से ज़्यादा डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से डर लगने लगा था. उनके पीपीई सूट पहनने और उनके कारण संक्रमित होने की वजह से इन देशों में स्वास्थ्य कर्मी बहुत बदनाम हो चुके थे.

  2. मोदी के आत्मनिर्भर भारत का सपना कितना हक़ीक़त बन सकता है?

    मोदी

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    दशकों बाद भारत की अर्थव्यवस्था मंदी में है. लेकिन भारत सरकार इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं थी. हालाँकि, अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) ने इसकी घोषणा कर दी है.

    बुधवार को आईएमएफ़ ने कहा कि साल 2020 में भारतीय अर्थव्यवस्था 4.5 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि दर्ज करेगी. इसका ऐलान आईएमएफ़ की अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ ने वॉशिंगटन में विश्व आर्थिक आउटलुक अपडेट जारी करते हुए की. इससे पहले अप्रैल के अपडेट में आईएमएफ़ ने भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर शून्य प्रतिशत होने का अनुमान लगाया था

    गीता गोपीनाथ ने भारतीय अर्थव्यवस्था की इस दशा की वजह बताते हुए कहा कि कोरोना वायरस के कारण लागू किए गए लॉकडाउन की अवधि लंबी है और दूसरा कारण है कि महामारी अब भी जारी है जिसका अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ेगा ही.

    आईएमएफ़ ने बुरी ख़बर दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को भी दी. इसके अनुसार वैश्विक अर्थव्यवस्था -4.9 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी. चीन की अर्थव्यवस्था केवल एक प्रतिशत के हिसाब से बढ़ेगी.

    लेकिन आईएमएफ़ की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 2021 भारत के लिए अच्छा साल होगा जब इसकी विकास दर 6 प्रतिशत होगी. चीन की अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत की रफ़्तार से बढ़ती हुई सबसे आगे रहेगी.

  3. सीबीएसई की जुलाई में होने वाली परीक्षाएँ रद्द

    स्कूल

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    सीबीएसई 10वीं और 12वीं की परीक्षाएँ नहीं लेगा. ये परीक्षाएँ 1 से 15 जुलाई के बीच होने वाली थीं. सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में यह बात गुरुवार को बताई है.

    उन्होंने बताया कि दिल्ली, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे राज्यों ने परीक्षाएँ करवाने में असमर्थता ज़ाहिर की है.

    गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में 12वीं की प्रस्तावित परीक्षा पर रोक लगाने को लेकर सुनवाई हुई जिसमें सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि बोर्ड ने ये परीक्षाएँ रद्द कर दी है.

    इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. याचिकाकर्ता की ओर से वकील ऋषी मल्होत्रा सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच के सामने पेश हुए. तीन जजों की बेंच की अध्यक्षता जस्टिस एएम खनविलकार कर रहे थे.

    ऋषी मल्होत्रा ने कोर्ट से सामने कहा कि महाराष्ट्र, दिल्ली और ओडिशा ने कोरोना की वजह से परीक्षाएँ करवाने में अपनी असमर्थता जताई है.

  4. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना वायरस संक्रमणः कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब में कैसा है हाल

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    खाड़ी के छह देशों में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले पिछले एक महीने में दोगुने बढ़कर चार लाख से ज़्यादा हो गए हैं. इस इलाके की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने इसी हफ़्ते अपने यहां कर्फ़्यू हटाने का फ़ैसला किया था.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़ बुधवार शाम तक खाड़ी देशों में संक्रमण के मामले बढ़कर 403,163 हो गए थे. इस क्षेत्र में 2346 लोगों की मौत भी हुई है. 27 मई तक खाड़ी क्षेत्र में संक्रमण के दो लाख मामले रिपोर्ट हुए थे.

    संयुक्त अरब अमीरात ने बुधवार देर शाम ये घोषणा की कि रात का कर्फ्यू हटाया जा रहा है. ये कर्फ्यू संयुक्त अरब अमीरात में 15 मार्च के आस-पास से ही लागू था.

    मई के आख़िर में संयुक्त अरब अमीरात में हर रोज़ करोना संक्रमण के लगभग 900 मामले दर्ज किए जा रहे थे लेकिन हाल के हफ़्तों में ये गिरकर 300 से 400 के करीब पहुंच गई थी.

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    यूएई का पड़ोसी सऊदी अरब खाड़ी के देशों में कोरोना संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित है. सऊदी अरब में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 167,200 हो गई है और यहां 1380 लोगों की मौत कोविड-19 से हुई है.

    लेकिन सऊदी अरब ने इसी रविवार को तीन महीने से जारी कर्फ्यू पूरी तरह से हटा लिया. खाड़ी के देशों में केवल कुवैत ही एक ऐसा देश है जहां आंशिक रूप से कर्फ्यू लागू है.

    क़तर, ओमान, बहरीन में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कर्फ़्यू लगाने का कदम नहीं उठाया गया था. हालांकि खाड़ी के देशों में लॉकडाउन से जुड़ी पाबंदियों में अलग-अलग तरीके से ढील दी गई है.

    संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब ने कारोबार खोलने की इजाजत देते हुए इसकी शुरुआत. इन देशों में रेस्तरां और मॉल भी खोल दिए गए हैं.

    कोरोना संकट

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    पर्यटन और रीटेल पर बिज़नेस पर काफी हद तक निर्भर कहे जाने वाले दुबई ने रविवार को कहा कि वो सात जुलाई से विदेशी सैलानियों को अपने यहां आने की इजाजत देने जा रहा है.

    हालांकि संयुक्त अरब अमीरात ने ऐसी कोई घोषणा नहीं की है जबकि दुबई उसी का हिस्सा है. खाड़ी के देशों में सऊदी अरब के बाद क़तर कोरोना महामारी से दूसरा सबसे ज़्यादा प्रभावित देश है.

    क़तर ने कहा है कि वो एक जुलाई से कम जोखिम वाले देशों से आने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को इजाजत देगा. वहां सीमित क्षमता के साथ मॉल और बाज़ार भी खोले जा रहे हैं. हालांकि खाड़ी के दूसरे देशों में विदेशी लोगों के आने पर अभी भी पाबंदी लगी हुई है.

  5. भारत में कोरोना संक्रमण के 16,922 नए मामले

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    भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के रोज़ दर्ज किए जाने वाले मामलों में हर दिन एक नया रिकॉर्ड बनता हुआ दिख रहा है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 16,922 नए मामले रिकॉर्ड किए गए.

    इसके साथ ही देश में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 473,105 हो गई है. दूसरी तरफ़, पिछले 24 घंटों में कोरोना महामारी के कारण 418 लोगों की मौत भी हुई है. भारत में कोरोना महामारी के कारण अब तक 14,894 लोगों की मौत हो चुकी है.

    पिछले छह दिनों से भारत में हर रोज़ कोरोना संक्रमण के 14 हज़ार से ज़्यादा नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ देश में इस समय कोरोना संक्रमण के 186,514 सक्रिय मामले हैं जबकि 271,696 लोग संक्रमण के बाद ठीक भी हुए हैं.

    समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से कहा है कि 57.43 फीसदी लोग संक्रमण के बाद ठीक हुए हैं. संक्रमण के नए मामलों में कुछ विदेशी भी हैं.

    बुधवार को दर्ज किए गए मौत के 418 नए मामलों में महाराष्ट्र में 208, दिल्ली में 64, तमिलनाडु में 33, गुजरात में 25, कर्नाटक में 14, पश्चिम बंगाल में 11, राजस्थान और हरियाणा में दस, मध्य प्रदेश में नौ, उत्तर प्रदेश और पंजाब में आठ, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तराखंड में पांच-पांच लोगों की मौत हुई है.

    बिहार, गोवा और जम्मू और कश्मीर में कोविड-19 की महामारी के कारण पिछले 24 घंटों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है. भारत सरकार ने ये आंकड़े गुरुवार सुबह आठ बजे जारी किए थे.

  6. ब्रेकिंग न्यूज़, चीन और भारत की आबादी से भी ज़्यादा वैक्सीन की खुराक बनने जा रही!

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    कोरोना महामारी के इलाज और उससे जुड़ी तैयारियों पर ध्यान दे रहे एक प्रभावशाली संगठन का कहना है कि कोरोना वैक्सीन की चार अरब खुराक का उत्पादन करने की क्षमता है.

    कोरोना वैक्सीन तैयार करने की नौ परियोजनाओं को ये संगठन अपना समर्थन दे रहा है. इस समूह के एक टॉप लेवल के मैन्युफैक्चरिंग एक्सपर्ट ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि चार अरब खुराक तैयार करने की क्षमता रखने वाली कंपनियों की पहचान कर ली गई है.

    बॉयोफार्मा एग़्जिक्युटिव जेम्स रॉबिनसन 'कोएलिशन फ़ॉर एपिडेमिक प्रिपेयर्डनेस इनोवेशन' (सीईपीआई) की इस मुहिम की अगुवाई कर रहे हैं.

    उनका कहना है कि सीईपीआई की योजना हरेक वैक्सीन के लिए दो या तीन उत्पादन संयंत्रों सुनिश्चित करने की है.

    उन्होंने कहा, "फ़िलहाल हम जानते हैं कि हमारी जितनी क्षमता है, उससे दो अरब खुराकों का उत्पादन किया जा सकता है. साल 2021 के आख़िर तक के लिए यही हमारी न्यूनतम लक्ष्य भी है."

    ये समूह वैक्सीन के वितरण के लिए आठ से दस क्षेत्रीय केंद्र बनाने की योजना पर काम कर रहा है. जेम्स रॉबिनसन कहते हैं कि ऐसा करने पर हमें सब कुछ एक ही जगह से हीं करना होगा. हमारी कोशिश इसे दुनिया भर में पहुंचाने की है.

    कोरोना वैक्सीन

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    हालांकि अभी तक कोरोना महामारी के लिए किसी वैक्सीन को अंतिम मंज़ूरी नहीं मिली है लेकिन इसके बावजूद सीईपीआई उत्पादन और सप्लाई चेन के इंतज़ाम को दुरुस्त करने में लगा हुआ है ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके कि कोरोना वायरस वैक्सीन का वितरण दुनिया भर में बराबर तरीके से हो.

