कोरोना वायरस: वायरस और बैक्टीरिया को मार सकती है ये ख़ास कोटिंग
दुनिया मेंहर साल एक करोड़ लोगोंकी जान जाएगी. जी हां, एक करोड़.
जिस तेज़ी से कीटाणु और अन्य रोगजनक जीव, एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर रहे हैं, उससे एंटीबायोटिक दवाएं, कई बीमारियों से लड़ने में बेअसर साबित हो जाएंगी. और इससे आगे चल कर हर साल एक करोड़ लोगों की जान जाने का अंदेशा है.
अभी तक हर सालदुनिया भर में 7 लाख लोगऐसे रोगों से मर जाते हैं, जिन पर दवाओं का असर नहीं होता. पिछले एक दशक में हानिकारक बैक्टीरिया के ख़िलाफ़ जिन एंटीबायोटिक्स का उपयोग किया जा सकता था, उनका असर अब कम होता जा रहा है.
इसी दौरान, अन्य रोग पैदा करने वाले वायरस, फफूंद और अन्य परजीवी भी इन दवाओं से लड़ने की शक्ति विकसित कर रहे हैं. मतलब ये कि इनकी वजह से जो बीमारियां होती हैं, उनका इलाज करना और भी मुश्किल हो रहा है. जानकारों का कहना है कि जल्द ही कुछ नहीं किया गया तो दुनिया भर में हर साल एक करोड़ लोगों की मौत ऐसे रोगाणुओं से होगी, जिन पर मौजूदा दवाओं का असर नहीं होता.
हम सभी दिन भर में न जाने कितनी चीज़ें छूते हैं. उन सभी पर कई प्रकार के कीटाणु, जीवाणु और वायरस चिपके रहते हैं. वो किसी ना किसी सूरत में हमारे शरीर में दाखिल हो जाते हैं और हमें बीमार करते हैं.
कोविड-19 महामारी का वायरस CoV-2गत्ते पर 24 घंटे तक ज़िंदा रहसकता है, जबकिप्लास्टिक और स्टील वग़ैरह पर तीन दिनतक. कुछ बैक्टीरिया, ग़ैर जानदार चीज़ों परकई महीने तक रह तक ज़िंदा सकते हैं. इसीलिए, लगातार हर सतह को साफ़ रखने की सलाह दी जाती है.