    'कोएलिशन फ़ॉर एपिडेमिक प्रिपेयर्डनेस इनोवेशन' का मुख्यालय नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में है. दुनिया की 14 देशों की सरकारें, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और ब्रिटेन की वेलकम ट्रस्ट इसका समर्थन कर रहे हैं.

    सीईपीआई ने कोविड-19 की वैक्सीन की खोज के लिए नौ रिसर्च समूहों के साथ करार किया है और इसके लिए 82.9 करोड़ डॉलर का निवेश किया गया है. इस समूह को उम्मीद है कि कुछ इनमें से कुछ तो वैक्सीन तैयार करने में कामयाब होंगे.

    इनमें इनोवियो फार्मास्युटिकल्स, यूनिवर्सिटी ऑफ़ क्वींसलैंज और सीएसएल लिमिटेड. क्यूरवैक, मॉडर्ना इंक और अमरीका, नोवावैक्स इंक, यूनिवर्सिटी ऑफ़ ऑक्सफोर्ड और एस्ट्राज़ेनेका, क्लोवर बॉयोफार्मास्युटिकल्स, यूनिवर्सिटी ऑफ़ हॉन्ग कॉन्ग, इंस्टीट्यूट पास्टिअर की अगुवाई वाली कंसोर्शियम और यूनिवर्सिटी ऑफ़ पिट्सबर्ग और थेमिस बायोसाइंस जैसे विश्वविद्यालय और दवा बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं.

    जेम्स रॉबिनसन ने बताया कि सीईपीआई ने उत्पादन क्षमता सुनिश्चित करने के लिए शुरुआती कदम उठाए हैं और इसके लिए 200 से ज़्यादा दवा और वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों से करार किया गया है.

    वो कहते हैं, "बहुत से लोगों को नहीं लगता कि चार अरब खुराक मुमकिन है. लेकिन मैं इस पर यक़ीन करता हूं."

    रॉबिनसन सनोफी और मर्क जैसी दुनिया की कुछ सबसे बड़ी वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों के साथ काम कर चुके हैं.

  7. सेनेगल के राष्ट्रपति क्वारंटीन में

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    सेनेगल के राष्ट्रपति मैकी सॉल ने दो हफ़्तों के लिए खुद को क्वारंटीन में रखने का फ़ैसला किया है.

    सेनेगल के सरकारी टेलीविज़न ने गुरुवार को बताया है कि राष्ट्रपति किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आए थे जो जिसका कोरोना टेस्ट पॉज़िटिव रहा है.

    सरकार ने बताया कि राष्ट्रपति सॉल का कोरोना टेस्ट नेगेटिव रहा है लेकिन उन्होंने एहतियाती तौर पर खुद को क्वारंटीन में रखने का फ़ैसला किया है.

  8. WHO ऑक्सीजन को लेकर दुनिया को आगाह क्यों कर रहा है?

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    दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के दस लाख नए मामले हर हफ़्ते दर्ज किए जा रहे हैं.

    इसे ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि अस्पतालों में ऑक्सीजन कॉन्सनट्रेटर की आपूर्ति का संकट खड़ा हो सकता है.

    कोविड-19 की बीमारी से जूझ रहे उन मरीज़ों को जिन्हें सांस लेने की तकलीफ़ का भी सामना कर पड़ रहा है, ऑक्सीजन कॉन्सनट्रेटर के सपोर्ट की ज़रूरत पड़ती है.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉक्टर टेड्रोस एडहानोम गेब्रीयसुस ने कहा है, "बहुत से देशों को अब अस्पतालों के लिए ऑक्सीजन कॉन्सनट्रेटर की आपूर्ति हासिल करने में दिक्क़त हो रही है. जितनी आपूर्ति है, मांग उससे ज़्यादा है."

    डब्ल्यूएचओ ने 14 हज़ार ऑक्सीजन कॉन्सनट्रेटर की ख़रीद की है.

    डॉक्टर टेड्रोस ने बताया कि हेल्थ एजेंसी की योजना इन ऑक्सीजन कॉन्सनट्रेटर्स को आने वाले हफ़्तों में 120 देशों को भेजने की है. 10 करोड़ डॉलर की लागत से 170,000 ऑक्सीजन कॉन्सनट्रेटर्स की और ख़रीद की जानी है जो उम्मीद है कि अगले छह महीनों में उपलब्ध हो जाएंगे.

    गुरुवार को दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामले 94 लाख से ज़्यादा हो गए.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि इस हफ़्ते के आख़िर तक दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या एक करोड़ से ज़्यादा हो जाएगी. अभी तक इस महामारी के कारण कम से कम 480,000 लोगों की जान जा चुकी है.

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    दूसरी तरफ़ अमरीका में कोरोना संक्रमण के मामलों का बढ़ना जारी है.

    ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के आँकड़ों के अनुसार अमरीका में रोज़ दर्ज किए जाने वाले संक्रमण के आँकड़ों के लिहाज से बुधवार के दिन दूसरी बार सबसे ज़्यादा आँकड़ें दर्ज किए गए. संक्रमण के मामलों की ये संख्या 34,700 है.

    इससे पहले 26 अप्रैल को 24 घंटों के अंदर 48,529 मामले दर्ज किए गए थे.

    यूनिवर्सिटी ऑफ़ वॉशिंगटन के इंस्टिट्यूट फ़ॉर मेट्रिक्स एंड इवैल्युएशन का अनुमान है कि अमरीका में एक अक्टूबर तक मरने वालों की संख्या 180,000 पहुंच जाएगी. अभी तक अमरीका में कोरोना संक्रमण के कारण 121,969 लोगों की जान जा चुकी है.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के आपातकालीन कार्यक्रम के प्रमुख डॉक्टर माइक रेयान का कहना है कि पिछले हफ़्ते के दौरान लातिन अमरीका के कई देशों में कोरोना संक्रमण के मामले 25 से 50 फ़ीसदी तक बढ़े हैं. उन्होंने कहा, "अमरीका में अभी जो हालात हैं, उसे लेकर मैं ये कहूंगा कि ये अभी सबसे ख़राब स्तर तक नहीं पहुंचा है. संक्रमण के नए मामले स्थिर रूप से बढ़ते रहेंगे."

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    बुधवार का दिन मेक्सिको के लिए भी बेहद ख़राब रहा. वहां कोरोना संक्रमण के कारण 947 लोगों की मौत हो गई है. तीन जून के बाद किसी एक दिन में मरने वाले लोगों की ये सबसे बड़ी संख्या है. इससे पहले तीन जून को मेक्सिको में 1092 लोगों की मौत हो गई थी.

    मेक्सिको में अभी तक कोरोना संक्रमण के 196,847 मामले दर्ज किए गए हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ़ वाशिंगटन का कहना है कि लातिन अमरीका में अक्टूबर तक कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या 390,000 हो जाएगी. इनमें ब्राज़ील और मेक्सिको में दो तिहाई लोगों की मौत के आसार हैं.

    हालांकि, लातिन अमरीका के दूसरे देशों ने अपने यहां कोरोना संक्रमण के मामलों पर काबू पाने में काफी हद तक कामयाब रहे हैं. इस हफ़्ते लातिन अमरीका में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या एक लाख से ज़्यादा हो गई. संक्रमण के मामले भी एक महीने की अवधि के दौरान तीन गुणे तक बढ़ गए हैं. महीने भर पहले लातिन अमरीका में संक्रमित लोगों की संख्या 690,000 थी जो अब बढ़कर 20 लाख हो गई है.

  9. बाबा रामदेव: कोरोनिल दवा पर विवाद के बाद जानिए भारत में कैसे मिलता है नई दवा का लाइसेंस?

    रामदेव

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    योग गुरु रामदेव की कंपनी पतंजलि ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में कोरोनिल टैबलेट और श्वासारि वटी नाम की दो दवाएं दुनिया के सामने पेश कीं.

    पतंजलि ने दावा किया कि इन दवाओं से कोविड-19 का इलाज किया जा सकेगा. पतंजलि योगपीठ ने यह भी दावा किया कि उन्होंने इसका क्लिनिकल ट्रायल किया है और कोरोना संक्रमित लोगों पर इसका सौ फ़ीसद सकारात्मक असर हुआ है.

    पतंजलि की इस घोषणा के कुछ घंटे बाद ही भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने इस पर संज्ञान लिया और कहा कि मंत्रालय को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है.

    मंत्रालय ने पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को दवा का नाम और उसके घटक बताने को कहा. मंत्रालय ने पतंजलि से सैंपल साइज़, वो लैब या अस्पताल जहां टेस्ट किया गया और आचार समिति की मंज़ूरी समेत दूसरी महत्वपूर्ण जानकारियां भी देने को कहा है.

    मंत्रालय ने फ़िलहाल पतंजलि की इस दवा के प्रचार-प्रसार पर रोक लगा दी है.

    हालांकि पतंजलि के चेयरमैन आचार्य बालकृष्ण ने इसे 'कम्युनिकेशन गैप' बताते हुए यह दावा किया है कि 'उनकी कंपनी ने आयुष मंत्रालय को सारी जानकारी दे दी है.'

    बालकृष्ण ने अपने ट्वीट में लिखा है कि "यह सरकार आयुर्वेद को प्रोत्साहन व गौरव देने वाली है. क्लिनिकल ट्रायल के जितने भी तय मानक हैं, उन 100 प्रतिशत पूरा किया गया है."

    24 जून को एक दूसरा ट्वीट कर उन्होंने यह जानकारी भी साझा कि आयुष मंत्रालय को उनके सारे दस्तावेज़ मिल गए.

    आयुष मंत्रालय के अलावा आईसीएमआर ने भी इस तरह की किसी भी दवा से जुड़े होने से इनकार किया है.

  10. कोरोना वायरस के संक्रमण को धारावी स्लम में यूं कंट्रोल किया गया

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    दुनिया की घनी आबादी वाले शहरों के लोगों की लग्ज़री चीज़ों में सोशल डिस्टेंसिंग नहीं शामिल है. जितनी अधिक आबादी, कोरोना वायरस को फैलने में उतनी ही आसानी.

    सोचिए कि क़रीब 2.5 वर्ग किलोमीटर में फैले स्लम इलाक़े में, जो कि एक वर्ग मील से भी कम है, पांच लाख से अधिक लोग रहते हैं. आबादी के लिहाज़ से यह मैनेचेस्टर और क्षेत्रफल के हिसाब से हाइड पार्क और किंग्स्टन गार्डन से भी छोटा एरिया है.

    यहां 100 वर्ग फ़ीट यानी 10x10 के एक छोटे से कमरे में आठ से दस लोग एक साथ रहते हैं. यहां की 80 फ़ीसदी आबादी कम्युनिटी टॉइलेट का इस्तेमाल करती है.

    इस स्लम की संकरी गलियों में क़तार से एक ही बिल्डिंग के अंदर घर और फैक्ट्री दोनों मौजूद हैं. इनमें रहने वाले अधिकतर लोग असंगठित दिहाड़ी मज़दूर हैं जो अपने घरों में खाना नहीं पकाते बल्कि खाने के लिए आसपास के छोटे ढाबों में जाते हैं.

    देश की आर्थिक और मनोरंजन राजधानी मुंबई के बीचों-बीच बेतरतीब बसे स्लम एरिया धारावी में कोरोना वायरस का प्रकोप फ़िलहाल नियंत्रण में आ गया लगता है.

  11. रूसी ख़ुफ़िया एजेंसी के मुखिया का अमरीका पर आरोप

    वीडियो कैप्शन, रूस की ख़ुफ़िया एजेंसी आमतौर पर बंद दरवाज़े के पीछे काम करती है.

    विदेशी मीडिया से दूरी बनाए रखने वाली इस सेवा के प्रमुख सर्गेई नैरिशकिन ने बीबीसी को एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि अमरीका 'दुनिया पर राज' करने की कोशिश कर रहा है.

  12. अमरीका में एक दिन में कोरोना संक्रमण के 34,700 नए मामले

    कोरोना

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    अमरीका में एक दिन में कोरोना संक्रमण के 34,700 नए मामले दर्ज किए गए हैं. अप्रैल के आख़िर के बाद से किसी एक दिन में रिकॉर्ड किए जाने वाले मामलों की संख्या के लिहाज से ये एक रिकॉर्ड है. जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार पिछला रिकॉर्ड 36,400 मामलों का था.

    अमरीका में पिछले दो महीनों में संक्रमण पर काबू पाने के मामले में जो भी सफलता मिली थी, ऐसा लग रहा है कि कोरोना संक्रमण के एक बार फिर से बढ़ रहे मामलों ने सब किए कराये पर पानी फेर दिया है. दक्षिण और पश्चिमी राज्यों में संक्रमण के मामले एक बार फिर बेहिसाब तरीके से बढ़ रहे हैं.

    प्रशासन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुधवार को ये चेतावनी दी कि राजनेता और आम लोग दोनों ही अब थकने लगे हैं और इसके घातक परिणाम हो सकते हैं. शुरुआत में हॉटस्पॉट रहे न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी जैसे इलाकों में संक्रमण के नए मामलों की संख्या का बढ़ना कम हुआ है.

    लेकिन एरिज़ोना, कैलिफोर्निया, मिसिसिपी, नेवाडा, टेक्सास और ओक्लाहोमा जैसे कई अन्य प्रांतों में इस हफ़्ते रोज़ाना दर्ज किए जाने वाले संक्रमण के मामलों का नया रिकॉर्ड बना है. अस्पताल में भर्ती किए जाने वाले संक्रमित लोगों की संख्या के लिहाज से नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना में भी काफी बड़ी संख्या दर्ज की गई है.

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन का इंसानों पर ट्रायल शुरू

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    कोरोना महामारी के इलाज के लिए ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी जिस वैक्सीन पर काम कर रही है, उसका इंसानों पर पहली बार परीक्षण बुधवार को अफ्रीका में शुरू हुआ.

    दूसरी तरफ़, दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं और जीवन रक्षक दवा की तलाश में रिसर्च का काम भी जारी है.

    ब्राज़ील के साओ पालो स्थित फेडरेल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने भी इसी वैक्सीन की खुराक वॉलंटियर्स को दी.

    इस प्रयोग के लिए ब्राज़ील को इसलिए चुना गया है क्योंकि ये दुनिया के उन देशों में से है जहां कोविड-19 की महामारी सबसे तेज़ी से फैल रही है.

    अमरीका के बाद ब्राज़ील में कोरोना संक्रमण और इससे होने वाली मौतों के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे ज़्यादा प्रभावित देश है.

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    ब्राज़ील में 11 लाख लोग कोरोना वायरस से अब तक संक्रमित हो चुके हैं और अब तक 52 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है.

    इस वैक्सीन के विकास में ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के साथ दवा बनाने वाली कंपनी एस्ट्राज़ेनेका भी शामिल है.

    दुनिया भर के शोधकर्ता जिन वैक्सीन परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं, उनमें इस वैक्सीन से काफ़ी उम्मीदें की जा रही हैं.

    दक्षिण अफ्रीका के प्रयोग में ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के साथ यूनिवर्सिटी ऑफ़ विटवॉटरस्रैंड ने पार्टनरशिप की है.

    दक्षिण अफ्रीका में हुए ह्यूमन ट्रायल में दो हज़ार वॉलंटियर्स हिस्सा ले रहे हैं जिनमें 18 से 65 साल की उम्र के लोग शामिल हैं.

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    ट्रायल में भाग लेने वालों में कुछ ऐसे भी हैं जो एचआईवी से संक्रमित हैं. इन लोगों पर वैक्सीन की खुराक दिए जाने के बाद 12 महीने तक नज़र रखी जाएगी और ये पता लगाया जाएगा कि कोविड-19 की बीमारी से बचाने में ये वैक्सीन किस हद तक कामयाब रही.

    वैक्सीन ट्रायल में दक्षिण अफ्रीका के भाग लेने से ये उम्मीद की जा रही है कि इस महादेश को वाजिब क़ीमतों पर वैक्सीन मिल पाएगी और इसे हासिल करने की क़तार में वो पीछे नहीं छूटेगा.

    ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी की वैक्सीन के ट्रायल में ब्रिटेन के बाहर हिस्सा लेने वाले ब्राज़ील के बाद दक्षिण अफ्रीका दूसरा देश है. ब्राज़ील में भी इसके ट्रायल बुधवार को ही शुरू हुए.

    ChAdOx1 nCoV-19 वैक्सीन को AZD1222 के नाम से भी जाना जाता है. इसे ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने तैयार किया है लेकिन इसके विकास और उत्पादन में एस्ट्राज़ेनेका कंपनी साथ दे रही है.

    ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि ब्रिटेन में इसके ट्रायल में चार हज़ार वॉलंटियर्स ने भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है और 10 हज़ार और लोगों के हिस्सा लेने की योजना है.

    इसी वैक्सीन की एक और बड़ी स्टडी अमरीका में प्रस्तावित है जिसमें 30 हज़ार वॉलंटियर्स के हिस्सा लेने की उम्मीद है.

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  15. लातिन अमरीका में कोरोना से एक लाख से ज़्यादा लोगों की मौत, अब तक के बड़े अपडेट्स

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    • जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के मुताबिक़, दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 94,05,504 हो चुकी है. और मरने वालों की संख्या 4,82,128 हो चुकी है. संक्रमितों और मरने वालों की संख्या इससे भी ज़्यादा हो सकती है क्योंकि अलग अलग जगहों पर टेस्टिंग में कमी, पैरामीटर, टेस्टिंग में देरी और मामलों को कम करके दर्ज किए जाने का संदेह बना हुआ है.
    • भारत में बीते 24 घंटों में 15,968 नए मामले सामने आए हैं. भारत में अब तक कुल संक्रमित लोगों की संख्या 4,56,183 हो चुकी है.
    • समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, लातिन अमरीका में अब तक कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या एक लाख़ के पार पहुंच गई है. वहीं, संक्रमित लोगों की संख्या 22 लाख है जो कि एक महीने से भी कम समय में दो गुनी हुई है. इस क्षेत्र में संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है जबकि यूरोप और कुछ एशियाई क्षेत्रों में संक्रमण की रफ़्तार कम होती दिख रही है.
    • अमरीकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक़, सात अमरीकी प्रांतों ने बताया है कि उनके यहां मंगलवार को सबसे ज़्यादा मरीज़ भर्ती हुए हैं. इन राज्यों में अरिज़ोना, अरकानसास, कैलिफोर्निया, नॉर्थ कैरोलाइना, साउथ कैरोलाइना, टेनेसी और टेक्सस हैं. इसके साथ ही इन राज्यों में मंगलवार को एक दिन में दर्ज किए जाने वाले मामलों की संख्या में सबसे ऊंचा उछाल आया है.
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    • ब्राज़ील और दक्षिण अफ़्रीका में वॉलिंटियर्स ने कोरोना वायरस की एक प्रयोगात्मक वैक्सीन के इंजेक्शन लेना शुरू कर दिया है. इस वैक्सीन को ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने बनाया है. इस वैक्सीन को एस्ट्राज़ेनेका के साथ बनाया गया है. ये उन दर्जन भर वैक्सीनों में शामिल हैं जिन्हें बनाने के लिए शोधार्थी दिन रात काम कर रहे हैं. इस वैक्सीन को ब्रिटेन में भी इंसानों पर भी टेस्ट किया जा रहा है.
    • फ्रांस की कोरोना वायरस ऐप ने लॉन्च होने के तीन हफ़्तों में सिर्फ 14 लोगों को ये अलर्ट भेजा है कि वे कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के क़रीब पहुंचे हैं. और अब तक सिर्फ 68 लोगों ने ऐप पर बताया है कि वे इस वायरस से संक्रमित हैं. फ्रांस के डिजिटल मिनिस्टर सेड्रिक ओ ने कहा है कि बीती 2 जून से अब तक इस ऐप को 18 लाख बार इंस्टॉल किया गया था लेकिन इसके बाद 4.60 लाख बार हटा दिया गया.
    • ऑस्ट्रिया के चांसलर सेबेस्टियन कर्ज़ ने पश्चिमी जर्मन राज्य नॉर्थ राइन वेस्टफालिया में एक मांस पैकेज़िंग प्लांट में कोरोना वायरस फैलने की ख़बरें आने के बाद ऑस्ट्रिया के नागरिकों के वहां जाने के ख़िलाफ़ चेतावनी जारी की है.
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    • ब्रिटेन के स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञों ने ब्रिटेन में लॉकडाउन प्रतिबंधों को हटाए जाने के एक दिन बाद ही कोरोना वायरस की सेकेंड वेब आने की चेतावनी जारी की है. विशेषज्ञों ने कहा है, “हालांकि, ये महामारी ब्रिटेन में आने वाले दिनों में क्या रूप अख़्तियार करेगी, इस बात का किसी को अंदाजा नहीं है. लेकिन अब तक उपलब्ध सबूत बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर नए मामले आने और सेकेंड वेब यानी दूसरी लहर आने का ख़तरा बना हुआ है.”
    • ईरान के उप स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि ईरान में मास्क पहनना अनिवार्य किया जाना चाहिए. बुधवार को ईरान में 24 घंटों में सबसे ज़्यागा 133 लोगों की मौत हुई है. इसके बाद ईरान में कुल मरने वालों की संख्या 9,996 हो गई है.
    • समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कुछ दस्तावेज़ों के आधार पर बताया है कि अमरीकी और रूसी नागरिकों को यूरोपीय संघ में प्रवेश करने से प्रतिबंधित किया जा सकता है.
    • यूरोपीय संघ के वर्तमान अध्यक्ष देश क्रोएशिया की ओर दी गई ड्राफ़्ट रिकमंडेशन में सुझाया गया है कि सिर्फ उन ग़ैर-यूरोपीय नागरिकों को प्रवेश की इजाज़त दी जाए जहां संक्रमण की रफ़्तार धीमी हुई है और जहां तुलनात्मक रूप से बेहतर स्थिति है.
  16. ब्रेकिंग न्यूज़, हर हफ़्ते 10 लाख बढ़ रहे मामले, WHO ने ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर चेताया

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस ऐडहनॉम गब्रीयसोस

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    इमेज कैप्शन, विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस ऐडहनॉम गब्रीयसोस

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बुधवार को कहा है कि दुनिया भर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या एक करोड़ के क़रीब पहुंचने वाली है. इसके चलते दुनिया ऑक्सीजन कंस्नट्रेटर (ऑक्सीजन देने वाली मशीन) की कमी से जूझ रही है.

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस ऐडहनॉम गब्रीयसोस ने एक प्रेस वार्ता में कहा है कि “कई देश अब ऑक्सीजन कंस्नट्रेटर (मशीन) की कमी से जूझ रहे हैं. इस समय इस मशीन की माँग आपूर्ति से ज़्यादा हो गई है.”

    उन्होंने कहा, “अब तक दुनिया में 93 लाख लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं और 4.80 लाख लोगों की जान जा चुकी है. हर हफ़्ते दस लाख नए लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि हो रही है. इसकी वजह से प्रतिदिन 88 हज़ार बड़े ऑक्सीजन सिलिंडर और 6.20 लाख क्यूबिक मीटर ऑक्सीजन की ज़रूरत पड़ रही है.”

    संक्रमण के मामलों में अचानक आई वृद्धि की वजह से ऑक्सीजन कंस्नट्रेटर की कमी पड़ गई है जिनकी कोविड 19 से जूझ रहे मरीज़ों को सांस लेने के लिए ज़रूरत होती है.

    ट्रेडोस ने बताया है, “विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अब तक 14 हज़ार ऑक्सीजन कंस्नट्रेटर ख़रीद लिए हैं और उन्हें आने वाले हफ़्तों में 120 देशों में भेजने की योजना है. इसके साथ ही अगले छह महीनों में 1.70 कंस्नट्रेटर, जिनकी क़ीमत 10 करोड़ डॉलर होगी, मिलने की संभावना है.

    ऑक्सीजन की कमी

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    विश्व स्वास्थ्य संगठन की आपातकालीन टीम के प्रमुख डॉ. माइक रियान ने कहा है कि कई लातिन अमरीकी देशों में महामारी अभी भी अपना कहर ढा रही है और इस क्षेत्र में मरने वालों की संख्या एक लाख के पार चली गई है. कई देशों में पिछले हफ़्ते में 25 से 50 फ़ीसदी की बढ़त देखी गई है.

    माइक रियान कहते हैं कि उनके मुताबिक़, अमरीका में अब तक पीक नहीं आया है और आने वाले दिनों में भी संक्रमित होने वाले और मरने वालों लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका है.

  17. अर्थव्यवस्था पर आशंका से कहीं ज़्यादा असर- आईएमएफ़

    नीदरलैंड कोरोना

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    अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) का कहना है कि कोरोना के कारण दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर के बारे में शुरू में जो अनुमान लगाया गया था, अब हालात उससे कहीं ज़्यादा ख़राब होते हुए दिख रहे हैं.

    आईएमएफ़ के अनुसार दुनिया भर की आर्थिक गतिविधियों में इस साल 10 फ़ीसद की कमी आएगी. अप्रैल में कहा जा रहा था कि अर्थव्यवस्था में पाँच फ़ीसद की कमी हो सकती है.

    लेकिन जैसे-जैसे लॉकडाउन का असर पड़ रहा है, दुनिया भर की अर्थव्यवस्था उसकी शिकार हो रही हैं.

    आर्थिक संवाददाता एंड्रयू वॉकर के अनुसार आमतौर पर लोग अपने ख़र्च में इज़ाफ़ा होने पर परिवार से मदद लेते हैं या फिर बचत करने लगते हैं. इसकी वजह से लोगों के ख़र्च में कमी तो आती है लेकिन वो बहुत मामूली होती है.

    लेकिन कोरोना के कारण हुए लॉकडाउन और फिर सोशल डिस्टेंसिंग के चलते लोग अपने आप को इस वायरस से बचाने के लिए बाहर नहीं निकल रहे हैं.

    इस कारण लोगों की डिमांड में काफ़ी कमी आ गई है, जिसका सीधा असर अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है.

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, कोरोना को लेकर ताज़ा अपडेट क्या है

    कोरोना

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    अमरीका स्थित जॉन यूनिवर्सिटी की डैशबोर्ड के मुताबिक दुनिया भर में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 93 लाख 94 हज़ार से ज़्यादा हो चुकी है.अब तक इस महामारी से चार लाख 81 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

    अमरीका कोरोना से सबसे ज़्यादा प्रभावित देश बना हुआ है. अमरीका में 23 लाख 69 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हैं जबकि वहां एक लाख 21 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

    ब्राज़ील में कोरोना संक्रमितों की संख्या 11 लाख 88 हज़ार से ज़्यादा हैं जबकि वहां मरने वाले लोगों की संख्या 54 हज़ार पहुंचने वाली है.

    रूस में छह लाख छह हज़ार लोग कोरोना से संक्रमित हैं, हालांकि यहां अब तक इस महामारी से ज़्यादा मौतें नहीं हुई हैं. फिर रूस में आठ हज़ार पांच सौ से ज़्यादा कोरोना संक्रमित की मौत हुई है.

    संक्रमित लोगों की संख्या के लिहाज से भारत चौथे पायदान पर है. भारत में चार लाख 56 हज़ार से ज़्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं जबकि यहां अब तक 14 हज़ार चार सौ से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

    ब्रिटेन में तीन लाख आठ हज़ार लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं. इस महामारी से ब्रिटेन में अब तक 43 हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हुई है.

  19. ब्रेकिंग न्यूज़, राहत पाने के लिए समुद्रतट पर उमड़े ब्रिटिश

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    इंग्लैंड में बुधवार को गर्मी से राहत पाने के लिए लोग दक्षिणी समुद्री तटों पर उमड़ पड़े.

    बुधवार को इंग्लैंड का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिसके बाद लोगों की भीड़ समुद्र तटों पर दिखाई दी. यह इंग्लैंड में इस साल का सबसे गर्म दिन माना जा रहा है.

    इंग्लैंड में लॉकडाउन में लगातार नरमी बरती जा रही है, पिछले महीने से लोगों को एक जगह से दूसरी जगह तक जाने की इजाज़त मिली हुई है.

    हालांकि बुधवार को ब्रिटेन में कोरोना वायरस से 154 लोगों की मौत भी हुई है, जिसके बाद ब्रिटेन में कोरोना से मरने वालों की संख्या 43,081 हो चुकी है.

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  20. ब्रेकिंग न्यूज़, ब्रिटेन में 300 लोगों पर परीक्षण की तैयारी

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    ब्रिटेन में कोरोना वैक्सीन का इंसानों पर परीक्षण करने की तैयारी शुरू हो गई है. लंदन के इंपीरियल कॉलेज में 300 लोगों पर यह ट्रॉयल किया जाएगा.

    इंपीरियल कॉलेज लंदन में होने वाले इस ट्रायल का नेतृत्व प्रोफेसर रॉबिन शटोक कर रहे हैं.

    कहा गया है कि इस वैक्सीन का जानवरों पर किया ट्रॉयल सफल रहा है और यह इससे इम्यूनिटी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.

    फ़िलहाल दुनिया भर में 120 जगहों पर कोरोना की वैक्सीन बनाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं. इनमें 13 जगहों पर मामला क्लीनिकल ट्रॉयल तक पहुंचा है.

    इन तेरह जगहों में पांच चीन, तीन अमरीका और दो ब्रिटेन में हैं. जबकि ऑस्ट्रेलिया, रूस और जर्मनी में एक-एक जगहों पर ट्रॉयल चल रहा है.